Monday, November 1, 2010

चोरों के आतंक से त्रस्त हैं जिले के लोग

अररिया। हत्या, लूट एवं डकैती की घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों के मनोबल को तोड़ने पर बहुत हद तक सफलता तो पायी गयी लेकिन चोरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस अब तक विफल ही साबित हो रही है। इसी ता नतीजा है कि किसी भी क्षेत्रों में चोरों चोरी की घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं। खासकर वर्ष के मई, जून एवं जुलाई माह में तो कई थाना क्षेत्रों के ग्रामीणों को रतजगा करने के लिए विवश होना पड़ता है।
क्योंकि इन महीनों में सेंधमारी करने वाले चोरों में ज्यादा मवेशी चुराने वाले चोरों की सक्रियता बढ़ जाती है।
विभागीय आंकड़ों को देखते तो वर्ष 2010 के सितंबर माह तक कुल 168 चोरी एवं 22 सेंधमारी की घटनाएं घटी। जिनमें जनवरी माह में 33, फरवरी में 19, मार्च में 21, अप्रैल में 12, मई 20, जून में 21, जुलाई में 24, अगस्त में 22 एवं सितंबर में 18 चोरी घट घटनाएं शामिल हैं। वहीं सेंधमारी की 22 घटनाओं में जनवरी में 6, फरवरी में 3, मार्च में 1, मई में 5, जून में 5, जुलाई में 3 एवं सितंबर माह में 6 घटनाओं को अंजाम दिया गया। लेकिन इन मामलों के उद्भेदन में पुलिस अब विफल साबित हुई है। हालांकि कुछ मामलों में पुलिस ने चोरों को पकड़ने में सफलता भी पायी। लेकिन चोरी गयी सामनों की बरामदी नहीं हो पायी। कई लोग ऐसे भी है जो चोरों से पीड़ित होने के बाद भी इसकी सूचना पुलिस को नहीं देते हैं। क्योंकि ऐसे लोग सहजता से विश्वास कर लेते हैं कि उनका सामान बरामद नहीं हो पायेंगे। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग चोरी की सूचना देने में काफी पीछे रह जाते हैं।
मई से जुलाई माह तक कुर्साकांटा, कुआड़ी, ताराबाड़ी, बरदाहा आदि थाना क्षेत्रों में चोरों ने दर्जनों मवेशी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। लेकिन कई लोग इसकी सूचना पुलिस को देना मुनासिब नहीं समझा।
वहीं शटर तोड़वा गिरोह का आतंक आज भी कई शहरों के व्यापारियों के बीच है। कब उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों का शटर तोड़कर उनके दुकानों का सामान चोरी हो जाये कहना मुश्किल है। हाल ही अररिया के विकास मार्केट स्थित बंटी मोबाल प्लावंट के दुकान के पीछे दीवार काटकर चोरों ने चोरी कर ली। जोगबनी स्थित सीमा के निकट ब्यूटी मोबाइल प्वाइंट से चोरों ने दो लाख से अधिक मोबाइल चोरी कर ली। दो माह पूर्व एक ही रात फारबिसगंज बाजार से तीन दुकानों का ताला तोड़कर चोरों ने हजारों की संपत्ति चोरी की। लेकिन एक भी मामले में पुलिस अब तक चोरी गयी समानों की बरामदगी नहीं कर पायी।

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