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Saturday, July 7, 2012

जलसा शायरे इस्लाम कासीर ख्बानी को दी गई श्रद्धांजलि


अररिया : बिहार के नामी शख्सियत मशहूर शायर शायरे इस्लाम मौलाना गुलाम ख्बानी कासीर भागलपुरी को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शाम एक जलसे का आयोजन किया गया। अररिया प्रखंड के मटियारी चौक पर एक ताजीयाती प्रोग्राम का आयोजन इसलाहे मआशरा तंजीम के जिलाध्यक्ष मौलाना हदीशुल्लाह भागलपुरी की सदारत में आयोजित की गई। इस मौके पर जिले के नामी गिरामी उलमा हजरात के अलावा इलाके के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। तंजीमे फलाहे मिल्लत के सचिव मौलाना जुबैर अहमद मोजाहीरी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आवाज के जादूगर तरन्नुमे शहंशाह आज हमारे बीच नहीं है। उनकी मृत्यु 21 जून को 70 वर्ष की आयु में हो गई। उनको सुनने के लिए लोग बेताब रहते थे। उनका यह कलाम आज भी लोग गुनगुनाते हैं।
हम गुनहगार हैं, अपनी कमली में मुझको दुनियां की दौलत नहीं चाहिए। बस खुदा और खुदा का नबी चाहिए। इस ताजीयाती इजलास को मौलाना गुलाम रब्बानी नासीर, मौलाना हमीदुल्लाह, मौलाना मोहसिन, मुफ्ति सादून नजीब, खतीब हैदर, मो. मासूक, मो. मासूम, रमजान अली मुफ्ति एहतशामूल हक, हारूण रशीद गाफिल एवं मो. नाफेह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मौलवी हदीशुल्लाह नसर भागलपुरी द्वारा लिखित पुस्तक इसलाहे उम्मत का उलमाओं ने विमोचन किया।

नरपतगंज में होगी मनरेगा की अगली बैठक


अररिया : 14 जुलाई को प्रस्तावित मनरेगा योजना की साप्ताहिक समीक्षा बैठक नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय में होगी। आगामी शनिवार को होने वाली बैठक में नरपतगंज प्रखंड के लोग मनरेगा योजना से जुड़े मामलों की शिकायत भी कर सकते हैं। बैठक में खुद डीएम एम. सरवणन के अलावा डीडीसी भी मौजूद रहेंगे । यह निर्णय समाहरणालय स्थित आत्मन कक्ष में मनरेगा की समीक्षात्मक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता डीएम एम. सरवणन ने की।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एडीपीआरओ योगेन्द्र कुमार लाल ने बताया कि नरपतगंज के पंचायतों में लक्ष्य के अनुसार मानव दिवस का सृजन नहीं किया गया है। डीएम श्री सरवणन ने प्रखंडवार समीक्षा क्रम में नरपतगंज की स्थिति बहुत दयनीय पायी। डीएम ने बैठक में नरपतगंज पीओ को कड़ी फटकार लगाई।
बैठक में प्राय: सभी पीओ ने कहा कि पंचायतों में मुखिया व पीआरएस के बीच तालमेल नही रहने के कारण योजना प्रभावित हो रहा है। इस मामले पर डीएम श्री सरवणन ने डीडीसी को ऐसे पंचायतों के मुखिया व पीआरएस के साथ बैठक कर कार्य को सुचारु रूप से कराने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी प्रभात कुमार महथा, डीआरडीए निदेशक जफर रकीब, मनरेगा के कार्यपालक अभियंता सुरेश कु. सिंह व सभी पीओ मौजूद थे।

मनरेगा: चौकता के पीआरएस दो माह से फरार


अररिया : जोकीहाट प्रखंड का चौकता पंचायत एक बार फिर मनरेगा योजना में गड़बड़ी के कारण चर्चा में है। पंचायत के रामपुर अन्य गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यो की जांच कराई जा रही है। डीएम के निर्देश पर स्थापना उप समाहत्र्ता बुद्ध प्रकाश ने पीओ, जेई व पीटीए के साथ बीते दिनों कार्यस्थल पर पहुंचकर जांच की। श्री प्रकाश ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
रिपोर्ट के अनुसार चौकता का पंचायत रोजगार सेवक प्रेमचंद कुमार पिछले दो माह से गायब है। सारा अभिलेख भी उन्हीं के पास है।
इधर, श्री प्रकाश की जाच रिपोर्ट के अनुसार रामपुर के मजदूरों ने लिखित रूप से कहा है कि उनका जाब कार्ड पंचायत के मुखिया के पास ही है। रिपोर्ट के अनुसार योजना में प्रयोग सामग्री की जांच क्वालिटी कंट्रोल से कराने की अनुशंसा की गई है। साथ हीं एक भी कार्यस्थल पर सूचना पट्ट नहीं लगाने का भी उल्लेख किया गया है।

चाइनीज सेब के तस्करों पर लगेगा लगाम : एसपी


अररिया : प्रतिबंधित चाइनीज सेब तस्करों पर अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को एसपी ने स्वयं चांदनी चौक पहुंचकर छोटे-मोटे दुकानदारों को प्रतिबंधित सेब की बिक्री रोकने की हिदायत दी। एसपी के हिदायत पर कई दुकानदारों ने चीनी सेब को अपने-अपने दुकानों से हटा भी लिया।
मौके पर एसपी ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद तस्कर नेपाल के रास्ते चाइनीज सेब भारत पहुंचा रहे हैं। भारत तक पहुंचाने के लिए तस्कर भारतीय सीमा से सटे नेपाल बार्डर में सेब का संधारण करते हैं। फिर देर रात को उसे भारतीय सीमा में पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे तस्करों की सक्रियता किशनगंज एवं अररिया सीमा पर ज्यादा देखी जा रही है।
एसपी ने बताया कि बाजारों में लाउ मेन हिंग मार्का लगी सेब चीन से तस्करों द्वारा आयात किया जा रहा है। ये सेब भले ही देखने में आकर्षक लगते हैं लेकिन गुणवत्ता की दृष्टिकोण से यह बेकार चीज है। एसपी ने बताया कि सेब का उत्पादन 3 से 4 माह तक होता है। लेकिन इसमें प्रचुर मात्रा में रासायनिक खाद का प्रयोग किया जाता है। यानि चीनी सेब को अनुवांशिक तौर पर उत्क्रमित किया जाता है। उत्क्रमित करने के दौरान इन सेबों का प्रोटीन क्षीण हो जाता है। वहीं इनके स्वाद में भी काफी अंतर आ जाता है। रंग से आकर्षक लेकिन प्रोटीन से क्षीण चीनी सेब पूरे भारत में प्रतिबंधित है।

जिसकी जहां चली उसी ने लगा दिया सोलर


अररिया : जिसकी जहां चली उसी ने लगा दिया सोलर। कहीं पंचायत समिति ही सप्लायर बन गए तो कहीं बिचौलियों ने काटी चांदी। किसी प्रखंड में किशनगंज की पार्टी का जोर रहा तो कहीं पटना की एजेंसी के नाम पर मुख्यालय के लोगों ने बिचौलियागिरी की।
जिले में बीस करोड़ के सोलर लाइट घोटाले की यह कड़वी सच्चाई है। अररिया प्रखंड में पंचायत समिति सदस्य ने ही कई पंचायतों में सोलर लाइट सप्लाई करवा दी। बदले में उन्होंने मोटा कमीशन कमाया। मतलब न हींग लगे न फिटकिरी रंग भी आए चोखा। इसी प्रकार रानीगंज प्रखंड में एक पंचायत समिति के पति सह पूर्व पंचायत समिति ने धड़ल्ले से पंचायतों में सोलर लाइट बेची। कहा जाता है कि सोलर लाइट बाबा की कृपा से बीते पांच साल में उक्त पंचायत समिति सड़कपति से करोड़पति बन गये। दीगर बात है कि इस प्रखंड में सोलर लाइट के पोल गड़े लेकिन इसकी दूधिया रोशनी देखने के लिए आंखें तरस गयी। अनियमितता की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जिले के किसी पंचायत में सोलर लाइट 46 हजार में खरीदी गई तो कहीं महज 18 हजार रुपये में। यह सारी खरीदारी बीते पांच सालों के दौरान हुई। सोलर लाइट में घोटाले और अनियमितता को देखते हुए सरकार ने 13वीं वित्त आयोग की राशि खर्च करने का सर्कुलर हर पंचायत को दिया। लेकिन सोलर लाइट में मोटी कमाई देख पंचायत के मुखिया ने नियमों को ताक पर रख लाइट लगवा लिये। लाइट के खेल में सिकटी से लेकर नरपतगंज तक के मुखिया शामिल हैं।
इधर जिले में घपले की खबर पाकर जिलाधिकारी ने इस मामले की गहन छानबीन के लिए कमर कस ली है। इसको लेकर जांच कमेटी बना दी गयी है।

केंद्र के भरोसे बिहार में दिख रहा विकास: संजय

अररिया : भाजपा एवं जदयू दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बिहार में प्रजातंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि पूरे सूबे में अफसरशाही चरम पर है। एक तरह से मानों अफसरों को लूट की पूरी छूट दे रखी है। श्री मिश्रा ने कहा कि नीतीश के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए हैं। सुशासन के नाम पर पूरे सूबे में भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है। बिहार में जो भी विकास दिख रहा है वह केंद्र प्रायोजित योजनाओं की देन है।

प्रशासन के लिए चुनौती बनी इंदिरा आवास योजना


अररिया : गृहविहीन गरीबों को इंदिरा आवास देना जिला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। कमीशनखोरी, बिचौलियागिरी तथा बैंक व प्रशासनिक मशीनरी की उदासीनता के कारण इस जिले में इंदिरा आवास योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर पायी है। लेकिन इस बार 88 हजार लोगों को शिविर लगाकर आवास योजना का लाभ दिया जाना है। लिहाजा प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों व तैयारी का दौर लगातार जारी है। जिलाधिकारी एम सरवणन पूरे अभियान की स्वयं मानीटरिंग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार कुल 88 हजार लाभुकों को इंदिरा आवास देने की तैयारी है। इस मद में फिलहाल उपलब्ध राशि से 28 जुलाई को कम से कम तीस हजार लोगों को आवास निर्माण के लिए राशि मुहैया करवा दी जायेगी। इस क्रम में सभी प्रखंडों में होम वर्क किया जा रहा है। आवास का वितरण बीपीएल सूची के अनुसार किया जायेगा। इस कार्य के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जो भी अधिकारी या कर्मी इस अभियान में ढिलाई बरतेगा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।
डीएम ने बताया कि इस वक्त कुल 45 हजार लाभुकों के लिए आवास मद में राशि उपलब्ध है। शेष राशि के लिए सरकार को लिखा गया है। उन्होंने बताया कि आवास राशि वितरण का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
डीएम के मुताबिक सभी प्रखंडों में पंचायत के निकटवर्ती बैंकों को वहां के लाभुकों का खाते खोलने का निर्देश दिया गया है। सभी बीडीओ इस बात की प्रतिदिन मानीटरिंग करेंगे तथा जिला मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे कि आज कितने लाभुकों के खाते खुले या अभियान में कितनी प्रगति हुई। अभियान की प्रगति पर नजर रखने को ले सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग सीनियर डिप्टी कलेक्टरों को तैनात किया गया है। वे अपने प्रखंडों में लाभुक से लेकर उसका खाते खोले जाने तक सारी बात की जानकारी रखेंगे।
डीएम के अनुसार पहले इंदिरा आवास योजना में बिचौलिए के प्रभुत्व की सूचना मिलती रही है। इस कारण से योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। लेकिन इस बार जिला प्रशासन इस बात की पक्की व्यवस्था कर रहा है कि इस योजना में किसी भी स्तर पर बिचौलियों का प्रवेश नहीं हो। अगर कहीं भी बिचौलियों को पाया गया तो उन्हें बिना देरी के जेल भिजवाया जायेगा।

बिन पैसा, कैसे लड़ा जाए बाढ़ से जंग!


अररिया : 18 अगस्त 2008। जब कुसहा में कोसी बंधनमुक्त हुई तो दूसरे इलाके के साथ अररिया भी प्रभावित हुआ। नरपतगंज प्रखंड के लोग इससे आज तक नहीं उबर पाए हैं। इस बार भी मानसून के प्रवेश होते ही बाढ़ ने दस्तक दे दी है। जिले का अररिया, कुर्साकांटा, जोकीहाट, सिकटी, पलासी आदि प्रखंड में प्रत्येक वर्ष भीषण बाढ़ आती है। इस बार बाढ़ पूर्व तैयारी के नाम पर अब तक मात्र एक बैठक ही हो पाया है। उसे भी करीब एक माह गुजर गए जिले में बाढ़ से बचाव के नाम पर न तो एक रूपया है और न ही एक क्विंटल अनाज। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, अगर बाढ़ आ जाए तो इससे जंग कैसे लड़ा जाए।
अब तक न तो किसी अंचल में नियंत्रण कक्ष स्थापित है, और न ही खराब नावों का मरम्मत हो सका है। खाद्य सामग्री की आपूर्ति सरकार से नहीं हुआ है। पालीथीन, सलाई, मोमबत्ती, नमक, चूड़ा, गुड़ आदि के लिए अब तक क्रय समिति की बैठक तक नहीं हो पाई है। आपदा प्रबंधन की ओर से उक्त सामानों के लिए निविदा प्रकाशित कराई गई। लेकिन विडंबना यह है कि सिर्फ पालीथीन के लिए चार संवेदक ने निविदा डाली है। बांकी सामानों के लिए एक भी संवेदक ने निविदा नहीं डाली।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के पास बाढ़ मद में एक किलो अनाज भी नहीं है। जबकि अग्नि सहाय मद में सरकार द्वारा प्राप्त 6200 क्विंटल खाद्यान्न को बाढ़ सहाय मद सुरक्षित रखने का निर्देश आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव से मांगी गई, लेकिन सरकार ने अब तक निर्देश नहीं दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या भोज के वक्त कुम्हड़ लगाया जायेगा? जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तौकिर अकरम की मानें तो बाढ़ पूर्व तैयारी की जा रही है। सामानों के क्रय के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। बाढ़ से निबटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

अगलगी में चार मवेशी झुलसे, एक लाख की क्षति

जोकीहाट : प्ररवंड क्षेत्र के पथराबाड़ी पंचायत अंतर्गत महदेवा गांव में शुक्रवार की रात अचानक लगी आग से दो घर तथा चार मवेशी सहित एक लाख की संपति जलकर नष्ट हो गई। आग उस समय लगी जब सभी गृहस्वामी अपने-अपने घरों में सो रहे थे। अग्निपीड़ितों में हबीब व ताहिर के नाम शामिल हैं। पंसस निकहत परवीन, उपमुरिवया अरशद आलम, रइसुद्यीन आदि ने अग्निपीड़ितों के बीच राहत सामग्री एवं इंदिरा आवास वितरण की मांग की है।

न चिकित्सक न दवाई, फिर भी दर्जा अस्पताल का


बसैटी (अररिया) : स्वास्थ्य विभाग में सुधार के दावों के बीच एक ऐसा भी अस्पताल है जहां न चिकित्सक हैं न दवाई। रानीगंज प्रखंड के गीतवास बाजार सहित अतिक्ति स्वास्थ्य का भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। हालांकि इस केंद्र पर यदा-कदा एएनएम व नर्स दिखाई पड़ती है।
ग्रामीण रामचंद्र चौधरी, अनिल साह, दीपक साह आदि का कहना है कि इस अस्पताल से लोगों को कोई लाभ नहीं मिलता है। दीगर बात है कि भवन अनाज का बोरा रखने एवं रेन बसेरे के काम आ रहा है। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है। इस केन्द्र पर न तो दवाई दी जाती है और ना ही चिकित्सक आते हैं जबकि चार स्वास्थ्य कर्मी पदस्थापित हैं। ग्रामीण बताते हैं कि 15 वर्ष पूर्व इस अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रोगियों का जांच कर दवाइयां वितरण किया जाता था। परंतु आज ग्रामीण स्वास्थ्य लाभ से महरूम है। कमोबेश यही स्थिति बसैटी, मिर्जापुर, बेलसरा, परसा हाट, अति स्वास्थ्य केन्द्र की है जहां लोग स्वास्थ्य लाभ से वंचित हो रहे हैं। इन क्षेत्र के लोग नीम हकीम डाक्टर के हत्थे चढ़ने को विवश है।
क्या कहते है पदाधिकारी:
रेफरल अस्पताल रानीगंज के प्रभारी चकित्सक सीपी मंडल इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहते हैं रानीगंज में रानीगंज में मात्र चार चिकित्सक हैं। सभी आयूष चिकित्सक को पदस्थापित किया गया है। अब आयुर्वेदिक दवाई उपलब्ध हो गयी है। ये चिकित्सक दवाई देंगे। सभी अति स्वास्थ्य केन्द्र पर एएनएम, ए ग्रेड की नर्स एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक जाते हैं। शिकायत मिलने उपर उसके विरुद्ध विभाग लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि गीतवास अति स्वास्थ्य केंद्र के मरम्मत कराने हेतु राशि उपलब्ध हो गयी है। शीघ्र ही भवन की मरम्मत करवायी जाएगी।

सड़क तट के वृक्षों को अपंग बनाने का सिलसिला जारी


अररिया : हरियाली के दुश्मन लगातार सक्रिय हैं। सरकारी जंगलों में वन विभाग ने कड़ाई की तो अब वे सड़क तट के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। सदियों से पथ तट पर खड़े पुराने पेड़ों को अपंग बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। इन वृक्षों की रक्षा का दायित्व आखिर किसका है? ब्रिटिश शासन काल में व देश के आजाद होने के बाद सरकार द्वारा डिस्ट्रिक्ट बोर्ड व लोक निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर मल्टी स्पेसी के फु्रट बियरिंग पेड़ लगाये गए थे। इनसे जहां आम लोगों को पर्यावरण व फल के रूप में सीधा लाभ होता था, वहीं सरकार के लिए ये करोड़ों की संपत्ति थे। लेकिन हरियाली के दुश्मनों की नजर इन पर लग गयी तथा धीरे धीरे उन्हें काटा जाने लगा। कई जगहों पर सड़क किनारे लगे पेड़ आराम से काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं साजिश के तहत पहले जलावन के नाम पर इन पेड़ों की छाल छील ली जाती है। जिससे पेड़ धीरे धीरे सूख जाते हैं। तब उन्हें आराम से काट कर उपयोग में ले आया जाता है। हरियाली के इन दुश्मनों को रोकने वाला कोई नहीं।
अररिया कोर्ट स्टेशन उससे आगे चंद्रदेई की तरफ जाने वाली सड़क में करोड़ों रुपयों की कीमत के पेड़ थे। लेकिन उन्हें आराम से काट लिया गया।
आखिर ये किसकी संपत्ति हैं? वन परिसर पदाधिकारी हेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि सड़क किनारे जिन वृक्षों को रोपण व संधारण वन विभाग द्वारा किया जाता है, उन्हें पीएफ व आरएफ की श्रेणी में रखा जाता है और उनकी रक्षा का दायित्व भी वन विभाग का है। उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़कों के तट पर लगे पुराने पेड़ पीडब्लुडी या संबंधित विभाग की संपत्ति हैं। उनकी रक्षा व संधारण भी उन्हीं को करना है। सिर्फ वैसे पेड़ जिन्हें पीएफ या आरएफ की श्रेणी के तहत रखा गया है, वन विभाग की निगरानी में हैं।
इधर, जानकारों की मानें तो डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के स्वामित्व वाली सड़कों पर लगे पेड़ सर्वाधिक कट रहे हैं। लेकिन निगरानी की कमी साफ नजर आती है। इतना ही नहीं डिस्ट्रिक्ट बोर्ड अपने पेड़ों की बगैर सूचना के ही आक्शन भी कर देता है।

रेणु की माटी के लाल ने किया श्रीलंका में कमाल


अररिया : होनहार वीरवान के होत चिकने पात। इस कहावत को अररिया के नन्हे उस्ताद सौरभ आनंद ने शतरंज की दुनिया में चरितार्थ कर दिखाया है। श्रीलंका के हिक्का दुआ में संपन्न हुए अंतर्राष्ट्रीय एशियन यूथ रैपिड चेस चैम्पियनशिप 12 में भाग लेकर तीन गोल्ड मेडल हासिल कर पूरे भारत में बिहार के अररिया की सोंधी माटी की महक फैला दी है।
घर लौटने पर इस अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन को हर कोई गले लगा रहा है। रेणु की माटी के इस सपूत ने श्रीलंका के हिक्कादुआ में 25 जून 12 से एक जुलाई 12 तक संपन्न हुए तीन खेल में भाग लिया। जो चाया ट्रांज होटल हिक्कादुआ में खेला गया। इस खेल में विश्व के आस्ट्रिया, मलेशिया, मालद्वीप, यूएई, फिलीपीन्स, बंगलादेश, इरान, इराक, चीन, वियतनाम, श्रीलंका, कजाकिस्तान व भारत समेत 19 देशों के कुल 29 चेस खिलाड़ियों ने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें भारत की ओर से खेल रहे नन्हे उस्ताद सौरभ आनंद (बिहार), तामिलनाडु के चेन्नई निवासी एलएनराम अरविंद तथा आंधप्रदेश के राहुल श्रीवास्तव ने भाग लिया। अंदर टेन के इस चेस चैंपियनशिप में सौरभ ने चैंपियन बन पहला स्थान प्राप्त कर तीन-तीन गोल्ड मेडल समेत प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। इस खेल के आयोजन समिति के चेयरमेन, चेस फेडरेशन आफ श्रीलंका के हानी सेक्रेटरी तथा कामन वेल्थ चेस एसोसिएशन के जेनरल सेक्रेटरी समेत जोन- 3, 2 एक आईडीई के प्रेसिडेंट रहे लक्ष्मण बिजे सूरिया तथा चीफ अखीटोर के डिप्टी प्रेसिडेंट आफ एसीएन फडरेशन के कास्टो अबुण्डो के द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस चेस टूर्नामेंट का आयोजन श्रीलंका के चेस फेडरेशन द्वारा संपन्न हुआ।
भारत के महान शतरंज खिलाड़ी ग्रेण्ड मास्टर विश्वनाथन आनंद को आदर्श मान सौरभ लगातार शतरंज की बुलंदियों पर चढ़ता जा रहा है। इससे पूर्व भी इसने पा‌र्श्वनाथ कामनवेल्थ चेस चैंपियनशिप 2010 अंदर आठ में मेडल हासिल किया था। जहां कामनवेल्थ के सदस्य देशों के 311 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। जो नई दिल्ली में 18 मई 10 को संपन्न हुआ। इस खेल में भी विश्व के पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, बंगलादेश आदि के खिलाड़ी शामिल थे। इससे पूर्व सौरभ ने नेपाल के काठमांडू में खेले गए टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। श्रीलंका में तिलकरत्‍‌ने, जी एच गुलवर्दना तथा डेनुवान जी एच को द्वितीय तथा ईरान देश के डेरा काशमी बोना, तोफानी कोरक तथा गोसामी उर्मी महाडी को तीसरे स्थान पर रहे। सौरभ अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता समेत दैनिक जागरण को देते कहते हैं कि दैनिक जागरण अखबार को अपना मान चुके सौरभ आनंद समेत इनके बड़े भाई कुमार गौरव तथा पांच वर्षीय नन्हीं बहन गरिमा गौरव को पूर्व से इस अखबार से अपनत्व रहा है। सौरभ के पिता देवनंदन दिवाकर तथा माता कादंबरी देवी तथा हर दम साथ रहे चाचा रविन्द्र कुमार इस नन्हें उस्ताद के उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। कहते है तंगहाली के बावजूद वे अपने लाडले को यथा संभव उत्साहित तो करते हैं लेकिन सरकार व प्रशासन समेत समाजिक संगठन इस ओर उदासीन है।
घर वापस होने के पूर्व सौरभ सर्व प्रथम अररिया स्थित महा काली मंदिर जाकर पूजा अर्चना किये तथा पुजारी नानू दा ने उन्हें चुनरी भेंट कर सफलता का आर्शीवचन दिया। घर लौटने पर लोगों के साथ एसपी शिवदीप लांडे ने नन्हें उस्ताद को बधाई दी।

शिक्षा ऋण आवेदन लिया जायेगा आज से

अररिया: शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित टाउन हाल में शिक्षा ऋण के लिए आवेदन लिया जायेगा। सरकार के निर्देश पर 7 जुलाई को कैंप आयोजित कर बैंकों को अभ्यर्थियों से आवेदन लेना है। यह जानकारी वरीय उप समाहर्ता (बैकिंग) रविन्द्र राम ने दी। उन्होंने बताया कि टाउन हाल में सभी बैंक के जिला समन्वयक मौजूद रहेंगे। श्री राम के अनुसार अभ्यर्थियों को विहित प्रपत्र व चेक लिस्ट शिविर में ही मिलेगा।

टेरा फिल्टर: डीईओ ने फिर बनाया जांच टीम

अररिया : एमएसडीपी मद से जिले के स्कूलों में लगाये गए टेराफिल्टर की जांच एक बार फिर होगी। डीईओ राजीव रंजन प्रसाद के पर सभी बीईओ के द्वारा किए गए जांच पर दैनिक जागरण ने सवालिया लहजे में लगातार खबर प्रकाशित किया। समाचार पत्र के खबरों पर डीईओ श्री प्रसाद ने एक्शन लेते हुए पुन: जांच के लिए टीम गठित कर दिया। श्री प्रसाद ने इस बार जांच का जिम्मा शिक्षा विभाग के जिलास्तर के पदाधिकारी को सौंपा है। सभी नौ प्रखंड के लिए तीन अधिकारी को नामित किया गया है, जांच अधिकारी 13 से 16 जुलाई तक आवंटित प्रखंडों में एमएसडीपी योजना मद से लगे टेराफिल्टर की गुणवत्ता व अनुश्रवण करेंगे। डीईओ ने अररिया, रानीगंज तथा कुर्साकांटा प्रखंड के लिए माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ बसंत कुमार, फारबिसगंज, सिकटी व नरपतगंज में मध्याह्न भोजन पदाधिकारी रविन्द्र राम तथा जोकीहाट, पलासी व भरगामा में प्राथमिक शिक्षा डीपीओ विद्यानंद ठाकुर जांच करेंगे। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

Friday, July 6, 2012

न्यायिक जांच आयोग के समक्ष पेश हुए दो गवाह


अररिया : फारबिसगंज गोली कांड न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेनि)माधवेंद्र सरन के सामने शुक्रवार को दो गवाह पेश हुए।
आयोग के सचिव डीजे (सेनि) एसएम नसीमुद्दीन ने बताया कि आज पांच गवाहों को पेशी का सम्मन भेजा गया था, लेकिन तीन नहीं पहुंचे। शेष दो गवाह मो.ताहिर व जाबुल ने अपनी गवाही दर्ज करायी। उन्होंने बताया कि शूनिवार को पांच अन्य विटनेस को सम्मन दिया गया है। इनमें भुटाई, बाजुल, रसीद, शफीक व मुरशीद शामिल हैं।
इस मौके पर कमीशन की ओर से वरीय अधिवक्ता विश्नाथ प्रसाद सिंहा, मुरारी ना. चौधरी व अंजनी पराशर, सरकार की ओर से वरीय अधिवकता अखिलेश्वर प्र. ंिसह, अरुण व प्रभु नारायण शर्मा, बियाडा की ओर से बीएस राज्य व‌र्द्धन तथा जिला प्रशासन की ओर से अशोक कुमार पूरी कार्रवाई के दौरान मौजूद थे।
आयोग के सचिव ने बताया कि अररिया में हर महीने के प्रथम व तृतीय सप्ताह के गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को आयोग मामले की सुनवाई करेगा।

सारी निगाहें लगी रहीं जागरण पर


अररिया : दैनिक जागरण द्वारा आयोजित प्रश्न प्रहर कार्यक्रम को लेकर कार्यालय में जहां टेलीफोन लगातार बजते रहे, वहीं कार्यालय के बाहर हजारों लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
एसपी शिवदीप लांडे नियत वक्त से चार मिनट पहले ही कार्यालय पहुंच गये। इधर, टेलीफोन की घंटियां लगातार बज रही थी। उन्होंने एक-एक कर सारे पाठकों के प्रश्नों के जवाब दिए। इस अवसर पर दैनिक जागरण के कार्यालय प्रभारी कुंदन, डा.अशोक कुमार झा, अनिल त्रिपाठी, क्राइम रिपोर्टर आमोद शर्मा,अमित कुमार, नरेंद्र प्रसाद गुप्ता, छायाकार मंटू भगत, विज्ञापन प्रतिनिधि राजीव मिश्रा, ज्योतिष, एजेंट संजय शंकर आदि उपस्थित थे।
इधर, कार्यालय में पाठकों के सवालों का जवाब देने के बाद श्री लांडे ने बाहर खड़े लोगों से भी मुलाकात की तथा अपराध नियंत्रण में सार्थक सहयोग की बात कहते हुए सबका शुक्रिया अदा किया।

कब, कहां, कैसे डूबेंगे पता नहीं


अररिया : बाढ़ हर साल आती है। इस बार भी आएगी या यूं कहें तो उसने कलेजे पर दस्तक देनी शुरू भी कर दी है। बाढ़ से बचने-बचाने की जिम्मेदारी हर बार की तरह इस बार भी ऊपर वाले की मेहरबानी और लोगों की किस्मत पर है। जिले में बाढ़ से लड़ने की तैयारी कुछ ऐसी है कि कब, कहां और कैसे डूबे प्रशासन को पता भी नहीं चल पाएगा।
अररिया को बाढ़ से गहरा रिश्ता है क्योंकि हर वर्ष बाढ़ आती है और जिले की खुशियां छीन कर ले जाती है। एक बार फिर बाढ़ ने दस्तक दे दी है। फिलहाल जिले के सैकड़ों घाटों पर रोजना नाव के सहारे हजारों लोग नदी पार कर रहे हैं। सरकारी आदेश के बावजूद अब तक जिले में एक भी प्राइवेट या सरकारी नावों का निबंधन नहीं हो पाया है। विभागीय अधिकारी भी भोज के वक्त कुम्हड़ लगाने की फिराक में है। नावों का निबंधन नहीं हुआ तो बाढ़ में नाव परिचालन के वक्त प्रशासनिक पकड़ ढ़ीली रहेगी। यही नही उफनाती नदियों में जरूरत से ज्यादा सवारी लेकर गुजरने वाले नाविकों की पौ बारह रहेगी।
जिला मुख्यालय के तिरसुलिया घाट पर भी दो दिन पूर्व 35 यात्रियों से भरी नाव पलटी पर प्रशासन को पता नहीं लग पाया कि किसकी नाव थी। राज्य सरकार ने बंगाल नौ घाट अधिनियम 1885 के अधीन आदर्श नियमावली 2011 तैयार किया है। इसके तहत सभी नावों में कुल 146 सरकारी नाव व 10 मोटर बोट है, परंतु इसका भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।
नाव व नाविक का भी होगा निबंधन
आदर्श नियमावली 2011 व जिला गजट सं. 8 में दर्ज प्रावधानों के अनुसार जिले के सभी नाव व उसके नाविकों को निबंधन कराना अनिवार्य है। नाविक नाव का साइज, प्रकार के साथ प्रपत्र चार में परिवहन पदाधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकता है।
नाव पर निबंधन संख्या व लोड लाईन भी होगा दर्ज
निबंधित नाव के दोनों तरफ 75 सेमी उंचा और 2 सेमी चौड़ी आकृति में सफेद रंग से पेंट कर निबंधन सं. लिखा जाना जरूरी है। वहीं गहराई को रेखांकित करने के लिए प्रत्येक नाव में काले पृष्ठभूमि में सफेद रंग से पेंट किया हुआ 30 सेमी लंबा, 15 सेमी चौड़ा व 2.5 सेमी खुदा या जड़ा हुआ स्पष्ट चिन्ह के द्वारा लोड लाईन इंगित होगा।
दुर्घटना होने पर होगी वसूली: डीटीओ
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी सह निबंधन पदाधिकारी सदन लाल जमादार ने बताया कि 30 जुलाई तक निबंधन की तिथि निर्धारित है। बिना निबंधन नाव चलाने वाले नाविकों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी। यदि कोई दुर्घटना होने पर संपत्ति की क्षति का वसूली नाविक से की जाएगी।
जिले में उपलब्ध सरकारी नाव की स्थिति
प्रखंड नाव की संख्या
अररिया 16
फारबिसगंज 18
नरपतगंज 20
भरगामा 15
रानीगंज 16
जोकीहाट 18
पलासी 15
सिकटी 13
कुर्साकांटा 15
इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रखंड में एक-एक मोटर बोट भी है।

बेहतर शिक्षा के लिए शैक्षणिक माहौल बनाना जरूरी: डीईओ



अररिया : मुख्यालय स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र अररिया में गुरुवार को प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण समारोह पूर्वक संपन्न हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप जिला शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए शैक्षणिक माहौल बनना जरूरी है। आज शिक्षा के क्षेत्र प्रतिदिन नए प्रयोग से चुनौतियां ज्यादा है। इसलिए शिक्षक को अपने कार्य एवं दायित्व के प्रति अधिक सजग रहने की जरूरत है। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी बसंत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज इच्छा शक्ति के कमी के कारण लक्ष्य प्राप्त करने में विफल होते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति की जरूरत है। डीपीओ विद्यानंद ठाकुर एवं एमडीएम प्रभारी रविन्द्र राय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बीआरपी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। बीईओ विजय कुमार ने कहा कि बीआरपी के रूप में आपका उत्तरदायित्व बहुत बढ़ गया है। जि. प्रा. शि. संघ के अध्यक्ष अब्दुल कुद्दस ने कहा कि हर लोग अपने कार्य के प्रति वफादार रहें तो स्वयं शिक्षा एवं शैक्षणिक माहौल बन जायेगा। इस मौके पर शिक्षक संघ के राजेन्द्र प्रसाद, अमर यादव, पंकज सिंह, अभिषेक रंजन के अलावा मो. सज्जाद आलम, अर्चना कुमारी, बबीता कुमारी, राम परी देवी, प्रकाश चन्द विश्वास आदि मौजूद थे। इस प्रशिक्षण में 45 बीआरपी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

बिजली चोरी: कोल्ड स्टोर के पार्टनर पर होगी कार्रवाई: एसपी



फाबिसगंज (अररिया) : बिजली चोरी के मामले में सीमा कोल्ड स्टोर के रामावतार लखोटिया के प्रतिष्ठान पार्टनर कोलकाता निवासी राजीव काबरा पर भी कार्रवाई होगी। अररिया एसपी शिवदीप लांडे ने फारबिसगंज थाना पहुंचकर बिजली चोरी मामले की पड़ताल की तथा अनुसंधान तेज करने का निर्देश दिया। एसपी श्री लांडे ने बताया कि सीमा कोल्ड स्टोरेज के पार्टनर कोलकाता के बालीगंज रोड निवासी राजीव काबरा का नाम भी जांच के क्रम में सामने आया है। बिजली चोरी मामले में पार्टनर भी जांच के दायरे में आयेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। बताया कि वर्ष 2008 में गोलछा फ्लावर मिल में 84.46 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गयी थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी चोरी के मामले सामने आने के बाद तो विद्युत विभाग को चार वर्ष बाद छापामारी की जगह नियमित छापामारी करनी चाहिये। एसपी ने कहा कि पुलिस विद्युत विभाग को सहयोग देने के लिये हमेशा तत्पर रहेगी। भरपूर सहयोग मिलेगा। सीमा कोल्ड स्टोरेज में भी पुलिस का विद्युत विभाग के साथ छापामारी में संयुक्त सहयोग रहा। उन्होंने सीमा कोल्ड स्टोरेज के रामावतार लखोटिया तथा किशनलाल लखोटिया से बिजली चोरी मामले की आवश्यक पूछताछ की। उन्होंने बिजली चोरी कर सरकारी राशि को चपत लगाने को गंभीर मामला बताया साथ ही कहा कि अब पुलिस भी बिजली चोरी के मामलों पर नजर रखेगी।

उपहारों का टोटा, मोबाइल उपभोक्ता खाया धोखा

अररिया : शंकरपुर गांव के दिनेश यादव के सपनों को थोड़ी देर के लिए पंख लग गए। 25 लाख इनाम की खबर सुनते ही उसने सपने बुनने शुरू कर दिए। आनन-फानन में बिना किसी से सलाह मशविरा किए उसने बैंक में 15 हजार रुपये जमा भी करवा दिए। लेकिन कुछ देर बाद ही उसे निराशा हाथ लगी। नतीजा यह हुआ कि उपहार पाने के लोभ में उसने अपनी जमा पूंजी भी गंवा डाली। एक वर्ष के पूर्व फारबिसगंज प्रखंड के समौल पंचायत के एक पंचायत समिति महेश कुमार पांडेय भी कुछ इसी तरह अपने 25 हजार रुपये गंवा डाले। पंसस को एक मोबाइल कंपनी से फोन आया कि आपके नाम पर 5 लाख का इनाम ड्रा हुआ। चेक पाने से पहले बतौर टैक्स के रूप में उन्हें 25 हजार रुपये अग्रिम जमा करना होगा। फिर क्या था अपने परिवार वालों को बिना बताए बैंक में राशि जमा करा दी। लेकिन कुछ देर बाद ही उन्हें निराशा हाथ लगी। आखिरकार मन मारकर उसने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करा दी। दो दिन पूर्व ही अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन के दीपेश कुमार को 25 हजार रुपये का इनाम फंसने की जानकारी किसी मोबाइल कंपनी ने दी। लेकिन दीपेश ऐसे मोबाइल कंपनियों के ऐसे कारनामे से अवगत था। उन्होंने मांगी गई रकम मिलने वाली रकम से काटकर भेज देने का जवाब दिया। जवाब मिलने के बाद अब तक न तो उसे पुन: कांटेक्ट किया गया और न ही उपहार मिला। यह कहानी रोज कहीं ना कहीं किसी दिनेश, किसी महेश एवं दीपेश के साथ घट रही है। प्रतिदिन उपहारों का झांसा देकर लोगों को ठगने का बहुत बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है। कभी-कभी तो उपहारों का झांसा देने वाले नंबर पाकिस्तान के भी हुआ करते हैं। खास बात तो यह है कि इस नेटवर्क के सदस्य किसी नंबर को एक या दो बार ही प्रयोग करते हैं। झांसे में आने वाले लोगों को तीन-चार नंबर और उपलब्ध कराकर बात करने को कहा जाता है। इस क्रम में कई नंबर ऐसे भी होते हैं जो नेट के माध्यम से फोन कराया जाता है। नेट के माध्यम से आने वाली नंबरों के डिजिट कुछ भी हो सकते हैं। पांच दिन पूर्व काली बाजार के ही एक व्यक्ति को एक दर्जन बार मिस काल आया। मिस काल का जवाब नहीं देने के दो दिन बाद उसी नंबर से एक महिला ने फोन किया। उपहार का बात भी छिड़ी लेकिन जल्द ही बात बिगड़ गयी। आए दिन ऐसे फर्जी नंबर वालों से मोबाइल धारक परेशान हो रहे हैं। एसपी शिवदीप लांडे कहते हैं कि ऐसे काल या मैसेज पर लोगों को विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्तावादी इस युग में आखिर कोई क्यों किसी को बिना कुछ किए लाखों या हजारों रुपये गिफ्ट देने जाएगा।