Wednesday, February 15, 2012

परमात्मा की प्राप्ति को ले भक्ति आवश्यक: स्वामी सत्यानंद


रानीगंज (अररिया) : लाखों योनि में भटकने के बाद मानव शरीर मिलता है। मानव शरीर से हम ईश्वर की भक्ति कर सकते हैं और भक्ति से ही परमात्मा की प्राप्ति होती है। ये बातें हरिद्वार से आये संतमत के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने बुधवार को प्रखंड के काला बलुआ गांव में दो दिवसीय ध्यान योग शिविर की शुरूआत करते हुए कही। दूर-दराज से आये श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन देते हुए संत ने जीवन में ध्यान योग की महत्ता भी बतायी।
सत्संग स्थल पर बने विशाल मंच के बीचोबीच स्वामी महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के तैल चित्र रखा गया था। मंच पर दर्जनों संत महात्मा के बैठने की व्यवस्था थी। मंच के सामने एक विशाल पंडाल बनाये गये थे। जिसमें श्रद्धालुओं की बैठने की व्यवस्था थी। ध्यान योग शिविर के पहले दिन बुधवार को संतमत में आस्था रखने वाले सैकड़ों स्त्री पुरुष दूर-दराज गांव से शिविर में पधारे थे। कई सत्रों में चले इस योग शिविर में देर शाम तक लोगों के आने का तांता लगा रहा।
सत्संग स्थल के बाहर मेले सा नजारा था जहां पूजा सामग्रियों से लेकर विभिन्न सामग्रियों की दुकानें सजी थी। वहीं, व्यवस्थापकों की ओर से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था भी की गयी थी।

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