Tuesday, January 25, 2011

एटीएम से प्रतिदिन निकल रहे पांच से छह करोड़


अररिया : जिले के एटीएम सेंटरों पर इन दिनों भारी भीड़ उमड़ रही है। भीषण ठंड के बावजूद उपभोक्ता प्रतिदिन पांच से छह करोड़ की निकासी कर रहे हैं। कभी कभी राशि अधिक भी हो जाती है। मशीन में जब तक रुपया रहता है एटीएम के आगे लंबी लाइन लगी रहती है। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोग रुपया निकालने को आतुर हैं।
सोमवार को जोगबनी में एटीएम में रुपया डालने को बैंक कर्मी ज्योंही पहुंचे कि भगदड़ मच गयी। सेंटर के शीशे टूट गये और कर्मी बगैर पैसा डाले लौट गया। अररिया व फारबिसगंज में भी कमोबेश यही हालत है।
जानकारों की मानें तो रिजर्व बैंक ने बैंकों को पत्र देकर एटीएम से हजार व पांच सौ के नोट की निकासी पर रोक लगा दी है। वहीं, स्टेट बैंक की अररिया स्थित मेन शाखा ने भी एक हीट में चार हजार से अधिक के नोटों की निकासी रोक रखी है।
जानकारी के मुताबिक जिले में लगभग एक दर्जन मशीनें कार्यरत हैं। ये सभी स्टेट बैंक के सौजन्य से लगी हैं। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि एटीएम मशीन में रुपया डालते डालते परेशान हैं। उक्त अधिकारी के अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन पांच से छह करोड़ रुपयों की निकासी की जा रही है। यानी एक महीने में लगभग डेढ़ से पौने 2 अरब की निकासी। भारतीय रुपया आखिर जा कहां रहा है?
वहीं, ऐसा भी नहीं कि एटीएम के कारण बैंक काउंटरों पर लाइन में लगने वाली भीड़ घटी हो। उसमें तो कोई कमी नहीं दिख रही। एटीएम के आगे लगातार लगी लाइनें निश्चय ही किसी असामान्य बात की ओर इशारा कर रही हैं।
जानकारों की मानें तो भारतीय करेंसी नोटों को नेपाल में जमा किया जा रहा है। ताकि कमर्शियल लेनदेन में उसका उपयोग किया जा सके। कुछ लोग भारतीय नोट की काला बाजारी की ओर भी इशारा करते हैं। वहीं, कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि एटीएम के जरिये बड़े पैमाने पर निकासी कर कतिपय राष्ट्रविरोधी तत्व सीमावर्ती क्षेत्र में आर्थिक अराजकता की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।

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