Tuesday, January 4, 2011

न्यूक्लियस ने गुड मार्निग क्लब को छह विकेट से हराया

बथनाहा (अररिया) : बीसीसी क्रिकेट क्लब बथनाहा द्वारा आयोजित नॉक आउट चैलेंजर लीग टूर्नामेंट का फाइनल मैच रविवार को बथनाहा खेल मैदान पर न्यूक्लियस पब्लिक स्कूल क्रिकेट क्लब अररिया एवं गुड मार्निंग क्रिकेट क्लब अररिया के बीच खेला गया। निर्धारित बीस ओवर में गुड मार्निग क्रिकेट क्लब अररिया के सभी खिलाड़ी 73 रन बनाकर आउट हो गये। जबाब में न्यूक्लियस क्लब की टीम 15.4 ओवर में चार विकेट खोकर 74 रन बनाकर मैच छह विकेट से जीत लिया।
मैन आफ द मैच का खिताब न्यूक्लियस के शंकर कुमार को मिला जबकि मैन आफ द सीरीज बीसीसी को मिला। एम्पायर की भूमिका अभय श्रीवास्तव एवं अनिल कुमार सिन्हा ने निभायी। समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक पदम पराग राय वेणु ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में हार जीत लगा रहता है। खिलाड़ियों को टीम भावना से खेलना चाहिए। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीम के कप्तान को कप प्रदान किया गया। इस अवसर पर दक्षिणेश्वर राय पप्पू, अशोक कुमार, दयानंद मंडल, आयोजन समिति के सुनील, वीरेन्द्र, शीतल, रोहन, मुकेश कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभायी।

निधन पर शोकसभा आयोजित

फारबिसगंज : भारत के पूर्व लोक सभा अध्यक्ष बलराम भगत के निधन पर फारबिसगंज में शोक की लहर दौड़ गयी है। उनके निधन पर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंहा, प्रकाश चौधरी, शाद अहमद, शंकर साह, सत्यम कंचन, दिलीप पासवान, पवन अग्रवाल, मो. ताहिर, जयप्रकाश अग्रवाल, मंगलचंद्र अग्रवाल, दिनेश प्रसाद गुप्ता, जयंत गुप्ता, ज्योतिष चंद्र साहा आदि ने दुख प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

दिघली पंचायत: आज तक न बिजली न शुद्ध जल मिल पाया लोगों को

पलासी(अररिया) : मुख्यालय से महज छह किमी उत्तर स्थित अल्पसंख्यक बहुल पंचायत दिघली आज भी विकास की रोशनी से कोसों दूर है। पंचायत जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उदासीनता के कारण यहां के लोगों को मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। प्राप्त जानकारी अनुसार करीब दस हजार की आबादी वाले दिघली पंचायत में मुस्लिम, यादव, अत्यंत पिछड़ी व अनुसूचित जाति की बड़ी आबादी निवास करती है। किंतु शिक्षा के नाम पर इस पंचायत में एक प्राथमिक व एक मध्य विद्यालय ही उपलब्ध है। स्वास्थ्य व्यवस्था भी नगण्य है। सड़क के नाम पर एक मात्र मुख्य पक्की सड़क झाला पलासी पथ उपलब्ध है। जबकि एक टोले से दूसरे टोला जाने में बरसात के मौसम में आम जनों को कठिन दौर से गुजरना पड़ता है। वहीं पंचायत वासियों को आज तक बिजली की सुविधा नहीं मिल पायी है। आज भी पंचायत वासी ढिबरी युग में जीने को विवश हैं। पेयजल के मामले में पंचायतवासी लौह युक्त जल पीने को विवश हैं। जिस कारण लोग पेट संबंधी बीमारी से ग्रसित रहते हैं। वहीं रोजगार के अभाव में पंचायत की अधिकांश आबादी दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में जाकर अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी का जुगाड़ करते हैं। ज्ञात हो कि कभी यह पंचायत मिनी चंबल के नाम से कुख्यात था किंतु अब लोग मुख्य धारा से जुड़ चुके हैं। इस पंचायत के दर्जनों अपराधियों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तत्कालीन पलासी थानाध्यक्ष एमपी सिंह द्वारा पहल की गयी थी। कई ने विधिवत आत्मसमर्पण किया। किंतु कुछ वैधानिक अड़चन व प्रशासनिक उदासीनता के कारण उक्त पंचायत सहित आसपास के पंचायत के दर्जनों अपराधियों का आत्म समर्पण नहीं हो पाया। साथ ही आत्मसमर्पण के बाद उन्हें सरकार की ओर से आज तक कोई सुविधा नहीं दी गयी है।

भरगामा: मनरेगा में चलती है मनमर्जी

भरगामा (अररिया) : भरगामा प्रखंड क्षेत्र में अति महात्वाकांक्षी मनरेगा योजना कथित लूट-खसोट व अन्य कारणों से खाओ-पकाओ योजना बन गयी है। स्थिति यह है कि योजना में पारदर्शिता रखने व अन्य तरह के आदेशों का अनुपालन न तो योजना के अभिकर्ता द्वारा और न ही अन्य कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस तरह की किसी भी अनियमितता पर अंकुश लगाने की जगह अधिकारी मामले से अंजान व उदासीन बने हुए हैं।
करीब तीन चार माह पूर्व खजुरी पंचायत के सरपंच टोला में योजना से सड़क में मिट्टी भराई तथा ईट सोलिंग करवाया गया। पारदर्शिता बनाये रखने हेतु कार्य स्थल पर कार्य के प्रारूप से जुड़ा सूचनापट (जिसमें योजना की राशि, अभिकर्ता का नाम आदि दर्ज किया जाना है) कार्य प्रारंभ से पूर्व लगाया जाना था। लेकिन कार्य संपन्न होने के तीन चार माह बाद भी इस तरह की कोई सूचना नहीं दी गयी तथा सूचना पट सादा पड़ा है। कार्यक्रम पदाधिकारी राम गंगा ने इस तरह के किसी भी मामले से साफ इंकार किया है। जबकि प्रखंड मुख्यालय से सटे ब्राह्माण टोला में बनायी गयी सड़क एवं महादलित टोले में निर्मित सड़क और कार्यस्थल पर लगाया गया सूचना पट कार्य के नाम पर की गयी मनमानी व लूट की कहानी सुनाता प्रतीत होता है।

अग्नि पीड़ितों के बीच सांसद ने बांटी कंबल

जोकीहाट(अररिया) : जोकीहाट प्रखंड के चिल्हैनिया पंचायत के मधैली गांव में एक सप्ताह पूर्व लगी आग से एक सौ घर जलकर राख हो गये थे। । इन अग्नि पीड़ितों के बीच सोमवार को उनके गांव पहुंचकर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने अग्नि पीड़ितों के बीच कंबल बांटे। जिनके बीच कंबल बांटे गये उनमें विरेन्द्र विश्वास, अरविंद विश्वास, बंबर विश्वास, इंद्रानंद विश्वास, सुरेश विश्वास, अमरजीत विश्वास, नरेश विश्वास, अनिरूद्ध विश्वास, फकीर विश्वास, अवधेश विश्वास, गणेश, मुकेश आदि के बीच कंबल वितरित किये गये। कंबल वितरण के समय जुबैर आलम, सफुद्दीन, मो. जावेद आलम, आफताब आलम, नौशाद आलम, वदूद आलम, रकीब आलम, प्रताप विश्वास, पूर्व मुखिया जावेद आलम आदि उपस्थित थे। सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने अगलगी की घटना से बर्बाद हुए पीड़ितों को सरकार से सहायता मुहैया कराये जाने की बात कही।

भाजयुमो की बैठक आज, हिस्सा लेंगे सरफराज

अररिया  : मंगलवार को महिला महाविद्यालय अररिया में 11 बजे भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गयी है। इस बैठक में 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा झंडोत्तोलन कार्यक्रम को लेकर विचार विमर्श किया जायेगा। बैठक में भाजयुमो के प्रदेश कोषाध्यक्ष सरफराज हुसैन खास तौर पर उपस्थि्ज्ञत रहेंगे। वहीं,स्थानीय सांसद तथा भाजपा विधायक गण एवं पार्टी के वरीय पदाधिकारी भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहेंगे।
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष शितेष कुमार ठाकुर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के सदस्य लाल चौक कार्यक्रम की सफलता को ले उत्साहित हैं।

अररिया: उभर रही बड़े शहरी बसावटों की तस्वीर

अररिया : अररिया में शहरीकरण की रफ्तार धीमी लेकिन धनात्मक है। शिक्षा के प्रसार व भौतिक जिंदगी को बेहतर बनाने की ग्रामीण ललक के कारण लोग बड़ी तेजी के साथ शहरों में बस रहे हैं और भविष्य में शहरी आबादी व क्षेत्रफल में भारी ग्रोथ की संभावना है।
विगत सेंसस के आंकड़ों के अनुसार यहां की कुल आबादी का लगभग 94 प्रतिशत रूरल तथा शेष छह प्रतिशत अरबन है। आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी जनसंख्या में बढ़ोतरी की रफ्तार गावों की तुलना में अधिक है। जिले के तीन प्रमुख शहरों के भारी ग्रोथ रेट पर निगाह डाली जाय तो भविष्य में बड़े बड़े शहरी बसावटों की तस्वीर उभर कर सामने आती है।
जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि विगत कई दशक से अररिया शहर में साठ प्रतिशत या अधिक की दर से आबादी बढ़ रही है। वर्ष 2001 की जनगणना में यह वृद्धि लगभग 68 प्रतिशत थी। वहीं फारबिसगंज पहले से ही घनी बसावट वाला शहर है। जबकि जोगबनी में विगत सेंसस के दौरान ग्रोथ रेट सौ प्रतिशत से भी अधिक रही।
जिले के परिदृश्य पर नजर दौड़ायें तो नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट बसे इस शांत जिले में टाउनशिप डेवलप करने की कोशिशें प्रारंभ हो चुकी हैं।
जानकारी के मुताबिक फारबिसगंज के निकट सिग्नस बिहार जैसी संस्थाएं टाउन बसाने तथा हाउसिंग कालोनी के विकास को ले प्रयासरत हैं।
शहरी क्षेत्रों में जमीन की कीमत बेतहाशा बढ़ी है। अररिया के जिला बनने के वक्त सन 1990 में मुख्यालय में जमीन की दर बमुश्किल पांच सौ से एक हजार रुपये प्रति कट्ठा थी, लेकिन दो दशक बाद ही यहां औसतन तीन लाख रुपये प्रति कट्ठा की दर से जमीन बिकने लगी है। अब लोग शहरी क्षेत्र के फ्रिंज एरिया में जमीन लेने, प्लाट बंदी करने तथा भविष्य में टाउनशिप विकसित करने के ख्याल से जमीन लेने लगे हैं। अररिया शहर के दक्षिण लहटोरा पेट्रोल पंप तक जमीन बिक चुकी है। वहीं, फोर लेन के किनारे आप हड़ियाबारा टप जाइये, जमीन नहीं मिलेगी। क्योंकि लोगों ने भविष्य में शहर विस्तार के मद्देनजर अभी ये ही जमीनें ले रखी हैं। पश्चिम में रानीगंज मार्ग में स्थित गिदड़िया बल्कि उससे भी आगे रजोखर तक जमीन बिक चुकी है। निष्कर्ष यह कि जिला मुख्यालय अररिया के निकट दस बारह किमी की परिधि में जमीन बिक चुकी है और भविष्य में इन जमीनों पर हाउसिंग कालोनी का विकास किया जायेगा।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक सुधारों के बाद जिले में कम से कम आधा दर्जन बड़े शहर तथा दो दर्जन व्यस्त ग्रामीण बाजार डेवलप हुए हैं। इन शहरों में जोकीहाट, रानीगंज, कुर्साकाटा, पलासी, नरपतगंज, कलियागंज, महथाबा आदि शामिल हैं। जबकि ग्रामीण बाजारों में भरगामा, कुआड़ी, सिकटी, बरदाहा, मदनपुर, बैरगाछी, मटियारी, रजोखर, बसैटी, सुरसर, घुरना, सुंदरी मंठ, ताराबाड़ी, रामपुर, डेंगा, सोहंदर हाट, हरबा चौक, चरघरिया आदि शामिल हैं।
जाहिर है कि अररिया में जन बसावट का प्रवाह गांव से शहर की ओर है। हर शख्स शहर में ही रहना चाहता है। भले ही यह शहर गांव में ही क्यों न बन जायें।

प्रशिक्षण आज से

अररिया : विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली संस्था राष्ट्रीय विकास एवं समाज कल्याण परिषद के लिंक वर्क स्कीम के तीसरे चरण के कार्यक्रम की शुरूआत को लेकर वर्करों का सात दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को शुरू होगा। उक्त आशय की जानकारी स्कीम के डीआरपी रंधीर कुमार ने दिया।
निधन पर शोक
अररिया, निसं: अररिया जिला
में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष व स्थानीय काली बाजार निवासी सुकदेव पासवान का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन पर जिला पेंशनर समाज के अध्यक्ष नवल किशोर दास, अखिलेश्वर कुमार, गणेश लाल भारती आदि ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करने के साथ दिवंगत आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की है।
नये वर्ष को ले रंगारंग कार्यक्रम
जोगबनी: पुराने वर्ष की विदाई और नये वर्ष के आगमन को ले जोगबनी में युवा वर्ग द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शोक
जोगबनी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मां के निधन पर जोगबनी जदयू ने शोक व्यक्त किया है। जोगबनी नगर जदयू अध्यक्ष रामोतार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के मा के निधन पर पूरा जोगबनी जदयू शोकाकुल है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। शोक व्यक्त करने वालों में रितेश वर्मा, मंजू देवी, वासुकी नाथ राय, रामजी सिंह, मुखिया मनोज सिंह, आनंद साह, राहुल गंगावन, कौसर अंसारी, मुमताज आलम एवं नौशाद आलम आदि प्रमुख है।
जख्मी
कुसियारगांव: जोकीहाट थाना क्षेत्र के जहानपुर गांव में वाहन के चपेट में आ जाने के कारण पीके झा की 12 वर्षीय पुत्री चंदा कुमारी बुरी तरह जख्मी हो गयी, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया।

कार्यपालिका की सुस्ती से बढ़ रहे लंबित मामले

अररिया  : सीमावर्ती अररिया जिला के अधिकतर लोग गरीबी व तंगहाली के शिकार है, जो अपनी कई परेशानियों के कारण अदालत का दरवाजा खटखटाते रहे है। परंतु कार्यपालिका की सुस्त गति के कारण जहां लंबित मामले में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं न्यायार्थी न्याय के लिये तड़प रहे हैं।
विधि के जानकारों के अनुसार अगर तमाम व्यावहारिक दिक्कतों के बाद भी बुनियादी मामलों के अगर कार्यपालिका का ईमानदारी पूर्ण प्रशासनिक सहयोग मिले तो लोगों को सस्ता एवं शुलभ न्याय मिलेगा। परंतु एक ओर अररिया में अब भी न्यायाधीश की कमी, अदालत से जारी सम्मन की तामिला में देरी, आरोपियों की उपस्थिति में हो रहे बिलंब, अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आरोपियों को हाजिर कराने में आनेवाली अड़चनें लंबित मामले निष्पादन में बाधा है।
सबसे बड़ी समस्या आपराधिक मामलों में सम्मन व वारंट का है, जिसकी तामिला की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की तत्परता पर निर्भर है। परंतु समय पर इन आदेशों का तामिला नहीं हो पाता और इस बीच अदालतों में तारीख-दर-तारीख पड़ते हैं, जिससे अदालत का कार्य बाधित रहता है।
उधर जिले में पुलिस के उपर अपराध पर काबू पाने की जिम्मेदारी के कारण इस ओर तत्परता का अभाव होता है। अदालत में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ का कारक है तो यह मुद्दा बड़ा है।
अररिया की अदालत में हाल में दिये गये निर्णयों पर गौर किया जाय तो त्वरित न्याय दिलाने की कड़े परते उजागर होती दिखती है। न्यायार्थियों के चप्पलें घिस जाते है तथा घर के बीट्टे बेच दिये जाते हैं, बावजूद काफी देरी से उन्हें मिले इंसाफ का मूल कारण साक्ष्यों की उपस्थिति सामने आते रही है।
समान न्याय व्यवस्था के इस देश में आम नागरिक अब भी इससे कतिपय कारणों से वंचित है तथा धरातल पर सरकारी घोषणाओं की हवा निकलती दिखती अपने पक्ष में करने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे है तो गरीब लोग विपन्नतावष न्याय पाने के लिये कचहरी का चक्कर काटने को विवश है। एक ओर जिले में आपराधिक मामलों के बढ़ने का मुख्य कारण तस्करी एवं घोटालेवाजी रहा है तो भू-विवाद भी आपराधिक मामले के पीछे मूल वजह कहा जाता है। परंतु कुर्साकांटा समेत कई अंचलों में नामांतरण मामले के निष्पादन में दूलमूल रवैया स्वामित्व के गलत व्योरे के कारण जमीन बिकने, भू-विवाद में मामले के निष्पादन की प्रक्रिया लंबी होने आदि है। अररिया में वर्तमान में एकमात्र ए.डी.जे प्रथम समेत छ: फास्ट ट्रैक कोर्ट है। जमानत अर्जी की सुनवाई ए.डी.जे. कोर्ट में होती है परंतु जमानत अर्जी सुनवाई के दौरान मांगी गयी केश डायरी समय पर उपलब्ध नहीं होते, जिस कारण सुनवाई टलती रही है। तो अदालत को डी.जी.पी. बिहार तक सख्त रूख दिखाते पत्र जारी किया जा रहा है।
अदालत में कई ऐसे मामले है, जिसमें अपराधियों के विरुद्ध गवाह अपनी गवाही देने का साहस नही कर पात। उधर मामले का मुख्य गवाह जहां 'होस्टाईल' होते रहे है, वहीं अनुसंधानकर्ता कई मामलों में हाजिर नहीं होते। पुलिस थाने में दर्ज रपटो का सरकार की ओर से नियुक्त अभियोग पक्ष पैरवी करते हैं, परंतु मामले दर्ज के मुकावले सरकार कितने वाद जीतते रही है?

निधन पर शोक

जोकीहाट : जोकीहाट प्रखंड के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी सह सेवानिवृत्त शिक्षक महेन्द्र प्रसाद यादव का रविवार की रात उनके पैतृक गांव बागनगर पंचायत के ककोड़ा गांव में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे।
वहीं रविवार को भंसिया ग्राम कचहरी के सरपंच मो. इश्तियाक के पिता मो. अली हसन की मौत हो गयी। विधायक सरफराज आलम ने दोनों के निधन पर दुख प्रकट की। श्री आलम ने दोनों ही मृतक परिवार के परिजनों को घर पर पहुंचकर सांत्वना दी।
गिरफ्तार
जोकीहाट: जोकीहाट थाना क्षेत्र के सिमरिया पंचायत अंतर्गत बागमारा गांव निवासी मो. शफीक को गिरफ्तार कर जोकीहाट थाना पुलिस ने अररिया भेज दिया। उक्त अभियुक्त जोकीहाट थाना कांड संख्या 90/10 का आरोपी था।
कलश यात्रा
नरपतगंज: मधुरा उत्तर पंचायत के वार्ड नंबर नौ के मुसहरी टोला की सैकड़ों महिलाओं ने पुत्र के दीर्घायु व परिवार के सुख शांति के लिए कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ मुसहरी टोला से रेलवे ढाला होते हुए जेबीसी नहर पर जाकर संपन्न हुआ। कलश यात्रा को सफल बनाने में अनिता देवी, सोनिया, हेम्पी, जलसरिया, वीणा, अन्नपूर्णा देवी आदि महिलाओं की भूमिका सराहनीय रही।

पूर्णिया ने नक्सलबाड़ी को 2-1 से हराया

जोकीहाट(अररिया) : जोकीहाट फुटबाल मैदान में सोमवार को विशाल फुटबाल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बवाईस क्लब नक्सलबाड़ी (सिलीगुड़ी) एवं बिजली बोर्ड क्लब पूर्णिया के बीच खेला गया। इस रोमांचक मुकाबले में बिजली बोर्ड क्लब पूर्णिया ने बवाईस क्लब नक्सलबाड़ी को 2-1 से हराकर ट्राफी पर कब्जा जमाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक सरफराज आलम ने विजेता एवं उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया। विजेता ट्राफी बिजली बोर्ड क्लब पूर्णिया के कप्तान को सौंपा। इस बीच कमेंटेटर, रेफरी को भी खेल आयोजकों ने सम्मानित किया। खेल आयोजन के लिए विधायक सरफराज आलम ने युवा क्लब के अध्यक्ष नौशाद आलम, मो. अलीमुद्दीन, आफताब आलम, हाफिज एकराम आदि को धन्यवाद दिया।

घोटालों में रही पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता

अररिया : जिले में सरकारी योजनाओं में घपले-घोटालों में पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता उजागर किये जाने के लिए भी याद किया जायेगा बीता वर्ष 2010। दरअसल जिले में तेज तर्रार आईएएस एम सरवणन के पदस्थापन के बाद से ही यहां तह-दर-तह घपलों की फाइलें खुलनी शुरू हो गई। डेहटी पैक्स घोटाला हो या इंदिरा आवास राशि में घपला। सब में डीएम-डीडीसी से लेकर मुखियों तक की सहभागिता बीते वर्ष प्रमुखता से उजागर हुए। डेहटी पैक्सों घपला को ले जिले के आधा दर्जन बीडीओ जहां संस्पेंड हुए वहीं तत्कालीन डीएम व डीडीसी पर भी एफआईआर दर्ज हुआ। लेकिन घपले जो सबसे अधिक चर्चा में रहे वे हैं इंदिरा आवास राशि लूट में मुखियों की संलिप्तता। डीएम एम सरवणन की पहल पर कमेटी बनाकर जब हर पंचायतों में इंदिरा आवास की जांच कराई गई तो आश्चर्यजनक रूप से अधिकांश में इस योजना में गड़बड़ी पाई गई। तब उनकी पहल पर जिले के 218 पंचायतों में से करीब तीन दर्जन से अधिक मुखियों पर विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि कई मुखियों ने कोर्ट से जमानत पा लेने में सफलता पा ली है। किंतु कई दोषी मुखियों की गिरफ्तारी अभी जारी है।
फारबिसगंज के पूर्व बीडीओ अजय ठाकुर ने जोगबनी थाना कांड संख्या 11/10 दर्ज कराकर भद्रेश्वर पंचायत के मुखिया पति जय प्रकाश राम समेत कई पर जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। उन्होंने फारबिसगंज थाना कांड संख्या 27/10 दर्ज कराकर मुखिया परमानन्द यादव, वार्ड सदस्य समेत कई को भी आरोपित किया। वहीं उन्होंने फारबिसगंज थाना कांड संख्या 28/10 दर्ज कराकर ग्राम पंचायत महियारी के पूर्व मुखिया प्रदीप देव समेत कई को नामजद कराया तो फारबिसगंज थाना कांड संख्या 35/10 दर्ज कराकर हरिपुर के मुखिया पुत्र, समिति सदस्य आदि को भी नामजद कराया।
उन्होंने फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुसहरी के मुखिया पति, पंचायत समिति सदस्य आदि 14 लोगों को नामजद कर कांड संख्या 36/10 दर्ज कराया अम्हारा पंचायत मुखिया के भाई गोपाल चौधरी आदि को आरोपित किया।
उधर, अररिया प्रखंड के बीडीओ पद पर पदस्थापित रहे संजय कुमार ने अररिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर बनगामा पंचायत के मुखिया, रामपुर कोदरकट्टी पंचायत के मुखिया रईश, चातर पंचायत के मुखिया समसुद्दीन समेत कई लोगों को इंदिरा आवास योजना में हेराफेरी का आरोपी बनाया।
वहीं उन्होंने कई आरोपों को उल्लेखित करते अपने तत्कालीन निलंबित नाजीर रामेश्वर प्रसाद मंडल को अररिया कांड संख्या 3710 में नामजद किया तथा धोखाधड़ी कर सरकारी राशि का गबन का आरोप लगाया।
उधर, पलासी के बीडीओ ब्रजेश कुमार ने भी भीखा पंचायत के मुखिया पति, वार्ड सदस्य आदि बारह लोगों को आरोपित किया।
तो भरगामा प्रखंड में पूर्व पदस्थापित बीडीओ नरेश झा ने भी कांड संख्या 06/10 दर्ज कराया, जिसमें घटना तिथि एक जुलाई 06 से 29 जून, 2007 तक का उल्लेख कर रघुनाथपुर दक्षिण पंचायत के मुखिया दुर्गानंद सिंह को आरोपित किया।
कुर्साकांटा प्रखंड के बीडीओ संजय कुमार ने कांड संख्या 23/10 दर्ज कराया, जिसमें ग्राम पंचायत कुर्साकांटा के मुखिया पति चिन्तलाल मंडल, ग्राम-प. हरिरा के मुखिया सुदामा सिंह समेत करीब 16 लोगों को आरोपित किया।
जोकीहाट थाना कांड संख्या 41/10 में वहां के बीडीओ नूर अहमद शिवली ने मटियारी पंचायत के मुखिया जोहरा खातुन व अन्य समेत मुखिया पति अयुब सहित चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी तो कांड संख्या 42/10 में भगवानपुर पंचायत के मुखिया पति सैय्याद आलम, तथा कांड संख्या 43/10 ग्राम पंचायत गिरदा के मुखिया रबिना खातुन समेत दो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी।
वहीं जोकीहाट थाना कांड संख्या 44/10 में पथरावाड़ी पंचायत के पूर्व मस्लिम इस्लाम अंसारी, उप मुखिया अरशद समेत चार नामजद हुये तो ग्राम पंचायत डुब्बा के मुखिया मुन्ना के विरुद्ध भी जोकीहाट कांड संख्या 45/10 दर्ज हुआ। जोकीहाट (महलगांव) थाना कांड संख्या 48/10 में कुरसेल पंचायत के मुखिया प्रदीप कुमार यादव, कांड संख्या 49/10 में भूना पंचायत के मुखिया बीबी गुलसन, कांड संख्या 50/10 में चौकता पंचायत के मुखिया मुअज्जम, कांड संख्या 51/10 में महलगांव पंचायत के मुखिया संजय कुमार तथा कांड संख्या 52/10 में मुखिया जलालुद्दीन समेत दो को आरोपित करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गयी। वहीं चकई पंचायत ने मुखिया अशोक गुप्ता समेत दो पर मामला ठोका तो कांड संख्या 63/10 में काकान पंचायत के मुखिया मो. आरिफ समेत कई आरोपित हुये। जोकीहाट थाना कांड संख्या 64/10 में पूर्व मुखिया कौशर समेत उपमुखिया कासीम तथा कांड संख्या 65/10 में डुब्बा पंचायत के मुखिया मो. मुस्ताक को नामजद किया गया।
उधर सिकटी के बीडीओ मो. अतहर हुसैन ने पंचायत सचिव देवी सरदार समेत चार लोगों को आरोपित किया।
रानीगंज थाना कांड संख्या 50/10 में वहां पदस्थापित रह चुके बीडीओ विनोद कुमार ने कांड संख्या 50/10 दर्ज कराया, जिसमें कोशकापुर दक्षिण पंचायत के मुखिया दु:ख मोचन यादव, हांसा पंचायत के मुखिया मुली लाल मंडल समेत करीब साढ़े तीन दर्जन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया।
नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र भी इससे पीछे नहीं रहा। बीडीओ नरेश कुमार सिंह ने कांड संख्या 43/10 दर्ज कराया, जिसमें गोखलापुर के मुखिया अमीरउद्दीन, बड़हरा के पूर्व मुखिया मो. तस्लीम को आरोपित किया तो पलासी के बीडीओ रह चुके गणपति राम ने पलासी थाना कांड संख्या 44/10 दर्ज कराया, जिसमें ग्रा.-प. सुखसैना के मुखिया समेत मुखिया पुत्र रेहान समेत आठ लोगों को नामजद किया गया।
उधर फारबिसगंज के एसडीओ कुंदन कुमार ने कांड संख्या 93/10 दर्ज कराया, जिसका जालसाजी कर सरकारी राशि गबन का आरोप लगाकर बीडीओ अजय ठाकुर, कनीय अभियंता वीर बहादुर सिंह, रोजगार सेवक रंजीत कुमार, हरिपुर के मुखिया नूर मोहम्मद, अम्हारा के मुखिया प्रकाश चौधरी फारबिसगंज के अधिकारी अवधेस मंडल आदि को आरोपित किया।

धूमधाम से मनेगी कर्पूरी जयंती

अररिया : जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती आगामी 24 जनवरी को धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है। पटना में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की सफलता को लेकर सोमवार को जदयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठक जिलाध्यक्ष के आवास पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष उमेश चन्द्र राय ने किया। सर्वप्रथम मुख्यमंत्री की मां के निधन पर मृतात्मा
की शांति के लिए पांच मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष श्री राय ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आगामी 11 जनवरी को कर्पूरी ठाकुर जयंती तैयारी समिति की बैठक बुलाई गयी है। उन्होने बताया कि इस बैठक में जयंती समिति के प्रदेश संयोजक विधायक गोपाल अग्रवाल, प्रदेश महासचिव कामत भी मौजूद रहेंगे। जदयू की इस बैठक में जिला स्तरीय तैयारी समिति का भी गठन किया गया। बैठक के माध्यम से प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष श्री राय ने जदयू कार्यकर्ताओं से आगामी आहूत बैठक एवं पटना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। इस मौके पर प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष प्रो. नंद कुमार राय, अनिल कु. मंडल, सीताराम मंडल, महासचिव गिरानंद विश्वास, महेश्वरी मंडल, प्रखंड अध्यक्ष राजू कु. राय, राज कुमार राय, सचिदानंद मंडल, कृष्ण मोहन चौधरी समेत दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।

जिला बार एसोसिएशन का चुनाव 17 को

अररिया : जिला बार एसोसिएशन का चुनाव आगामी 17 जनवरी को होना तय हुआ है, इस संबंध में संघ के अधिवक्ता सदस्यों को नोटिस जारी कर दी गयी है। इस चुनाव में संघ के अध्यक्ष, महा सचिव व अंकेक्षक व अन्य पदों के अधिवक्ताओं द्वारा मतदान किया जायेगा।
जानकारी अनुसार इस चुनाव में नामांकन के लिये आगामी 12 एवं 13 जनवरी, स्क्रूटनी 14 जनवरी तथा नामांकन पत्र वापसी के लिये 15 जनवरी की तिथि निर्धारित की गयी है।

जर्जर बने हैं पुलिस थानों के भवन

अररिया : अपराध नियंत्रण की दिशा में सीमावर्ती अररिया जिले की पुलिस भले हीं सजग हो तथा अदालती फरमान के तहत अपराध कर्मियों की गिरफ्तारी बढ़ती जा रही हो। इसके बावजूद जिले के कई थानों एवं ओपी की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। आज भी कई थानों एवं ओपी को अपना भवन नहीं है और जहां हैं उनमें से अधिकतर जर्जर व खस्ताहाल बने हैं। आधुनिक सुविधाओं से वंचित इन स्थानों को देख फरियादियों के मन में कई सवाल उठते हैं। जिस कारण पुलिस सक्रियता के बाद भी अपराधियों को कोई मनोवैज्ञानिक प्रभाव नही पड़ता। वहीं दूसरे की सुरक्षा करने वाले खुद असुरक्षित है।
जिले के सीमावर्ती ओपी की तो स्थिति और बुरी है। कुर्साकांटा प्रखंड के सोना मनी गोदाम थाना अपने उद्घाटन काल से हीं भाड़े के मकान में चल रहा है, वहीं जोकीहाट के महलगांव तथा अररिया के बैरगाछी ओपी सामुदायिक भवन में चल रहा है। साथ हीं नगर परिषद क्षेत्र अररिया के पुराने बाजार आर.एस.का आउट पोस्ट भी वर्षो से भाड़े की मकान में है। यही स्थिति फुलकाहा ओपी की है जो भाड़े के एक टीन के मकान में संचालित है। इसी तरह की कमावेश स्थिति बथनाहा, घुटना व बसमतिया ओपी का भी है।
इस इलेक्ट्रोनिक युग में जहां भारत-नेपाल खुली सीमा जिले को संवेदनशील बनाये हुये हैं वहीं कहीं ओपी को अपना घर नहीं तो कई ओपी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में अपना काम निपटा रहा है। सोनामनी गोदाम जैसे आउट पोस्ट पहुंचने को लेकर लोगों को कई दिन पूर्व तैयारी के बाद भी पापड़ बेलने पड़ते हैं।
संवेदनशील इस जिले में पुलिस को सुविधा संपन्न होना तो दूर पुलिस के दायित्व का बोध दिलानेवाला स्थान स्वयं सुविधा विहीन है। साथ हीं इस स्थानों पर रहने वाले पुलिस अधिकारी भी भाड़े का मकान का प्राय: सहारा लेने को मजबूर है।
जिले में कुल 24 पुलिस थाना व ओपी हैं। परंतु वाहन, फोन, भवन व पुलिस बल की कमी इस क्षेत्र के लिये चुनौती पूर्ण है।
कई थानों में केस दर्ज कराने आये फरियादी को सादा कागज व कार्बन साथ लेकर जाना होता है। कई आउट पोस्ट चाहरदीवारी विहीन अपने को स्वयं असुरक्षित है। इन बातों के बावजूद जिले की पुलिस व पुलिस बल अपने को कितना निश्चिंत व शांत महसूस करते होंगे-यह सोचनीय है। उधर सीमा पार की भारत विरोधी गतिविधियां की चर्चा आम रहती है। जिसके लिये सीमावर्ती इस जिले की पुलिस को संसाधनों से मुस्तैद होने की जरूरत है। लेकिन कई परेशानियों से जूझ रहे यहां के पुलिस की कार्य क्षमता प्रभावित होना स्वाभाविक है तो अदालती फरमान को भी सर्वोपरि मानना उनकी बाध्यता कहलाती है। इससे फरियादों की बोझ भी बढ़ने लगता है।

बीज जनित रोग के कारण हुई आलू फसल की क्षति: राय

अररिया : केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान पटना के अध्यक्ष आरपी राय तथा वरीय वैज्ञानिक डा. शंभू कुमार ने रविवार को जिला कृषि कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिमराही में आलू फसल की क्षति के पीछे लेट ब्लाइट (पिछात झुलसा) नामक रोग का संक्रमण प्रमुख कारण है। यह एक फफूंद जनित बीमारी है तथा खराब बीज के प्रयोग के कारण होती है।
उन्होंने बताया कि रोग के संक्रमण के बाद किसानों ने दवा का छिड़काव किया। लेकिन संभव है कि दवा पूर्ण रूप से कारगर नहीं हो सकी हो। श्री राय के मुताबिक किसानों को इस प्रकार की बीमारी में एक्रोबैट नामक नई दवा का प्रयोग करना चाहिये। या माक्सीमेट (दो किग्रा प्रति हेक्टेयर प्रति एक हजार लीटर पानी के घोल में) इस्तेमाल करना चाहिये। उन्होंने ब्लाइटाक्स नामक दवा के प्रयोग की भी सलाह दी।
श्री राय ने कहा कि आलू उत्पादन करने वाले किसानों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। उनकी संस्था किसानों को प्रशिक्षण देने के लिये तैयार है।
उन्होंने इस इलाके लिये उपयुक्त आलू बीजों के बारे में भी बताया। श्री राय के अनुसार इन बीजों में कुफरी प्रजाति की अशोक, पुखराज, पुष्कर, सूर्या, चिप्सोना वन व टू, तथा लाल कलर में अरुण, कंचन, ज्योति, सिंदुरी आदि प्रमुख हैं।
वहीं, सीनियर साइंटिस्ट डा. शंभू कुमार ने बताया कि आलू की बेहतर फसल पान के लिये आलू शक्ति बीज (टीपीएस) का प्रयोग करना चाहिये। ऐसा करने से बीज जनित रोग से छुटकारा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यहां के किसान जिस आलू बीज का प्रयोग करते हैं, वह वास्तव में खाने वाला आलू है, जो बीज के लिये उपयोगी नहीं होता है।
इस अवसर पर जिला कृषि
पदाधिकारी वैद्यनाथ यादव, जिला उद्यान पदाधिकारी अनिल कुमार यादव आदि उपस्थित थे।

Monday, January 3, 2011

विषैली रोटी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग बीमार

अररिया/कुसियारगांव : नगर थाना क्षेत्र के चातर पंचायत अंतर्गत लहटोरा में सोमवार को विषैली रोटी खाने से एक हीं परिवार के पांच लोग बीमार हो गये। पांचों की स्थिति बिगड़ते देख उनके परिजनों ने उन्हें चिकित्सा के लिये सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया है। बीमार पड़े लोगों में 25 वर्षीय तहसीमा एवं 60 वर्षीय अब्दुल रईस की हालत गंभीर बतायी जा रही है जबकि तीन अन्य लोगों में 50 वर्षीय नगीना, 14 वर्षीय वाहिदा एवं 8 वर्षीय राजा की स्थिति खतरे से बाहर है। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. जे.एन माथुर ने बताया कि पांचों की स्थिति में काफी सुधार है और खतरे से बाहर है। उन्होंने भी विषैली रोटी खाने के कारण पांचों के बीमार होने की पुष्टि की। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब्दुल रईश अपने खेत में बोने के लिये गेहूं के बीज
लाया था। करीब तीन-चार किलों गेहूं बच जाने के बाद उसे तीन दिन पूर्व ही मिल से पिसा कर लाया था। पीड़ित के परिजन ने बताया कि सुबह में उसी आटा से रोटी बनायी गयी। नास्ता में पांचों ने उसी रोटी को खाया। रोटी खाने के आधा घंटा बाद सबों को उल्टी और चक्कर आना शुरू हो गया। अंत में लोगों ने उनके बिगड़ते हालात को देखते हुये उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ठंड ने जिंदगी की रफ्तार पर लगाया ब्रेक

अररिया : पछुआ सर्द हवा व कोहरे के साथ बढ़ी ठंड ने जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। नये साल की दस्तक के साथ ही मौसम ने जो करवट बदला तो लोगों के हाथ कंपकपा उठे। शनिवार को हुई झमाझम बारिश के साथ ही जिले क तापमान और नीचे चल गया है तथा लोग अपने-अपने घरों में दुबकने को विवश हो गये हैं। सड़कों पर आवाजाही बिल्कुल कम हो गयी है तथा लोगों क व्यवसाय भी प्रभावित हो गया है। यहां तक निजी व सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति कम दर्ज हो रही है। वहीं ठंड से बचाव के लिए न तो शहरी क्षेत्र में और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक कोई प्रशासनिक प्रथम शुरू नहीं किये गये हैं। यूं तो देश की राजधानी समेत आस पास के कई राज्यों में बीते वर्ष के आखिरी माह से ही ठंड ने अपनी रंगत दिखानी शुरू कर दी थी। खासकर दिल्ली का तापमान वर्ष 2010 के 15 दिसंबर के बाद से लगातार खिसक कर पांच से दस डिग्री तक चलता आ रहा है। किंतु बिहार में बीते दिसंबर माह तक ठंड ने विकराल रूप धारण नहीं किया था। खासकर बिहार के सीमांचल क्षेत्र में दिसंबर माह मं भी लगातार सूर्य के दर्शन होते आ रहे थे। जिससे ठंड का बहुत ज्यादा असर आम जीवन पर नहीं पड़ा था। लेकिन दिसंबर माह की समाप्ति के साथ ही अचानक मौसम ने अपना मिजाज बदला और सर्द पछुआ के हवा के झोंके ने हाड़ कंपाने वाली ठंड यहां भी उतार दिया। बीते माह के आखिरी सप्ताह से ही यहां सूर्य और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल शुरू हो गया। 30 दिसंबर को तो 12 बजे के बाद ही लोगों को सूर्य का दर्शन हो पाया। लेकिन 31 दिसंबर को पूरा दिन छिप-छिप कर सूर्य निकला और शाम होते-होते ठंड ने लोगों को अलाव तलाशने को मजबूर कर दिया। फिर नये साल का पहला दिन तो ठंड ने मानों विकराल रूप ही धारण कर लिया। सर्द पछुआ हवा के साथ बारिश की बौछार ने तापमान को अररिया के 10 डिग्री पर कर दिया। अधिकांश लोग पहली जनवरी को भी बाहर घूमने के बजाय घरों में रजाई के नीचे ही दुबकने को मजबूर हो गये। हालांकि काफी दिनों बाद हुई बारिश ने किसानों को राहत जरूर दी। पानी की कमी के कारण बर्बाद हो रहे रबी की फसल को जीवनदान जरूर मिला। गेहूं व मक्का की फसल में सिंचाई के लिए जहां किसान महंगे डीजल खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे वहीं बारिश की बौछार ने उन्हें राहत दिलाई। लेकिन इसके साथ ही बढ़ी ठंड ने उनका घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। खासकर दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों का बुरा हाल हो गया है। ठंड के कारण वे काम के लिए घर से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। वहीं शहरों में चल रहे निर्माण कार्य भी प्रभावित है जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गयी है। वहीं स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी काफी कम हो गयी है। जबकि निजी विद्यालयों में अब भी सुबह-सवेरे बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचते हुए देखे जा रहे हैं। उधर ठंड के कारण प्राइवेट व सरकारी दफ्तरों में भी कर्मियों व लाभुकों की उपस्थिति कम नजर आ रही है। कुल मिलाकर पूरा जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जबकि प्रशासन अब भी ठंड से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं शुरू कर पायी है। सरकार की ओर से क्षेत्र में विभिन्न चौक चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था का निर्देश दिया गया था। लेकिन जिले में यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं किया गया है। इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया किंतु शहर से बाहर रहने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

कालाबाजारियों का सेफ जोन बन रहा भरगामा

भरगामा (अररिया) : प्रशासनिक चौकसी एवं अधिकारियों के देख-रेख के बाद भी प्रखंड क्षेत्र में खाद्यान्न कालाबाजारी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह है कि खाद्यान्न के कालाबाजारी हेतु प्रखंड तथा इसके सीमावर्ती क्षेत्र, माफियाओं के लिये सुरक्षित जोन बना हुआ है।
जहां एफसीआई से लेकर अन्य तरह के खाद्यान्न का कालाबाजारी व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। ऐसा नही है कि इसकी सूचना प्रशासन को नहीं है। चंद महीने पूर्व भरगामा थाना क्षेत्र के हीं सुपौल के जदिया एवं मधेपुरा के श्रीनगर थानाक्षेत्र के खजुरी में ग्रामीणों के सहयोग से कालाबाजारी में जा रहे खाद्यान्न के एक बड़े खेफ को पकड़ा।
पुलिस ने घटना स्थान से ही बासुदेव मंडल नामक एक डीलर की गिरफ्तारी भी की। जैसा कि बताया जा रहा है इस उद्भेदन के बाद कालाबजारी पर काफी हद तक अंकुश लगा तथा खाद्यान्न माफियाओं ने पैर भी पीछे किये। किंतु महज थोड़ी हीं दिन बाद स्थिति पूर्ववत हो गयी। ऐसी निरंकुश हो चुकी व्यवस्था या माफियाओं के सशक्त नेटवर्क ही कहेंगे कि कालाबाजारी का यह धंधा निर्वाह गति से चलता रहा। करीब दो महीने पूर्व मानुलहपट्टी पंचायत में ग्रामीणों के सहयोग से हीं खाद्यान्न जप्त किया गया। इसी तरह करीब दो दिन पूर्व इसी पंचायत में खाद्यान्न
जब्ती का भी एक और मामला बना किंतु अज्ञात कारणों से मामला गुम हो गया।
इधर शनिवार को ग्रामीणों के सहयोग से खाद्यान्न बरामदी की इस घटना में एकबार फिर कई सारी सवाल खड़ा कर दिये है। जिसके बाद में प्रत्यक्ष या प्ररोक्ष रूप से स्थानीय प्रशासन की संलिप्ता भी बतायी जा रही है। खाद्यान्न कालाबाजारी की ऐसी घटना पर विराम लगाने से जहां त्वरित या कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है, वहीं प्रशासन का अगला काम देखना बाकी है।

भरगामा : मनरेगा में चलती है मनमर्जी

भरगामा (अररिया) : भरगामा प्रखंड क्षेत्र में अति महात्वाकांक्षी मनरेगा योजना कथित लूट-खसोट व अन्य कारणों से खाओ-पकाओ की योजना बन गयी है। स्थिति यह है कि योजना में पारदर्शिता रखने समेत अन्य तरह के आदेशों का अनुपालन न तो योजना के अभिकर्ता द्वारा और न ही अन्य कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। खास बात तो यह है कि इस तरह के किसी भी अनियमितता पर अंकुश लगाने की जगह अधिकारी मामले से अंजान व उदासीन बने हुए हैं।
बताते चले कि करीब तीन चार माह पूर्व खजुरी पंचायत के सरपंच टोला में योजना से सड़क में मिट्टी भराई तथा ईट सोलिंग करवाया गया। पारदर्शिता बनाये रखने हेतु कार्य स्थल पर कार्य के प्रारूप से जुड़ा सूचना पट्ट जिसमें योजना की राशि, अभिकर्ता का नाम आदि का नाम किया जाना है। वह कार्य प्रारंभ से पूर्व लगाया जाना था। लेकिन कार्य संपन्न होने के तीन, चार माह बाद भी इस तरह की कोई सूचना नहीं दी गयी तथा सूचना पट्ट खाली पड़ा है। कार्यक्रम पदाधिकारी राम गंगा ने इस तरह के किसी भी मामले से साफ इंकार किया है। जबकि प्रखंड मुख्यालय से सटे ब्राह्माण टोला में बनायी गयी सड़क एवं महादलित टोले में निर्मित सड़क और कार्यस्थल पर लगाया गया सूचना पट कार्य के नाम पर की गयी मनमानी व लूट की कहानी सुनाता प्रतीत होता है।

ठंड में वृद्धि

जोगबनी : सीमावर्ती क्षेत्र में नववर्ष के आगमन के साथ ही जारी शीतलहर से आमलोग घरों में दुबक गये हैं। शीत लहर ने आम जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। वहीं, प्रशासन द्वारा अलाव की कोई व्यवस्था नहीं किये जाने से लोगों में असंतोष है।
नये वर्ष को ले रंगारंग कार्यक्रम
जोगबनी: पुराने वर्ष की विदाई और नये वर्ष के आगमन को ले जोगबनी में युवा वर्ग द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शोक
जोगबनी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मां के निधन पर जोगबनी जदयू ने शोक व्यक्त किया है। जोगबनी नगर जदयू अध्यक्ष रामोतार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के मा के निधन पर पूरा जोगबनी जदयू शोकाकुल है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। शोक व्यक्त करने वालों में रितेश वर्मा, मंजू देवी, वासुकी नाथ राय, रामजी सिंह, मुखिया मनोज सिंह, आनंद साह, राहुल गंगावन, कौसर अंसारी, मुमताज आलम एवं नौशाद आलम आदि प्रमुख है।
जख्मी
कुसियारगांव: जोकीहाट थाना क्षेत्र के जहानपुर गांव में वाहन के चपेट में आ जाने के कारण पीके झा की 12 वर्षीय पुत्री चंदा कुमारी बुरी तरह जख्मी हो गयी, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया।

बीएसएनएल उपभोक्ता परेशान, विभाग उदासीन

कुर्साकांटा(अररिया) : पिछले एक महीने से प्रखंड मुख्यालय व आसपास के बीएसएनएल उपभोक्ता विभागीय लापरवाही के कारण परेशान हो रहे हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार बिल मिलने के पूर्व कनेक्शन को काट दिया जाता है। फिर बिल आने के बाद भुगतान कर देने के बावजूद पंद्रह दिनों तक कनेक्शन नहीं दी जाती है। इसकी शिकायत जब उपभोक्ता अनुमंडल दूर संचार पदाधिकारी अररिया से करते हैं तो उन्हें कटिहार एवं कलकत्ता से संपर्क करने की बात कहकर अपनी लाचारी व्यक्त करते हैं। वहीं स्थानीय एक्सचेंज कार्यालय जब उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर जाते हैं तो वहां ताला लटका नजर आता है। उपभोक्ताओं में प्रणव गुप्ता, जितेन्द्र सिंह, रामनाथ गुप्त, सुभाष साह आदि ने बताया कि दूर संचार की यह वर्तमान व्यवस्था से वे लोग खिन्न हो चुके हैं। कभी केबूल कटने तो कभी डायलटोन की शिकायत से लोग परेशान हो चुके हैं। शिकायत दूर करने की बात तो दूर कोई सुनने वाला भी नहीं है। स्वास्थ्य प्रबंधक प्रेरणा रानी ने बताया कि पीएचसी कुर्साकांटा का बेसिक कनेक्शन भी 20 दिनों से बाधित है। बिल मिलने के पूर्व ही सेवा को बाधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 10 दिन पूर्व ही बिल जमा कराया जा चुका है लेकिन कनेक्शन नहीं चालू की गयी है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों के परिजनों को भी काफी परेशानी झेलना पड़ रहा है।

आलू वैज्ञानिकों ने किया जिमराही का दौरा

फारबिसगंज(अररिया) : नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती गांवों में बीते दिनों सैकड़ों एकड़ जमीन पर लगी आलू की फसल के बर्बाद होने की खबर पर रविवार को केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान पटना के डायरेक्टर ने जिमराही सहित कई गांवों का दौरा कर निरीक्षण किया। किसानों को आलू फसल के खराब होने का वजह बताया। हालांकि थोड़ी देर के लिए पीड़ित किसानों के आक्रोश को भी झेलना पड़ा। बाद में समझा बुझा कर उन्हें शांत किया गया। संस्थान के अध्यक्ष डा. आरपी राय के साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. शंभू कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी अनिल कुमार यादव भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान श्री राय ने किसानों को बताया कि आलू फसल के खराब होने की वजह बीज की गुणवत्ता है। उन्होंने कहा कि फंगस के कारण ही फसल बर्बाद हुआ। वहीं मानसूनी बदलाव भी फसल के खराब होने का कारण हो सकता है। इस मौके पर श्री राय ने कहा कि अच्छे उपज के लिए आगामी छह फरवरी को 20 किसानों की टीम पटना स्थित उनके संस्थान पहुंचे जहां उन्हें आलू की खेती के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा। वहीं संस्थान की ओर से किसानों को फरवरी में दस रूपया प्रति किलो आधार बीज तथा 20 रूपया प्रशिक्षित को प्रवर्धन बीज उपलब्ध कराया जायेगा। कहा कि इस प्रशिक्षण के बाद किसान अच्छी किसान अच्छी फसल को उगा पाने में सफलता प्राप्त करेंगे। इधर तत्काल किसानों को रोगग्रस्त पौधे में विलिटाक्स नामक पीड़कनाशी का इस्तेमाल एक लीटर पानी में पांच ग्राम एक एकड़ जमीन पर 400 लीटर पानी का घोल तथा एक हेक्टेयर जमीन पर एक हजार लीटर पानी में तीन किलो दवा का छिड़काव करने की सलाह जिला उद्यान पदाधिकारी अनिल कुमार यादव ने किसानों को दी। हालांकि किसानों ने पूर्व में किये गये दवा के इस्तेमाल से ही फसल को नुकसान होने की वजह को दोहराते रहे। वहीं सरकार से फसल क्षति मुआवजा दिये जाने की बात कर करते है। इस मौके पर रामअवतार यादव, जगदीश यादव, गंगा यादव, घनश्याम यादव, शंभू यादव, योगेन्द्र यादव, मिश्रीलाल यादव, जनार्दन यादव, सदानंद साह, हेमनारायण, साह, प्रकाश मेहता, सरवर जी, राजेन्द्र मंडल सहित भारी संख्या में किसान मौजूद थे।

मैथिली युवा परिषद की बैठक आयोजित

फारबिसगंज(अररिया) : मैथिली युवा परिषद के सदस्यों की बैठक रविवार को फारबिसगंज स्थित संस्था के कार्यालय में आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा ने की। बैठक में आगामी 14 जनवरी से सुपौल जिला के प्रतापगंज के गोविंदपुर पंचायत में शहीद दरोगा सुरेन्द्र राम की स्मृति में आयोजित होने वाले खेलकूद तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनके संस्था के सदस्यों के भाग लेने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया। कार्यक्रम आयोजन में मिथिलांचल मुक्ति मोर्चा भी अपनी भूमिका निभायेंगे। आयोजित बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष बंटी यादव उर्फ नीतीश कुमार, पूर्वाचल नेपाली युवा संस्थान के अध्यक्ष अरविंद मेहता, शिवराम शर्मा, सचिव राजीव रंजन, सीताराम मंडल, मुकेश शर्मा, रमेश देव, सुरेन्द्र देव आदि उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने पकड़ा कालाबाजारी का 35 बोरा अनाज

भरगामा(अररिया) : भरगामा थाना क्षेत्र के सिरसिया कला पंचायत के भैया राम विशनपुर में शनिवार की रात बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने कालाबाजारी के लिए ले जाये जा रहे ट्रैक्टर पर लदे एफसीआई के 35 बोरी अनाज को रोका। इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस एवं प्रशासन को दी। गाड़ी चालक फरार बताया जा रहा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में रामेश्वर यादव, सुरेन्द्र यादव, कमलेश्वरी यादव, अमरेन्द्र यादव, अरूण कुमार सिंह एवं प्रदीप यादव आदि का कहना है कि एफसीआई के कम से कम 35 बोरी अनाज बिना नंबर की ट्रैक्टर पर लादकर कालाबाजारी के लिए सीमावर्ती सुपौल के जदिया थाना क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा था जो आधा किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी और एकजुट होकर अनाज को रात्रि दस बजे ले जाने के क्रम में देवनंदन यादव के घर के करीब रोक लिया। मौके पर मौजूद स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि विजय सरदार एवं वार्ड सदस्य चन्नर सरदार सहित बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने भी अनाज स्थानीय डीलर जगनाथ यादव के होने की आशंका जतायी है। हालांकि इस संबंध में स्थानीय डीलर जगनाथ यादव ने कुछ कहने से इंकार किया। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी मणिमाला ने छानबीन करवाने की बात कही है।

बिस्तर में लगी आग, बच्चे की मौत

कुसियारगांव (अररिया) : प्रखंड क्षेत्र के रामपुर मोहनपुर पश्चिम भाग में शनिवार की देर शाम बिस्तर में आग लग जाने के कारण चार माह के बच्चे की मौत हो गयी। वहीं बचाने के क्रम में बच्चे की मां झुलस गयी। जानकारी अनुसार में शमशाद की पत्‍‌नी साबरा खातून किसी काम को लेकर बगल के घर गयी थी और बच्ची बिस्तर पर सोई थी की अचानक ढिबरी पलट गयी। धुआं देख जबतक मां आती तबतक बच्चा बुरी तरह जल गया था। उसे बचाने के क्रम में मां भी झुलस गयी। दोनों पीड़ितों को इलाज के लिए सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया गया जहां बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

बीज जनित रोग के कारण हुई आलू फसल की क्षति: राय

अररिया : केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान पटना के अध्यक्ष आरपी राय तथा वरीय वैज्ञानिक डा. शंभू कुमार ने रविवार को अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत जिमराही गांव का दौरा कर आलू फसल की क्षति का जायजा लिया और किसानों को रोग से निदान संबंधी जानकारी दी।
बाद में जिला कृषि कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री राय ने बताया कि जिमराही में आलू फसल की क्षति के पीछे लेट ब्लाइट (पिछात झुलसा) नामक रोग का संक्रमण प्रमुख कारण है। यह एक फफूंद जनित बीमारी है तथा खराब बीज के प्रयोग के कारण होती है।
उन्होंने बताया कि रोग के संक्रमण के बाद किसानों ने दवा का छिड़काव किया। लेकिन संभव है कि दवा पूर्ण रूप से कारगर नहीं हो सकी हो। श्री राय के मुताबिक किसानों को इस प्रकार की बीमारी में एक्रोबैट नामक नई दवा का प्रयोग करना चाहिये। या माक्सीमेट (दो किग्रा प्रति हेक्टेयर प्रति एक हजार लीटर पानी के घोल में) इस्तेमाल करना चाहिये। उन्होंने ब्लाइटाक्स नामक दवा के प्रयोग की भी सलाह दी।
श्री राय ने कहा कि आलू उत्पादन करने वाले किसानों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है। उनकी संस्था किसानों को प्रशिक्षण देने के लिये तैयार है।
उन्होंने इस इलाके लिये उपयुक्त आलू बीजों के बारे में भी बताया। श्री राय के अनुसार इन बीजों में कुफरी प्रजाति की अशोक, पुखराज, पुष्कर, सूर्या, चिप्सोना वन व टू, तथा लाल कलर में अरुण, कंचन, ज्योति, सिंदुरी आदि प्रमुख हैं।
वहीं, सीनियर साइंटिस्ट डा. शंभू कुमार ने बताया कि आलू की बेहतर फसल पान के लिये आलू शक्ति बीज (टीपीएस) का प्रयोग करना चाहिये। ऐसा करने से बीज जनित रोग से छुटकारा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यहां के किसान जिस आलू बीज का प्रयोग करते हैं, वह वास्तव में खाने वाला आलू है, जो बीज के लिये उपयोगी नहीं होता है।
इस अवसर पर जिला कृषि
पदाधिकारी वैद्यनाथ यादव, जिला उद्यान पदाधिकारी अनिल कुमार यादव आदि उपस्थित थे।

जर्जर बने हैं पुलिस थानों के भवन

अररिया : अपराध नियंत्रण की दिशा में सीमावर्ती अररिया जिले की पुलिस भले हीं सजग हो तथा अदालती फरमान के तहत अपराध कर्मियों की गिरफ्तारी बढ़ती जा रही हो। इसके बावजूद जिले के कई थानों एवं ओपी की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। आज भी कई थानों एवं ओपी को अपना भवन नहीं है और जहां हैं उनमें से अधिकतर जर्जर व खस्ताहाल बने हैं। आधुनिक सुविधाओं से वंचित इन स्थानों को देख फरियादियों के मन में कई सवाल उठते हैं। जिस कारण पुलिस सक्रियता के बाद भी अपराधियों को कोई मनोवैज्ञानिक प्रभाव नही पड़ता। वहीं दूसरे की सुरक्षा करने वाले खुद असुरक्षित है।
जिले के सीमावर्ती ओपी की तो स्थिति और बुरी है। कुर्साकांटा प्रखंड के सोना मनी गोदाम थाना अपने उद्घाटन काल से हीं भाड़े के मकान में चल रहा है, वहीं जोकीहाट के महलगांव तथा अररिया के बैरगाछी ओपी सामुदायिक भवन में चल रहा है। साथ हीं नगर परिषद क्षेत्र अररिया के पुराने बाजार आर.एस.का आउट पोस्ट भी वर्षो से भाड़े की मकान में है। यही स्थिति फुलकाहा ओपी की है जो भाड़े के एक टीन के मकान में संचालित है। इसी तरह की कमावेश स्थिति बथनाहा, घुटना व बसमतिया ओपी का भी है।
इस इलेक्ट्रोनिक युग में जहां भारत-नेपाल खुली सीमा जिले को संवेदनशील बनाये हुये हैं वहीं कहीं ओपी को अपना घर नहीं तो कई ओपी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में अपना काम निपटा रहा है। सोनामनी गोदाम जैसे आउट पोस्ट पहुंचने को लेकर लोगों को कई दिन पूर्व तैयारी के बाद भी पापड़ बेलने पड़ते हैं।
संवेदनशील इस जिले में पुलिस को सुविधा संपन्न होना तो दूर पुलिस के दायित्व का बोध दिलानेवाला स्थान स्वयं सुविधा विहीन है। साथ हीं इस स्थानों पर रहने वाले पुलिस अधिकारी भी भाड़े का मकान का प्राय: सहारा लेने को मजबूर है।
जिले में कुल 24 पुलिस थाना व ओपी हैं। परंतु वाहन, फोन, भवन व पुलिस बल की कमी इस क्षेत्र के लिये चुनौती पूर्ण है।
कई थानों में केस दर्ज कराने आये फरियादी को सादा कागज व कार्बन साथ लेकर जाना होता है। कई आउट पोस्ट चाहरदीवारी विहीन अपने को स्वयं असुरक्षित है। इन बातों के बावजूद जिले की पुलिस व पुलिस बल अपने को कितना निश्चिंत व शांत महसूस करते होंगे-यह सोचनीय है। उधर सीमा पार की भारत विरोधी गतिविधियां की चर्चा आम रहती है। जिसके लिये सीमावर्ती इस जिले की पुलिस को संसाधनों से मुस्तैद होने की जरूरत है। लेकिन कई परेशानियों से जूझ रहे यहां के पुलिस की कार्य क्षमता प्रभावित होना स्वाभाविक है तो अदालती फरमान को भी सर्वोपरि मानना उनकी बाध्यता कहलाती है। इससे फरियादों की बोझ भी बढ़ने लगता है।

कार्यपालिका की सुस्ती से बढ़ रहे लंबित मामले

अररिया : सीमावर्ती अररिया जिला के अधिकतर लोग गरीबी व तंगहाली के शिकार है, जो अपनी कई परेशानियों के कारण अदालत का दरवाजा खटखटाते रहे है। परंतु कार्यपालिका की सुस्त गति के कारण जहां लंबित मामले में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं न्यायार्थी न्याय के लिये तड़प रहे हैं।
विधि के जानकारों के अनुसार अगर तमाम व्यावहारिक दिक्कतों के बाद भी बुनियादी मामलों के अगर कार्यपालिका का ईमानदारी पूर्ण प्रशासनिक सहयोग मिले तो लोगों को सस्ता एवं शुलभ न्याय मिलेगा। परंतु एक ओर अररिया में अब भी न्यायाधीश की कमी, अदालत से जारी सम्मन की तामिला में देरी, आरोपियों की उपस्थिति में हो रहे बिलंब, अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आरोपियों को हाजिर कराने में आनेवाली अड़चनें लंबित मामले निष्पादन में बाधा है।
सबसे बड़ी समस्या आपराधिक मामलों में सम्मन व वारंट का है, जिसकी तामिला की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की तत्परता पर निर्भर है। परंतु समय पर इन आदेशों का तामिला नहीं हो पाता और इस बीच अदालतों में तारीख-दर-तारीख पड़ते हैं, जिससे अदालत का कार्य बाधित रहता है।
उधर जिले में पुलिस के उपर अपराध पर काबू पाने की जिम्मेदारी के कारण इस ओर तत्परता का अभाव होता है। अदालत में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ का कारक है तो यह मुद्दा बड़ा है।
अररिया की अदालत में हाल में दिये गये निर्णयों पर गौर किया जाय तो त्वरित न्याय दिलाने की कड़े परते उजागर होती दिखती है। न्यायार्थियों के चप्पलें घिस जाते है तथा घर के बीट्टे बेच दिये जाते हैं, बावजूद काफी देरी से उन्हें मिले इंसाफ का मूल कारण साक्ष्यों की उपस्थिति सामने आते रही है।
समान न्याय व्यवस्था के इस देश में आम नागरिक अब भी इससे कतिपय कारणों से वंचित है तथा धरातल पर सरकारी घोषणाओं की हवा निकलती दिखती अपने पक्ष में करने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे है तो गरीब लोग विपन्नतावष न्याय पाने के लिये कचहरी का चक्कर काटने को विवश है। एक ओर जिले में आपराधिक मामलों के बढ़ने का मुख्य कारण तस्करी एवं घोटालेवाजी रहा है तो भू-विवाद भी आपराधिक मामले के पीछे मूल वजह कहा जाता है। परंतु कुर्साकांटा समेत कई अंचलों में नामांतरण मामले के निष्पादन में दूलमूल रवैया स्वामित्व के गलत व्योरे के कारण जमीन बिकने, भू-विवाद में मामले के निष्पादन की प्रक्रिया लंबी होने आदि है। अररिया में वर्तमान में एकमात्र ए.डी.जे प्रथम समेत छ: फास्ट ट्रैक कोर्ट है। जमानत अर्जी की सुनवाई ए.डी.जे. कोर्ट में होती है परंतु जमानत अर्जी सुनवाई के दौरान मांगी गयी केश डायरी समय पर उपलब्ध नहीं होते, जिस कारण सुनवाई टलती रही है। तो अदालत को डी.जी.पी. बिहार तक सख्त रूख दिखाते पत्र जारी किया जा रहा है।
अदालत में कई ऐसे मामले है, जिसमें अपराधियों के विरुद्ध गवाह अपनी गवाही देने का साहस नही कर पात। उधर मामले का मुख्य गवाह जहां 'होस्टाईल' होते रहे है, वहीं अनुसंधानकर्ता कई मामलों में हाजिर नहीं होते। पुलिस थाने में दर्ज रपटो का सरकार की ओर से नियुक्त अभियोग पक्ष पैरवी करते हैं, परंतु मामले दर्ज के मुकावले सरकार कितने वाद जीतते रही है?

नामजद प्राथमिकी

पलासी: थाना क्षेत्र के बानसर गांव निवासी बीबी जुमेरा ने पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट व छिनतई का आरोप लगाते हुए गांव के ही चार व्यक्तियों के विरूद्ध पलासी थाना में एक नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है।
शोक सभा
पलासी: प्रखंड जदयु कार्यकत्र्ताओं ने रविवार को जदयु कार्यालय प्रांगण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मातृशोक पर एक शोक सभा आयोजित की।
मिलावट
रेणुग्राम: प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों व बाजारों में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री इन दिनों धड़ल्ले से जारी है। अधिक मुनाफे के चक्कर में दुकानदारों द्वारा आटा, नमक, हल्दी, तेज, मिठाईयां सतित अन्य वस्तुओं मं मिलावट की जा रही है।
विफल
रेणुग्राम: प्रखंड के दर्जनों गांव में संपूर्ण स्वच्छता अभियान विफल साबित हो रहा है। आज भी अधिकांश ग्रामीण शौचालय की सुविधा से वंचित हैं। गांव में साफ-सफाई का भी काम ठप है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

अपने अस्तित्व पर आंसू बहा रहा बरदाहा का मार्केटिंग शेड

सिकटी(अररिया) : प्रखंड क्षेत्र के बरदाहा बाजार में निर्मित मार्केटिंग शेड अपने अस्तित्व पर आंसू बहा रहा है। कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है। बरदाहा बाजार में निर्मित मार्केटिंग शेड कभी भी गिर सकता है। जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उपेक्षा के कारण मार्केटिंग शेड की मरम्मत तक नहीं करायी गयी। जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। ज्ञात हो कि इस शेड का निर्माण 1983-84 में तत्कालीन विधायक उजीमुद्दीन द्वारा किया गया था। इस शेड के मरम्मत नहीं होने के कारण कभी भी वह टूटकर गिर सकता है। जबकि बरदाहा बाजार में मंगलवार व शुक्रवार को हाट लगता है और बाकी दिनों में यहां के लोगों द्वारा उस मार्केटिंग शेड के अंदर सामान खरीदते व बेचते है। शेड का उपरी भाग काफी दरक गया है। खंभा भी कभी भी गिर सकता है उसके अंदर दर्जनों लोग सामान खरीदते व बेचते है। भीड़ भाड़ वाले जगहों पर शेड कभी भी गिर सकता है। यहां के लोगों द्वारा विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। लेकिन अब तक उस पर कोई पहल नहीं हो सका। रमेश आडवाणी, लालन, रिंकू मंडल, संजय सिंह, वरूण कुमार आदि लोगों ने बताया कि इस बाजार से सरकार को लाखों का राजस्व प्राप्त होता है लेकिन सरकार का इस बाजार की तरफ कोई ध्यान नहीं है। यहां के दर्जनों लोगों ने बताया कि शेड को तोड़ दिया जाय जिससे हाट में काफी जगह हो जायेगा। जिससे यहां के लोगों को भी हाट में आसानी से अपना सामान खरीद व बेच सकते है।

टांका काटने के बाद महिला की हालत गंभीर

कुसियारगांव(अररिया) : रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के चरचना भतवाही स्कूल में 9 दिन पूर्व आयोजित परिवार नियोजन आपरेशन कैंप में टांका काटने के बाद एक महिला की स्थिति गंभीर हो गयी। परिजन बेदा नन्द पासवान, दयानन्द पासवान ने बताया कि महिला को सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया जहां से बेहतर इलाज के लिए उसे बाहर रेफर कर दिया गया। लेकिन आपरेशन के लिए हम लोगों को इतना रुपया नहीं हैं कि बाहर से इलाज करवा सकें।

फिर लटका महादलित बस्ती में विद्युतीकरण

रेणुग्राम(अररिया) : फारबिसगंज प्रखंड के पूरबी औराही पंचायत के महादलित गांव में विद्युतीकरण का मामला एक बार फिर अधर में लटक गया है। बिजली की आस छोड़ चुके लोगों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले वर्ष रेणुग्राम सिमराहा भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित होने के बाद लोगों में यह आस जगी थी कि अब उन्हें बिजली मिलेगी। पंचायत के महादलित बहुल गांव टप्पू टोला के लोगों ने जिले के वरीय पदाधिकारी से लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों के सामने गांव में बिजली ट्रांसफार्मर के लिए गुहार लगायी थी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम समय सिमराहा मिड्ल स्कूल में ग्रामीणों की समस्या से संबंधित शिविर भी लगा था। जिसमें ग्रामीणों ने आवेदन भी दिये और मौखिक रूप से कहा भी गया था। बात मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचे इसलिए विभागीय अधिकारी ने गांव का दौरा भी किया और आस पास में बिजली व्यवस्था दुरूस्त भी किया गया एवं ऐसा लगने लगा कि अब शीघ्र ही इन गांवों में भी बिजली की रोशनी देने लगेगी। लेकिन 30 मई को मुख्यमंत्री का विश्वास यात्रा के दौरान पंचायत भ्रमण कर वापस लौटने के बाद मामला शांत हो गया। टप्पू टोला निवासी हरखलाल ऋषिदेव, तीर्थानंद ऋषिदेव, शिशुपाल, चौठी, गुलाबचंद ऋषिदेव ने बताया कि वे वर्षो से अपने गांव में बिजली लगाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। गांव के अगल-बगल बिजली का तार भी गया है। केवल एक ट्रांसफार्मर लगने से गांव में बिजली पहुंच सकती है। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया है।

मुख्यमंत्री की मां के निधन पर शोकसभा आयोजित

फारबिसगंज(अररिया) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मां परमेश्वरी देवी के निधन पर फारबिसगंज जदयू कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है। रविवार को स्थानीय मारवाड़ी अतिथि सदन में जदयू के नगर अध्यक्ष नौशाद आलम की अध्यक्षता में शोकसभा का आयोजन किया गया जिसमें दो मिनट का मौन रख मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर युवा जदयू के जिलाध्यक्ष रमेश सिंह, पवन मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष जदयू किशोर कुमार राय, प्रखंड अध्यक्ष सीता देवी, कार्यकारी नगर अध्यक्ष राजू पासवान, नगर उपाध्यक्ष उमेश कुमार, गोपाल राय, रघुवीर ठाकुर, शिव प्रकाश भगत, विनोद गुप्ता, मीना झा, विजय स्वर्णकार, संजय साह, राज बल्लभ श्रीवास्तव, विशाल सोनी, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह, राजदेव मंडल, मनोज ठाकुर, दीपक दास, रामानंद ठाकुर आदि उपस्थित थे।

भक्ति बाजार में ईश्वर से भक्तों का आध्यात्मिक मिलन: राधेय

फारबिसगंज(अररिया) : सर्वधर्म समन्वय सनातन भागवत परिसर फारबिसगंज के द्वारा शनिवार की संध्या भक्ति बाजार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं-युवतियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उक्त कार्यक्रम में अपना योगदान दिया। इस मौके पर कतारबद्ध तरीके से बैठकर श्रद्धालुओं ने दीपक जलाकर ईश्वर की वंदना एवं स्तुति की। कार्यक्रम में उपस्थित सरल संत श्री नारायण दास जी महाराज राधेय ने भक्ति बाजार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उक्त बाजार में ईश्वर से भक्तजनों का आध्यात्मिक मिलन होता है। जहां शांति एवं सदभाव होता है वहीं ईश्वर भी निवास करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भी श्रीकृष्ण, श्री राम का वेशभूषा धारण कर अपना योगदान दिया। इस मौके पर प्रवचनकत्र्ता श्री राघेय ने 8 दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण मथुरा की ओर से सम्मान स्वरूप पट्टा तथा सदस्यता का प्रमाण पत्र भेंट किया। कार्यक्रम में आश्रम से आये हुए रंजीत बाबा, अमरदीप बाबा, रंजन बाबा, दास बाबा, चंदन बाबा के अलावा आयोजक रानी कुमारी, प्रताप नारायण, मंडल, अनिल यादव, लाभ जी, गौरी शंकर मंडल, संजय झा सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

काली मेला खो रहा अपना गौरवपूर्ण इतिहास

फारबिसगंज (अररिया) : फारबिसगंज का ऐतिहासिक काली पूजा मेला वकत के पेशे तथा प्रशासनिक उदासीनता के बलिवेदी पर चढ़ अपना गौरवशाली इतिहास खोने के कगार पर है। सोनपुर मेला की तर्ज पर सीमाचल में अपनी पहचान बनाने वाला यह मेला असुरक्षा की भावना तथा आधुनिकता की मार ने काफी हद तक प्रभावित किया है। प्रत्येक वर्ष काली पूजा के अवसर पर अक्टूबर माह में लगने वाला उक्त ऐतिहासिक मेला आज अपने अस्तित्व को बचाने में लगा हुआ है। कहते हैं नब्बे के दशक तक मेला लगने के साथ ही सीमाचल के अररिया जिला, किशनगंज, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार समेत पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से बड़ी संख्या में लोग फुरसत के क्षण निकाल कर विशेषकर मेले का आनंद उठाने आते थे। दर्शकों की भीड़ से पुरा मेला परिसर खचाखच भड़ा रहता था वहीं एक से बढ़कर एक नाच, तमाशे वाले, विभिन्न कंपनियों के स्टाल, मीना बाजार, बम्बई बाजार, खान-पान की दुकानें सहित पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए वृहत पैमाने पर पशु मेला भी लगता था जिसमें बिहार प्रदेश के अलावे कई अन्य प्रदेशों से उंट, हाथी, घोड़ा, भेड़, बकरी, गाय, भैस आदि के विभिन्न नशलों की खरीद बिक्री आकर्षण को केन्द्र था वहीं व्यापारी का लाभ तथा सरकारी खाजाने में भी राजस्व प्राप्त होता था। किंतु नब्वे के दशक के बाद मेले में बढ़ी आपराधिक घटना तथा प्रशासनिक बेरूखी ने मेला के प्रति लोगों का आकर्षण को कम करती चली गयी। वहीं दुराज से आने वाले दुकानदारों, खेल-तमाशे वालों तथा स्थानीय दुकानदारों का मोह धीरे-धीरे भंग करती चली गई। आज आलम यह है कि यह मेला नाम मात्र का रह गया है। अश्लील थियेटर, जुआघर, होजी, बीडीओ हाल तक यह सिमट कर रह गया है। शाम ढलते ही मेले से खासकर महिलाओं को आना सुरक्षित नहीं माना जाता है। वहीं शराब व्यवसाय का भी यह मेला अच्छा ठिकाना बन गया है। इक्के-दुक्के दुकानदार खेल तमाशें वाले भय के माहौल में मेला में अपनी दुकानें सजाते है। प्रशासनिक स्तर पर भी ढिला, ढाल सुरक्षा व्यवसाय मेले की रही खई कसर भी पुरा कर देता है। मेला के लगते ही चोरी, छिनतई की घटनाओं में खासी वृद्धि हो जाती है। बड़ी पशु मेला की भी स्थिति जर्जर हो चुकी दिखती है। ऐसे में अपनी गौरवमयी इतिहास को बचा पाने में यह मेला कितनी सार्थक हो सकती है। यह सोचनीय मुद्दा है बावजूद इसके पिछले कुछ वर्षो से स्थानीय लोग मेले की दशा और दिशा सुधारने में जुटे हैं किंतु प्रशासन अब इस ओर कोई ध्यान नहीं दे पा रही है। कारणवश सरकार को राजस्व क्षति तथा आम लोगों के लिए मनोरंजन का यह केन्द्र धुंधला हो रहा है।

अररिया: बदलने लगी है कार्य संस्कृति

अररिया : रंगदारी व चंदाखोरी पर लगाम कसने तथा ला एंड ऑर्डर में सुधार के बाद जिले का आर्थिक व शैक्षिक परिदृश्य बदल रहा है।
जिले के प्रमुख बाजारों में नित दिन खुल रहे बड़ी कंपनियों के शोरूम तथा उनके प्रबंधन द्वारा आमजन के साथ इंटरएक्शन के प्रयास देख ऐसा लगता है कि जिले में एक नयी कार्य संस्कृति विकसित हो रही है।
बाजार पर नजर दौड़ायें तो साफ है कि कुछ समय पूर्व तक अररिया जिले में दोपहिया वाहनों, ट्रैक्टर, सिंचाई पंप सेट आदि के शोरूम नगण्य थे। किसानों को ट्रैक्टर आदि की खरीद के लिये पूर्णिया या कटिहार जाना पड़ता था। लेकिन अररिया के किसान अब रोटावेटर, फसल कटाई मशीन,जेसीबी, जीरो टीलेज मशीन जैसे आधुनिकतम उपकरणों से रूबरू हो रहे हैं। जिला मुख्यालय व फारबिसगंज अनुमंडल मुख्यालय में दोपहिया वाहन व ट्रैक्टर की कोई ऐसी कंपनी नहीं होगी, जिसके शोरूम न हों। विगत पांच सात वर्ष में ही अररिया में ट्रैक्टरों के पांच तथा मोटरसाइकिल के सात शोरूम खुले हैं।
शहर में कार्यरत हीरो होंडा शोरूम के डायरेक्टर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि अब अररिया जैसे जिले में भी काम करने में आनंद आता है। किसी प्रकार का दबाव नहीं। जबकि पहले चंदाखोरी व रंगदारी से लोग त्रस्त रहते थे। उन्होंने बताया कि उद्यमियों को चाहिये सपोर्टिग वातावरण, वह अब मिल रहा है। वहीं, थोक दवा का कारोबार करने वाले एक व्यवसायी की मानें तो प्रदेश में राजग की सरकार आने के बाद व्यवसाय व कारोबार की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है।
क्योंकि गुंडागर्दी व आपराधिक घटनाएं कम हुई हैं।
वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी परिदृश्य व कार्य करने की संस्कृति बदल रही है। यह बदलती कार्य संस्कृति का ही परिणाम है कि अररिया जैसी जगह में अब अनिवासी भारतीय इंजीनियरिंग कालेज खोलने की बात कर रहे हैं। बिहारी अस्मिता सम्मान से विभूषित आस्ट्रेलिया में रह रहे एनआरआई अमित कुमार दास ने विगत दिनों फारबिसगंज के निकट अपने पिता के नाम पर तकनीकी संस्थान खोलने की बात कही।
वहीं, एक बड़े कारोबारी ने बताया कि सरकार की तरफ से अररिया जैसे पिछड़े जिले में उद्यमियों को अगर प्रोत्साहित किया जाय तो विकास की गति तेज होगी तथा पिछड़ेपन से भी निजात मिलेगी।
विगत एक साल के घटनाक्रम पर ही नजर दौड़ाएं तो साफ है कि अब बदलाव आ रहा है। उर्वरक, बीज व पेस्टीसाइट बनाने वाली कंपनियां अब गांवों में शिविर लगाकर सीधे किसानों से संवाद कर रही हैं।
बड़ी कंपनियों की नजर गांवों पर है और वे जिले के गांवों को अपने लिये बाजार के रूप में देख रही हैं। वर्क कल्चर में परिवर्तन की रफ्तार अभी भले ही कम लग रही हो, नये साल में इसका प्रभाव खुल कर सामने आयेगा।

मुख्यमंत्री की मां के निधन पर कार्यकर्ताओं में शोक

अररिया : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मां परमेश्वरी देवी के निधन की खबर सुनते ही अररिया जदयू कार्यकर्ताओं में शोक व्याप्त है। रविवार को जिला जदयू कार्यकर्ता एवं जोकीहाट के विधायक ने बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखा। मौके पर कार्यकर्ताओं ने दुख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री को सांत्वना संदेश भेजा है। शोक सभा में विधायक सरफराज आलम, पूर्व विधायक मंजर आलम, जिलाध्यक्ष नौशाद आलम, पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. तसलीमुद्दीन, प्रखंड अध्यक्ष मो. जियाउल्लाह, प्रो. रकीब, रेशम लाल पासवान, सविता सिंह, रमेश सिंह, अबु समा, मोअज्जम आलम, पवन मिश्रा, शौकत अली, शैलेश सुमन, सुनील कुमार आदि मौजूद थे। वहीं छात्र जदयू कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सभी कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखा तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा की अध्यक्षता राजा मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष शशांक मिश्रा, नगर अध्यक्ष रणवीर कुमार सिंह, सांतनु कुमार, राजीव ठाकुर, प्रवक्ता राजीव रंजन, मनीष राय, रवि राज, अनिल मंडल, फारूख आलम, रवि कुमार, सुनील श्रीवास्तव, बबलू कुमार आदि मौजूद थे।

बगैर दवा के इलाज संभव: डा. दास

अररिया, संस: क्या ऐसा संभव है कि बगैर दवा खिलाये किसी भी बीमारी का इलाज हो इन बातों पर शायद किसी को विश्वास नहीं हो सकता और सुनने में भी अटपटा जरूर लगता है लेकिन होमियोपैथ में ड्रग ट्रांसमीशन से ऐसा संभव है। होमियोपैथ चिकित्सक डा. डीएल दास और डा. नाजिया परवीन ने बताया कि होमियोपैथ की इस चिकित्सा पद्धति में रोगी के सर से एक बाल उखाड़कर संबंधित दवा के संपर्क में लाया जाता है। तरल दवा के संपर्क में आने के दो मिनट में दवा का प्रभाव दिखायी देना शुरू हो जाता है। डा. दास ने बताया कि इस प्रकार के इलाज में साइड इफेक्ट नहीं होता है तथा हर प्रकार की बीमारी का इलाज संभव है।
दिलचस्प बात यह है कि इस पद्धति में दवा खरीदने का झंझट नहीं है। डा. नाजिया परवीन ने बताया कि यह पद्धति पागलपन और मानसिक रोगियों के लिए भी लाभदायक है।

21 साल में भी नहीं बढ़ी औद्योगिक क्षेत्र की गाड़ी

अररिया : अररिया को जिला बने 21 वर्ष होने को है। लेकिन उद्योग धंधे के क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय कार्य यहां नहीं हो सका है। जिससे यहां के लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल सके। जिला उद्योग केंद्र भी अपने उद्देश्यों की प्राप्ति में विफल ही साबित हुई है। जिस कारण जिले के लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीदों पर पानी फिर गया। उद्योग विहीन जिला होने के कारण यहां के लोग रोजाना सैकड़ों की संख्या में दिल्ली, पंजाब, लुधियाना, हरियाणा, मुंबई आदि बड़े शहरों के लिए पलायन कर रहे है। भारत सरकार द्वारा 1978 ई. में ही जिला उद्योग केंद्र की स्थापना की गयी। लेकिन केंद्र अभी तक जिले में लघु उद्योग इकाईयों की स्थापना में कोई उल्लेखनीय भूमिका अदा नहीं कर पाया है। केंद्र की स्थापना काल में इसके अधिकारी लीड बैंक के प्रबंधक पालिटेक्निक के व्याख्याता, खादी ग्रामोद्योग के प्रतिनिधि होते थे। परंतु वर्तमान में जिला उद्योग केंद्र राज्य सरकार के अधीन काम कर रही है। 1978 ई. से वित्तीय वर्ष 2007-08 तक तो भारत सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री रोजगार योजना के माध्यम से बेरोजगार युवक, युवतियों को बैंक से ऋण उपलब्ध करा कर स्वनियोजित किया जाता था। लेकिन वित्तीय वर्ष 08-09 से बंद कर दिया गया। 15 अगस्त 2008 को प्रधानमंत्री ने एक नयी योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की घोषणा की। परंतु यह योजना जिले में अब तक सफल नहीं हो पायी है। जिला अपने 22 वें स्थापना दिवस मनाने की तैयारी में जुटा है। लेकिन इन लंबे अवधि में बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हो पाया। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ खोखली घोषणाएं की और प्रशासनिक स्तर से कागजी खानापूर्ति की गयी। उद्योग केंद्र के रिपोर्ट के अनुसार जिले में दस बड़े उद्योग कार्यरत है। लेकिन अधिक से अधिक फारबिसगंज अनुमंडल में है। इनमें से मुख्य रूप से हिमालय एग्रो केमिकल प्रा.लि. बिहार एग्रो इंड. के उत्पाद मिश्रित खाद है। जबकि शिव विजय उद्योग फारबिसगंज, गोलछा राइस मिल फारबिसगंज में चावल व राइस ब्रान का निर्माण होना है। वहीं गोलछा फ्लावर मिल प्रा.लि. फारबिसगंज में आटा, मैदा, सुजी तथा एसएम हैंडलूम उद्योग नरपतगंज में हैंडलूम वस्त्र का उत्पादन होता है। जिला मुख्यालय से सटे हड़ियाबाड़ा में सहारा बैंक द्वारा कुछ वर्ष पूर्व एक जूट आधारित प्रोजेक्ट लगाकर जिले के लोगों के मन में रोजगार की आस जगायी लेकिन वह पूरा नहीं हो पाया। उक्त उद्योग की हालत भी खस्ता हो गयी और जिले के लोगो को आशा के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पाया।
बाक्स के लिए
बैंक टारगेट का निकाल रहे कबाड़ा: महाप्रबंधक
अररिया: सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में अवस्थित जिला जिस तरह उद्योग विहीन है। ऐसी परिस्थिति में उद्योग केंद्र एवं बैंक को आपसी समन्वय स्थापित कर ऋण उपलब्ध कराकर लोगों को रोजगार मुहैया कराना चाहिए। लेकिन सरकारी अधिकारी व विभाग इस ओर उदासीन नजर आ रहे है। वित्तीय वर्ष 2010-11 के दस माह का समय गुजर गया लेकिन पीएमईजीपी योजना का लक्ष्य पचास फीसदी भी पूरी नहीं हो पायी है। इस योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र को 64, खादी ग्राम बोर्ड आयोग को 48, एवं खादी ग्रामोद्योग आयोग को 48 व्यक्तियों को वित्त पोषित कर रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया लेकिन यह दो अंकों तक नहीं पहुंच पाया है। जब इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रामानंद प्र. शर्मा से पूछा गया तो वे इसका ठिकरा बैंकों पर फोड़ रहे है। उन्होंने बताया कि एसबीआई, सीबीआई बैंक छोड़कर यूबीजीबी, यूको आदि बैंक टारगेट का कबाड़ा निकाल रहे है। उन्होंने कहा कि केंद्र के द्वारा 140 आवेदन पत्र विभिन्न बैंकों को पोषित करने के लिए भेजा गया है। लेकिन उस आवेदन पर अब तक रिसपांस नहीं लिया गया।

सत्संग मंदिर में सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर आयोजित

अररिया : लच्छन जी महाराज के परिनिर्वाण दिवस पर अररिया के महर्षि मेंही सत्संग मंदिर में सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भागलपुर के कुप्पाघाट से आये विवेकानन्द जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्य वचन से अवगत कराते हुये ध्यान व साधना का महत्व बताया। मौके पर आयोजकों की ओर से बताया गया कि यह कार्यक्रम गत 30 दिसंबर से शुरू किया गया है जो आगामी पांच दिसंबर को लच्छन जी महाराज के परिनिर्वाण दिवस पर खत्म होगा। इस अवसर पर शिविर में नारायण बाबा, खन्ना बाबा ने भी सत्संग व प्रवचन का लाभ श्रद्धालुओं को दिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिवक्ता श्यामलाल यादव, राजेन्द्र प्रसाद रजक, युगेश यादव, दिलीप साह, राज किशोर साह, महेन्द्र साह, ओम प्रकाश सिंह, रूप नारायण जी, तारानन्द जी, विनय कुमार आदि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।

हथियार व लूटी मोटर साइकिल के साथ चार गिरफ्तार

अररिया : नव वर्ष की पहली तारीख को ही नगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने शनिवार को बुआरीबाध स्थित नहर किनारे किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की रणनीति बनाते चार कुख्यात अपराधियों को दबोच लिया। जबकि एक अन्य भागने में सफल रहा। पुलिस ने अपराधियों के पास से तीन चाकू, दो डैगर, एक जिंदा कारतूस, तीन बोतल विदेशी एवं चार पाउच देशी शराब, दो लूटी हुई मोटर साइकिल के अलावा सिगरेट के डिब्बे में भारी मात्रा में मोबाइल भाउचर बरामद किया है। गिरफ्तार अपराधियों में मो. दिलशाद जोगबनी, मो. सिकन्दर गोखलापुर नरपतगंज, चंदन कुमार रजक भेड़ियारी जोगबनी एवं सोनीपत हरियाणा का रविन्द्र गिरी शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच अन्तरजिला अपराधियों की टोली बुआरीबाध स्थित नहर किनारे जमा होकर अररिया-पूर्णिया उच्च मार्ग पर किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की रणनीति बना रहा थी। पुलिस को सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राम शंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने घेराबंदी कर चार अपराधियों को दबोच लिया। जबकि एक अपराधी चकमा देकर फरार हो गया। दबोचे गये अपराधी की निशानदेही पर नरपतगंज पुलिस ने एक फरार अपराधी को डिसकवर मोटर साइकिल के साथ पकड़ने में सफलता पायी।
दबोचे गये अपराधियों ने पुलिस के समय स्वीकार किया कि वे लोग आधा दर्जन से अधिक लूट, हत्या एवं घटनाओं में शामिल था। गत नवंबर माह में भी दिलशाद एवं चन्दन रजक ने सुपौल के एक मवेशी व्यवसायी को गोलीमार कर हजारों रुपये लूट लिया था। इसके बाद नरपतगंज थाना क्षेत्र के कोचगामा एवं बेलसंडी के बीच भी एक लूट की घटना को अंजाम दिया था। जोगबनी में एक लड़की की हत्या में भी इन अपराधियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के समक्ष अपराधियों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि वे लोग अररिया, सुपौल, मधेपुरा एवं पूर्णिया में भी मोटर साइकिल लूट एवं चोरी करने की घटना को अंजाम देता है। उन्होंने बताया कि मोटर साइकिल लूटने के बाद वे सीधे नेपाल पहुंचकर वहां किसी सुनील पटेल नामक व्यक्ति के हाथों गाड़ी बेच डालते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अपाची, पल्सर जैसी गाड़ियों के मद में 20 से 25 हजार रुपये मिलता है जबकि स्पलेंडर गाड़ी की कीमत 15 से 20 हजार मिलती हैं।

Sunday, January 2, 2011

करोड़ों खर्च के बाद भी अच्छी सड़क को ले तरस रहे लोग

भरगामा(अररिया) : सरकार द्वारा सड़कों की मरम्मत, नवीनीकरण तथा नवनिर्माण के लिए हर वर्ष बड़ी रकम खर्च किये जाने के बावजूद प्रखंड क्षेत्र के कई गाव आज भी अच्छी सड़कों के लिए तरस रहे हैं। विभागीय उदासीनता एवं कथित भ्रष्टाचार के कारण भरगामा प्रखंड क्षेत्र में सड़कों का निर्माण कागजों पर ही सिमट कर रह गया है। चर्चा यदि वर्तमान सड़क व्यवस्था की करें तो केवल खजूरी पंचायत के खजूरी, अठनियां टोला, गांधी नगर टोला, बलुआही मुसहरी, हरवापट्टी, पचीस कॉलनी, मंडल टोला आदि ऐसे कई गांव हैं जहां आज भी लोगों को आवागमन के लिए अच्छी सड़क नसीब नहीं हो सकी है। खास बात यह है कि उक्त गांव में बहुत सड़क ऐसे भी हैं जिस पर एक बड़े बजट से काम करवाया गया। लेकिन दुखद पहलू यह है कि कागजों पर ही इसकी खानापूर्ति कथित सांठ-गांठ के आधार पर बड़ी ही सफाई से कर ली गयी। यह स्थिति तो महज एक पंचायत की है। जबकि प्रखंड की हालत यह है कि मनरेगा समेत बीआरजीएफ व अन्य योजनाओं के तहत
भी कम से कम एक वित्तीय वर्ष में लाखों रूपये केवल सड़क निर्माण व मरम्मत के नाम पर खर्च हुए लेकिन सड़कों की हालत अभी भी खस्ताहाल ही बनी है।

दुलारदेई नदी पर बने लकड़ी पुल का अस्तित्व संकट में

बसैटी(अररिया) : रानीगंज प्रखंड के मोहनी पंचायत स्थित दुलारदेई नदी पर बना लकड़ी पुल अंतिम सांसे गिन रही है। पुल के ध्वस्त होते ही दर्जनों गांवों का संपर्क जिला व प्रखंड मुख्यालय से भंग हो जायेगा।
ग्रामीण डा. जावेद, जुनेद, शमशाद, नौशाद, पूर्व मुखिया मंसूर आलम आदि ने बताया कि पुल की स्थिति जर्जर रहने के कारण आम लोगों को आने जाने में काफी कठिनाई होती है। यही नहीं जिला व प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए यह एक मात्र रास्ता है। पिछले तीन वर्षो से पुल की स्थिति जर्जर बनी हुई है लेकिन इस ओर न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक पदाधिकारियों का ध्यान है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पूर्व पुल जर्जर रहने के कारण गांव तक दमकल नहीं पहुंच पायी, जिससे दो सौ घर जलकर स्वाहा हो गया था।
जिला पार्षद बेनजीर साकिर ने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। मोहिनी, कबैया, मिर्जापुर, नन्दनपुर, धोबिनिया, दुर्गापुर, बसैटी समेत दर्जनों गांव के लोगों ने उक्त पुल पर स्क्रुप पाइप पुल निर्माण की मांग सरकार व जिला प्रशासन से की है।
पिछले तीन वर्षो से पुल की स्थिति जर्जर बनी हुई है लेकिन इस ओर न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक पदाधिकारियों का ध्यान है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पूर्व पुल जर्जर रहने के कारण गांव तक दमकल नहीं पहुंच पायी, जिससे दो सौ घर जलकर स्वाहा हो गया था। जिला पार्षद बेनजीर साकिर ने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। मोहिनी, कबैया, मिर्जापुर, नन्दनपुर, धोबिनिया, दुर्गापुर, बसैटी समेत दर्जनों गांव के लोगों ने उक्त पुल पर स्क्रुप पाइप पुल निर्माण की मांग सरकार व जिला प्रशासन से की है।