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Saturday, July 7, 2012

नरपतगंज में होगी मनरेगा की अगली बैठक


अररिया : 14 जुलाई को प्रस्तावित मनरेगा योजना की साप्ताहिक समीक्षा बैठक नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय में होगी। आगामी शनिवार को होने वाली बैठक में नरपतगंज प्रखंड के लोग मनरेगा योजना से जुड़े मामलों की शिकायत भी कर सकते हैं। बैठक में खुद डीएम एम. सरवणन के अलावा डीडीसी भी मौजूद रहेंगे । यह निर्णय समाहरणालय स्थित आत्मन कक्ष में मनरेगा की समीक्षात्मक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डीएम एम. सरवणन ने की।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एडीपीआरओ योगेन्द्र कुमार लाल ने बताया कि नरपतगंज के पंचायतों में लक्ष्य के अनुसार मानव दिवस का सृजन नहीं किया गया है। डीएम श्री सरवणन ने प्रखंडवार समीक्षा क्रम में नरपतगंज की स्थिति बहुत दयनीय पायी। डीएम ने बैठक में नरपतगंज पीओ को कड़ी फटकार लगाई।
बैठक में प्राय: सभी पीओ ने कहा कि पंचायतों में मुखिया व पीआरएस के बीच तालमेल नही रहने के कारण योजना प्रभावित हो रहा है। इस मामले पर डीएम श्री सरवणन ने डीडीसी को ऐसे पंचायतों के मुखिया व पीआरएस के साथ बैठक कर कार्य को सुचारु रूप से कराने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी प्रभात कुमार महथा, डीआरडीए निदेशक जफर रकीब, मनरेगा के कार्यपालक अभियंता सुरेश कु. सिंह व सभी पीओ मौजूद थे।

Saturday, June 23, 2012

घोटाले से जुड़े कागजात खंगालने पहुंची निगरानी टीम


अररिया : रानीगंज में महादलितों को दी जाने वाली जमीन में हुए घोटाले की जांच के लिए पहुंची निगरानी की टीम ने अररिया डीसीएलआर कार्यालय से भी घोटाले से जुड़े कागजात जब्त किया है। गुरुवार की देर शाम निगरानी टीम के सदस्यों ने अररिया पहुंचकर घोटाले से संबंधित संचिका का अवलोकन किया तथा कागजात साथ भी ले गये। इस बात की पुष्टि अररिया एसडीओ डा. विनोद कुमार ने की है।
जानकारी के अनुसार रानीगंज के कजरा में हुए जमीन घोटाले की जांच के लिए निगरानी विभाग की टीम पिछले दो-तीन दिन से रानीगंज में जांच कर रही है। कजरा की जमीन से जुड़े कुछ कागजात जिला मुख्यालय के डीसीएलआर कार्यालय में थे। बताया जाता है कि निगरानी की टीम ने गुरुवार को अपर समाहत्र्ता से मिलकर रानीगंज के बेलगच्छी में हुए जमीन आवंटन का कागजात खंगाले। सूत्रों के अनुसार टीम बेलगच्छी का जमीन भू-हदबंदी में है या फिर सैरात मुक्त इसकी भी जानकारी प्राप्त करने के लिए अररिया पहुंची थी।
ज्ञात हो कि रानीगंज के कजरा में 88 महादलित परिवारों के बीच जमीन आवंटन में भारी पैमाने पर गड़बड़ी की गई। इस मामले में डीएम के जांच रिपोर्ट पर विभाग ने रानीगंज सीओ को निलंबित भी कर दिया तथा पूरे मामले की जांच का जिम्मा निगरानी विभाग को सौंपा था।

बीस साल पुराने तीन मामलों में होगी प्राथमिकी


अररिया : जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब दो दशक पूर्व हुई आपराधिक घटना में अब प्राथमिकी दर्ज होगी। अदालत के निर्देश बाद अररिया के पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थानाध्यक्षों को इस संबंध में आदेश जारी किया है।
जानकारी अनुसार पलासी में 21 वर्ष पूर्व घटित घटना के मामले में टेढ़ा गाछ (किशनगंज) में कांड संख्या 04/88 दर्ज हुआ था। जिसमें 05 फरवरी, 91 को कोर्ट द्वारा पत्र जारी कर प्राथमिकी में कांड संख्या अंकित कर भेजे जाने का उल्लेख किया गया।
वहीं सुपौल जिले के छातापुर थाना में कांड संख्या 22/91 दर्ज हुआ था। हत्या के इस मामले में घटना स्थल भरगामा बड़ी नहर का उल्लेख है जिसे अररिया भेजा गया। सुपौल के एसडीजेएम ने अररिया सीजेएम को उक्त प्राथमिकी की अग्रतर कार्रवाई के लिए भेजा। जिसे स्थानीय कोर्ट द्वारा 14 नवंबर 92 को भेजते हुए प्राथमिकी संख्या अंकित करने का आदेश दिया गया। 19 वर्ष बीत गए, परंतु मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
उधर सिमराहा में हुई एक घटना को लेकर कसबा (जलालगढ़) थाना कांड संख्या 227/06 दर्ज हुआ। यह मामला पूर्णिया की अदालत से अररिया भेजा गया। अररिया की अदालत ने 15 दिसंबर 08 को सिमराहा थानाध्यक्ष को पत्र जारी किया गया तथा प्राथमिकी संख्या उल्लेख कर इन कागजातों को वापस लौटाने का आदेश दिया गया।
बावजूद इतने वर्षों बाद उपरोक्त थानाध्यक्षों ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते रहे। इस संबंध में अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने गंभीर रूख अपनाया है तथा थानाध्यक्षों के नाम जारी पत्र में इन सभी मामलों में प्राथमिकी संख्या अंकित कर अनुसंधान करने समेत अंतिम प्रतिवेदन कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Friday, June 22, 2012

हूजूर! आखिर कब तक होगा मेरा भुगतान


अररिया : हूजूर! मैं विकलांग व्यक्ति हूं। चलने-फिरने में असमर्थ हूं। पिछले तीन वर्षो से जिला भू-अर्जन कार्यालय का चक्कर लगाकर थक चुका हूं। आपके आदेश का भी अनुपालन नहीं हो पा रहा है। यह व्यथा शिवनंदन पासवान नामक विकलांग व्यक्ति ने गुरुवार को जनता दरबार में डीएम एम. सरवणन के समक्ष सुनाई। श्री पासवान की जमीन एनएच 57 सड़क निर्माण में अधिग्रहित की गयी परंतु मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो पाया है।
गुरुवार को डीएम जनता दरबार में एक बार फिर विघटित हुए अनौपचारिक शिक्षा विभाग के कर्मी राजस्व विभाग में नियुक्ति के लिए पहुंचे। इस मामले में डीएम श्री सरवणन ने राजस्व शाखा के प्रधान सहायक अनंत झा को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत दूसरे शाखा में तबादले का निर्देश दे डाला। डीआरडीए कार्यालय के अनुसेवक जो नेपाल के मूल निवासी है कर्ण बहादुर लिम्बो अपने नाम से जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर डीएम के समक्ष पहुंचे। इसके अलावा और से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुई। इसमें कई मामले फौरन सुलझा भी लिए गये।

Sunday, June 17, 2012

अपराध गोष्ठी में नौ थानाध्यक्षों को अल्टीमेटम, हो सकता है निलंबन


अररिया : बीते छह माह के अंदर शुक्रवार को शायद यह पहली अपराध गोष्ठी थी, जिसमें पुलिस अधीक्षक के तेवर तल्ख थे। केस निष्पादन की सुस्ती पर एसपी शिवदीप लांडे ने नौ थानाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए कारण पृच्छा जारी की है। एसपी ने ऐसे सभी सुस्त थानाध्यक्षों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इधर, एक सहायक सब इंस्पेक्टर को केस का प्रभार नहीं देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिन थानाध्यक्षों को स्पष्टीकरण पूछा गया है उनमें जोकीहाट, सिकटी, मदनपुर, आरएस, फारबिसगंज, नगर थाना,जोगबनी, भरगामा एवं सिमराहा शामिल हैं।
शुक्रवार को बैठक के बाद एसपी ने बताया कि निर्धारित समय तक यदि स्पष्टीकरण नही आता है तो ऐसे एसएचओ निलंबित कर दिए जायेंगे। वहीं अररिया आरएस से रेल विभाग ने विरमित हुए एएसआई बलराम पासवान को केस का प्रभार नही देने के आरोप में निलंबित कर दिया है। एसपी ने गोष्ठी में निर्देश जारी किया है जो पुलिस कर्मी केस एवं माल खाना का प्रभार अब तक नही सौंपे है, वे अविलंब अपने कर्तव्यों को पूरा कर लें, अन्यथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तय है। एसपी ने गोष्ठी में पिछले माह के अपराध रिकार्ड को भी सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया बीते माह कोई भी लूट, डकैती की घटना घटित नही हुई है। लेकिन कुछ चोरी के मामले दर्ज किए गए है। एसपी ने ऐसे मामलों के नियंत्रण पर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए है।

Thursday, June 14, 2012

शहर की सड़कों पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा


अररिया : चांदनी चौक हो या बस स्टैंड ओवर ब्रिज के नीचे। आपको पार करने में 10 से 15 मिनट जरूर लगेगा। हां इतना जरूर है कि अगर पीली-लाल बत्ती वाले गाड़ी पर हैं तो फिर वर्दीवाले ही पार करा देगें। परंतु बेचारा आम आदमी रोज अतिक्रमण के कारण परेशान है। चांदनी चौक के चारों ओर फल व सब्जी वाले दुकानदार अपनी जागीर समझकर सड़क पर ही दुकान लगाते हैं। कोई भी आम व्यक्ति विरोध नही कर सकता है। चांदनी चौक पर भारत स्टोर के बगल में दो पान दुकानदारों में शायद सड़क अतिक्रमण करने का कंपीटीशन चलता है। क्योंकि एक दुकानदार एक फीट बढ़ाता है तो दूसरा दो फीट। लेकिन नगर परिषद प्रशासन व पुलिस वालों को शायद यह नही दिखता चांदनी चौक से महावीर मंदिर तक दो सौ से ज्यादा फुटपाथी दुकानदार उसी सड़क पर दुकान लगाते तो हैं, पर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया जाता है। यही नही हाईस्कूल गेट के आस-पास आम की दुकानें भी सड़क पर ही सजी दिख रही है। वर्दी वाले उससे इसी का धौंस दिखाकर आम वसूल करते हैं।
बस पड़ाव स्थित ओवर ब्रिज के नीचे रिक्शा चालकों तथा फल-सब्जी व मछली वाले पूरी तरह अतिक्रमण कर जाम की समस्या उत्पन्न कर देते है। चांदनी चौक पर भी रिक्शा, टेंपू स्टैंड के कारण आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।

शहरी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का निर्देश

अररिया: शहर के विभिन्न चौक-चौराहों व सड़कों पर व्याप्त अतिक्रमण की समस्या को अनुमंडल पदाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। अररिया थानाध्यक्ष राम शंकर सिंह ने शहरी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिक्रमण के कारण विधि व्यवस्था संधारण में परेशानी होने की शिकायत की थी। इस शिकायत पर एसडीओ डा. विनोद कुमार ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को कड़ा पत्र लिखा है। डा. कुमार ने पत्र में इस स्टैंड स्थित ओवर ब्रिज के नीचे, चांदनी चौक सहित शहर के सभी सड़कों पर से यथाशीघ्र अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है।

हुनरमंद बच्चियां बनेगी आत्म निर्भर


अररिया : विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण प्राप्त कर बच्चियां अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगी। हुनरमंद लड़कियां स्वरोजगार के माध्यम से अपनी बेरोजगारी दूर करेगी। ये बातें बुधवार को चिलहनियां गांव स्थित मध्य विद्यालय में नाबार्ड के प्रदेश सहायक प्रबंधक कुशल दीप ने बच्चियों केा संबोधित करते हुए कही।
नाबार्ड के सौजन्य से चलाए गए मशीन सिलाई, कटाई प्रशिक्षण के समापन समारोह के मौके पर जिला प्रबंधक एके सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आर्थिक रूप से स्वावलंबी होना जरूरी है। दो माह तक चले इस नि:शुल्क प्रशिक्षण में 30 ग्रामीण बच्चियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। साइस्ता परवीन ने प्रशिक्षिका के रूप में कार्य किया।

सात व्यक्ति तीन साल तक नही लड़ेंगे चुनाव

अररिया : जिले के सात वैसे लोग जो 2009 में अररिया लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे, अब तीन वर्षो तक कोई भी चुनाव नही लड़ पायेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने इन सात नेताओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आयोग ने जिन व्यक्तियों को तीन वर्ष तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया है, इसमें लहना चातर के अब्दुल गफूर, राकांपा के जिलाध्यक्ष कन्हैया दास, जेल में बंद विचाराधीन कैदी दिनेश राठौर, नरपतगंज खाब्दह के नंदलाल पासवान सिकटी के लक्ष्मी सदा, मटियारी के विजय साह तथा अररिया नप क्षेत्र के वार्ड न. 10 निवासी संजय कुमार झा के नाम शामिल है। उप निर्वाचन पदाधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि उक्त सबों पर 2009 के लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद खर्च का ब्यौरा समर्पित नही करने का आरोप है।

बाढ़ग्रस्त व निचले इलाकों में लहलहायेगा धान


अररिया : जिन किसानों को खेती योग्य भूमि निचले इलाकों में है या फिर प्रत्येक वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। वे भी इन खेतों में अब धान की फसल उपजा सकते हैं। राज्य सरकार ने ऐसे भूमि के लिए धान का नया बीज तैयार करवाया है। यह बीज बाढ़ग्रस्त इलाकों की भूमि में भी आसानी से लगाया जा सकता है। कृषि विभाग ने अररिया जिले को 1650 क्विंटल स्वर्णासुवन नामक धान बीज आवंटन किया है।
जिला कृषि पदाधिकारी नईम अशरफ ने बताया कि विभाग से स्वर्णासुवन धान बीज प्राप्त हो चुका है। विभागीय निर्देश के अनुसार सर्वेक्षित किसानों के बीच वितरित किया जायेगा। श्री अशरफ ने बताया कि एक किसान को 15 किलो धान का बीज दिया जायेगा। डीएओ ने यह भी स्पष्ट किया कि बीज लेकर खेत में नही लगाने वाले किसान पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने बताया कि अररिया प्रखंड में 300 क्विंटल, जोकीहाट को 300 क्विंटल तथा शेष सात प्रखंडों में 150-150 क्विंटल बीज दिया जायेगा। डीएओ श्री अशरफ ने बताया कि बिहार राज्य बीज निगम का यह बीज का फसल दस दिन पानी में डूबा भी रह जाए तो फसल बर्बाद नही होगा। उन्होंने कहा कि वैसे किसानों के लिए यह वरदान साबित होगा।

सेवांत लाभ भुगतान की मांग

अररिया : जिला निबंधन कार्यालय में कार्यरत उच्च वर्गीय लिपिक शोभा देवी की मृत्यु होने के आठ माह बाद भी उनके परिवार वालों को किसी भी तरह का सेवांत लाभ नहीं मिला है। स्व. शोभा देवी के पुत्र अमित कुमार ने डीएम को आवेदन देकर सेवांत लाभ का भुगतान करने की गुहार लगायी है। इधर सरकार के अवर सचिव सुशील कुमार ने जिला अवर निबंधक को पत्र लिखकर इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

ट्रक एसोसिएशन ने लगाया अवैध वसूली का आरोप

अररिया : नगर परिषद के द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर वाहनों से टैक्स लेने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। जिला ट्रक एसोसिएशन संघ ने जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर नप प्रशासन पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। संघ के संयोजक अवधेश साह, अध्यक्ष मो. कुर्बान एवं सचिव रामनरेश सिंह ने डीएम को लिखे पत्र में कहा कि विभागीय नियम के विरुद्ध नप प्रशासन की मिलीभगत से विभिन्न स्थानों पर अवैध ढंग से वसूली हो रही है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि शहर के मार्केटिंग गेट, अररिया कालेज मोड़, महादेव चौक, वर्मा सेल के निकट नप प्रशासन की मिलीभगत से वसूली जारी है। जबकि पत्र में दर्शाया गया है कि नगर विकास विभाग के उपसचिव सह निदेशक भुवनेश्वर ओझा के ज्ञापांक 5605, 14 दिसंबर 2007 में स्पष्ट निर्देश है कि नगर पालिका अधिनियम 2007 में किसी वाहन पर इंट्री कर लगाने का कोई प्रावधान नही है। संघ ने पत्र की प्रतिलिपि नगर विकास एवं आवास विभाग तथा प्रमंडलीय आयुक्त को भेजते हुए वसूली बंद करने की मांग की है। इधर नप प्रशासन ने उक्त आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

शिविर में नौ व्यक्तियों ने किया रक्तदान



अररिया, : विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर गुरुवार को सदर अस्पताल अररिया में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन सिविल सर्जन डा. जेएन माथुर ने फीता काटकर किया। इस शिविर में नौ लोगों द्वारा रक्तदान किया गया। महिला महाविद्यालय के प्राचार्य वासुकीनाथ झा सहित अन्य लोगों ने रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया तथा युवा पीढ़ी को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ब्लड स्टोरेज सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. बी. चौधरी, डीपीएम एड्स अखिलेश एवं लैब टेक्नीशियन मो. तौसीफ आलम, मो. आरफीन एवं अन्य लोगों ने भरपूर सहयोग प्रदान किया।

मनोरंजन के नाम पर अपसंस्कृति, पिछड़ी खेल गतिविधियां


अररिया : छोकरा नाच का मनुआ नटुवा अब ग्रामीण जन के आकर्षण का केंद्र नहीं, अब मनोरंजन के नाम पर खुलेआम अपसंस्कृति परोसी जा रही है। मल्टीप्लेक्स व टीवी सीरियलों के इस युग में पारंपरिक सिनेमा घर भी सूने रह रहे हैं या सी ग्रेड की फिल्मों के बल अपनी संास बचाने में लगे हैं। वहीं, खेल जगत का परिदृश्य भी निराशा जनक ही है। खेल सुविधाओं के नाम पर करोड़ों व्यय के बावजूद उपलब्धियों की झोली खाली ही रह रही है।
मैला आंचल का इलाका अपनी समृद्ध मनोरंजन गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध रहा है। आम जन के बीच सदियों पुराने काल से नाच, गीत-गवनई, पर्व त्यौहार व अन्य आयोजनों के बहाने स्वस्थ मनोरंजन के मौके मिलते थे। बिदापत नाच, नैका बंजारा, लोरिक-सलहेस, सावित्री सत्यवान, शीत बसंत, आल्हा ऊदल जैसे गीति-नाट्यों की मदद से न केवल मनोरंजन होता था, बल्कि ऐतिहासिक विरासतों को भी आसानी से सहेज लिया जाता था। वहीं, शीत बसंत, सती अनुसूइया, बिहुला बिषहरी आदि की गीत कथाओं के माध्यम से पौराणिक आख्यानों को भी पीढ़ी दर पीढ़ी कैरी किया जाता था। लेकिन टीवी व डीवीडी के आगमन के बाद सब कुछ समाप्त हो गया है। अब मनोरंजन के नाम पर अपसंस्कृति का जोर है।
ग्रामीण मेले में एक वक्त हीरा बाई व हीरामन की अनकही प्रेमकहानी की कथा भूमि होते थे, वहां अब ब्लू- फिल्में व सी ग्रेड की फूहड़ फिल्में परोसी जा रही हैं। तकरीबन सालो भर चलने वाले छोटे-छोटे ग्रामीण मेले अपसंस्कृति के सबसे बड़े सेंटर बन चुके हैं। इन मेलों में फूस की झोपड़ियां खड़ी कर उनमें ब्लू फिल्में खुलेआम दिखायी जाती है। कई मेलों में चित्रहार नामक गीतमाला की आड़ में देह व्यापार का खेल चलता है। सबसे बड़ी बात यह कि मनोरंजन के पूरे सीन से प्रशासन लगभग गायब ही नजर आता है। जिले में चल रहे अधिकतर सिनेमा व वीडियो हाल बगैर लाइसेंस के चल रहे बताये जाते हैं। खासकर ग्रामीण बाजारों में चलने वाले सिनेमाहालों में दर्शकों की सामान्य सुविधाओं का भी ख्याल नहीं रखा जाता।
इधर, खेल के मामले में किसी वक्त अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पैदा करने वाले अररिया में खेल गतिविधियां पूरी तरह पिछड़ गयी हैं। ईस्ट बंगाल के विरुद्ध अररिया का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रसिद्ध फुटबालर मानिक डे के शब्दों में जब अररिया में कोई स्टेडियम नहीं था, एक से बढ़कर एक खिलाड़ी थे, आज जब स्टेडियम व शानदार मैदान उपलब्ध हैं तो खेलने वाला ही कोई नहीं मिलता।
स्कूल कालेजों में भी खेलकूद के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही हे। सरकार की ओर से खेल के नाम पर धन राशि मुहैया जरूर करवायी गयी है, लेकिन खेल महज औपचारिकता बन कर रह गए हैं।

जल संरक्षण बना सामाजिक विमर्श का मुद्दा, विभाग अब भी पीछे


अररिया : पानी बचाने के लिए दैनिक जागरण द्वारा चलाये गये अभियान के बाद अररिया जिले में कम से कम एक सफलता जरूर मिली है। जल संरक्षण की बात इस जिले में सामाजिक विमर्श का मुद्दा बन चुकी है। हालांकि, आमजन तक पानी पहुंचाने व पानी को बचाने की जागरूकता के लिए जिम्मेदार सरकारी विभाग अब भी पीछे ही हैं। हालांकि, मनरेगा के तहत जिला प्रशासन ने 436 तालाबों के निर्माण की पहल की तथा पंचायतों में इस दिशा में कार्य शुरू किया है। यह पहल आने वाले दिनों के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन पानी बचाने की दिशा में अब भी बहुत कुछ किया जाना शेष है।
भीषण गर्मी के कारण तालाब, नदिया, कुंआ व चापाकल सूखने लगे हैं। अंडरग्राउंड पानी का स्तर नीचे चला गया है। जिलावासी बरसात की बेसब्री से प्रतिक्षा कर रहे है। पानी के मामले में धनी माने जाने वाले इस जिले के लिए यह चौंकाने वाली बात है। इस संबंध में जानकारों का मानना है कि विगत एक दशक से पानी की वांछित रिचार्जिग नहीं हो रही है। जिले में करोड़ों वर्ग फीट कंक्रीट की सतह पानी की रिचार्जिग में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। महानगरों में शुरू की गयी रेनवाटर हार्वेस्टिंग परिकल्पना अररिया जैसे जिलों के लिए अब भी दूर की ही कौड़ी है। पानी बर्बाद होता है। उसे बचाने की कोशिश नहीं होती है। बारिश के दिनों में छत से नीचे आने वाले पानी को बचाने की बात कौन कहे, यहां तो नदियों के रास्ते खरबों घन मीटर पानी हर साल बेकार बहकर समुद्र में चला जाता है और जिले में रह जाती है सिर्फ बालू और सिल्ट। सिल्ट की सफेद चादर पर जब बरसात की बूंदें पड़ती हैं तो तेजी के साथ उनका वाष्पीकरण होता है और पानी नीचे जाने की बजाए आसमान में चला जाता है। जानकार मानते हैं कि पानी का ठहराव नहीं होने के कारण जलस्तर में कमी का अभिशाप सामने आ रहा है।
ज्ञात हो कि इस जिले में पहले बड़ी संख्या में कुदरती जलाशय थे। इनमें बारिश का पानी आकर रूकता था। इस कारण जैवविविधता के मामले में अररिया को दुनिया में सर्वोत्तम माना जाता है, लेकिन सिल्ट के कारण इस जिले के पांच दर्जन कुदरती जलाशय अब विलुप्त हो चुके हैं। इनमें चातर, संदलपुर, गैड़ा, चन्द्रदेई, बेलई, पोठिया, घोड़घाट, वीरवन, सीनबाड़ी, झोरा आदि शामिल है।
इधर, जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ की गई जल संरक्षण की महती योजना से उम्मीद की किरण जगी है। जिलाधिकारी एम. सरवणन ने बताया कि मनरेगा के तहत प्रत्येक पंचायत में दो-दो तालाब निर्माण करने का निर्देश दिया गया है। इससे न केवल पानी को बचाया जा सकेगा, बल्कि मछलीपालन व अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इंटर कला व वाणिज्य में जिले का बेहतर प्रदर्शन


अररिया : वर्ष 2012 की इंटर कला व वाणिज्य की परीक्षा में जिले के छात्र छात्राओं ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया है। कला की परीक्षा में कुल 91.65 तथा वाणिज्य में 93.55 प्रतिशत छात्रों ने बाजी मारी है। वहीं, इस बार पहले की तुलना में प्रथम श्रेणी से पास करने वाले छात्रों की संख्या अच्छी खासी है। जिले के सिकटी प्रखंड के बरदाहा स्थित इंटर कालेज के कुल 657 छात्रों ने इंटर कला की परीक्षा में फ‌र्स्ट डिवीजन से पास किया है, वहीं, फारबिसगंज कालेज के वाणिज्य संकाय के 87 छात्रों ने प्रथम श्रेणी हासिल की है। यह आंकड़ा जिले में सर्वश्रेष्ठ है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इंटर कला की परीक्षा में जिला मुख्यालय स्थित एमएलडीपीके यादव कालेज के छात्र आनंद मोहन चौपाल ने 80 प्रतिशत अंक लाकर यह साबित किया कि संसाधनों की कमी के बाद भी प्रतिभा को दबाया नहीं जा सकता।
इधर, फारबिसगंज की ली एकेडमी के 78, वाइएनपी इंटर कालेज रानीगंज के 367, ग‌र्ल्स स्कूल बरदाहा के 40, एसएनवी कालेज रानीगंज के 390, बीडीबीकेएस कालेज फारबिसगंज के 301, प्रोजेक्ट ग‌र्ल्स हाई स्कूल सिकटी के 7, फारबिसगंज कालेज के 219, एसएसएनवाई कालेज नरपतगंज के 427, एमएमकेवाई कालेज नरपतगंज के 264, केएन इंटर कालेज कुर्साकाटा के 319, नसीम इंटर कालेज डेहटी के 387, आरकेसीके कालेज बरदाहा के 657, एमएलडीपीके यादव कालेज अररिया के 280, अल शम्स मिलिया कालेज अररिया के 176, महिला कालेज अररिया के 171, अररिया कालेज अररिया के 87, ग‌र्ल्स हाई स्कूल पहुंसी के 23, प्राजेक्ट ग‌र्ल्स हाई स्कूल जोकीहाट 20, भरगामा 14 तथा कलियागंज के 8 परीक्षार्थियों ने प्रथम श्रेणी से उत्तीर्णता प्राप्त की।
इधर, वाणिज्य संकाय में ली अकादमी के 18, वाइएनपी रानीगंज के 6, एसएनवी रानीगंज के 12, बीडीबीकेएस फारबिसगंज 31, फारबिसगंज कालेज 87, केएन इंटर कालेज कुर्साकाटा 20, आरकेसीके बरदाहा 12, एमएलडीपीकेवाई अररिया 8, मिलिया कालेज अररिया 14 तथा अररिया कालेज के 16 छात्रों ने फ‌र्स्ट डिवीजन से परीक्षा पास की।

Tuesday, June 12, 2012

शेरशाहवादी प्रतिनिधि मंडल ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

अररिया : शेरशाहवादी डेवलपमेंट सोसायटी के प्रतिनिधि मंडल ने गत दिनों राज्यसभा सांसद रामचंद्र प्रसाद सिंह को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शेरशाहवादी मुस्लिमों को खतियान के बगैर जाति प्रमाण पत्र नहीं देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गयी है। सोसायटी ने इस इलाके में बसे हुए शेरशाहवादी के जीवन स्तर व आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए आयोग गठित करने, शेरशाहवादी बाहुल्य गांव में तालिमी मरकज की स्थापना करने, विभिन्न योजनाओं का लाभ देने सहित कई मांगे शामिल है। मांग पत्र सौंपने वालों में सोसायटी के प्रदेश उपाध्यक्ष मो. एकरामुल हक, महासचिव अब्दुल बसीर, जिलाध्यक्ष मो. मुर्तजा, महासचिव अब्दुल सलाम आदि शामिल हैं।

लूट दस हजार की, 11 लोग तेरह साल से लड़ रहे केस


अररिया : तेरह साल पहले नरपतगंज के मृदौल गांव में फसल लूट की घटना हुई थी, जिसमें दो बीघा खेत में लगी धान की फसल को कई लोगों ने मिलकर लूट लिया था। लूटी गई फसल की कीमत दस हजार रुपये आंकी गयी थी। लेकिन इस मामले का अब तक केस का निपटारा नहीं हो पाया है। ग्यारह लोग 13 साल से केस लड़ रहे हैं। करीब तीन वर्ष से अदालत में यह मामला साक्ष्य पर है। लेकिन मामले के अनुसंधानकर्ता व चिकित्सक सूचना निर्गत होने के बाद भी गवाही देने अदालत नही पहुंच रहे हैं।
मृदौल गांव के शंभूनाथ मिश्र की दो बीघा खेत में धान लगी थी। 15 जनवरी 98 को उसी गांव के कई लोगों ने तीन धनुष, भाला, फरसा, लाठी व आग्नेयास्त्र के साथ खेत पर धावा बोल दिया तथा खेत में लगी धान फसल को जबरन लेकर चले गये। इस घटना को लेकर नरपतगंज थाने में पीड़ित श्री मिश्रा ने कांड संख्या 215/98 दर्ज कराया। उसी गांव के अमर लाल ऋषिदेव, शिव ऋषिदेव, श्री लाल ऋषिदेव, चौठी ऋषिदेव, रामेश्वर, परमेश्वरी, उपेन्द्र, रामानंद, धुनाय, विनोद ऋषिदेव आदि ग्यारह नामजद तथा 30-40 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर चौठी व परमेश्वरी गिरफ्तार हुये। जेल से निकलने के बाद चौठी ऋषिदेव फिर कोर्ट नही आया। इस कारण अदालत ने उसे फरार घोषित कर दिया।
अदालत ने मामले को त्वरित निष्पादन को लेकर पहल की तथा 21 जुलाई 09 से वाद को साक्ष्य के लिये रख दिया गया। अररिया के न्यायिक दंडाधिकारी ब्रजेश मणि त्रिपाठी के कोर्ट में यह मामला जीआर 1956/98 के तहत लंबित है। तीन वर्ष से गवाही के लिये रखे इस मामले में अब तक मात्र एक गवाह ललन ठाकुर की ही गवाही हो पायी है। जबकि अनुसंधान कर्ता सअनि पुलकित बैठा, चिकित्सक डा. एलके ठाकुर, पुलिस अधिकारी राम बालक प्रसाद एवं एम. मिस्त्री समेत कुल नौ महत्वपूर्ण गवाह इस वाद में हैं, जिनकी गवाहियां होनी हैं। करीब तेरह वर्ष से लंबित इस मामले में 137 से अधिक तिथियां मुकर्रर की गयी। वहीं सिर्फ गवाही के लिये ही करीब दो दर्जन तारीखें पड़ी हैं।

निबंधन के बाद प्राइवेट स्कूलों के प्रमाणपत्र की होगी मान्यता

अररिया : आरटीई एक्ट के तहत निबंधन कराने के बाद प्राइवेट स्कूलों द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की अब मान्यता दी जायेगी। अब स्कूली बच्चे प्राइवेट या सरकारी में से किसी एक स्कूल में ही नामांकन रख सकते हैं। यह बात जिला शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन प्रसाद ने मंगलवार को उच्च विद्यालय सभागार में प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ बैठक में कही। उन्होंने कहा कि आरटीई एक्ट में निहित प्रावधान के अनुसार सभी प्राइवेट स्कूलों को हर हाल में निबंधन कराना होगा। डीईओ श्री प्रसाद ने कहा कि स्कूल संचालन के स्वघोषणा पत्र के आधार पर तीन वर्षो के लिए सश‌र्त्त निबंधन दिया जायेगा तथा इस अवधि में निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करने वाले स्कूल का मान्यता रद्द भी कर दिया जायेगा। डीईओ के अनुसार निबंधन के लिए प्रति वर्ग एक कमरा, एक प्रधानाध्यापक कक्ष, खेल मैदान, प्रयोगशाला की वस्तुएं, लाइब्रेरी सहित प्रशिक्षित शिक्षक होना अनिवार्य है। डीईओ ने कहा कि एक्ट के अनुसार सभी विद्यालय को गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले 25 प्रतिशत छात्रों को नामांकन भी अनिवार्य रूप से करना है। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा डीपीओ बसंत कुमार ने भी एक्ट की जानकारी दी। मौके पर अररिया बीईओ विजय कुमार सिंह, रानीगंज बीईओ अनिरुद्ध प्र. मंडल, भरगामा बीईओ राधे सिंह, सिकटी बीईओ धनंजय सिंह, स्कूल संचालकों में मुख्य रूप से सूर्य नारायण गुप्ता, एम. एएम मुजीब, ज्योति कुमार मल्लिक, अनिल भगत, नितेश झा, विश्वनाथ भगत, नदीम अहमद, योगेश झा, गोपाल साह, इश्तियाक आलम आदि मौजूद थे।

विवादित स्थलों पर लगातार निगरानी करें थानाध्यक्ष: एसडीओ


अररिया : अनुमंडल पदाधिकारी डा. विनोद कुमार ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में अधीनस्थ अंचल पदाधिकारी व थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर भूमि विवाद मामलों पर चर्चा की।
एसडीओ डा. कुमार ने सभी सीओ व थानाध्यक्ष को आपस में समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों को देखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विवादित भूमि, स्थलों पर संबंधित थानाध्यक्ष लगातार निगरानी करें। साथ ही उपद्रव करने वालों पर निरोधात्मक कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। डा. कुमार ने सभी सीओ को विधि-व्यवस्था को काबू में रखने के लिए सजग रहने को कहा। उन्होंने सभी सीओ को बीएलडीआर संबंधी रिपोर्ट समेकित कर डीसीएलआर के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। इस अवसर पर डीसीएलआर तौकीर अकरम सहित अनुमंडल के सभी सीओ व थानाध्यक्ष उपस्थित थे।