Friday, July 29, 2011

अररिया: शिव सर्किट के विकास की असीम संभावना


अररिया : जिले में सड़क सुविधाओं के विकास से पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस दिशा में सरकारी स्तर पर हालांकि कुछ नहीं हो रहा, पर निजी टूर आपरेटरों ने संभावनाओं की तलाश शुरू कर दी है।
जिले से गुजरने वाली ईस्ट वेस्ट कारीडोर की फोरलेन सड़क पर नेपाल के विश्वविख्यात पशुपतिनाथ महादेव के दर्शन को धार्मिक पर्यटकों का काफिला लगातार नजर आने लगा है।
काशी में विश्वनाथ, देवघर में वैद्यनाथ और नेपाल में पशुपतिनाथ के बीच का त्रिकोण ऐतिहासिक व्रात्य क्षेत्र
है और वेद में व्रातस्तोम यज्ञ के समावेश के साथ ही इसी त्रिकोण के मध्य देवाधिदेव महादेव की पूजा का रहस्य भी
छिपा है। सावन के महीने में पूरी दुनिया से लाखों पर्यटक देवघर व बासुकीनाथ में शिव आराधना व जलाभिषेक को पहुंचते हैं। निजी टूर आपरेटरों ने इस प्रवृति को पहचान कर शिव स्थलों के भ्रमण-पर्यटन का आकर्षक पैकेज निकाला है।
अररिया के एनएच टाल प्लाजा पर पशुपतिनाथ की यात्रा पर जा रहे यूपी बलिया व देवरिया के पर्यटकों ने बताया कि उन्होंने बाबा अजगैबीनाथ के दर्शन पूजन के साथ ही शिवधाम भ्रमण की जो शुरूआत की वह देवघर, बासुकीनाथ में दर्शन पूजन के बाद पशुपतिनाथ व अंत में बाबा विश्वनाथ के पूजन के साथ संपन्न होगी।
इधर, अररिया में भी कई आपरेटर सुल्तानगंज से बाबाधाम, बासुकीनाथ होते हुए कहलगांव के बटेश्वरनाथ, मदनपुर के मदनेश्वर तथा सुंदरी मठ के बाबा सुंदरनाथ दर्शन पूजन का पैकेज निकाल रहे हैं। लेकिन इन यात्राओं का नकारात्मक पहलू यह है कि इनके साथ सरकार व प्रशासन का प्रोत्साहन तथा संरक्षण नगण्य ही है।

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