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Friday, July 6, 2012

सात वर्षो से बन रहा लेबर वार्ड


सिकटी (अररिया) : आम अमाम की सेहत की देखभाल करने वाले प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य महकमे की हालत खुद नाजुक है। एक तरफ सरकार जहां स्वास्थ्य विभाग पर लाखों खर्च कर रही है, वहीं सिकटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 7 वर्षो से एक अदद लेबर वार्ड नहीं बन पाया है। वित्तीय वर्ष 2004-05 में सम विकास योजना से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर साढ़े छह लाख की लागत से लेबर वार्ड बनना था, जो अभी तक नहीं बन पाया है। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी डा. विनोद कुमार ने दूरभाष पर बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आयी थी जिसे बहुत जल्द तैयार कर लिया जायेगा।
ग्रामीण जानकी देवी, हसरत निशां, आशा देवी आदि दर्जनों महिला बताती हैं कि खासकर पीएचसी में प्रसव कराने के दौरान जगह के अभाव में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डा. जमील अहमद ने बताया कि लेबर वार्ड बन जाने से खासकर गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने जगह रहने से अवधि तक ठहराया जा सकता है, तथा एनबीसीसी युनिट प्रसव कक्ष में ही स्थापित किया जा सकता है। जिससे जच्चा व बच्चा दोनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगा।

बड़े हादसे का गवाह बन सकता रानी पुल



सिकटी (अररिया) : एवीएम सिकटी सड़क पर बना ऐतिहासिक रानी पुल जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उपेक्षा के कारण कभी भी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है। पिछली बार आयी बाढ़ में रानीपुल के मध्य भाग धंसने के बावजूद भारी वाहनों का चलना बदस्तूर जारी है। यदि रानीपुल ध्वस्त हो जाता है तो सिकटी प्रखंड का जिला मुख्यालय संपर्क भंग हो जायेगा। बावजूद इसके जनप्रतिनिधि व प्रशासन की नींद अभी तक नहीं खुली है। ग्रामीण दिलीप, अशोक, धर्मानंद, भोला साह, सकील अंसारी का मानना है कि राजनेता भी सिकटी से सौतेला व्यवहार करते हैं क्योंकि हर चुनाव में एवीएम सिकटी सड़क चुनावी मुद्दा बनता है लेकिन आजतक एवीएम सिकटी सड़क की न तो तकदीर बदली है न ही तस्वीर। एक रानी पुल ही नहीं एवीएम सिकटी सड़क आधा दर्जन ऐसे पुल हैं जो कभी भी एक बड़े हादसे का गवाह बन सकते हैं। 2014 में आने वाला लोक सभा चुनाव में एवीएम सिकटी सड़क चुनावी मुद्दा बन सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह भागलपुर सांसद सैय्यद शाहनवाज हुसैन से भी उक्त पुल की मरम्मत कराने की मांग की थी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री के प्रयास से तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस ने एवीएम सिकटी सड़क को सैनिक सड़क बनाने का शिलान्यास भी किया लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं किया जा सका है। सिकटी वासियों को लग्जरी गाड़ियों पर बैठकर जिला मुख्यालय जाने का सपना पूरा नहीं हो सका।

विद्यालय की कमी बनी नारी शिक्षा में बाधक


सिकटी(अररिया) : सरकार की तमाम घोषणाओं के बावजूद प्रखंड क्षेत्र के पंचायतों में छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करना गंभीर चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि प्रखंड क्षेत्र के गांवों के आसपास उच्च विद्यालय नहीं होने से लड़कियां मिडिल स्कूल से आगे की शिक्षा पाने से वंचित रह जाती है तथा अपने भाग्य को कोसने के लिए विवश है।
प्रखंड क्षेत्र के गांवों से पाच-दस किलेामीटर की दूरी तय करके लड़कियां बरदाहा, सिकटी, कुर्साकांटा अथवा कुवाड़ी उच्च विद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं, जबकि अभिभावक अपनी लड़कियों को इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजने से कतराते हैं। जिस कारण सिकटी प्रखंड क्षेत्र के गांवों की लड़कियों को नवीं एवं दसवीं में ही मजबूरन पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है। पढ़ाई छुटने के बाद अभिभावक कम उम्र में ही उनकी शादी में जूट जाते हैं। इस तरह व्यवस्था के अभाव में लड़कियों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। क्षेत्र से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ललक रखने वाली कुछ लड़कियां अपनी जान हथेली पर रख कर अपनी लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से बरदाहा, सिकटी, कुआड़ी, कुर्साकांटा उच्च विद्यालय पढ़ने जाती है। कभी-कभी वाहन नही मिलने से पैदल चलकर वापस घर आना कितना कष्टप्रद होता है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस कारण लड़कियां अपने साथ किसी अप्रिय घटना घटित होने के डर से सशंकित रहती है। ग्रामीणों द्वारा वर्षो से उच्च विद्यालय खोलने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं किन्तु उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही है।

नूना के आगोश में समा रहे खेत



सिकटी (अररिया) : भले ही सरकार द्वारा बाढ़ व कटाव के नाम पर लाखों रुपया खर्च कर रही है, लेकिन अभी तक नदी के कटाव को रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं किए जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी भाग में बहने वाली नूना नदी में पड़रिया पंचायत के घोड़ा चौक के नजदीक वित्तीय वर्ष 2009-10 में मनरेगा के तहत जिला परिषद योजना से योजना सं. 65 में 16, लाख 85 हजार, 800 की लागत से चिरान सह कटाव निरोधक कार्य होना था। इस योजना को उप विकास आयुक्त कार्यालय से स्वीकृति मिली थी। जिसमें दो लाख 26 हजार की निकासी भी हुई काम के नाम पर कटाव को रोकने के लिए बोरी में मिट्टी भरकर किया गया। लेकिन नदी के तेज धार ने उसे बहाकर लेते चला गया। इस संबंध में डीडीसी प्रभात कुमार महथा ने दूरभाष पर बताया कि इसकी विस्तृत जानकारी मनरेगा पीओ दे सकते हैं। यहां के ग्रामीण मो. सुरमान, मो. फरमान, मो. सर्फउद्दीन, मो. मोर्हरम, मो. असफाक आमल आदि दर्जनों ग्रामीण बताते हैं कि विगत कुछ वर्षो में नूना नदी ने अब तक हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में समा लिया है जिसमें सैकड़ों परिवार गरीबी रेखा से नीचे आ गये हैं। लेकिन विभाग द्वारा बाढ़ व कटाव को रोकने के लिए कोई भी ठोस पहल नहीं किया गया। इस नदी से पड़रिया, दहगामा, कुचाहा, खोरागाछ पंचायत के सैकड़ों परिवार बरसात में दस्तक के साथ ही सशकित रहते हैं। नूना नदी का तांडव बदस्तूर जारी है।

सर, जरा देखिए कष्ट में है अन्नदाता

सिकटी (अररिया), : पूस-माघ की हाड़ कपाने वाली भीषण ठंड हो या बैशाख-जेठ की चिलचिलाती धूप किसान अपने खेत खलिहान में मेहनत-मशक्कत करने से परहेज नहीं करते। प्रखंड में मुख्य जीविका का साधन कृषि ही है। अपनी पेट की आग बुझाने के लिए तत्पर रहने वाले यहां के किसान गेहूं के वर्तमान बाजार भाव से काफी मर्मांहत है। बैंक व महाजनों के कर्ज से मुक्ति पाने के लिए किसान औने-पौने दामों में गेहूं बेचने के लिए मजबूर हैं। समय रहते यदि किसानों की माली हालत में सुधार लाने के लिए सरकार ठोस कदम नहीं उठाती है तो आने वाला कल निश्चय ही भयावह होगा। एक ओर जहां रासायनिक खाद की बढ़ती कीमत से किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर किसानों को उनके फसलों के उचित कीमत नहीं मिलने से काफी मायूस दिख रहे हैं। फसल की उचित कीमत नहीं मिलने से धान का रोपाई पर असर पड़ने लगा है। प्रकृति के बेरूखी के कारण किसानों का गेहूं का फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। फिलहाल गेहूं का कीमत 800 रुपया से 950 प्रति क्विंटल बिक्री करने को मजबूर है। प्रखंड के किसान जगदेव मंडल, यदुनंदन ठाकुर, जागेश्वर साह, मो. बटूरूद्दीन आदि किसानों का मानना है कि कृषि कार्य अब काफी महंगा हो गया है। डीजल व कृषि उपकरण के दामों में लगातार वृद्धि होने से कृषि कार्य काफी महंगा हो गया है। प्रखंड में सिंचाई का व्यवस्था पहले से ही नगण्य है जिससे धान रोपाई पर असर पड़ रहा है। जबकि पैक्स के माध्यम से जिन किसानों ने अपना धान बेचा अभी तक किसानों को पैसा को-आपरेटिव बैंक द्वारा नहीं मिल पाया है। किसान बैंक का चक्कर बार-बार लगाते रहते हैं। इस संबंध में बीएओ अनिल कुमार ने बताया कि पैक्स के माध्यम से जो भी धान की खरीद हुई थी अभी तक उसका उठाव नहीं हो सका है।

Wednesday, July 4, 2012

सर, जरा देखिए कष्ट में है अन्नदाता

सिकटी (अररिया) : पूस-माघ की हाड़ कपाने वाली भीषण ठंड हो या बैसाख-जेठ की चिलचिलाती धूप किसान अपने खेत खलियान में मेहनत-मशक्कत करने से बाज नही आते। प्रखंड में मुख्य जीविका का साधन कृषि ही है। अपनी पेट की आग बुझाने के लिए तत्पर रहने वाले यहां के किसान गेहूं के वर्तमान बाजार भाव से काफी मर्माहत है। बैंक व महाजनों के कर्ज से मुक्ति पाने के लिए किसान औने-पौने दामों में गेहूं बेचने के लिए मजबूर है। वक्त का तकाजा है कि समय रहते यदि किसानों की माली हालत में सुधार लाने के लिए सरकार ठोस कदम नही उठाती है तो आने वाला कल निश्चय ही भयावह होगा। एक ओर जहां रसायनिक खाद की बढ़ती कीमत से किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। दूसरी ओर किसानों को उनके फसलों की उचित कीमत नही मिलने से काफी मायूस दिख रहे हैं। फसल की उचित कीमत नही मिलने पर किसानों का धान का रोपाई पर असर पड़ने लगा है। प्रकृति के बेरूखी के कारण किसानों का गेहूं का फसल पहले ही बर्बाद हो चुका है। लेकिन जो कुछ भी बचा है उसकी सही कीमत किसानों को नही मिल पा रहा है। फिलहाल सही कीमत किसानों को नही मिल पा रहा है। फिलहाल गेहूं का कीमत 800 रुपया से 950 प्रति क्विंटल बिक्री करने को मजबूर है। प्रखंड के किसान जगदेव मंडल, यदुनंदन ठाकुर, जागेश्वर साह, मो. बटूरूद्दीन आदि किसानों का मानना है कि कृषि कार्य अब काफी महंगा हो गया है। डीजल व कृषि उपकरण के दामों में लगातार वृद्धि होने से कृषि कार्य काफी महंगा हो गया है। किसानों ने बताया कि उनके फसल का जब तक सही मूल्य नही मिलेगा तब तक कृषि से उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। प्रखंड में सिंचाई का व्यवस्था पहले से ही नगण्य है जिससे धान रोपाई पर असर पड़ रहा है। जबकि पैक्स के माध्यम से जिन किसानों ने अपना धान बेचा अभी तक किसानों को पैसा का-आपरेटिव बैंक द्वारा नही मिल पाया है। किसान बैंक का चक्कर बार-बार लगाते रहते हैं। इस संबंध में बीएओ अनिल कुमार ने बताया कि पैक्स के माध्यम से जो भी धान की खरीद हुई थी अभी तक उसका उठाव नही हो सका है तथा सिकटी 50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।

नूना नदी के आगोश में समा रहे खेत

सिकटी (अररिया) : भले ही सरकार द्वारा बाढ़ व कटाव के नाम पर लाखों रुपया खर्च कर रही है, लेकिन अभी तक नदी का कटाव को रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं किए जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी भाग में बहने वाली नूना नदी में पड़रिया पंचायत के घोड़ा चौक के नजदीक वित्तीय वर्ष 2009-10 में मनरेगा के तहत जिला परिषद योजना से योजना सं. 65 में 16, लाख 85 हजार, 800 की लागत से चिरान सह कटाव निरोधक कार्य होना था। इस योजना को उप विकास आयुक्त कार्यालय से स्वीकृति मिली थी। जिसमें दो लाख 26 हजार की निकासी भी काम के नाम पर कटाव को रोकने के लिए बोरी में मिट्टी भरकर कर दिया गया। लेकिन नदी के तेज धार ने उसे बहा कर लेते चला गया। इस संबंध में डीडीसी प्रभात कुमार मंहथा ने दूरभाष पर बताया कि इसकी विस्तृत जानकारी मनरेगा पीओ दे सकते हैं। यहां के ग्रामीण मो. सुरमान, मो. फरमान, मो. सर्फउद्दीन, मो. मोर्हरम, मो. असफाक आमल आदि दर्जनों ग्रामीण बताते हैं कि विगत कुछ वर्षो में नूना नदी ने अब तक हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में समा लिया है जिसमें सैकड़ों परिवार गरीबी रेखा से नीचे आ गये हैं। लेकिन विभाग द्वारा बाढ़ व कटाव को रोकने के लिए कोई भी ठोस पहल नहीं किया गया। इस नदी से पड़रिया, दहगामा, कुचाहा, खोरागाछ पंचायत के सैकड़ों परिवार बरसात में दस्तक के साथ ही सशकित रहते हैं। नूना नदी का तांडव बदस्तूर जारी है।

Tuesday, July 3, 2012

अनुकंपा पर बहाली की मांग

सिकटी : प्रखंड के खोरागाछ पंचायत निवासी मो. खालीद ने डीएम के जनता दरबार में अनुकंपा के आधार पर मदरसा में शिक्षक बहाली को लेकर आवेदन दिया है। आवेदन में मो. खालीद पिता मो. सैफ ने आरोप लगाया है कि मेरे पिता खोरागाछ दारूल होदा मदरसा में प्लस टू के शिक्षक पद पर पदस्थापित थे। इसी बीच लंबी बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गयी है। लेकिन सेक्रेट्री मेरी बहाली नहीं कर रहे हैं।

Sunday, July 1, 2012

इंदिरा आवास योजना का विशेष शिविर आज


सिकटी(अररिया) : इंदिरा आवास योजना का शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के उद्देश्य से सभी पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2011-12 में चयनित वैसे लाभुक जिनका बैंक खाता किसी कारणवश नहीं खुल पाया है उनके लिए विशेष शिविर का आयोजन दो जुलाई से पांच जुलाई तक प्रखंड मुख्यालय सिकटी में किया जायेगा।
यह जानकारी देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी केके सिन्हा ने बताया कि गत वर्ष अगस्त माह में इंदिरा आवास योजना के लिए लगाए गए शिविर में चयनित पूरे प्रखंड के करीब एक हजार लाभुकों का खाता महज इसलिए नहीं खुल पाया था कि उसमें किसी का नाम लिपिकीय भूल तो कहीं जमीन संबंधी सत्यापन नहीं हो पाया था। इस विशेष शिविर ऐसी त्रुटि का तत्काल निराकरण कर उनके खाते खोलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। शिविर में कार्यालय सहायक, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, बैंक कर्मी सहित मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे। बीडीओ ने बताया कि चौदह पंचायतों से लाभुकों के त्रुटि संबंधी सूची प्रखंड मुख्यालय के सूचना पट्ट पर उपलब्ध है। लाभुक अपने त्रुटि निराकरण संबंधी साक्ष्य के साथ शिविर में आकर सुधार करवा ले जिसकी सारी व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गयी है। सभी चयनित लाभुक अपने संबंधित पंचायत सचिव से भी त्रुटि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बांस की चचरी बह जाने से संपर्क टूटा

सिकटी(अररिया) : मानसून की पहली बारिश से नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इससे विभिन्न नदी घाटों पर बने चचरी पुल बह गए हैं। इस कारण दोदर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है। कहते चलें कि प्रखंड के पूर्वी भाग से होकर बहने वाली नूना नदी के सैदाबाद घाट पर बने चचरी पुल होकर रानीकट्टा, सोनापुर, कुचहा, डिम्हिया, आमबाड़ी सहित पूर्वी भाग के लोग प्रखंड आते थे जिसके बह जाने से इन गांवों के लोगों को पचीस किमी घूमकर नेपाल होकर प्रखंड आना पड़ता है। उसी तरह पश्चिम भाग में बकरा नदी के पश्चिम पोठिया, बेलवाड़ी, रामनगर, कौआकोह, तीरा, पड़रिया के लोग तीरा, पड़रिया, ठेंगापुर, नेमुआ एवं नुनिया घाट पर बने चचरी से नदी पार कर मुख्यालय आते थे। लेकिन अब उन्हें या तो कुर्साकाटा कुआड़ी होकर या फिर गुंजन चौक बरदाहा होकर लंबी दूरी तय कर प्रखंड जाना पड़ता है। इन घाटो पर बरसात खत्म होने पर प्रतिवर्ष नवंबर दिसंबर माह में बांस का चचरी पुल स्थानीय लोगों के सहयोग से बनाया जाता है जो जून तक चलता है। इन घाटों में बकरा नदी के पड़रिया घाट को छोड़कर अन्य घाटों पर पुल निर्माण की आवश्यकता है जिस दिशा में जनप्रतिनिधि उदासीन है। पड़रिया घाट पर पुल निर्माणाधीन है।

आरटीआई: बीडीओ का आदेश बेअसर


सिकटी(अररिया) : जहां सरकार ने सूचना का अधिकार प्रावधान को लागू कर आम लोगों तक सभी सूचनाएं पहुंचाने का सरल मार्ग बनाया है, वहीं प्रखंड में इस कानून का कोई मतलब नहीं दिख रहा है। सूचना अधिकार के तहत बरदाहा पंचायत शिक्षक नियोजन 2008 की सूचना मागे जाने के दो माह बीत जाने के उपरांत भी आवेदक को सूचना नहीं मिल पायी है। इस मामले में संबंधित पंचायत सचिव पर बीडीओ का आदेश भी बेअसर है।
बतातें चले कि प्रखंड के भिड़भिड़ी पंचायत निवासी आवेदक सविता कुमारी पिता शिवानंद मंडल द्वारा विगत दो अप्रैल को लोक सूचना अधिकारी सह बीडीओ सिकटी से सूचना अधिकार के तहत विहित प्रपत्र के जरिए बरदाहा पंचायत के शिक्षक नियोजन 2008 के संबंध में कई वांछित सूचना की मांग की गयी। जिस पर प्रखंड कार्यालय के पत्रांक 296 दिनांक 02/04/12 द्वारा पंचायत सचिव देवी सरदार को सूचना उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा तो क्या सूचना अधिकार के तीस दिन की समयावधि बीत जाने के उपरांत भी आज तक सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी। इधर समयावधि बीत जाने के बाद आवेदिका ने जिला अपील प्राधिकार में आवेदन दिया है। इस बाबत बीडीओ केके सिन्हा ने बताया कि इसके लिए संबंधित पंचायत सचिव को सूचना उपलब्ध कराने के लिए पत्र निर्गत किया गया था। अगर इसके बावजूद सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी तो सारी जवाबदेही पंचायत सचिव पर होगी। उन्हें उपर से जो आदेश मिलेगा उक्त सचिव के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।

खाद तस्करी रोकने में विभागीय सहयोग जरूरी: एसपी

सिकटी(अररिया) : खाद की तस्करी एवं कालाबाजारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। अगर इस दिशा में प्रशासनिक महकमा एक कदम चले तो पुलिस दस कदम चलने को तैयार है। ये बातें अररिया एसपी शिवदीप लांडे ने सिकटी थाना में निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद की तस्करी के चलते किसानों को होने वाली परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर तस्करी पूरी तरह बंद कर दी जाये तो भारतीय किसानों को खाद की किल्लत नहीं होगी। लेकिन इसके लिए कृषि महकमा द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर अफसोस जाहिर किया। उनका कहना था कि आज तक आखिर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खाद की तस्करी कालाबाजारी के रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई आगे बढ़कर क्यों नहीं की जा रही है। क्या ये सिर्फ पुलिस की ड्यूटी है। कहीं भी इस तरह की कार्रवाई में पुलिस पीछे नहीं है हमेशा प्रशासन के एक कदम के बदले दस कदम चलने को तैयार है। बशर्ते प्रावधानों के मुताबिक खाद तस्करी पर नकेल कसने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को आगे आना चाहिए। उन्होंने विगत दिनों खाद तस्करी की रोकथाम के लिए उनके द्वारा उठाये गए कदम में विभागीय अधिकारियों के अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की चर्चा भी की। उन्होंने अपने दम पर सरकार के निर्देशों के आधार पर खाद तस्करी, आर्थिक अपराध, मानव व्यापार सहित अन्य मामलों में भी एक सूचना पर समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

Friday, June 29, 2012

एसपी ने किया थाने का निरीक्षण



सिकटी (अररिया) : एसपी ने थाना का निरीक्षण कर थानाध्यक्ष को कई निर्देश दिए। अररिया पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने शुक्रवार को सिकटी थाने का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान थाने की विधि व्यवस्था पर संतुष्टि जताते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में कालाबाजारी, मानव व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को चिन्हित कर उन्हें गुंडा रजिस्टर में अंकित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के उपरांत एसपी ने पत्रकारों को बताया कि भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित थाना का ऐतिहासिक महत्व है। अब तक थाने के दस्तावेजों में इनकी स्थापना का पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने कहा कि थाने में परंपरागत रूप से पूर्व से संधारित अपराधियों की सूची को अब संशोधन करने की जरूरत है। इसका निर्देश भी दिया गया है। क्योंकि पूर्व के गुंडा पंजी में दर्ज रिपोर्ट में या तो अधिकांश मर गए हैं या उनलोगों ने आपराधिक गतिविधियां छोड़ दी है। इसलिए थानाध्यक्ष को वर्तमान समय के चिन्हित अपराधी या आपराधिक गतिविधियों में संरक्षण देने वाले सफेद पोश सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने वाले असमाजिक व्यक्ति सहित वैसे लोगों को चिन्हित कर नजर रखने की जरूरत है। इसमें उनकी गतिविधियां उनके आय श्रोत से अत्यधिक खर्च करने वाले लोग शामिल रहेंगे। इन सभी का नाम गुंडा पंजी में दर्ज किया जायेगा। एसपी के आगमन की सूचना पर थाने के आगे भारी भीड़ लगी थी। निरीक्षण के बाद उन्होंने खड़े लोगों से बातचीत की तथा समस्याओं की निदान का आश्वासन भी दिया। मौके पर एसडीपीओ मो. कासिम पुलिस निरीक्षक विजय कुमार, थानाध्यक्ष दिलीप कुमार, एसआई रवि कुमार, सअनि हरिनारायण सिंह सहित पुलिस बल एवं सभी चौकीदार उपस्थित थे।

Thursday, June 28, 2012

बकरा नदी किनारे बसे गांव को कटाव का खतरा



सिकटी (अररिया) : बरसात के दस्तक से प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी भाग में बहने वाली बकरा नदी के किनारे बसा गांव को कटान का भय सताने लगा है। कटान के संबंध में भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष राम कुमार झा उर्फ मुन्ना झा ने अररिया के सांसद के द्वारा उप विकास आयुक्त को बकरा नदी से कटाव को रोकने हेतु आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेंगापुर पंचायत के पड़रिया, तीरा खारदह, नेमुआ, पिपरा, आमगाछी, पीरगंज आदि आधा दर्जन से अधिक गांव कटान के कगार पर है यदि बाढ़ से पूर्व ही बकरा नदी के कटान को नही रोका गया तो सरदार टोला, अमात टोला, ब्राह्माण टोला एवं केवट टोला पूर्ण रूप से बकरा नदी से विलीन हो जायेगा। ज्ञात हो कि बकरा नदी में पड़रिया धार पर 11 करोड़ की लागत पुल का निर्माण किया जाना है। यदि कटाव को नहीं रोका गया तो बकरा नदी कटान कर बस्ती में बहना चालू हो जायेगा। श्री झा ने बताया कि अभी तक बकरा नदी के कटान से 500 से ज्यादा घर बकरा नदी विलीन हो गया है तथा बाढ़ ने प्रति वर्ष हजारों एकड़ मं लगे धान व पटुआ को बर्बाद कर देता है। उन्होंने बताया कि बकरा नदी 1987 से प्रखंड के तीन दर्जन गांवों को प्रभावित करता आ रहा है जिससे प्रति वर्ष दर्जनों गरीबों का घर बकरा में विलीन हो जाता है। यदि समय रहते उक्त कटान को नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में बकरा नदी एक बार फिर विनाश की कहानी इस इलाके के लिए लिखेंगे।

जब्त खाद मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी


सिकटी : प्रखंड क्षेत्र के कासत बाजार में विगत दिनों हुई छापेमारी में जब्त खाद के मामले में आखिरकार सिकटी थाने में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार के प्रतिवेदन पर कासत बाजार के व्यवसायी मनोज साह पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (7 एसई एक्ट) के तहत सिकटी थानाकांड संख्या 83/12 दर्ज किया गया है।
ज्ञात हो कि विगत रविवार को बीडीओ केके सिन्हा के नेतृत्व में एसएसबी एवं सिकटी पुलिस द्वारा उपरोक्त व्यवसायी के गोदाम में छापामारी कर अस्सी हजार रुपये अनुमानित मूल्य एक सौ बासठ बोरा खाद जब्त किया गया था।
प्राथमिकी के विलंब के बारे में बीडीओ केके सिन्हा ने बताया कि जब्त खाद मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रखंड कृषि पदाधिकारी को निर्देशित कर दिया गया था। वहीं बीएओ अनिल कुमार ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने से पहले जब्त खादों के निर्माण भंडारण तथा मूल्य संबंधी तथ्यों की जांच करनी पड़ती है इसलिए थोड़ा समय लग जाता है।

शादी का झांसा देकर यौन शोषण प्राथमिकी


सिकटी (अररिया) : सिकटी थाना क्षेत्र के आमगाछी पंचायत के वार्ड नं. दस उफरैल मंडल टोला में एक शादी शुदा युवक द्वारा शादी करने का झांसा देकर एक नाबालिग का यौन शोषण किये जाने का एक मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता के पिता के मुताबिक जब मामले की जानकारी सिकटी थाना पुलिस को दी गयी तो बिना कार्रवाई के उसे वापस कर दिया गया। जबकि सिकटी थानाध्यक्ष दिलीप कुमार द्वारा मामले में पीड़िता को थाना लेकर आने की बात उनके पिता को कही बतायी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त उफरैल गांव क शादी सुदा दो बच्चे के पिता सुरेश मंडल पिता किसनू मंडल द्वारा गत सोमवार को गांव के ही रमेश मंडल के करीब पंद्रह वर्षीय नाबालिग पुत्री विरखी कुमारी (काल्पनिक) के साथ पाट के खेत में यौन शोषण किया गया। जब इस बात की जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दी। मामला पंचायती में पहुंचा लेकिन लड़के ने शादी से इंकार कर दिया। तब मंगलवार को पीड़िता के पिता न सिकटी थाने पर जाकर घटना की जानकारी दी उसे पीड़िता को लेकर थाना आने कहा गया। लेकिन वापस घर जाने पर समाज के ठेकेदारों ने पुन: पंचायती के माध्यम से मामला रफा-दफा करने के लिए दवाब बना दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पीड़िता मंगलवार के दिन के करीब तीन बजे से यौन शोषक के घर भूखे प्यासे इंसाफ के लिए देर रात तक पड़ी रही। सिकटी थानाध्यक्ष ने मामले की जांच करने की बात कही है।

Tuesday, June 26, 2012

उठ गए आठ लाख, नहीं बना सामुदायिक भवन


सिकटी (अररिया) : सरकार भले हीं घपलेबाजों पर नकेल कसना चाहती हो, लेकिन बिचौलियों व घोटालेबाजों ने इस प्रखंड के इतिहास को दागदार बनाकर रख दिया है। प्रखंड के धूमगढ़ गांव में सामुदायिक भवन के नाम पर प्राक्कलित सारी राशि निकाल लेने के बावजूद अब तक भवन अधूरा ही पड़ा है।
दरअसल यहां बिचौलियों व घपलेबाजों का तांडव अब भी जारी है। डेढुआ पंचायत के धुमगढ़ गांव में मवि के पास बन रहे सामुदायिक भवन की राशि निकासी के बावजूद काम नही हो सका। वित्तीय वर्ष 2009-10 में योजना सं. 01 में आठ लाख की लागत से बन रहे सामुदायिक भवन पूरी निकासी के बावजूद भी नही बन पाया। इधर बीडीओ ने कहा है कि हमने स्थल जांच की है। यह तत्कालीन मुखिया व संबंधित पंचायत सचिव की मिलीभगत से रुपया गबन का मामला है।
जानकारी के अनुसार बीआरजीएफ योजना से वित्त वर्ष 2009-10 में डेढुआ पंचायत के धुमगड़ गांव में मवि धुमगड़ के पास आठ लाख की लागत से सामुदायिक भवन बनना था। तत्कालीन मुखिया व संबंधित पंचायत सचिव के मिलीभगत से थोड़ा बहुत काम कराकर सारी राशि उठा ली गयी तथा पैसों का गबन कर लिया गया। इस संबंध में यहां के ग्रामीणों द्वारा बीडीओ को आवेदन भी दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बीडीओ द्वारा इनकी जांच भी की गई लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
इस संबंध में बीडीओ केके सिन्हा से पूछने पर बताया कि मामले में गलत हुआ है। उन्होंने घपले की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि तत्कालीन मुखिया व संबंधित पंचायत सचिव द्वारा राशि का गबन किया गया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांच की मांग की है।

सोलर लाइट खरीद मामले में जांच का आदेश


सिकटी (अररिया) : प्रखंड के भिड़भिड़ी पंचायत में नियमों को अनदेखी करते हुए 13वें वित्त की राशि से सोलर लाइट खरीदने के मामले में बीडीओ ने दिया जीपीएस को जांच को आदेश। यह आदेश 22 जून को दैनिक जागरण में छपी खबर भिड़भिड़ी पंचायत में सरकारी राशि की बंदरबांट के बाद दिया गया है।
सरकार द्वारा 13वीं वित्त आयोग की राशि से सोलर लाइट खरीद का प्रावधान नही है जबकि भिड़भिड़ी पंचायत में 39 हजार की दर से दस सोलर लाइट खरीदे गए थे।
बीडीओ केके सिन्हा ने कहा कि किसी भी पंचायत को सोलर लाइट खरीदने की स्वीकृति नही दी गई है उक्त पंचायत में जांच का निर्देश जीपीएस जय प्रकाश को दिया गया है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध सरकारी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।

हाट पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा


सिकटी (अररिया) : सरकार को भारी राजस्व देने वाला सिकटी हाट अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है। इस संबंध में हाट संचालक ने सीओ को आवेदन देकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। इधर, सीओ का कहना है कि अतिक्रमणकारियों को शीघ्र खदेड़ दिया जायेगा।
नेपाल सीमा के निकट बसे सिकटी हाट में अतिक्रमणकारियों ने जबरन कब्जा कर घर बना लिया है। इस कारण हाट परिसर में थोड़ी सी बारिश होने पर भी पानी जमा हो जाता है, जिससे सामान बेचने व खरीदने वालों को भारी परेशानी होती है।
ज्ञात हो कि सोमवार व शुक्रवार को सिकटी में हाट लगता है आस-पास के ग्रामीणों द्वारा उक्त हाट में अपना समान खरीदते व बेचते हैं। इधर, हाट परिसर में नागरिक सुविधाओं का भी अकाल है। हाट संचालक ने बताया कि पूरे हाट में एक भी चापाकल नही है तथा शौचालय की सुविधा नही रहने से खास कर हाट में आए महिलाओं को काफी परेशानी होती है। हाट परिसर में अतिक्रमणकारियों द्वारा घर बना लिए जाने से पूरे बरसात में कीचड़, सड़ांध व बदबू भरा माहौल रहता है। जबकि उक्त हाट से सरकार को प्रति वर्ष लाखों की राजस्व मिलता है। हाट संचालक द्वारा इस संबंध मं सीओ को आवेदन दिया गया है। सीओ ने स्वीकार किया कि हाट परिसर में अतिक्रमणकारियों द्वारा घर बना लिया गया है। उन्हें हटाने के लिए जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक


सिकटी (अररिया) : प्रखंड क्षेत्र के बरदाहा बाजार स्थित किसान घर में सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक की गई। जिसकी अध्यक्षता भाजपा प्रखंड अध्यक्ष राम कुमार झा उर्फ मुन्ना झा ने की। इस बैठक में हर पंचायत स्तर पर एक सदस्यता अभियान के तहत हर पंचायत स्तर पर एक सदस्यता प्रभारी नियुक्ति करने की चर्चा की गई। प्रत्येक पंचायत से कम से कम दो हजार सदस्य बनाने पर जोर दिया गया तथा भाजपा प्रखंड अध्यक्ष ने लोगों से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने की अपील की।
इस अवसर पर जिला भाजपा उपाध्यक्ष देवी प्र. सिंह, सदस्यता प्रभारी हरेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र यादव, अजय कुमार मंडल, ललित, शंभू झा, केदार मिश्र, चुनचुन झा आदि भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।