Tuesday, November 8, 2011

मूलभुत सुविधाओं से वंचित है दियारी पंचायत


कुसियारगांव (अररिया) : जिला मुख्यालय से महज छह किलोमीटर दूर स्थित दियारी पंचायत 21वीं सदी में मूलभुत सुविधाओं से अब भी वंचित है। गांव के लोगों ने बताया कि सुशासन के सरकार की दूसरी बार ताजपोशी पर हम सबों को उम्मीद जगी थी कि बूढ़ी कोसी पर निर्माण की दिशा में ठोस पहल होगी। किंतु अबतक कोई पहल होता नही दिख रहा है। बरसात के मौसम में पुल के अभाव में केले का थम ही ग्रामीणों का नदी पार करने का एक मात्र साधन होता है। हर विधान व लोक सभा चुनाव के समय नेतागण कहते है आप हमे वोट दे मैं आप को पुल दूंगा, पर यह कहना चुनाव तक ही सिमित रहता है।
दियारी पंचायत वासियों से किए वादों को अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पूरा नही किया गया है। इतना जरूर है कि हर बड़ी घटना के बाद घड़ियाली आंसू बहाने आ जाते है। ग्रामीणों ने अपना दुख व्यक्त करते हुये बताया कि कोसी नदी में एक अदद पुल नही बनाये जाने के कारण अबतक के बरसात के मौसम में कई लोग डूब चुके है। गैयारी गांव की निकहत प्रवीण, संजीदा खातुन, नजीदा खातुन, अलकमर खातुन, उजमा बेगम, जरीरा बेगम, निकहत, सुभाना प्रवीण, रौनक जहां, इशरत प्रवीण, रोशनी बेगम की मौत एक साथ नदी में डूबने से हो गयी थी। वहीं नरेश यादव, प्रेमलाल पासवान, चंदन कुमार सिंह छोटू कुमार साह, जीतन ठाकुर, बौका बहरदार, मुस्ताक, मो. नबी आदि की मौत बूढ़ी कोसी में डूबने से हो गयी। बरसात के मौसम में टापू बन जाने वाले इस पंचायत वासियों के दर्द पर राज नेताओं ने मरहम लगाने का कार्य नही किया जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। बरसात के समय यह गांव, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रखंड जिला मुख्यालय, कोट कचहरी तक नही पहुंच पाते, पहुंचते तो बहुत देर हो जाता।

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