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Saturday, July 7, 2012

किडनी बेचने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार


जोगबनी (अररिया)  : नेपाल के मोरंग जिले में किडनी बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को मोरंग पुलिस (नेपाल) ने गिरफ्तार किया है। इस आशय की जानकारी मोरंग की डीएसपी उमा प्रसाद चतुर्वेदी ने देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में किडनी बेचने वाले गिरोह सक्रिय है। गिरोह के पकड़े गए सदस्यों में एक महिला व एक पुरुष शामिल हैं।
डीएसपी श्री चतुर्वेदी के अनुसार सुपौल जिले के डोरा गांव निवासी दीपक और सरिता इस गिरोह के सदस्य हैं। इनके द्वारा नेपाल से बच्चों को भारत ले जाते हैं और फिर उसे एक डाक्टर के हाथों बेच डालते हैं। गिरफ्तार महिला व पुरुष ने 20 वर्ष पूर्व नेपाली नागरिकता प्राप्त कर ली है। गिरोह के दोनों सदस्य दुहबी स्थित सोनू स्वीट्स में काम करते हैं। गिरफ्तार सदस्यों ने पुलिस को बताया कि एक दिन अपने गांव सुपौल जाने के क्रम में इनकी मुलाकात ललितग्राम स्टेशन पर विनोद यादव नामक व्यक्ति से हुई। इसके बाद से ये दोनों इस अवैध किडनी व्यापार में संलिप्त है। गत दिनों एक लड़की को ले जाते दीपक को टंकी सुनवारी बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार दोनों आरोपी ने बताया कि इस कारोबार में एक बच्चे की कीमत 50-60 हजार मिलता है। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में बढ़ते इस अपराध को लेकर वे सुपौल व अररिया एसपी से संपर्क कर अनुसंधान को आगे बढ़ाया जायेगा। फिलहाल मोरंग पुलिस गिरफ्तार दोनों व्यक्ति गहन पूछताछ में जुटी है।

जलसा शायरे इस्लाम कासीर ख्बानी को दी गई श्रद्धांजलि


अररिया : बिहार के नामी शख्सियत मशहूर शायर शायरे इस्लाम मौलाना गुलाम ख्बानी कासीर भागलपुरी को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शाम एक जलसे का आयोजन किया गया। अररिया प्रखंड के मटियारी चौक पर एक ताजीयाती प्रोग्राम का आयोजन इसलाहे मआशरा तंजीम के जिलाध्यक्ष मौलाना हदीशुल्लाह भागलपुरी की सदारत में आयोजित की गई। इस मौके पर जिले के नामी गिरामी उलमा हजरात के अलावा इलाके के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। तंजीमे फलाहे मिल्लत के सचिव मौलाना जुबैर अहमद मोजाहीरी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आवाज के जादूगर तरन्नुमे शहंशाह आज हमारे बीच नहीं है। उनकी मृत्यु 21 जून को 70 वर्ष की आयु में हो गई। उनको सुनने के लिए लोग बेताब रहते थे। उनका यह कलाम आज भी लोग गुनगुनाते हैं।
हम गुनहगार हैं, अपनी कमली में मुझको दुनियां की दौलत नहीं चाहिए। बस खुदा और खुदा का नबी चाहिए। इस ताजीयाती इजलास को मौलाना गुलाम रब्बानी नासीर, मौलाना हमीदुल्लाह, मौलाना मोहसिन, मुफ्ति सादून नजीब, खतीब हैदर, मो. मासूक, मो. मासूम, रमजान अली मुफ्ति एहतशामूल हक, हारूण रशीद गाफिल एवं मो. नाफेह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मौलवी हदीशुल्लाह नसर भागलपुरी द्वारा लिखित पुस्तक इसलाहे उम्मत का उलमाओं ने विमोचन किया।

नरपतगंज में होगी मनरेगा की अगली बैठक


अररिया : 14 जुलाई को प्रस्तावित मनरेगा योजना की साप्ताहिक समीक्षा बैठक नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय में होगी। आगामी शनिवार को होने वाली बैठक में नरपतगंज प्रखंड के लोग मनरेगा योजना से जुड़े मामलों की शिकायत भी कर सकते हैं। बैठक में खुद डीएम एम. सरवणन के अलावा डीडीसी भी मौजूद रहेंगे । यह निर्णय समाहरणालय स्थित आत्मन कक्ष में मनरेगा की समीक्षात्मक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डीएम एम. सरवणन ने की।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एडीपीआरओ योगेन्द्र कुमार लाल ने बताया कि नरपतगंज के पंचायतों में लक्ष्य के अनुसार मानव दिवस का सृजन नहीं किया गया है। डीएम श्री सरवणन ने प्रखंडवार समीक्षा क्रम में नरपतगंज की स्थिति बहुत दयनीय पायी। डीएम ने बैठक में नरपतगंज पीओ को कड़ी फटकार लगाई।
बैठक में प्राय: सभी पीओ ने कहा कि पंचायतों में मुखिया व पीआरएस के बीच तालमेल नही रहने के कारण योजना प्रभावित हो रहा है। इस मामले पर डीएम श्री सरवणन ने डीडीसी को ऐसे पंचायतों के मुखिया व पीआरएस के साथ बैठक कर कार्य को सुचारु रूप से कराने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी प्रभात कुमार महथा, डीआरडीए निदेशक जफर रकीब, मनरेगा के कार्यपालक अभियंता सुरेश कु. सिंह व सभी पीओ मौजूद थे।

नगर में खाली जमीन का भी भरना होगा टैक्स


फारबिसगंज (अररिया) : नगर परिषद द्वारा शहरी क्षेत्र में खाली जमीन जिस पर कोई मकान या ढांचा बना हुआ नहीं है, उसका भी टैक्स वसूला जायेगा। यह जानकारी मुख्य पार्षद वीणा देवी ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष से ऐसी जमीनों को चिन्हित कर उसकी टैक्स उगाही की जायेगी।
मुख्य पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि शहर के वार्ड संख्या 1, 6, 7, 8 और 22, 23, 24 एवं 25 में नए मकान बनवाने के इच्छुक लोगों को मकान का नक्शा नप कार्यालय में जमा करना आवश्यक होगा। नप द्वारा स्वीकृति मिलने के उपरांत ही वे मकान बनवा सकेंगे। बताया कि ऐसी व्यवस्था शहर की जल निकासी समस्या को देखते हुए की गयी है। उन्होंने बताया कि सीताधार और मेन ड्रेन के किनारे की जमीन को अतिक्रमित कर कई लोगों ने घर व दीवार खड़ा कर ली है। इससे जल निकासी की घोर समस्या उत्पन्न हो गई है। कहा कि नगर और नगर वासी के हित में आवश्यकता पड़ने पर नप प्रशासन द्वारा अवरोधों को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की जायेगी।
इस मौके पर उप मुख्य पार्षद मोती खान, स्थायी समिति सदस्य अनिल कु. सिन्हा, अशोक फुलासरिया और रजत सिंह, पार्षद रंजू केसरी, रूकसाना खातुन, मनोज ठाकुर, अमर कामत, किशोर राय, मो. इस्लाम, प्रधान सहायक शंकर झा, जेई विनोद कुमार आदि उपस्थित थे।

फारबिसगंज को अब तक नही मिला मास्टर प्लान


फारबिसगंज (अररिया) : डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुराने शहर फारबिसगंज में नगरपालिका बने एक सौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। शहरी क्षेत्र के विकास के नये-नये दावे भी किए जाते रहे हैं। लेकिन सौ वर्ष के बाद भी शहर को विकसित करने और जल निकासी जैसे मूलभूत समस्या के लिए कोई मास्टर प्लान नही है। शहर का विकास बेतरतीब तरीके से जैसे-तैसे बिना किसी योजना के होता जा रहा है। वहीं जल निकासी के लिए भी कोई सुदृढ़ मास्टर प्लान नही है। शहर में पूर्व से बने नाले रख-रखाव के अभाव में तथा गुणवत्ताहीनता के कारण समय से पहले हीं टूटता जा रहा है। जल निकासी के लिए बन रहा मेन ड्रेन विवादों में घिरने के साथ हीं निर्माण कार्य रूका हुआ है। शहर में साफ-सफाई व्यवस्था कमजोर है। जल निकासी के बहाव मार्ग में मिट्टी भरकर घर बनाये जा रहे हैं। कुल मिलाकर कोई योजना नही है। इस बारिश के मौसम में भी शहरवासियों को जल जमाव की समस्या से रूबरू होना पड़ेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी:
नप के कार्यपालक पदाधिकारी गिरिजानंद कापड़ी बताते हैं कि बोर्ड की बैठक में शहर की समस्याओं पर विमर्श कर निराकरण का प्रयास किया जाता है। लेकिन शहर के विकास के लिए भविष्य को कोई मास्टर प्लान फिलहाल नही है। हालांकि विकास कार्य, निर्माण कार्य जारी है।
क्या कहती हैं मुख्य पार्षद: फारबिसगंज नप की मुख्य पार्षद वीणा देवी बताती है कि जल निकासी के लिए विस्तृत योजना पर विमर्श कर इसे लागू किया जायेगा। सरकार से राशि मिलने पर शहर वासियों को कई सुविधाएं मिलेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि बगैर किसी प्लानिंग के क्षेत्र में मिट्टी भराई तथा मकान बनाये जाने से समस्या गंभीर होती जायेगी। इसलिए इस पर रोक लगाया जायेगा। हालांकि उन्होंने शहरी क्षेत्रफल के विस्तार पर कोई मास्टर प्लान होने से इंकार किया।
बहरहाल सौ साल के शहर को आज भी एक मास्टर प्लान की तलाश है ताकि इसका सुनियोजित विकास हो सके।

विराट नगर में आठ किलो गांजा सहित तीन गिरफ्तार


जोगबनी (अररिया) : नेपाल के विराट नगर बस पड़ाव से मोरंग पुलिस ने शुक्रवार की देर संध्या आठ किलो गांजा के साथ तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत व्यक्ति में एक पुरुष दीनू मंडल व दो महिला क्रमश: उषा देवी व शीला देवी कटिहार के नवाबगंज निवासी हैं।
मोरंग पुलिस के अनुसार उन्हें तीन तस्करों द्वारा गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। तीनों व्यक्ति सुनसरी के बराह क्षेत्र से गांजा ले जा रहे थे। सूचना के अनुसार तीनों तस्करों को विराटनगर बस पड़ाव में पकड़ा गया। पकड़ी गई महिला ने पुलिस को बताया कि दीनू मंडल द्वारा महिलाओं को गांजा साड़ी में छिपा कर लाने के लिए लाया था। चूंकि भारत में गांजा महंगा बिकता है और यहां सस्ता यही कारण है कि दिनु मंडल उक्त तस्करी में संलग्न है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार तीनों व्यक्ति से पूछताछ कर रही है।

मनरेगा: चौकता के पीआरएस दो माह से फरार


अररिया : जोकीहाट प्रखंड का चौकता पंचायत एक बार फिर मनरेगा योजना में गड़बड़ी के कारण चर्चा में है। पंचायत के रामपुर अन्य गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यो की जांच कराई जा रही है। डीएम के निर्देश पर स्थापना उप समाहत्र्ता बुद्ध प्रकाश ने पीओ, जेई व पीटीए के साथ बीते दिनों कार्यस्थल पर पहुंचकर जांच की। श्री प्रकाश ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
रिपोर्ट के अनुसार चौकता का पंचायत रोजगार सेवक प्रेमचंद कुमार पिछले दो माह से गायब है। सारा अभिलेख भी उन्हीं के पास है।
इधर, श्री प्रकाश की जाच रिपोर्ट के अनुसार रामपुर के मजदूरों ने लिखित रूप से कहा है कि उनका जाब कार्ड पंचायत के मुखिया के पास ही है। रिपोर्ट के अनुसार योजना में प्रयोग सामग्री की जांच क्वालिटी कंट्रोल से कराने की अनुशंसा की गई है। साथ हीं एक भी कार्यस्थल पर सूचना पट्ट नहीं लगाने का भी उल्लेख किया गया है।

चाइनीज सेब के तस्करों पर लगेगा लगाम : एसपी


अररिया : प्रतिबंधित चाइनीज सेब तस्करों पर अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को एसपी ने स्वयं चांदनी चौक पहुंचकर छोटे-मोटे दुकानदारों को प्रतिबंधित सेब की बिक्री रोकने की हिदायत दी। एसपी के हिदायत पर कई दुकानदारों ने चीनी सेब को अपने-अपने दुकानों से हटा भी लिया।
मौके पर एसपी ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद तस्कर नेपाल के रास्ते चाइनीज सेब भारत पहुंचा रहे हैं। भारत तक पहुंचाने के लिए तस्कर भारतीय सीमा से सटे नेपाल बार्डर में सेब का संधारण करते हैं। फिर देर रात को उसे भारतीय सीमा में पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे तस्करों की सक्रियता किशनगंज एवं अररिया सीमा पर ज्यादा देखी जा रही है।
एसपी ने बताया कि बाजारों में लाउ मेन हिंग मार्का लगी सेब चीन से तस्करों द्वारा आयात किया जा रहा है। ये सेब भले ही देखने में आकर्षक लगते हैं लेकिन गुणवत्ता की दृष्टिकोण से यह बेकार चीज है। एसपी ने बताया कि सेब का उत्पादन 3 से 4 माह तक होता है। लेकिन इसमें प्रचुर मात्रा में रासायनिक खाद का प्रयोग किया जाता है। यानि चीनी सेब को अनुवांशिक तौर पर उत्क्रमित किया जाता है। उत्क्रमित करने के दौरान इन सेबों का प्रोटीन क्षीण हो जाता है। वहीं इनके स्वाद में भी काफी अंतर आ जाता है। रंग से आकर्षक लेकिन प्रोटीन से क्षीण चीनी सेब पूरे भारत में प्रतिबंधित है।

जिसकी जहां चली उसी ने लगा दिया सोलर


अररिया : जिसकी जहां चली उसी ने लगा दिया सोलर। कहीं पंचायत समिति ही सप्लायर बन गए तो कहीं बिचौलियों ने काटी चांदी। किसी प्रखंड में किशनगंज की पार्टी का जोर रहा तो कहीं पटना की एजेंसी के नाम पर मुख्यालय के लोगों ने बिचौलियागिरी की।
जिले में बीस करोड़ के सोलर लाइट घोटाले की यह कड़वी सच्चाई है। अररिया प्रखंड में पंचायत समिति सदस्य ने ही कई पंचायतों में सोलर लाइट सप्लाई करवा दी। बदले में उन्होंने मोटा कमीशन कमाया। मतलब न हींग लगे न फिटकिरी रंग भी आए चोखा। इसी प्रकार रानीगंज प्रखंड में एक पंचायत समिति के पति सह पूर्व पंचायत समिति ने धड़ल्ले से पंचायतों में सोलर लाइट बेची। कहा जाता है कि सोलर लाइट बाबा की कृपा से बीते पांच साल में उक्त पंचायत समिति सड़कपति से करोड़पति बन गये। दीगर बात है कि इस प्रखंड में सोलर लाइट के पोल गड़े लेकिन इसकी दूधिया रोशनी देखने के लिए आंखें तरस गयी। अनियमितता की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जिले के किसी पंचायत में सोलर लाइट 46 हजार में खरीदी गई तो कहीं महज 18 हजार रुपये में। यह सारी खरीदारी बीते पांच सालों के दौरान हुई। सोलर लाइट में घोटाले और अनियमितता को देखते हुए सरकार ने 13वीं वित्त आयोग की राशि खर्च करने का सर्कुलर हर पंचायत को दिया। लेकिन सोलर लाइट में मोटी कमाई देख पंचायत के मुखिया ने नियमों को ताक पर रख लाइट लगवा लिये। लाइट के खेल में सिकटी से लेकर नरपतगंज तक के मुखिया शामिल हैं।
इधर जिले में घपले की खबर पाकर जिलाधिकारी ने इस मामले की गहन छानबीन के लिए कमर कस ली है। इसको लेकर जांच कमेटी बना दी गयी है।

गिरफ्तारी की मांग

जोकीहाट : जोकीहाट थानाक्षेत्र के चकई गांव में विवाहिता लक्ष्मी देवी की हत्या के पांच दिन बीतने के बावजूद एक भी आरोपी की गिरफ्तारी जोकीहाट पुलिस नहीं कर सकी है। लक्ष्मी के हत्यारे बेखौफ घूम रहे हैं। इतना ही नहीं मृतका के परिजनों को तरह-तरह की धमकी भी आरोपियों द्वारा दी जा रही है। मृतका लक्ष्मी देवी के मायकेवालों ने एसपी शिवदीप लांडे से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।

नप के स्थायी समिति सदस्यों ने ली शपथ



फारबिसगंज(अररिया) : फारबिसगंज नगर परिषद के नव निर्वाचित वार्ड पार्षदों में से मनोनीत किए गए सशक्त स्थायी समिति के तीन सदस्यों को शनिवार को फारबिसगंज अनुमंडल कार्यालय में शपथ दिलायी गयी। प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा के द्वारा तीनों सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी। नप क्षेत्र के वार्ड बीस के पार्षद अनिल कुमार सिन्हा, वार्ड दो के पार्षद अशोक फुलसरिया तथा वार्ड 19 के पार्षद रजत सिंह सशक्त स्थायी समिति सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए हैं। मनोनीत सदस्यों द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ ली गयी। मौके पर नप की मुख्य पार्षद वीणा देवी, उपमुख्य पार्षद मोती खान, वार्ड पार्षद धीरज पासवान, पिंकी देवी, मनोज ठाकुर, रंजू केसरी, रूकसाना खातून, रीता राय, रंजीत राय, किशोर राय, मो. इसलाम दिलीप पासवान, मनोज जायसवाल, नप के प्रधान सहायक शंकर झा सहित अन्य लोग मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित वार्ड पार्षदों तथा अन्य लोगों ने नये स्थायी समिति सदस्यों के प्रति हर्ष व्यक्त करते हुए नप के विकास कार्य में सकारात्मक भूमिका की उम्मीद जाहिर की।

केंद्र के भरोसे बिहार में दिख रहा विकास: संजय

अररिया : भाजपा एवं जदयू दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बिहार में प्रजातंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि पूरे सूबे में अफसरशाही चरम पर है। एक तरह से मानों अफसरों को लूट की पूरी छूट दे रखी है। श्री मिश्रा ने कहा कि नीतीश के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए हैं। सुशासन के नाम पर पूरे सूबे में भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है। बिहार में जो भी विकास दिख रहा है वह केंद्र प्रायोजित योजनाओं की देन है।

प्रशासन के लिए चुनौती बनी इंदिरा आवास योजना


अररिया : गृहविहीन गरीबों को इंदिरा आवास देना जिला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। कमीशनखोरी, बिचौलियागिरी तथा बैंक व प्रशासनिक मशीनरी की उदासीनता के कारण इस जिले में इंदिरा आवास योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर पायी है। लेकिन इस बार 88 हजार लोगों को शिविर लगाकर आवास योजना का लाभ दिया जाना है। लिहाजा प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों व तैयारी का दौर लगातार जारी है। जिलाधिकारी एम सरवणन पूरे अभियान की स्वयं मानीटरिंग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार कुल 88 हजार लाभुकों को इंदिरा आवास देने की तैयारी है। इस मद में फिलहाल उपलब्ध राशि से 28 जुलाई को कम से कम तीस हजार लोगों को आवास निर्माण के लिए राशि मुहैया करवा दी जायेगी। इस क्रम में सभी प्रखंडों में होम वर्क किया जा रहा है। आवास का वितरण बीपीएल सूची के अनुसार किया जायेगा। इस कार्य के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जो भी अधिकारी या कर्मी इस अभियान में ढिलाई बरतेगा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।
डीएम ने बताया कि इस वक्त कुल 45 हजार लाभुकों के लिए आवास मद में राशि उपलब्ध है। शेष राशि के लिए सरकार को लिखा गया है। उन्होंने बताया कि आवास राशि वितरण का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
डीएम के मुताबिक सभी प्रखंडों में पंचायत के निकटवर्ती बैंकों को वहां के लाभुकों का खाते खोलने का निर्देश दिया गया है। सभी बीडीओ इस बात की प्रतिदिन मानीटरिंग करेंगे तथा जिला मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे कि आज कितने लाभुकों के खाते खुले या अभियान में कितनी प्रगति हुई। अभियान की प्रगति पर नजर रखने को ले सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग सीनियर डिप्टी कलेक्टरों को तैनात किया गया है। वे अपने प्रखंडों में लाभुक से लेकर उसका खाते खोले जाने तक सारी बात की जानकारी रखेंगे।
डीएम के अनुसार पहले इंदिरा आवास योजना में बिचौलिए के प्रभुत्व की सूचना मिलती रही है। इस कारण से योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। लेकिन इस बार जिला प्रशासन इस बात की पक्की व्यवस्था कर रहा है कि इस योजना में किसी भी स्तर पर बिचौलियों का प्रवेश नहीं हो। अगर कहीं भी बिचौलियों को पाया गया तो उन्हें बिना देरी के जेल भिजवाया जायेगा।

बिन पैसा, कैसे लड़ा जाए बाढ़ से जंग!


अररिया : 18 अगस्त 2008। जब कुसहा में कोसी बंधनमुक्त हुई तो दूसरे इलाके के साथ अररिया भी प्रभावित हुआ। नरपतगंज प्रखंड के लोग इससे आज तक नहीं उबर पाए हैं। इस बार भी मानसून के प्रवेश होते ही बाढ़ ने दस्तक दे दी है। जिले का अररिया, कुर्साकांटा, जोकीहाट, सिकटी, पलासी आदि प्रखंड में प्रत्येक वर्ष भीषण बाढ़ आती है। इस बार बाढ़ पूर्व तैयारी के नाम पर अब तक मात्र एक बैठक ही हो पाया है। उसे भी करीब एक माह गुजर गए जिले में बाढ़ से बचाव के नाम पर न तो एक रूपया है और न ही एक क्विंटल अनाज। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, अगर बाढ़ आ जाए तो इससे जंग कैसे लड़ा जाए।
अब तक न तो किसी अंचल में नियंत्रण कक्ष स्थापित है, और न ही खराब नावों का मरम्मत हो सका है। खाद्य सामग्री की आपूर्ति सरकार से नहीं हुआ है। पालीथीन, सलाई, मोमबत्ती, नमक, चूड़ा, गुड़ आदि के लिए अब तक क्रय समिति की बैठक तक नहीं हो पाई है। आपदा प्रबंधन की ओर से उक्त सामानों के लिए निविदा प्रकाशित कराई गई। लेकिन विडंबना यह है कि सिर्फ पालीथीन के लिए चार संवेदक ने निविदा डाली है। बांकी सामानों के लिए एक भी संवेदक ने निविदा नहीं डाली।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के पास बाढ़ मद में एक किलो अनाज भी नहीं है। जबकि अग्नि सहाय मद में सरकार द्वारा प्राप्त 6200 क्विंटल खाद्यान्न को बाढ़ सहाय मद सुरक्षित रखने का निर्देश आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव से मांगी गई, लेकिन सरकार ने अब तक निर्देश नहीं दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या भोज के वक्त कुम्हड़ लगाया जायेगा? जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तौकिर अकरम की मानें तो बाढ़ पूर्व तैयारी की जा रही है। सामानों के क्रय के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। बाढ़ से निबटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

अगलगी में चार मवेशी झुलसे, एक लाख की क्षति

जोकीहाट : प्ररवंड क्षेत्र के पथराबाड़ी पंचायत अंतर्गत महदेवा गांव में शुक्रवार की रात अचानक लगी आग से दो घर तथा चार मवेशी सहित एक लाख की संपति जलकर नष्ट हो गई। आग उस समय लगी जब सभी गृहस्वामी अपने-अपने घरों में सो रहे थे। अग्निपीड़ितों में हबीब व ताहिर के नाम शामिल हैं। पंसस निकहत परवीन, उपमुरिवया अरशद आलम, रइसुद्यीन आदि ने अग्निपीड़ितों के बीच राहत सामग्री एवं इंदिरा आवास वितरण की मांग की है।

तीन हजार किलो तस्करी की चाइनीज सेब जब्त


पलासी(अररिया) : गुप्त सूचना के आधार पर अररिया एसपी शिवदीप लांडे के निर्देश पर पलासी थाना पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर लाए गए तीन हजार किलो चाइनीज सेब शनिवार को मैना डेंगा चौक पर जब्त कर लिया। जब्त सेब पिकअप वैन व मैजिक पर लदा था। पुलिस दोनों चालक के साथ माल पहुंचाने वाले एक युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। तस्करी के पकड़े गए 121 कार्टून सेब की कीमत पुलिस द्वारा करीब छह लाख बतायी जा रही है।
एसपी शिवदीप लांडे ने पकड़े गए युवक से पूछताछ के पश्चात बताया कि यह सेब तस्करी का है जिसे कस्टम विभाग को सौंपा जायेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात उन्हें गुप्त सूचना मिली कि नेपाल से तस्करी के सेब आज रात पलासी थाना क्षेत्र से होकर बिहार के विभिन्न जिलों में जाने वाली है।
इस बाबत तत्काल पलासी थानाध्यक्ष आरबी सिंह को चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया। पलासी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र से होकर जाने वाली विभिन्न रास्तों पर जाल बिछाया। इस क्रम में शनिवार अहले सुबह पलासी पुलिस ने मैना डेंगा के समीप सेब से लदे पिकअप वैन व मैजिक गाड़ी को पकड़ा। हालांकि चालक ने गाड़ी लेकर भागने का प्रयास किया, किंतु सफल न हो पाया। पुलिस ने दो चालक सहित एक अन्य माल पहुंचाने वाले युवक को भी दबोचा। श्री लांडे ने बताया कि पूछताछ के क्रम में पकड़े गए उक्त युवकों ने जब्त 121 कार्टून सेब में से एक गाड़ी अररिया के सेब व्यवसायी सउद तथा दूसरी गाड़ी बहादुरगंज(किशनगंज) के फल व्यवसायी मजहर के यहां जाने वाला था। इस क्रम में उन्होंने बताया कि यह सेब स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है। चाइनीज के लोगो लगा सेब नेपाल के अंदर कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है। जहां से भारत के बिहार के अररिया, किशनगंज, भागलपुर, पटना के अलावा कलकत्ता व अन्य शहरों में भेजा जाता है। इस सेब में जेनेटिकली काफी प्राब्लम है इसे कृत्रिम ढंग से जल्द में तैयार किया जाता है जो सेब भारत में प्रतिबंधित है। एसपी ने कहा कि वे अररिया से भी खाद्य पदाधिकारी के माध्यम से तत्काल इस सेब को बंद करायेंगे। साथ ही सरकार को भी इस बाबत लिखेंगे। पकड़ाए युवक में चालक मो. मुजफ्फर साकिन तरबी थाना पलासी टाटा आरएक्स बीआर 38 डी- 5039 पीकअप वैन, मैजिक गाड़ी नंबर बीआर 38 बी-4839 चालक रिजवान साकिन बागमारा जोकीहाट तथा माल पहुंचाने वाला किशोर कुमार साह साकिन दर्शना जोकीहाट का रहने वाला बताया जा रहा है। मौके पर थानाध्यक्ष आरबी सिंह, पु.अ.नि. मिथिलेश कुमार आदि मौजूद थे।

उच्च न्यायालय ने 22 शिक्षकों को किया बर्खास्त


जोकीहाट(अररिया) : जिले में पंचायत शिक्षक नियोजन में धांधली की खबरों के बीच हाईकोर्ट ने जोकीहाट के बारा इंस्तबरार पंचायत के 22 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है। उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद फर्जी तरीके से नियोजित हुए शिक्षकों और नियोजन इकाईयों के बीच हड़कंप मचा है।
जानकारी अनुसार माननीय उच्च न्यायालय में दायर वाद सीडब्लूजेसी , 7640/09 के एक महत्वपूर्ण फैसले में न्यायाधीश मिहीर कु मार झा ने पंचायत शिक्षक नियोजन 2006 में नियोजित22 शिक्षकों के नियोजन को रद्द करते हुए सेवा समाप्ति का आदेश दिया है। साथ-साथ नियोजन में बरती गई अनियमितता को लेकर तत्कालीन नियोजन समिति के मुखिया,पंचायत सचिव एवं अन्य समिति सदस्यों पर कार्रवाई का भी आदेश दिया है। अपने फैसले में न्यायाधीश श्री झा ने कहा है कि सभी शिक्षकों के नियोजन को रद्द करते हुए नये सिरे से पर्यवेक्षक की मौजूदगी में पुनर्काउंसिलिंग कर नियोजन किया जाय। न्यायालय के फैसले से नियोजन से वंचित आवेदकों ने खुशी व्यक्त किया है। गौरतलब है कि इससे पूर्व जिला अपीलीय प्राधिकार ने बारा इंस्तबरार पंचायत शिक्षक नियोजन 2006 को काफी त्रुटिपूर्ण बताते हुए सारे नियोजन प्रक्रिया को ही फर्जी करार दिया था। प्राधिकार पदाधिकारी ने अपने निर्णय में काउंसलिंग पंजी फर्जी,आरक्षण नियम का उलंघन,सामान्य की जगह उर्दू शिक्षक का चयन आदि कई अनियमितताएं उजागर किया था। उच्च न्यायालय पटना के आदेशानुसार जितेन्द्र राय,नीलम कुमारी,नौशाद आलम,बंाकेश्वर मांझी,रबिया रवातुन,गायत्री देवी,परवीना बेगम,बीबी शाहीन,फरहाना बेगम,रेणु कुमारी,रेरवा कुमारी,जानकी देवी,बीबी दरख्शां,आशता परवीन,शमीम अख्तर,नईमुद्दीन,नवीन कुमार,हेना कौसर,कपुरचंद मंडल,नजमुद्दीन,नौशाद आलम को बर्खास्त किया गया है। इस सिलसिले मे पूछने पर बीईओ गयासुद्दीन अंसारी ने बताया कि जल्द ही तिथि निर्धारित कर पुनर्काउंसिलिंग कर नियोजन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

कीचड़ से परेशान बाजार वासियों ने किया एनएच जाम

नरपतगंज (अररिया) : नरपतगंज बाजार के महावीर चौक से मिरदौल एवं महावीर चौक से हास्पीटल चौक जाने वाली सड़क में कीचड़ से तंग आकर दोनों सड़क किनारे के दुकानदार एवं बाजार वासियों ने दो घंटे तक एनएच 57 को जाम रखा। इन दोनों प्रमुख सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि थोड़ी सी बारिश होने के बाद सड़क पर इतनी पानी जमा हो जाती है कि सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। जिससे तंग आकर बाजार वासियों ने शुक्रवार को नरपतगंज आवागमन बाधित कर दिया। जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम करने वाले हसन राजा उर्फ हुसनु, मो. जब्बार, विद्यानंद साह, रमेश भगत, सुनिल सिंह, नारायण साह, बबन जी, कमल देव, बबलू ठाकुर आदि का कहना है कि गैमन इंडिया की लापरवाही के कारण इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है। क्योंकि एनएच 57 के निर्माण के बाद पानी के बहाव नही होने के कारण सड़क पर इस प्रकार की समस्या आयी है। मौके पर अंचल पदाधिकारी जयराम सिंह पहुंचकर ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम हटवाया तथा गैमन इंडिया के अधिकारियों से बात कर सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द करने को कहा।

जोकीहाट प्रखंड कार्यालय भगवान भरोसे


जोकीहाट(अररिया) : प्रखंड कार्यालय जोकीहाट को आखिर किसकी नजर लग गई है ये कोई बताने को तैयार नहीं। करीब एक वर्ष से विकास कार्य के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। गैरकी पंचायत इंदिरा आवास में गड़बड़ी के मामले में जब से प्रखंड के प्रधान लिपिक रणवीर पासवान, नंदमोहन, शमशाद आलम का नाम पुलिस अनुसंधान में आया है तब से ये कर्मी कार्यालय से अनुपस्थित रह रहे हैं। विडंबना है कि यहां के तीन कर्मी बाहर प्रतिनियुक्त कर दिए गये हैं।
इधर, कर्मियों की अनुपस्थिति से तकरीबन सारे कार्य ठप पड़े हैं। इंदिरा आवास, कन्या विवाह योजना, बीआरजीएफ, तेरहवीं वित्त आयोग आदि योजनाओं के क्रियान्वयन को कोई कार्य नहीं हो रहा।
आश्चर्य की बात यह है कि प्रखंड कार्यालय जोकीहाट के तीन कर्मी अन्य कार्यालयों में वर्षो से प्रतिनियुक्त हैं। महादेव प्रसाद जिला भूअर्जन कार्यालय अररिया में अंबा प्रसाद यादव ट्रेजरी में तथा मिथिलेश कुमार पटना में प्रतिनियुक्त हैं। फिलहाल एक कर्मी हसीबुर्रहमान ही प्रखंड का कार्य देख रहे हैं।
इस सिलसिले में पूछने पर स्थापना उपसमाहर्ता बुद्धप्रकाश ने बताया कि प्रखंड में व्याप्त समस्या के निदान के लिए जिला पदाधिकारी को फाइल भेजी जा रही है।

न चिकित्सक न दवाई, फिर भी दर्जा अस्पताल का


बसैटी (अररिया) : स्वास्थ्य विभाग में सुधार के दावों के बीच एक ऐसा भी अस्पताल है जहां न चिकित्सक हैं न दवाई। रानीगंज प्रखंड के गीतवास बाजार सहित अतिक्ति स्वास्थ्य का भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। हालांकि इस केंद्र पर यदा-कदा एएनएम व नर्स दिखाई पड़ती है।
ग्रामीण रामचंद्र चौधरी, अनिल साह, दीपक साह आदि का कहना है कि इस अस्पताल से लोगों को कोई लाभ नहीं मिलता है। दीगर बात है कि भवन अनाज का बोरा रखने एवं रेन बसेरे के काम आ रहा है। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है। इस केन्द्र पर न तो दवाई दी जाती है और ना ही चिकित्सक आते हैं जबकि चार स्वास्थ्य कर्मी पदस्थापित हैं। ग्रामीण बताते हैं कि 15 वर्ष पूर्व इस अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रोगियों का जांच कर दवाइयां वितरण किया जाता था। परंतु आज ग्रामीण स्वास्थ्य लाभ से महरूम है। कमोबेश यही स्थिति बसैटी, मिर्जापुर, बेलसरा, परसा हाट, अति स्वास्थ्य केन्द्र की है जहां लोग स्वास्थ्य लाभ से वंचित हो रहे हैं। इन क्षेत्र के लोग नीम हकीम डाक्टर के हत्थे चढ़ने को विवश है।
क्या कहते है पदाधिकारी:
रेफरल अस्पताल रानीगंज के प्रभारी चकित्सक सीपी मंडल इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहते हैं रानीगंज में रानीगंज में मात्र चार चिकित्सक हैं। सभी आयूष चिकित्सक को पदस्थापित किया गया है। अब आयुर्वेदिक दवाई उपलब्ध हो गयी है। ये चिकित्सक दवाई देंगे। सभी अति स्वास्थ्य केन्द्र पर एएनएम, ए ग्रेड की नर्स एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक जाते हैं। शिकायत मिलने उपर उसके विरुद्ध विभाग लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि गीतवास अति स्वास्थ्य केंद्र के मरम्मत कराने हेतु राशि उपलब्ध हो गयी है। शीघ्र ही भवन की मरम्मत करवायी जाएगी।