Saturday, April 14, 2012

विकास की दौड़ में पिछड़ा वार्ड संख्या एक


फारबिसगंज(अररिया) : नगर परिषद के पश्चिमी भाग स्थित वार्ड संख्या एक आज भी विकास के और अग्रसर होने के बावजूद सड़क, नाला, शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। करीब बाइस सौ आबादी वाले इस वार्ड में पिछले पांच वर्षो के दौरान कई पीसीसी सड़कें, आरसीसी, पीसीसी नालों का निर्माण हुआ बावजूद इसके अब भी यह वार्ड जलनिकासी की समस्या से जूझ रहा है। कारण कुछ सड़कें एवं नालों का निर्माण नहीं हो पाया है। ऊपर से सीताधार नदी के किनारे होने के कारण हर साल यहां के लोगों की बाढ़ की समस्या से जुझना पड़ता है। वार्ड में स्थित पुराना बस पड़ाव स्थल भी वर्षो से बेकार पड़ा है। ऐतिहासिक काली पूजा मेला यहां स्थित ऐतिहासिक काली मंदिर के समीप ही लगता है। अनुसूचित जाति बहुल इस वार्ड के लोगों की अपेक्षाएं तो बहुत है किंतु इसकी पूर्ति की रफ्तार बहुत धीमी है। कारण विकास की तीव्र गति में यह पिछड़ रही है।
क्या कहते है वार्ड वासी वार्ड संख्या एक के सुनील चंद्र दास का कहना है कि उनके वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है नाले का अभाव उन्हें खलता है। वहीं अब भी उन लोगों ब्रिटिश जमाने के सड़कों पर ही चलना पड़ रहा है। रामू पासवान कहते है कि उनके निवास स्थल के समीप पीसीसी सड़क एवं नाला बन चुका है। सड़कों किनारे स्ट्रीट लाइट भी है वे विकास कार्यो से काफी हद तक खुश है। आबिद हुसैन कहते हैं हमारे वार्ड में शुद्ध जल का अभाव है। वहीं प्रत्येक वर्ष बाढ़ की आशंका सताती रहती है। जलसी मसोमात कहती है कि उनके वृद्धापेंशन नियमित मिल रहा है। व्यवस्था में पहले से काफी सुधार हुआ है। गणेश प्रसाद साह का कहना है कि उनके गली में सड़क का निर्माण तो किया गया किंतु पीडब्लू डी सड़क से उसे अब तक जोड़ा नहीं जा सका है जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है वहीं नाले का पानी बहाव भी प्रभावित रहता है। सुभाष चौक निवासी उदय कुमार सिंह साफ साफ सफाई से थोड़ा बिफरे दिखे। कहा सफाई के अभाव में मच्छरों का आतंक उन्हें सता रहा है।
क्या कहती हैं वार्ड पार्षद वार्ड संख्या एक की महिला पार्षद पिंकी देवी कहती है कि पिछले पांच वर्षो में नगर विकास, मुख्यमंत्री योजना, जिला योजना आदि से आधा दर्जन के करीब पीसीसी सड़क, पीसीसी, आरसीसी नाले का निर्माण करवाया गया है। सामुदायिक भवन, दस चापाकल, चार बड़ा हैंडपंप, वेपर लाइट आदि लगवाया गया है। कहा कि उनके वार्ड में गरीबों की संख्या ज्यादा है इसलिए यथा संभव लोगों को 326 बीपीएल, 323 एपीएल, 92 अंत्योदय, 50 वृद्धापेंशन, विधवा पेंशन, तीन को लक्ष्मीबाई योजना का लाभ दिया गया है। कहा कि समस्या तो बहुत है किंतु प्राप्त संसाधन से जितना संभव हुआ उतना उन्होंने विकास कार्य करवाया है। कहा कि जरूरत बहुत ज्यादा है किंतु साधन सीमित मिला है। कहा साफ सफाई में भी उनका वार्ड अव्वल रहा है।

पशुपालकों की शिकायत, नहीं पहुंच रहा वैक्सीनेटर


बथनाहा (अररिया) : फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र में पशुओं में चौमासिया (एफएमडी) रोग से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान सरकारी निर्देश के विरुद्ध महज खानापूर्ति तक सिमट गया है। इस बाबत क्षेत्र के भटियाही, बथनाहा, बेलाही, फेना, दिपौल, भवानीपुर, मीरगंज, रिकटगंज, बधुआ, अमौना आदि गांव के दर्जनों पशुपालकों की शिकायत है कि वैक्सीनेटर उनके घर तक नही पहुंचा जिस कारण उनके पशुओं को टीका नही लग पाया।
गौरतलब है कि बिहार सरकार के पशुपालन एवं मतस्य संसाधन विभाग के द्वारा पशुओं में फैलने वाले जानलेवा चौमसिया रोग से बचाव हेतु नि:शुल्क टीकाकरण का आयोजन 31 मार्च से 15 अप्रैल तक किया गया है। इस योजना के तहत विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक पशुपालक के घर पर पहुंचकर टीकाकरण करना है। बावजूद इसके विभागीय निर्देश को धत्ता बताते हुए वैक्सीनेटर के द्वारा सभी पंचायतों महज कोरम पूरा किए जाने की बात सामने आई है। अधिकांश पशुपालकों की शिकायत है कि उनके मवेशी को टीका नही लग पाया है जबकि सरकारी निर्देश के अनुसार एक भी पशु टीकाकरण से छुटना नही चाहिए।
इस बाबत पूछे जाने पर वैक्सीनेटर प्रभारी पशु चिकित्सक मो. अमीन ने बताया कि एक पंचायत में महज 15 सौ पशुओं का टीकाकरण ही करना है।

प्रखंडों में नहीं जल रही बिजली

बसैटी (अररिया) : रानीगंज प्रखंड में बिजली विभाग के लापरवाही के कारण किसी भी क्षेत्र में बिजली सुचारू रूप से नही जल रही है। कही तार टूटा या कोई अन्य फाल्ट हो गये तो उसे ठीक करने की विभागीय लोग जहमत गवारा नही करते है। एक जेई तथा दो आपरेटर के सहारे जल रहे है बिजली। प्रखंड में 32 पंचायत है जिसमें करीब आधा पंचायत तक ही बिजली उपलब्ध करायी गई है। उस पर इन पंचायतों में सुचारु रूप से बिजली नही जल पाती है। गांव के नौसिखुए मिस्त्री की मानो चांदी कट रही है। उस पर भी एक गांव की बिजली यदि किसी कारण बस चली गई तो लोग आने के आस छोड़ देते है। वही ट्रांसफार्मर उड़ गया तो बिजली विभाग पावर ग्रिड को जिम्मेदार ठहराते है तो पावर ग्रिड बिजली विभाग को। परंतु ट्रांसफार्मर ठीक करने को नही आते है। केवी का ट्रांसफार्मर जल गया। लिखित आवेदन के बाद भी सुधी लेने कोई नही पहुंचे। वही जेई पंकज कुमार कहते है कि स्टाप की कमी है पूरे क्षेत्र को एक साथ देखना मुश्किल है। फिर भी कोशिश जारी है।

सरकारी मूल्य पर धान बेचना सपना ही रह गया


बसैटी (अररिया) : रानीगंज प्रखंड के बसैटी पंचायत के किसानों का सरकारी मूल्य पर धान बेचना सपना ही रह गया। अब तो पैक्सों के माध्यम सरकारी मूल्य पर धान की खरीददारी की समय सीमा समाप्त होने वाली है।
किसान हारुण अंसारी, मोख्तार अंसारी, विमल चौधरी, नंद मोहन झा मुस्ताक अंसारी बताते है कि सरकारी घोषणाएं उनके लिये मात्र छलावा है। पैसे की मजदूरी, रब्बी फसल की बुआई के लिये औने-पौने दामों में धान बेचना पड़ा। किसानों का आरोप है कि जब पैक्स की रुपया उपलब्ध करा दिया गया तो आखिर धान की खरीददारी शुरू क्यों नही हुई है। जब 15 अप्रैल तक ही धान खरीददारी का आदेश है। वही पैक्स अध्यक्ष विमल किशोर सिंह ने बताया कि गोदाम के अभाव में धान की खरीददारी नही हो सकी।

पटना से होगी मिड डे मील की मानीटरिंग


नरपतगंज (अररिया) : स्कूल में कितने बच्चे उपस्थित हुए? कितने बच्चे मीड-डे-मील से लाभान्वित हुए? अगामी सप्ताह क के लिए मीनू के अनुसार खाद्यान्न व राशि उपलब्ध है या नही। इस तरह के सवाल प्रत्येक शुक्रवार विद्यालय के प्रधान शिक्षक से पटना से दूरभाष नं. 0612- 6608888 से पूछे जायेंगे। यह बाते सोमवार को नरपतगंज हाईस्कूल में एमडीएम को लेकर हेडमास्टरों की प्रशिक्षण के दौरान पटना से आए राज्य स्तरीय टीम के सदस्य नागमणी पासवान ने उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं से कही। इस मौके पर प्रखंड एमडीएम प्रभारी मनोज कुमार भारतीय ने कहा बिहार कुपोषण के मामले में तीसरे स्थान में है। मुख्यमंत्री कुपोषण दूर करने एवं बच्चे में पौष्टिकता का स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को दोपहर का नाम दिया गया है। जिसमें मध्याह्न भोजन योजना तथा विद्यालय से संबंधित अन्य आंकड़ों की इंट्री की जायेगी। वहीं एमडीएम प्रभारी मनोज ने मीनू चेंज होने की जानकारी दी।
सोमवार: चावल, मिश्रित दाल, हरी सब्जी
मंगलवाल: जीरा चावल, सोयाबीन, आलू की सब्जी
बुधवार: खिचड़ी (हरी सब्जी युक्त), चोखा
गुरुवार: चावल, मिश्रित दाल, हरी सब्जी
शुक्रवार: पूलाव, काबुली चना/लाल चना का छोला, हरा स्लाद
शनिवार: खिचड़ी (हरी सब्जी युक्त), चोखा
रविवार: शुक्रवार वाले मीनू
इस मौके पर बीईओ आमीचन्द राम ने कहा आईवीआरएस दोपहर नामक यह सिस्टम में विद्यालय व मदरसों के हेडमास्टर व मौलवी के वरीय शिक्षक के साथ तदर्थ कमिटी के अध्यक्ष व सचिव के नंबर दर्ज रहेगा। प्रधान शिक्षक अपने मोबाइल नंबर नही बदलेंगे अगर अपिहार्य कारणवश बदलते हैं तो इसकी सूचना विभाग को तुरंत देंगे। एमडीएम को सफल संचालन को लेकर हेडमास्टरों के इस प्रशिक्षण में बीईओ, एमडीएम प्रभारी के अलावा बीआरपी राजनंदन पौद्दार, अवधेश कुमार, अर्चना कुमारी, मो. कलीमउद्दीन प्रधानाध्यापक पूनम देवी, अशोक कुमार, प्रमोद विराजी, बिरेन्द्र कुमार, प्रतिमा कुमारी, सचिदानंद सिंह, धर्मदेव पासवान, संजय चौधरी, संकुल समन्वयक पांडव कुमार, अरविंद कुमार, वासुदेव मंडल, ध्रुव विराजी, श्यामानंद कुमार आदि उपस्थित थे।

आब हमरो बाल बच्चा पढ़तै पब्लिक स्कूल में


अररिया : शिक्षा का अधिकार कानून को संवैधानिक स्वरूप मिल जाने व निजी स्कूलों में गरीबों के लिए किए गए प्रावधान से आम अभिभावकों में खुशी व्याप्त है।
वार्ड 23 के नैयर आलम ने बताया कि सुप्रीम का आदेश लोकतंत्र को मजबूत करेगा, क्यों कि इससे गरीबों के बच्चे भी स्तरीय शिक्षा पाने के अधिकारी हो गये हैं। यहीं के मो. याकूब अंसारी ने कहा कि बाजारी करण के दौर में समाज में अमीर व गरीब के बीच की खाई बढ़ती ही जा रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने आइना दिखा दिया है कि लोकतंत्र में विकास व शिक्षा पर सबका बराबर हक है।
मो. रियाज ने कहा कि अब भी गरीब का बच्चा भी पब्लिक स्कूल में पढ़ेगा। पब्लिक स्कूलों में गरीब छात्रों के लिए 25 फीसदी सीट आरक्षित करने पर संदीप कुमार पासवान ने कहा कि यह आदेश बेहद सराहनीय है।
वहीं, चंदन कुमार पासवान ने कहा कि अब गरीब बच्चे भी स्वर्णिम भविष्य का सपना देख सकेंगे।
वहीं, वार्ड 14 की कल्पना देवी व फूलो देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश देश में नई क्रांति लाने में सहायक होगा। कलावती देवी ने कहा कि अब रिक्शा वाले व कूड़ा चुनने वाले के बच्चे भी बेहतर भविष्य के सपने देख पायेंगे। इससे सामाजिक बदलाव की बयार बहेगी। विजेंद्र चौधरी ने कहा कि अब गरीब का बच्चा भी डाक्टर इंजीनियर बन सकेगा।

मौसम के बदले मिजाज से किसान भयभीत


रानीगंज: गत एक सप्ताह से मौसम के बदले मिजाज से किसान भयभीत हैं। गेहूं व मकई के कटनी के समय वर्षा एवं ओलावृष्टि से डरे किसान फसल तैयार करने की हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
विदित हो कि गत दिनों हुई ओलावृष्टि एवं वर्षा से कई किसानों का खेतों में लगे फसल एवं खलिहानों में रखे तैयार फसल की पैदावार काफी प्रभावित हुई। प्रकृति के इस मार से डर कर कई किसानों ने अपना दुखड़ा सुनाया है।

मुकदमा राजनीति से प्रेरित: विधायक

रेणुग्राम: फारबिसगंज के भाजपा विधायक पदम पराग राय वेणु ने अपने एवं अपने परिजन पर न्यायालय में हुए मुकदमें को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि यह विरोधियों की साजिश है। उनकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को देखकर विरोधी उनको परेशान करने के लिए झूठा मुकदमा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय का सम्मान करते हैं। तथा न्यायालय सर्वोपरि है सच झूठ का फैसला जल्द हो जायेगा।

ना जाने केहि वेष में ..


अररिया : इसी धरती के अमर कथाशिल्पी रेणु ने एक बहुचर्चित कहानी लिखी, जिसका शीर्षक है न जाने केहि वेष में ..। प्लाट भले ही अलग हो, पर पलासी में आम जन से अवैध वसूली करते तीन युवकों की गिरफ्तारी ने इस शीर्षक को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। भोले लोगों को लूटने का बहाना चाहिये। लूटने वाले बस हर वक्त तैयार हैं। चाहे यह बंध्याकरण कैंप में एक्सपायरी दवाओं के माध्यम से हो, इंदिरा आवास की दलाली से हो या फिर मकान पर नंबर प्लेट लगाने से ही क्यों न हो हो।
पलासी की घटना ने जहां कई सवाल खड़े किये हैं, वहीं यह बात भी सामने आयी है कि अररिया की सरजमीं पर लूटने वालों की कोई कमी नहीं। एसपी शिवदीप लांडे ने पलासी में बताया कि यह घटना आश्चर्यजनक है, क्योंकि भारत सरकार ने ऐसी कोई योजना नहीं चला रखी है। उन्होंने कहा कि इस कथित गिरोह ने ग्रामीणों को लगभग एक करोड़ की चपत लगायी है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि सिविल सर्जन व सीडीपीओ ने अवैध वसूली कर रहे लोगों को चिट्ठी किस प्रकार जारी कर दी? उन्होंने यह नहीं सोचा कि इस पत्र का दुरुपयोग भी हो सकता है?
याद होगा कि फोरलेन सड़क बनने से पहले कुसियारगांव जंगल के निकट तथा रानीगंज मार्ग सहित जिले के कई अन्य स्थानों पर कुछ लोग बाइक वालों से हेडलाइट पर कालिख पोतने व बुकलेट देने के नाम पर किस कदर उगाही करते थे। कभी चालक संघ के नाम पर तो कभी किसी धार्मिक आयोजन के नाम पर अवैध उगाही भी यहां के लिए कोई नई बात नहीं है।
किसी ब्लाक परिसर में चले जाईये, गरीबों की नोच खसोट करने वाले लोग तरह तरह के वेष में मिल जायेंगे। इस जमात में ढेर सारे लोग शामिल हैं। भ्रष्ट अधिकारी, करप्ट नेता व बिचौलियों की रसूखदार तिकड़ी ने अररिया के भोले भाले लोगों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
पलासी की घटना में तो कानून अपना काम करेगा, लेकिन इससे एक बात जरूर सामने आती है कि अधिकारियों को आम जन के हित की उतनी परवाह नहीं। अन्यथा नंबर प्लेट के नाम पर वसूली करने वालों को सिविल सर्जन व सीडीपीओ की चिट्ठी नहीं मिलती।

एड्स विशेषज्ञों ने किया अस्पताल का भ्रमण

जोकीहाट(अररिया) : जिला महामारी विशेषज्ञ के डाक्टर एवं एड्स विभाग के डीपीएम ने शुक्रवार को रेफरल अस्पताल जोकीहाट का भ्रमण कर कई मामलों से संबंधित निर्देश अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मियों को दी। महामारी विशेषज्ञ डा. एके झा ने डायरिया, चिकेन पाक्स आदि रोगों से संबंधित फाइलों की जांच की। इस दौरान अस्पताल में उपस्थित रोगियों को महामारी से बचाव के कई उपाय बताये। शुद्ध पेयजल का प्रयोग, मच्छर से बचने, चापाकल एवं घर के आसपास गंदे जलजमाव से बचाव संबंधी कई जानकारी दी। एड्स डीपीएम अखिलेश्वर सिंह ने एड्स संबंधी आंकड़े की जानकारी ली। इस दौरान स्वास्थ्य प्रबंधक ओवेश अहमद, लेखापाल मनीष कुमार, गोपाल कुमार आदि मौजूद थे।

प्राथमिकी दर्ज

रेणुग्राम: सिमराहा थाना क्षेत्र के डोरिया सोनपुर गांव निवासी तौकीर आलम ने अपने खेत में लगे शीशम के पेड़ काट लिए जाने के मामले को लेकर गांव के ही कुछ लोगों के विरूद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है। दर्ज प्राथमिकी में मंसूर, सलीम सहित छह लोगों को नामजद किया है। सिमराहा पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है।

अग्निपीड़ितों के बीच बंट रही राहत


अररिया : अररिया प्रखंड स्थित साहसमल पंचायत के बलबात शाह टोला में भीषण आग लगने से लगभग बारह घर जलकर राख हो गए।
स्थानीय मुखिया पति विनोद पासवान ने अग्निपीड़तों के बीच प्रत्येक पीड़ितों को एक साड़ी, एक लुंगी, 20 किलो चावल, 5 लीटर केरोसीन तेल, 500 रुपया नगद के रूप में वितरित किए। वहीं देर शाम स्थानीय विधायक जाकीर अनवर खान ने भी अग्निपीड़ितों के बीच जाकर लुंगी, साड़ी और नगदी भी वितरित किए गए। इस मौके पर उनके समर्थक तपन तिवारी, तनवीर आलम, अफरोज आलम, मो. सलाउद्दीन, करम चन्द पासवान, किशोर पासवान, विदेंश्वरी पासवान, अरविंद सिंह, मो. वारिस सोहराब साह आदि उपस्थित थे।

भीमराव अंबेडकर की जयंती पर होंगे कई प्रोग्राम

अररिया : बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती शनिवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर धूमधाम से मनाई जायेगी। बाबा साहेब की जयंती के मौके पर कई कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा बाबा साहेब की जयंती शिवपूरी में समाजिक समरक्षरता के रूप में मनाया जायेगा। वहीं बिहार राज्य अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के तत्वावधान में स्थानीय बस पड़ाव स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जबकि जन जागरण शक्ति संगठन की महासचिव कामायनी ने बताया कि शनिवार को दोपहर दो बजे आरएस मारवाड़ी धर्मशाला में संगठन का खुला सत्र निर्धारित है। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में पश्चिम बंगाल की अनुराधा तलवार रहेगी।

जलसा आज से

रेणुग्राम: फारबिसगंज प्रखंड के सिमराहा मदारगंज में दो दिवसीय जलसा शनिवार से शुरू हो रहा है। इसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गयी है।

हरियाणा से भागे प्रेमी युगल अररिया में पकड़ाए


अररिया : करनाल के उचानी थाना क्षेत्र से एक सप्ताह पूर्व भागे प्रेमी युगल को अररिया पुलिस ने गुरुवार को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। अररिया पुलिस प्रेमी युगल को हरियाणा पुलिस को सौंप दिया।
हरियाणा पुलिस के अनुसार काजल कुमारी के पिता मोहन लाल ने अपनी लड़की के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इधर पकड़ाए प्रेमी युगल से अररिया के एसपी ने भी जरूरी पूछताछ की है। एसपी के समक्ष प्रेमी युगल ने स्वीकार किया है कि वे लोग बालिग हैं और मर्जी से ही दिल्ली के किसी मंदिर में शादी भी रचाई है।

बस दो दिन और होगी किताबों से मुलाकात


अररिया : शाम गहराने के साथ नेताजी सुभाष स्टेडियम में चल रहे पुस्तक मेला सह रेणु महोत्सव की रौनक बढ़ जाती है। पुस्तक प्रेमियों के कदम मेले की राह पर चल पड़ते हैं। लेकिन स्टालों पर बिखरी विभिन्न विषयों की पुस्तकों से अब मुलाकात के सिर्फ दो ही दिन पुस्तक प्रेमियों के हिस्से में हैं। रविवार 15 अप्रैल पुस्तक मेले का अंतिम दिन होगा। आपकी सुविधा के लिए किताबों का यह मेला प्रात: 11 बजे से शुरू होकर राशि 8 बजे तक जारी है। पुस्तक-विक्रेताओं और प्रकाशकों ने पुस्तक-प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए किताबों पर छू की दरें बढ़ानी कर दी है।
रेणु की रसप्रिया कहानी का पाठ:
रेणु महोत्सव के दौरान रेणु की चर्चित कहानी रसप्रिया का पाठ किया गया। इस कहानी को रेणु प्रेमियों ने बड़े धैर्य के साथ सुना और कहानी में बुने गए कथातत्व को शिद्दत से महसूस किया। कहानी में रेणु का अपना अंचल पूरी तरह जीवंत है। रसप्रिया के बहाने कथा साहित्य में रेणु के विशिष्ट योगदान की विस्तार से चर्चा की गई।
तीसरी कसम की यादों में खो गए लोग:
सभागार मंच पर जब सायंकाल रेणु की चर्चित कहानी मारे गए गुलफाम पर केंद्रित तीसरी कसम फिल्म का प्रदर्शन हुआ तो पूरा सभागार भरा रहा। इस फिल्म को देखने बुजुर्ग और युवा दोनों ही पीढ़ी के लोग आए। तीसरी कसम को देखते हुए लोग फिल्म की कथा की नही बल्कि उसके कर्णप्रिय धुनों और और गीत के बोलों में पूरी तरह खो गए। अपने समय में बाक्स आफिस पर यह फिल्म भले ही हिट न रही हो। लेकिन लोगों के दिलों में फिल्म और उसके किरदार अपनी जीवंत अदायगी के कारण आज भी छाए हुए हैं। चाहे हिरामन के रूप में राजकपूर हों या हीराबाई के रूप में वहीदा रहमान लोग आज भी हीरामन और हीराबाई, महुआ घटवारिन की लोकथाओं में अपना सबकुछ खोते और बहुत कुछ खोजते दिखे।
बाक्स के लिए
एक आपबीती का प्रदर्शन 15 अप्रैल को
अररिया, संसू: एक आपबीती डाक्यूमेन्ट्री का प्रदर्शन राष्ट्रीय पुस्तक मेला सह रेणु महोत्सव में 15 अप्रैल को सांय 6 बजे होगा। इस डाक्यूमेंट्री में बिहार के पूर्वोत्तर सीमांचल के 2830 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस अंचल के प्राचीन से आज तक के दौर के रोमांचक इतिहास जलवायु, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य, उद्योग धंधे, रहन-सहन, बोल-चाल, खान-पान, पर्व-त्यौहार और मेल, साहित्य और खेल में आए बदलावों की धड़कन को और यहां के संघर्ष, अभाव, दुख-दर्द को जीवंत ढंग से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही यहां की विभूतियों की चर्चा है। आजादी के 65 वर्षो बाद भी यहां के लोगों के चेहरे पर छाई निराशा और हताशा की तस्वीर आपको बेचैन करने के लिए काफी है। डाक्यूमेंट्री के प्रोड्यूसर वरिष्ठ लेखक पत्रकार चन्द्र भूषण हैं और इसका निर्देशन राजेश राज ने किया है।

चलंत लोक अदालत में 504 मामलों का निष्पादन


अररिया : सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को चलंत लोक अदालत अररिया पहुंचा तथा डीआरडीए सभागार में जनहित के उद्देश्य से उक्त कार्यक्रम संपन्न हुआ, जहां विभिन्न लंबित मामले के कुल 504 वादों का निष्पादन किया गया।
पटना से पहुंचे इस चलंत लोक अदालत की टीम ने विभिन्न मामलों का सूक्ष्म अध्ययन कर वादों का निष्पादन किये। इस अवसर पर चलंत लोक अदालत के न्यायिक सदस्य मो. जलालुद्दीन, अधिवक्ता सदस्य जितेन्द्र कुमार समेत टीम के साथ डीएलएसए पूर्णिया के राजेन्द्र कुमार व ईश्वर लाल साह थे।
आयोजित चलंत अदालत में भरगामा अंचल को छोड़ अन्य सभी अंचलों के कुल 299 मोटेशन केसेस, अररिया व फारबिसगंज अनुमंडल दंडाधिकारी न्यायालय के 202 वादों समेत सिविल कोर्ट, अररिया में वन विभाग मामले के तीन वादों का निष्पादन हुआ। वही भरगामा अंचल से कोई मामले निष्पादन के लिये नही आने पर उक्त टीम ने अपनी नाराजगी जताया। इस अवसर पर अररिया के एडीजे उमेश चन्द्र मिश्रा, एसीजेएम समेत अररिया के एसडीएम डा. विनोद कुमार ने भाग लिया।
कार्यक्रम प्रारंभ के पूर्व टीम के न्यायिक सदस्य मो. जलालुद्दीन ने फिलवक्त लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि यह टीम लंबित मामलों के निष्पादन के लिए आपके द्वार तक पहुंचा है। जहां सुलहनीय वादों का त्वरित निष्पादन होता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मची खलबली


अररिया : देश की सबसे बड़ी अदालत के द्वारा शिक्षा का अधिकार एक्ट को संवैधानिक रूप से दर्जा देते हुए 25 फीसदी आरक्षण पर मुहर लगाने के बाद खलबली मच गई है। अब कोई भी सरकारी, गैर सरकारी, अर्ध सरकारी सहायता प्राप्त केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, छात्रों के नामांकन के वक्त डोनेशन या कैपिटेशन फीस नही ले सकता है। यही नहीं स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब परिवार के बच्चों का नामांकन हर हाल में नि:शुल्क करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद जिले के स्कूल संचालकों के माथे पर पसीना दिखने लगा है। क्योंकि जिले के एक दर्जन से अधिक वैसे प्राइवेट स्कूल हैं जो प्रत्येक वर्ष नमांकन शुल्क के रूप में 5 से 10 हजार रुपया कैपिटेशन फीस या डोनेसन लेते हैं। अधिकांश कच्ची, खपरानुमा भवन में संचालित निजी विद्यालयों के पास न तो अच्छा क्लास रूम है, और न ही टायलेट। खेल का मैदान व लाइब्रेरी तो दूर की बात। कई दर्जन विद्यालयों में एक चापाकल है, जहां लंच के वक्त सैकड़ों छात्र पानी के लिए मशक्कत करते दिखते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय में यह भी कहा है कि अब स्कूलों में ट्रेंड शिक्षक को ही रखना होगा। 40 बच्चों पर एक शिक्षक रखना अनिवार्य कर दिया गया है। परंतु जिले की विडंबना यह है कि 99 फीसदी प्राइवेट स्कूलों में इंटर, बीए पास युवक-युवती ही शिक्षण कार्य कर रहे हैं। 6 से 14 वर्ष तक के बच्चे को मुफ्त शिक्षा देने का भी सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है। इधर जिला शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अनुपालन नही करने वालों की खैर नही होगी।
बाक्स के लिए
निजी ट्यूशन पर लगेगी रोक
अररिया, संसू: शिक्षा का अधिकार कानून को संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद शिक्षा माफियों के होश उड़ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट पर कानूनी मुहर लगा दी है। अब कोई भी सरकारी या गैरसरकारी स्कूल, कालेज के शिक्षक निजी ट्यूशन नहीं कर पायेंगे। अब सवाल यह उठता है कि अररिया में कोर्ट के निर्णय एक्ट में अंकित प्रावधानों का पालन हो पायेगा। क्योंकि अररिया में तो निजी ट्यूशन पढ़ाने वालों की भरमार है। सिर्फ काली बाजार, आश्रम रोड, शिवपुरी, खरैया बस्ती, इस्लामनगर, आजादनगर इलाकों में ही दर्जनों शिक्षक घर पर खुलेआम निजी ट्यूशन कर लाखों रुपये मासिक कमा रहे हैं।

दो पक्षों के बीच मारपीट में आधा दर्जन जख्मी


कुसियारगांव (अररिया) : भूमि विवाद को लेकर सिमराहा थाना क्षेत्र के पुरंदाहा गांव में शुक्रवार को दो पक्षों के बीच जमकर धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया। जिसमें आधा दर्जन लोग जख्मी हो गया जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर सूचना अस्पताल प्रशासन द्वारा थाना को भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार जबरन गेहूं काटने को लेकर रोके जाने पर मारपीट में तब्दील हो गया। जिसमें मो. जमशेद आलम, आजम, तजेमुल व दूसरे पक्ष से मो. तस्लीम बुरी तरह से जख्मी हो गये। जख्मी में शब्बीर, मौसीम आदि शामिल हैं। पूर्व विवाद के कारण अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में सनहा 259 एमबी 15.2.12 पूर्व दर्ज करवाया गया है। सभी आपस में चचेरा भाई बताया गया है।

मांगें नहीं मानी तो पोलियो कर्मी करेंगे आंदोलन

अररिया : पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान में कार्यरत पर्यवेक्षक व टीका कर्मियों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर आगामी 16 अप्रैल को जिला मुख्यालय में विशाल प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इसकी पूर्व सूचना जिला पदाधिकारी व सिविल सर्जन समेत कई अन्य अधिकारियों को दी है। पोलियो कर्मियों का कहना है कि तमाम विपरीत परिस्थितियों में वे लोग कार्यक्रम में भाग लेते रहे। परंतु दिए जा रहे मजदूरी पर काम करना अब मुश्किल हो गया है। पोलियो कर्मियों ने प्रतिदिन 150 रु. मानदेय, भत्ता में 50 प्रतिशत में वृद्धि समय पर भुगतान कार्यानुभव प्रमाण पत्र योग्यता अनुसार काम में प्राथमिकता आदि की मांग की है। पोलियो कर्मियों में विरेन्द्र कुमार विश्वास, प्रदीप कुमार, रमेश कुमार, विकास कुमार, सौरभ, पवन आदि ने बताया कि यदि इनलोगों की मांगों की पूर्ति नही होती है तो वे लोग आंदोलन के लिए विवश हो जायेंगे।