Saturday, April 30, 2011

गुरु के बिना भवसागर पार करना असंभव : बाल योगी


कुर्साकाटा (अररिया) : ग्यारह वर्षीय बाल योगी के मुंह से निकल रहा ओजपूर्ण प्रवचन इन दिनों कुर्साकाटा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कपरफोड़ा दुर्गास्थान परिसर में दो दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग समारोह में ग्यारह वर्षीय बालयोगी आशीष आनंद ने शुक्रवार को श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिना गुरु के कोई भी भवसागर को पार नहीं कर सकता है। चाहे वह स्वयं ब्रह्मा जी या शंकर जी क्यों न हो। संतों का संग करना परम आवश्यक है।
ग्यारह वर्षीय बालक के मुख से ओजपूर्ण शैली में प्रेरणादायक आध्यात्मिक प्रवचन सुनकर लोग आश्चर्यचकित हो रहे हैं। खगड़िया जिले के गौड़ा शक्ति गांव निवासी इस बालयोगी के साथ उनकी माता श्री मती रानी देवी व पिता मनोज कुमार एवं चाचा विश्वविजय सिंह भी आये हुए हैं। माता रानी देवी ने जागरण को बताया कि यह बालक बचपन से ही दिव्य प्रतिभा का धनी है। उ. मध्य विद्यालय गौड़ा शक्ति में वर्ग चतुर्थ का यह छात्र जिसे ठीक-ठीक अक्षर ज्ञान भी नही प्राप्त कर पाया है लेकिन तीन वर्ष की उम्र से ही वह अध्यात्मिक प्रवचन दे रहे हैं। उन्हें जन्मकाल से स्वत: स्फूर्त ज्ञान प्राप्त है। उनकी दिव्य प्रतिभा से अभिभूत होकर खगड़िया के जिलाधिकारी 2009 में सम्मानित किया था वहीं बिहार दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी पलका साहनी ने भी प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया है। तुलसीकृत रामायण के विभिन्न प्रसंगों को भावपूर्ण शैली में उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर उन्हें अपने दैनिक जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
इस दो दिवसीय अध्यात्मिक प्रवचन कार्यक्रम में मंच संचालन विद्यानंद बाबा कर रहे थे। वहीं इस कार्यक्रम के सफल संचालन में राकेश विश्वास, वासुदेव सिंह, विद्यानंद दास, शिवनारायण सिंह, जयनन्दन घायल, सदानंद दास, गंभीर दास, अशोक सिंह अनेकों ग्रामीण मौजूद थे।

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