Tuesday, January 3, 2012

नये वर्ष में कुछ नया कर दिखाएं ..


अररिया : नये साल में हर जज्बा नया होना चाहिए ताकि देश को तरक्की के रास्ते पर और आगे बढ़ाया जा सके। इस जज्बे में नफरत की कोई जगह नहीं है। ..चलो नफरतों को मिटायें, मुहब्बत की दुनिया को फिर से सजाएं। नव वर्ष के मौके पर रविवार की देर शाम बहादुरगंज में आयोजित अखिल भारतीय मुशायरे में अररिया के अवामी शायर कविरत्‍‌न हारुण रसीद गाफिल ने अपनी कविताओं से ऐसा ही संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नये वर्ष में कुछ नया कर दिखायें, वतन को जरूरत हो तो सर कटायें..।
मुशायरे से लौटने के बाद सोमवार को गाफिल जागरण कार्यालय पहुंचे तथा मानवीय मूल्यों पर आधारित अपने खूबसूरत शेर व आंचलिक कविताओं से सबका मन मोह लिया।
मुशायरे में गाफिल का जोर गांवों पर ही रहा। जिला मुख्यालय के निकट स्थित गैयारी गांव में जन्मे गाफिल ने कहा कि सरकार गांवों के विकास पर जोर दे रही है। सरकारी नीतियों को लोग अपने सकारात्मक जज्बे से मजबूत करें। .. चलो चलें अब गांव। देखें धूप और छांव। बाप के बिखरे ख्वाब और मां के जख्मी पांव।
श्री गाफिल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस मुशायरे में देश के तकरीबन एक दर्जन नामचीन शायर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि उनकी आंचलिक कविताओं को श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक तौसीफ आलम व अन्य ने कहा कि गाफिल की कविताएं यथार्थ को बेहद सटीक व खूबसूरत तरीके से चित्रित करती हैं। उन्होंने आंचलिक कविताओं के संव‌र्द्धन व संरक्षण पर भी जोर दिया।

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