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Saturday, July 7, 2012

किडनी बेचने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार


जोगबनी (अररिया)  : नेपाल के मोरंग जिले में किडनी बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को मोरंग पुलिस (नेपाल) ने गिरफ्तार किया है। इस आशय की जानकारी मोरंग की डीएसपी उमा प्रसाद चतुर्वेदी ने देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में किडनी बेचने वाले गिरोह सक्रिय है। गिरोह के पकड़े गए सदस्यों में एक महिला व एक पुरुष शामिल हैं।
डीएसपी श्री चतुर्वेदी के अनुसार सुपौल जिले के डोरा गांव निवासी दीपक और सरिता इस गिरोह के सदस्य हैं। इनके द्वारा नेपाल से बच्चों को भारत ले जाते हैं और फिर उसे एक डाक्टर के हाथों बेच डालते हैं। गिरफ्तार महिला व पुरुष ने 20 वर्ष पूर्व नेपाली नागरिकता प्राप्त कर ली है। गिरोह के दोनों सदस्य दुहबी स्थित सोनू स्वीट्स में काम करते हैं। गिरफ्तार सदस्यों ने पुलिस को बताया कि एक दिन अपने गांव सुपौल जाने के क्रम में इनकी मुलाकात ललितग्राम स्टेशन पर विनोद यादव नामक व्यक्ति से हुई। इसके बाद से ये दोनों इस अवैध किडनी व्यापार में संलिप्त है। गत दिनों एक लड़की को ले जाते दीपक को टंकी सुनवारी बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार दोनों आरोपी ने बताया कि इस कारोबार में एक बच्चे की कीमत 50-60 हजार मिलता है। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में बढ़ते इस अपराध को लेकर वे सुपौल व अररिया एसपी से संपर्क कर अनुसंधान को आगे बढ़ाया जायेगा। फिलहाल मोरंग पुलिस गिरफ्तार दोनों व्यक्ति गहन पूछताछ में जुटी है।

फारबिसगंज को अब तक नही मिला मास्टर प्लान


फारबिसगंज (अररिया) : डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुराने शहर फारबिसगंज में नगरपालिका बने एक सौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। शहरी क्षेत्र के विकास के नये-नये दावे भी किए जाते रहे हैं। लेकिन सौ वर्ष के बाद भी शहर को विकसित करने और जल निकासी जैसे मूलभूत समस्या के लिए कोई मास्टर प्लान नही है। शहर का विकास बेतरतीब तरीके से जैसे-तैसे बिना किसी योजना के होता जा रहा है। वहीं जल निकासी के लिए भी कोई सुदृढ़ मास्टर प्लान नही है। शहर में पूर्व से बने नाले रख-रखाव के अभाव में तथा गुणवत्ताहीनता के कारण समय से पहले हीं टूटता जा रहा है। जल निकासी के लिए बन रहा मेन ड्रेन विवादों में घिरने के साथ हीं निर्माण कार्य रूका हुआ है। शहर में साफ-सफाई व्यवस्था कमजोर है। जल निकासी के बहाव मार्ग में मिट्टी भरकर घर बनाये जा रहे हैं। कुल मिलाकर कोई योजना नही है। इस बारिश के मौसम में भी शहरवासियों को जल जमाव की समस्या से रूबरू होना पड़ेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी:
नप के कार्यपालक पदाधिकारी गिरिजानंद कापड़ी बताते हैं कि बोर्ड की बैठक में शहर की समस्याओं पर विमर्श कर निराकरण का प्रयास किया जाता है। लेकिन शहर के विकास के लिए भविष्य को कोई मास्टर प्लान फिलहाल नही है। हालांकि विकास कार्य, निर्माण कार्य जारी है।
क्या कहती हैं मुख्य पार्षद: फारबिसगंज नप की मुख्य पार्षद वीणा देवी बताती है कि जल निकासी के लिए विस्तृत योजना पर विमर्श कर इसे लागू किया जायेगा। सरकार से राशि मिलने पर शहर वासियों को कई सुविधाएं मिलेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि बगैर किसी प्लानिंग के क्षेत्र में मिट्टी भराई तथा मकान बनाये जाने से समस्या गंभीर होती जायेगी। इसलिए इस पर रोक लगाया जायेगा। हालांकि उन्होंने शहरी क्षेत्रफल के विस्तार पर कोई मास्टर प्लान होने से इंकार किया।
बहरहाल सौ साल के शहर को आज भी एक मास्टर प्लान की तलाश है ताकि इसका सुनियोजित विकास हो सके।

मनरेगा: चौकता के पीआरएस दो माह से फरार


अररिया : जोकीहाट प्रखंड का चौकता पंचायत एक बार फिर मनरेगा योजना में गड़बड़ी के कारण चर्चा में है। पंचायत के रामपुर अन्य गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यो की जांच कराई जा रही है। डीएम के निर्देश पर स्थापना उप समाहत्र्ता बुद्ध प्रकाश ने पीओ, जेई व पीटीए के साथ बीते दिनों कार्यस्थल पर पहुंचकर जांच की। श्री प्रकाश ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
रिपोर्ट के अनुसार चौकता का पंचायत रोजगार सेवक प्रेमचंद कुमार पिछले दो माह से गायब है। सारा अभिलेख भी उन्हीं के पास है।
इधर, श्री प्रकाश की जाच रिपोर्ट के अनुसार रामपुर के मजदूरों ने लिखित रूप से कहा है कि उनका जाब कार्ड पंचायत के मुखिया के पास ही है। रिपोर्ट के अनुसार योजना में प्रयोग सामग्री की जांच क्वालिटी कंट्रोल से कराने की अनुशंसा की गई है। साथ हीं एक भी कार्यस्थल पर सूचना पट्ट नहीं लगाने का भी उल्लेख किया गया है।

चाइनीज सेब के तस्करों पर लगेगा लगाम : एसपी


अररिया : प्रतिबंधित चाइनीज सेब तस्करों पर अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को एसपी ने स्वयं चांदनी चौक पहुंचकर छोटे-मोटे दुकानदारों को प्रतिबंधित सेब की बिक्री रोकने की हिदायत दी। एसपी के हिदायत पर कई दुकानदारों ने चीनी सेब को अपने-अपने दुकानों से हटा भी लिया।
मौके पर एसपी ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद तस्कर नेपाल के रास्ते चाइनीज सेब भारत पहुंचा रहे हैं। भारत तक पहुंचाने के लिए तस्कर भारतीय सीमा से सटे नेपाल बार्डर में सेब का संधारण करते हैं। फिर देर रात को उसे भारतीय सीमा में पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे तस्करों की सक्रियता किशनगंज एवं अररिया सीमा पर ज्यादा देखी जा रही है।
एसपी ने बताया कि बाजारों में लाउ मेन हिंग मार्का लगी सेब चीन से तस्करों द्वारा आयात किया जा रहा है। ये सेब भले ही देखने में आकर्षक लगते हैं लेकिन गुणवत्ता की दृष्टिकोण से यह बेकार चीज है। एसपी ने बताया कि सेब का उत्पादन 3 से 4 माह तक होता है। लेकिन इसमें प्रचुर मात्रा में रासायनिक खाद का प्रयोग किया जाता है। यानि चीनी सेब को अनुवांशिक तौर पर उत्क्रमित किया जाता है। उत्क्रमित करने के दौरान इन सेबों का प्रोटीन क्षीण हो जाता है। वहीं इनके स्वाद में भी काफी अंतर आ जाता है। रंग से आकर्षक लेकिन प्रोटीन से क्षीण चीनी सेब पूरे भारत में प्रतिबंधित है।

गिरफ्तारी की मांग

जोकीहाट : जोकीहाट थानाक्षेत्र के चकई गांव में विवाहिता लक्ष्मी देवी की हत्या के पांच दिन बीतने के बावजूद एक भी आरोपी की गिरफ्तारी जोकीहाट पुलिस नहीं कर सकी है। लक्ष्मी के हत्यारे बेखौफ घूम रहे हैं। इतना ही नहीं मृतका के परिजनों को तरह-तरह की धमकी भी आरोपियों द्वारा दी जा रही है। मृतका लक्ष्मी देवी के मायकेवालों ने एसपी शिवदीप लांडे से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।

केंद्र के भरोसे बिहार में दिख रहा विकास: संजय

अररिया : भाजपा एवं जदयू दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बिहार में प्रजातंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि पूरे सूबे में अफसरशाही चरम पर है। एक तरह से मानों अफसरों को लूट की पूरी छूट दे रखी है। श्री मिश्रा ने कहा कि नीतीश के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए हैं। सुशासन के नाम पर पूरे सूबे में भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है। बिहार में जो भी विकास दिख रहा है वह केंद्र प्रायोजित योजनाओं की देन है।

प्रशासन के लिए चुनौती बनी इंदिरा आवास योजना


अररिया : गृहविहीन गरीबों को इंदिरा आवास देना जिला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। कमीशनखोरी, बिचौलियागिरी तथा बैंक व प्रशासनिक मशीनरी की उदासीनता के कारण इस जिले में इंदिरा आवास योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर पायी है। लेकिन इस बार 88 हजार लोगों को शिविर लगाकर आवास योजना का लाभ दिया जाना है। लिहाजा प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों व तैयारी का दौर लगातार जारी है। जिलाधिकारी एम सरवणन पूरे अभियान की स्वयं मानीटरिंग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार कुल 88 हजार लाभुकों को इंदिरा आवास देने की तैयारी है। इस मद में फिलहाल उपलब्ध राशि से 28 जुलाई को कम से कम तीस हजार लोगों को आवास निर्माण के लिए राशि मुहैया करवा दी जायेगी। इस क्रम में सभी प्रखंडों में होम वर्क किया जा रहा है। आवास का वितरण बीपीएल सूची के अनुसार किया जायेगा। इस कार्य के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जो भी अधिकारी या कर्मी इस अभियान में ढिलाई बरतेगा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।
डीएम ने बताया कि इस वक्त कुल 45 हजार लाभुकों के लिए आवास मद में राशि उपलब्ध है। शेष राशि के लिए सरकार को लिखा गया है। उन्होंने बताया कि आवास राशि वितरण का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
डीएम के मुताबिक सभी प्रखंडों में पंचायत के निकटवर्ती बैंकों को वहां के लाभुकों का खाते खोलने का निर्देश दिया गया है। सभी बीडीओ इस बात की प्रतिदिन मानीटरिंग करेंगे तथा जिला मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे कि आज कितने लाभुकों के खाते खुले या अभियान में कितनी प्रगति हुई। अभियान की प्रगति पर नजर रखने को ले सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग सीनियर डिप्टी कलेक्टरों को तैनात किया गया है। वे अपने प्रखंडों में लाभुक से लेकर उसका खाते खोले जाने तक सारी बात की जानकारी रखेंगे।
डीएम के अनुसार पहले इंदिरा आवास योजना में बिचौलिए के प्रभुत्व की सूचना मिलती रही है। इस कारण से योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। लेकिन इस बार जिला प्रशासन इस बात की पक्की व्यवस्था कर रहा है कि इस योजना में किसी भी स्तर पर बिचौलियों का प्रवेश नहीं हो। अगर कहीं भी बिचौलियों को पाया गया तो उन्हें बिना देरी के जेल भिजवाया जायेगा।

बिन पैसा, कैसे लड़ा जाए बाढ़ से जंग!


अररिया : 18 अगस्त 2008। जब कुसहा में कोसी बंधनमुक्त हुई तो दूसरे इलाके के साथ अररिया भी प्रभावित हुआ। नरपतगंज प्रखंड के लोग इससे आज तक नहीं उबर पाए हैं। इस बार भी मानसून के प्रवेश होते ही बाढ़ ने दस्तक दे दी है। जिले का अररिया, कुर्साकांटा, जोकीहाट, सिकटी, पलासी आदि प्रखंड में प्रत्येक वर्ष भीषण बाढ़ आती है। इस बार बाढ़ पूर्व तैयारी के नाम पर अब तक मात्र एक बैठक ही हो पाया है। उसे भी करीब एक माह गुजर गए जिले में बाढ़ से बचाव के नाम पर न तो एक रूपया है और न ही एक क्विंटल अनाज। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, अगर बाढ़ आ जाए तो इससे जंग कैसे लड़ा जाए।
अब तक न तो किसी अंचल में नियंत्रण कक्ष स्थापित है, और न ही खराब नावों का मरम्मत हो सका है। खाद्य सामग्री की आपूर्ति सरकार से नहीं हुआ है। पालीथीन, सलाई, मोमबत्ती, नमक, चूड़ा, गुड़ आदि के लिए अब तक क्रय समिति की बैठक तक नहीं हो पाई है। आपदा प्रबंधन की ओर से उक्त सामानों के लिए निविदा प्रकाशित कराई गई। लेकिन विडंबना यह है कि सिर्फ पालीथीन के लिए चार संवेदक ने निविदा डाली है। बांकी सामानों के लिए एक भी संवेदक ने निविदा नहीं डाली।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के पास बाढ़ मद में एक किलो अनाज भी नहीं है। जबकि अग्नि सहाय मद में सरकार द्वारा प्राप्त 6200 क्विंटल खाद्यान्न को बाढ़ सहाय मद सुरक्षित रखने का निर्देश आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव से मांगी गई, लेकिन सरकार ने अब तक निर्देश नहीं दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या भोज के वक्त कुम्हड़ लगाया जायेगा? जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तौकिर अकरम की मानें तो बाढ़ पूर्व तैयारी की जा रही है। सामानों के क्रय के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। बाढ़ से निबटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

तीन हजार किलो तस्करी की चाइनीज सेब जब्त


पलासी(अररिया) : गुप्त सूचना के आधार पर अररिया एसपी शिवदीप लांडे के निर्देश पर पलासी थाना पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर लाए गए तीन हजार किलो चाइनीज सेब शनिवार को मैना डेंगा चौक पर जब्त कर लिया। जब्त सेब पिकअप वैन व मैजिक पर लदा था। पुलिस दोनों चालक के साथ माल पहुंचाने वाले एक युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। तस्करी के पकड़े गए 121 कार्टून सेब की कीमत पुलिस द्वारा करीब छह लाख बतायी जा रही है।
एसपी शिवदीप लांडे ने पकड़े गए युवक से पूछताछ के पश्चात बताया कि यह सेब तस्करी का है जिसे कस्टम विभाग को सौंपा जायेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात उन्हें गुप्त सूचना मिली कि नेपाल से तस्करी के सेब आज रात पलासी थाना क्षेत्र से होकर बिहार के विभिन्न जिलों में जाने वाली है।
इस बाबत तत्काल पलासी थानाध्यक्ष आरबी सिंह को चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया। पलासी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र से होकर जाने वाली विभिन्न रास्तों पर जाल बिछाया। इस क्रम में शनिवार अहले सुबह पलासी पुलिस ने मैना डेंगा के समीप सेब से लदे पिकअप वैन व मैजिक गाड़ी को पकड़ा। हालांकि चालक ने गाड़ी लेकर भागने का प्रयास किया, किंतु सफल न हो पाया। पुलिस ने दो चालक सहित एक अन्य माल पहुंचाने वाले युवक को भी दबोचा। श्री लांडे ने बताया कि पूछताछ के क्रम में पकड़े गए उक्त युवकों ने जब्त 121 कार्टून सेब में से एक गाड़ी अररिया के सेब व्यवसायी सउद तथा दूसरी गाड़ी बहादुरगंज(किशनगंज) के फल व्यवसायी मजहर के यहां जाने वाला था। इस क्रम में उन्होंने बताया कि यह सेब स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है। चाइनीज के लोगो लगा सेब नेपाल के अंदर कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है। जहां से भारत के बिहार के अररिया, किशनगंज, भागलपुर, पटना के अलावा कलकत्ता व अन्य शहरों में भेजा जाता है। इस सेब में जेनेटिकली काफी प्राब्लम है इसे कृत्रिम ढंग से जल्द में तैयार किया जाता है जो सेब भारत में प्रतिबंधित है। एसपी ने कहा कि वे अररिया से भी खाद्य पदाधिकारी के माध्यम से तत्काल इस सेब को बंद करायेंगे। साथ ही सरकार को भी इस बाबत लिखेंगे। पकड़ाए युवक में चालक मो. मुजफ्फर साकिन तरबी थाना पलासी टाटा आरएक्स बीआर 38 डी- 5039 पीकअप वैन, मैजिक गाड़ी नंबर बीआर 38 बी-4839 चालक रिजवान साकिन बागमारा जोकीहाट तथा माल पहुंचाने वाला किशोर कुमार साह साकिन दर्शना जोकीहाट का रहने वाला बताया जा रहा है। मौके पर थानाध्यक्ष आरबी सिंह, पु.अ.नि. मिथिलेश कुमार आदि मौजूद थे।

कीचड़ से परेशान बाजार वासियों ने किया एनएच जाम

नरपतगंज (अररिया) : नरपतगंज बाजार के महावीर चौक से मिरदौल एवं महावीर चौक से हास्पीटल चौक जाने वाली सड़क में कीचड़ से तंग आकर दोनों सड़क किनारे के दुकानदार एवं बाजार वासियों ने दो घंटे तक एनएच 57 को जाम रखा। इन दोनों प्रमुख सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि थोड़ी सी बारिश होने के बाद सड़क पर इतनी पानी जमा हो जाती है कि सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। जिससे तंग आकर बाजार वासियों ने शुक्रवार को नरपतगंज आवागमन बाधित कर दिया। जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम करने वाले हसन राजा उर्फ हुसनु, मो. जब्बार, विद्यानंद साह, रमेश भगत, सुनिल सिंह, नारायण साह, बबन जी, कमल देव, बबलू ठाकुर आदि का कहना है कि गैमन इंडिया की लापरवाही के कारण इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है। क्योंकि एनएच 57 के निर्माण के बाद पानी के बहाव नही होने के कारण सड़क पर इस प्रकार की समस्या आयी है। मौके पर अंचल पदाधिकारी जयराम सिंह पहुंचकर ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम हटवाया तथा गैमन इंडिया के अधिकारियों से बात कर सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द करने को कहा।

चौकता पंचायत मनरेगा योजना में गड़बडी की शिकायत,जांच जारी

जोकीहाट(अररिया) : मनरेगा योजना में गड़बड़ी के लिए चर्चित चौकता पंचायत एक बार फिर जांच के दायरे में है। ग्रामीणों की शिकायत पर वरीय उपसमाहर्ता बुद्धप्रकाश ने स्थल पर पहुंचकर कई योजनाओं की जांच भी की। श्री प्रकाश ने बताया कि तीन योजनाओं की जांच की गई। स्थल पर कार्य देखने मात्र से ही गड़बड़ लगता है। श्री प्रकाश ने बताया कि पीआरएस कई दिनों से गायब है। सारा कागजात पीआरएस के पास है। वर्ष 2007-8 में इससे पहले भी मनरेगा घोटाले में चौकता पंचायत में जिला परिषद से संबंधित योजनाओं में शिकायत के बाद सामाजिक अंकेक्षण में कई अनियमितताएं उजागर हुई थी। ग्रामीण विकास सचिव संतोष मैथ्यू ने अररिया पहुंचकर कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा किया था। जिसमें तत्कालीन उपविकास आयुक्त,इंजीनियर वीरप्रकाश सिंह, बागनगर के पोस्टमास्टर ,पार्षद पुत्र आदि पर भी गाज गिरी थी। इसके बावजूद गड़बड़ी थमती नजर नहीं आ रही है।

प्रधानाध्यापक पर फर्जी निकासी का आरोप


जोकीहाट(अररिया) : प्रखंड क्षेत्र के उ.म.वि. उखवा के प्रधानाध्यापक पर विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव का फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से राशि निकासी करने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर सचिव ने जिला एमडीएम प्रमारी, डीईओ,बीईओ,इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की गयी है। प्रधानाध्यापक मुजाहिद हुसैन ने आरोपों को गलत बताया। सचिव पुलन देवी ने अपने आवेदन में लिखा है कि जबसे खाता खोला गया तबसे एक बार सचिव से हस्ताक्षर लिया गया है। सचिव व ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण ,एमडीएम की राशि प्रधानाध्यापक द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर निकासी की जाती है। पूछने पर प्रधानाध्यापक बताते हैं कि अब सचिव के हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। सचिव का कहना है कि वे महादलित जाति की अनपढ़ महिला है उसे प्र.अ के क्रियाकलाप पर यकीन नहीं है। जांच कर उक्त महिला ने कार्रवाई की मांग की है।

बसैटी में प्रखंड मुख्यालय स्थापना की मांग


बसैटी (अररिया) : रानीगंज प्रखंड के बसैटी पंचायत को प्रखंड मुख्यालय बनाने के स्वीकृति मिले सात-आठ वर्ष गुजर गए परंतु आज तक बसैटी में प्रखंड मुख्यालय का उद्घाटन नही होने से लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीण पूर्व मुखिया नंद मोहन झा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अकबर अली, वासुदेव मंडल दास, पूर्व जिला पार्षद बे नजीर साकिर आदि बताते हैं कि 2004 से हीं बसैटी पंचायत प्रस्तावित प्रखंड के सूची में शामिल हुआ था। इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी थी।
इसके बावजूद भी सरकारी उदासीनता के कारण आजतक बसैटी में प्रखंड का उद्घाटन नही हो सका है। ग्रामीण बताते हैं कि यदि बसैटी में प्रखंड मुख्यालय बन जाने से ग्यारह पंचायतों में विकास की काली छाया दूर हो जायेगा। धोबिनिया, घघरी, मिर्जापुर, नंदनपुर, फरकिया, बौसी आदि पंचायत आज भी विकास की रोशनी से कोसों दूर है। प्रखंड मुख्यालय रानीगंज की दूरी 20 से 25 किमी है। ग्रामीण सड़क गड्ढों में तब्दील है। इन सुदूर क्षेत्रों पदाधिकारियों का आना-जाना बहुत कम होता है। लोगों इतना दूर बीना पक्की सड़क से जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रखंड मुख्यालय दूर रहने के कारण अधिकांश योजनाओं पर बिचौलियों का सम्राज्य कायम रहता है। ग्रामीणों ने सरकार से बसैटी पंचायत में प्रखंड मुख्यालय का उद्घाटन शीघ्र करवाने की मांग की है।

सड़क तट के वृक्षों को अपंग बनाने का सिलसिला जारी


अररिया : हरियाली के दुश्मन लगातार सक्रिय हैं। सरकारी जंगलों में वन विभाग ने कड़ाई की तो अब वे सड़क तट के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। सदियों से पथ तट पर खड़े पुराने पेड़ों को अपंग बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। इन वृक्षों की रक्षा का दायित्व आखिर किसका है? ब्रिटिश शासन काल में व देश के आजाद होने के बाद सरकार द्वारा डिस्ट्रिक्ट बोर्ड व लोक निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर मल्टी स्पेसी के फु्रट बियरिंग पेड़ लगाये गए थे। इनसे जहां आम लोगों को पर्यावरण व फल के रूप में सीधा लाभ होता था, वहीं सरकार के लिए ये करोड़ों की संपत्ति थे। लेकिन हरियाली के दुश्मनों की नजर इन पर लग गयी तथा धीरे धीरे उन्हें काटा जाने लगा। कई जगहों पर सड़क किनारे लगे पेड़ आराम से काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं साजिश के तहत पहले जलावन के नाम पर इन पेड़ों की छाल छील ली जाती है। जिससे पेड़ धीरे धीरे सूख जाते हैं। तब उन्हें आराम से काट कर उपयोग में ले आया जाता है। हरियाली के इन दुश्मनों को रोकने वाला कोई नहीं।
अररिया कोर्ट स्टेशन उससे आगे चंद्रदेई की तरफ जाने वाली सड़क में करोड़ों रुपयों की कीमत के पेड़ थे। लेकिन उन्हें आराम से काट लिया गया।
आखिर ये किसकी संपत्ति हैं? वन परिसर पदाधिकारी हेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि सड़क किनारे जिन वृक्षों को रोपण व संधारण वन विभाग द्वारा किया जाता है, उन्हें पीएफ व आरएफ की श्रेणी में रखा जाता है और उनकी रक्षा का दायित्व भी वन विभाग का है। उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़कों के तट पर लगे पुराने पेड़ पीडब्लुडी या संबंधित विभाग की संपत्ति हैं। उनकी रक्षा व संधारण भी उन्हीं को करना है। सिर्फ वैसे पेड़ जिन्हें पीएफ या आरएफ की श्रेणी के तहत रखा गया है, वन विभाग की निगरानी में हैं।
इधर, जानकारों की मानें तो डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के स्वामित्व वाली सड़कों पर लगे पेड़ सर्वाधिक कट रहे हैं। लेकिन निगरानी की कमी साफ नजर आती है। इतना ही नहीं डिस्ट्रिक्ट बोर्ड अपने पेड़ों की बगैर सूचना के ही आक्शन भी कर देता है।

बिना लाइसेंस धड़ल्ले से बेच रहे खाद

भरगामा (अररिया) : प्रखंड के विभिन्न चौक चौराहों व हाट बाजारों में बिना अनुज्ञप्तिधारी दुकान में रासायनिक खाद धड़ल्ले से बेची जा रही है। ऐसी दुकानें दर्जनों की संख्या में हैं। क्षेत्र के किसान भूमनेश्वर यादव, अशोक यादव, सुबोध कुमार, अशोक कुमार दास का कहना है कि एक तो मौसम की मार से सभी किसान परेशान है उसपर बिना अनुज्ञप्ति धारी दुकानदार की क्षेत्र में भरमार है। किसानों का कहना है कि धान की रोपनी का समय आ चुका है किसान क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर धान की खेती करते हैं और बिना अनुज्ञप्ति धारी दुकानों में गुणवत्ता हीन रासायनिक खाद उंचे मूल्य पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। जबकि इन दिनों वर्षा कम होने के कारण पंप सेट से खेत की पटवन कर धान रोपाई करना पर रहा है उपर से इन खाद विक्रेताओं द्वारा असली के जगह नकली खाद किसानों से बेचा जा रहा है।

अभिषेक बने जदयू जिला किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष

फारबिसगंज (अररिया) : फारबिसगंज प्रखंड के गुरमी निवासी अभिषेक कुमार को जदयू जिला किसान प्रकोष्ठ काअध्यक्ष नियुक्त किया गया है। श्री कुमार की मनोनीत पर कार्यकर्ताओं में हर्ष व्यक्त है। उनकी मनोनयन पर जदयू जिला प्रवक्ता पवन मिश्रा, रमेश सिंह, प्रदीप साह, मो. इकबाल, नूर मोहम्मद, गोपाल राय, पोलो ऋषिदेव, दिलीप पटेल, पिंटू दास, किशोर राय, बैद्यनाथ मंडल, सबीर आलम आदि ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए किसानों की समस्या उभर रखने तथा संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जाहिर की।

रेणु की माटी के लाल ने किया श्रीलंका में कमाल


अररिया : होनहार वीरवान के होत चिकने पात। इस कहावत को अररिया के नन्हे उस्ताद सौरभ आनंद ने शतरंज की दुनिया में चरितार्थ कर दिखाया है। श्रीलंका के हिक्का दुआ में संपन्न हुए अंतर्राष्ट्रीय एशियन यूथ रैपिड चेस चैम्पियनशिप 12 में भाग लेकर तीन गोल्ड मेडल हासिल कर पूरे भारत में बिहार के अररिया की सोंधी माटी की महक फैला दी है।
घर लौटने पर इस अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन को हर कोई गले लगा रहा है। रेणु की माटी के इस सपूत ने श्रीलंका के हिक्कादुआ में 25 जून 12 से एक जुलाई 12 तक संपन्न हुए तीन खेल में भाग लिया। जो चाया ट्रांज होटल हिक्कादुआ में खेला गया। इस खेल में विश्व के आस्ट्रिया, मलेशिया, मालद्वीप, यूएई, फिलीपीन्स, बंगलादेश, इरान, इराक, चीन, वियतनाम, श्रीलंका, कजाकिस्तान व भारत समेत 19 देशों के कुल 29 चेस खिलाड़ियों ने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें भारत की ओर से खेल रहे नन्हे उस्ताद सौरभ आनंद (बिहार), तामिलनाडु के चेन्नई निवासी एलएनराम अरविंद तथा आंधप्रदेश के राहुल श्रीवास्तव ने भाग लिया। अंदर टेन के इस चेस चैंपियनशिप में सौरभ ने चैंपियन बन पहला स्थान प्राप्त कर तीन-तीन गोल्ड मेडल समेत प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। इस खेल के आयोजन समिति के चेयरमेन, चेस फेडरेशन आफ श्रीलंका के हानी सेक्रेटरी तथा कामन वेल्थ चेस एसोसिएशन के जेनरल सेक्रेटरी समेत जोन- 3, 2 एक आईडीई के प्रेसिडेंट रहे लक्ष्मण बिजे सूरिया तथा चीफ अखीटोर के डिप्टी प्रेसिडेंट आफ एसीएन फडरेशन के कास्टो अबुण्डो के द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस चेस टूर्नामेंट का आयोजन श्रीलंका के चेस फेडरेशन द्वारा संपन्न हुआ।
भारत के महान शतरंज खिलाड़ी ग्रेण्ड मास्टर विश्वनाथन आनंद को आदर्श मान सौरभ लगातार शतरंज की बुलंदियों पर चढ़ता जा रहा है। इससे पूर्व भी इसने पा‌र्श्वनाथ कामनवेल्थ चेस चैंपियनशिप 2010 अंदर आठ में मेडल हासिल किया था। जहां कामनवेल्थ के सदस्य देशों के 311 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। जो नई दिल्ली में 18 मई 10 को संपन्न हुआ। इस खेल में भी विश्व के पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, बंगलादेश आदि के खिलाड़ी शामिल थे। इससे पूर्व सौरभ ने नेपाल के काठमांडू में खेले गए टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। श्रीलंका में तिलकरत्‍‌ने, जी एच गुलवर्दना तथा डेनुवान जी एच को द्वितीय तथा ईरान देश के डेरा काशमी बोना, तोफानी कोरक तथा गोसामी उर्मी महाडी को तीसरे स्थान पर रहे। सौरभ अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता समेत दैनिक जागरण को देते कहते हैं कि दैनिक जागरण अखबार को अपना मान चुके सौरभ आनंद समेत इनके बड़े भाई कुमार गौरव तथा पांच वर्षीय नन्हीं बहन गरिमा गौरव को पूर्व से इस अखबार से अपनत्व रहा है। सौरभ के पिता देवनंदन दिवाकर तथा माता कादंबरी देवी तथा हर दम साथ रहे चाचा रविन्द्र कुमार इस नन्हें उस्ताद के उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। कहते है तंगहाली के बावजूद वे अपने लाडले को यथा संभव उत्साहित तो करते हैं लेकिन सरकार व प्रशासन समेत समाजिक संगठन इस ओर उदासीन है।
घर वापस होने के पूर्व सौरभ सर्व प्रथम अररिया स्थित महा काली मंदिर जाकर पूजा अर्चना किये तथा पुजारी नानू दा ने उन्हें चुनरी भेंट कर सफलता का आर्शीवचन दिया। घर लौटने पर लोगों के साथ एसपी शिवदीप लांडे ने नन्हें उस्ताद को बधाई दी।

जमीन की ठगी को लेकर नामजद प्राथमिकी


पलासी (अररिया) : प्रखंड के मैना गांव निवासी मंजूर आलम ने अपने ही गांव के मो.मुस्लिम व अन्य पर साजिश व जालसाजी कर बेची जमीन के नाम पर रुपये ठगी कर दोबारा उसी जमीन को रजिस्ट्री करने का आरोप लगाते हुए पलासी थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है।
थाना कांड सं. 70/12 के तहत पांच व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया है। दर्ज प्राथमिकी में सूचक ने साल 2008 में गांव के ही मो. मुस्लिम से साढ़े नौ डी. जमीन खरीदी थी। अचानक 20 जून 12 को मुस्लिम व उनकी पत्‍‌नी बीबी सम्बुलिया, शोयेब, तोहीद व एकराम सूचक को कहने लगे कि यह जमीन उनकी है। विरोध करने पर मारपीट आरंभ कर दिया। इस बीच हल्ला सुनकर ग्रामीण भी आ गये। इस क्रम में सम्बुलिया ने कहा कि यह जमीन उनके नाम से केवाला है। जिसको लेकर ग्रामीण पंचायती हुई, जिसमें उसने केवाला भी दिखायी। केवाला में मुस्लिम द्वारा 21.10.2008 को ही उक्त जमीन अपनी पत्‍‌नी (सम्बुलिया) के नाम से रजिस्ट्री कर दिया गया है। इस बाबत सूचक ने उक्त सबों पर साजिश के तहत जालसाजी कर रुपये ठगी व उसी जमीन को पुन: रजिस्ट्री का आरोप लगाते हुए पलासी थाना से न्याय की गुहार लगायी है। इस संबंध में थानाध्यक्ष आरबी सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की सघन तहकीकात कर रही है।

शिक्षा ऋण आवेदन लिया जायेगा आज से

अररिया: शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित टाउन हाल में शिक्षा ऋण के लिए आवेदन लिया जायेगा। सरकार के निर्देश पर 7 जुलाई को कैंप आयोजित कर बैंकों को अभ्यर्थियों से आवेदन लेना है। यह जानकारी वरीय उप समाहर्ता (बैकिंग) रविन्द्र राम ने दी। उन्होंने बताया कि टाउन हाल में सभी बैंक के जिला समन्वयक मौजूद रहेंगे। श्री राम के अनुसार अभ्यर्थियों को विहित प्रपत्र व चेक लिस्ट शिविर में ही मिलेगा।

टेरा फिल्टर: डीईओ ने फिर बनाया जांच टीम

अररिया : एमएसडीपी मद से जिले के स्कूलों में लगाये गए टेराफिल्टर की जांच एक बार फिर होगी। डीईओ राजीव रंजन प्रसाद के पर सभी बीईओ के द्वारा किए गए जांच पर दैनिक जागरण ने सवालिया लहजे में लगातार खबर प्रकाशित किया। समाचार पत्र के खबरों पर डीईओ श्री प्रसाद ने एक्शन लेते हुए पुन: जांच के लिए टीम गठित कर दिया। श्री प्रसाद ने इस बार जांच का जिम्मा शिक्षा विभाग के जिलास्तर के पदाधिकारी को सौंपा है। सभी नौ प्रखंड के लिए तीन अधिकारी को नामित किया गया है, जांच अधिकारी 13 से 16 जुलाई तक आवंटित प्रखंडों में एमएसडीपी योजना मद से लगे टेराफिल्टर की गुणवत्ता व अनुश्रवण करेंगे। डीईओ ने अररिया, रानीगंज तथा कुर्साकांटा प्रखंड के लिए माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ बसंत कुमार, फारबिसगंज, सिकटी व नरपतगंज में मध्याह्न भोजन पदाधिकारी रविन्द्र राम तथा जोकीहाट, पलासी व भरगामा में प्राथमिक शिक्षा डीपीओ विद्यानंद ठाकुर जांच करेंगे। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी है।