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Sunday, April 22, 2012

भारत-नेपाल की मैत्री अटूट: उपेंद्र


जोगबनी (अररिया) : भारत-नेपाल की मैत्री दो देशों की नही बल्कि दो परिवारों जैसा है। जिसे मिटाने में दुनियां थक गयी लेकिन उसे मिटा नही सकी और यह मिटेगा भी नही। ये बातें नेपाल के पूर्व विदेश मंत्री सह मधेशी जन अधिकार फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने सीमा सुरक्षा चेतना यात्रा के जोगबनी आगमन पर दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण अपराधी बेखौफ है अगर दोनों देश की जनता जागृत होकर उनका मुकाबला करें तो ऐसे तत्वों को जड़ से मिटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नेपाल में लंबे समय से जो राजनीतिक अस्थिरता है उसका लाभ गलत तत्व उठा रहे हैं जिसका कुपरिणाम नेपाल के साथ-साथ भारत को भी झेलना पड़ रहा है। लेकिन अगर नेपाल में शांति व्यवस्था बहाल होती है तो ऐसे तत्वों को नेपाल में भी शरण नही मिलेगी।
इस मौके पर सीजामं के प्रदेश महासचिव घनश्याम प्रसाद व अन्य लोग उपस्थित थे। वक्ताओं में आरएसएस के प्रांतीय संपर्क प्रमुख कैलाश जी, शिक्षाविद् उमेश प्रसाद, स्वामी कन्हैया जी, नेपाल के कमल जी, यात्रा कार्यक्रम प्रमुख भानू प्रकाश राय ने आदि शामिल थे।

Wednesday, February 15, 2012

जोगबनी से हो रहा सेक्स व्यापार का डील


- नेपाल तक फैला है मानव व्यापार का जाल
अररिया : ग‌र्ल्स ट्रैफिकिंग को लेकर भारत नेपाल का सीमावर्ती एरिया तस्करों के लिए काफी मुफीद रहा है। फारबिसगंज के रेड लाइट एरिया से बड़ी संख्या में लड़कियों के पकड़ में आने के बाद यह क्षेत्र एक बार फिर चर्चा में आ गया है, लेकिन फारबिसगंज की तरह क्षेत्र के अन्य जगहों पर भी सैक्स रैकेट के संचालक अपना ठिकाना बनाये हुए हैं। भारत-नेपाल के बार्डर पर स्थित जोगबनी में यह काला खेल धड़ल्ले से चल रहा है। यहां तो ग‌र्ल्स ट्रैफिकिंग की 'डील' तक होती है जहां से दूसरे महानगरों के लिए लड़कियां भी सप्लाई की जाती है।
एसएसबी ने भी इस संबंध में गुप्त सूचनाएं इकट्ठा की हैं। पूछे जाने पर 24वीं बटालियन के बथनाहा स्थित मुख्यालय के कमांडेंट एकेसी सिंह ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन को इस संबंध में जानकारी दी है।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का फारबिसगंज और जोगबनी शहरी क्षेत्र मानव व्यापार को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है। हालांकि सामाजिक संस्थाओं, पुलिस, एसएसबी और प्रशासन के सहयोग से कई बार लड़कियों को रेसक्यू किया गया है। बावजूद धंधेबाजों पर पूरी तरह नकेल नहीं कसी जा सकी है।
सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार जोगबनी व्यवसायिक इलाके के एक मकान में जहां जुएं और सेक्स का धंधा गुप्त तरीके से चलाया जा रहा है, वहीं लड़कियों को बाहर भेजे जाने की डील भी वहीं से होती है। बताया गया है कि उक्त मकान को तस्करों ने इसलिए चुना है, क्योंकि इसके निचले तल्ले पर व्यवसायिक प्रतिष्ठान चलते है। जिस वजह से हमेशा लोगों का यहां आना जाना लगा रहता है और लोगों को कोई शक नही होता। सूत्र बताते हैं कि धंधेबाजों ने इस कारोबार के लिए कोड वर्ड निर्धारित कर रखे हैं जिसके सहारे चुनिंदा लोग ही वहां तक पहुंच पाते हैं। पूरी तरह गुप्त तरीके से यहां मानव व्यापार के अलावा जुए का धंधा भी चल रहा है। इस संबंध में एसएसबी के पास भी काफी गुप्त सूचनाएं पहुंची है।
एसएसबी कमांडेंट एकेसी सिंह बताते हैं कि जोगबनी में सेक्स रैकेट चलाये जाने की जानकारी उन्हें मिली है। हालांकि उन्होंने बताया कि उन तक जो सूचनाएं पहुंची है उससे जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। ज्ञात हो कि तीन दिन पूर्व ही अररिया के तेज तर्रार एसपी शिवदीप लांडे ने फारबिसगंज स्थित रेड लाइट एरिया में छापामारी कर दो दर्जन से अधिक बालिग व नाबालिग लड़कियों को दलालों के चंगुल से मुक्त कराया था। छापामारी के बाद उन्होंने स्वीकार किया था कि इस सीमावर्ती क्षेत्र में मानव व्यापार का बड़ा रैकेट काम कर रहा है। जिसका जाल नेपाल तक फैला है। छापामारी के दौरान रैकेट का सरगना भागने में सफल रहा था। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र में मानव व्यापार पर रोक के लिए बड़े अभियान की जरूरत है।

Tuesday, February 14, 2012

बच्चे के शरीर से बंधी मिली एक लाख की नशीली दवा


ड्रग्स माफिया ने तस्करी के लिए अब बच्चों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। रविवार को नेपाल पुलिस ने बार्डर के समीप से एक चार वर्षीय बच्चे सहित उसके पिता को गिरफ्तार किया है। बच्चे के शरीर से टेप के सहारे बंधे 200 पीस टीडीजेसिक नामक नशीली दवा का इंजेक्शन बरामद किया गया है, जिसकी कीमत एक लाख से अधिक आंकी गई है। गिरफ्तार तस्कर गोखुल खड़का नेपाल के पथरी का निवासी है। वह जोगबनी से उक्त नशीली दवा लेकर नेपाल जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक ड्रग्स की एक बड़ी खेप नेपाल भेजने के लिए गोखुल खड़का अपने चार वर्षीय बेटे के साथ निकला था। वह बेटे की अंगुली पकड़कर टहलते हुए बार्डर पार कर रहा था। तभी सीमा पर तैनात नेपाल सशस्त्र बल के जवानों को उस पर शक हुआ और उसे रोका गया। नेपाल भंसार कार्यालय के पास जब बाप-बेटे की तलाशी ली गई तो सभी की आंखें फटी रह गई। चार वर्षीय बच्चे के शरीर से टेप के सहारे नशीली दवा का इंजेक्शन बंधा था। पुलिस बच्चे व उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बच्चे के पिता ने बताया कि टिकुलिया जोगबनी में एक व्यक्ति के घर से उसने यह दवा ली थी। इधर, एक छोटे बच्चे के शरीर से नशीली दवा का खेप मिलने से सीमा क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
उल्लेख हो कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में ड्रग्स माफिया काफी सक्रिय हैं। वह पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए रोज नई-नई चाल चलते हैं। सीमा क्षेत्र में एसएसबी व अन्य एजेंसियों द्वारा नशीली दवाओं पर शिकंजा कसे जाने के बाद ड्रग्स माफियाओं ने अपनी कार्यशैली को बदल दिया है।