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Friday, July 6, 2012

विद्यालय की कमी बनी नारी शिक्षा में बाधक


सिकटी(अररिया) : सरकार की तमाम घोषणाओं के बावजूद प्रखंड क्षेत्र के पंचायतों में छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करना गंभीर चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि प्रखंड क्षेत्र के गांवों के आसपास उच्च विद्यालय नहीं होने से लड़कियां मिडिल स्कूल से आगे की शिक्षा पाने से वंचित रह जाती है तथा अपने भाग्य को कोसने के लिए विवश है।
प्रखंड क्षेत्र के गांवों से पाच-दस किलेामीटर की दूरी तय करके लड़कियां बरदाहा, सिकटी, कुर्साकांटा अथवा कुवाड़ी उच्च विद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं, जबकि अभिभावक अपनी लड़कियों को इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजने से कतराते हैं। जिस कारण सिकटी प्रखंड क्षेत्र के गांवों की लड़कियों को नवीं एवं दसवीं में ही मजबूरन पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है। पढ़ाई छुटने के बाद अभिभावक कम उम्र में ही उनकी शादी में जूट जाते हैं। इस तरह व्यवस्था के अभाव में लड़कियों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। क्षेत्र से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ललक रखने वाली कुछ लड़कियां अपनी जान हथेली पर रख कर अपनी लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से बरदाहा, सिकटी, कुआड़ी, कुर्साकांटा उच्च विद्यालय पढ़ने जाती है। कभी-कभी वाहन नही मिलने से पैदल चलकर वापस घर आना कितना कष्टप्रद होता है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस कारण लड़कियां अपने साथ किसी अप्रिय घटना घटित होने के डर से सशंकित रहती है। ग्रामीणों द्वारा वर्षो से उच्च विद्यालय खोलने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं किन्तु उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही है।

नूना के आगोश में समा रहे खेत



सिकटी (अररिया) : भले ही सरकार द्वारा बाढ़ व कटाव के नाम पर लाखों रुपया खर्च कर रही है, लेकिन अभी तक नदी के कटाव को रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं किए जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी भाग में बहने वाली नूना नदी में पड़रिया पंचायत के घोड़ा चौक के नजदीक वित्तीय वर्ष 2009-10 में मनरेगा के तहत जिला परिषद योजना से योजना सं. 65 में 16, लाख 85 हजार, 800 की लागत से चिरान सह कटाव निरोधक कार्य होना था। इस योजना को उप विकास आयुक्त कार्यालय से स्वीकृति मिली थी। जिसमें दो लाख 26 हजार की निकासी भी हुई काम के नाम पर कटाव को रोकने के लिए बोरी में मिट्टी भरकर किया गया। लेकिन नदी के तेज धार ने उसे बहाकर लेते चला गया। इस संबंध में डीडीसी प्रभात कुमार महथा ने दूरभाष पर बताया कि इसकी विस्तृत जानकारी मनरेगा पीओ दे सकते हैं। यहां के ग्रामीण मो. सुरमान, मो. फरमान, मो. सर्फउद्दीन, मो. मोर्हरम, मो. असफाक आमल आदि दर्जनों ग्रामीण बताते हैं कि विगत कुछ वर्षो में नूना नदी ने अब तक हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में समा लिया है जिसमें सैकड़ों परिवार गरीबी रेखा से नीचे आ गये हैं। लेकिन विभाग द्वारा बाढ़ व कटाव को रोकने के लिए कोई भी ठोस पहल नहीं किया गया। इस नदी से पड़रिया, दहगामा, कुचाहा, खोरागाछ पंचायत के सैकड़ों परिवार बरसात में दस्तक के साथ ही सशकित रहते हैं। नूना नदी का तांडव बदस्तूर जारी है।

Monday, July 2, 2012

25 साल से किराये के मकान में चल रहा निबंधन कार्यालय


जोकीहाट(अररिया) : अवर निबंधन कार्यालय जोकीहाट को वर्षों बीत जाने के बाद भी अपना भवन नसीब नहीं हुआ है।
इस अवर निबंधन कार्यालय का उद्घाटन वर्ष 1987 में ही किया गया लेकिन स्थापना के 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक विभागीय उदासीनता के कारण यह अपने भवन से महरूम है। किराये के भवन में चल रहे इस कार्यालय में न तो रजिस्ट्रार के बैठने को ठीक-ठाक कमरा है और न ही समुचित साफ सफाई की व्यवस्था है। दस्तावेज नवीस खानाबदोस की तरह जहां तहां सड़क पर बैठकर डीड लिखते हैं।
दस्तावेजनवीस संघ के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान,सचिव शिवनाथ दास,शकील अहमद, हलीमुद्दीन, वीरेन्द्र प्रसाद दास आदि ने बताया कि भाई साहेब वर्षो से हम लोग विभाग से बैठने के लिए जगह की मांग करते रहे हैं लेकिन हमारा कौन सुनता है? इस सिलसिले में पूछने पर सीओ अबुल हुसैन ने बताया कि निबंधन कार्यालय के भवन निर्माण के लिए जमीन की तलाश जारी है। जल्द ही जमीन चिन्हित कर डीसीएलआर के कार्यालय में फाइल भेज दी जाएगी। उधर रजिस्टरी कराने पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि इस कार्यालय में आधारभूत आवश्यकता के नाम पर कोई व्यवस्था तक नही है फिर भी विभाग व सरकार कुछ नहीं कर रही है। ज्ञात हो कि इस निबंधन कार्यालय में जोकीहाट पलासी के जमीन संबंधी निबंधन कार्य होता है जिससे करोड़ो रूपये राजस्व के तौर पर प्रतिवर्ष सरकार को मिलते हैं। प्रखंडवासियों ने जिला पदाधिकारी एम सरवणन से जल्द ही निबंधन कार्यालय के भवन निर्माण की मांग की है ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।

Sunday, July 1, 2012

छिनतई व मारपीट का आरोप


पलासी(अररिया) : प्रखंड के कलियागंज निवासी ओमप्रकाश साह ने चौरी गांव के अपने ससुराल वालों पर अपनी पत्‍‌नी की विदागरी मांगने की बात को लेकर मारपीट व छिनतई का आरोप लगाते हुए पलासी थाना में एक नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है। थाना कांड संख्या 66/12 के तहत ससुर योगेन्द्र साह, सास राधा देवी, उमाचरणा साह सहित चार व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है।
दर्ज मामले में सूचक ने कहा है कि उनकी शादी करीब पांच वर्ष पूर्व चौरी गांव के योगेन्द्र साह की पुत्री रिंकी से हुई थी। जिससे उन्हें दो पुत्र भी हैं। इस क्रम में 6 जून 2012 को उनका ससुर उनकी पत्‍‌नी को बहला फुसलाकर मायके चौरी ले गया। जब वह 15 जून को अपनी पत्‍‌नी की विदागरी लाने गया तो ससुराल वालों ने साली की शादी के लिए 50 हजार रूपये देने पर ही विदागरी देने की बात कही जिसका समर्थन करते हुए उनकी पत्‍‌नी ने भी ससुराल नहीं जाने अथवा आत्महत्या की बातें कही। जिसका विरोध करने पर ससुराल वालों ने उनके साथ मारपीट करते हुए नकदी दस हजार रूपये, घड़ी व अन्य चीजें छीन ली। बाध्य होकर उसने पलासी थाना से न्याय की गुहार लगायी है।

कालाबाजारी का 15 बोरी गेहूं जब्त



अररिया : बैरगाछी ओपी क्षेत्र के बोची में कालाबाजारी के लिए ले जा रहे 15 बोरी गेहूं ग्रामीणों ने रविवार को जब्त कर पुलिस के हवाले किया है। इस दौरान गेहूं मालिक सह जविप्र दुकानदार मो.सज्जाद फरार होने में सफल रहा। जब्ती के बाद बैरगाछी पुलिस सिकटी के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बजरंगी चौधरी के बयान पर कालाबाजारी के आरोप में डीलर के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत बोची के डीलर सज्जाद गरीबों का हक मारकर अधिकांश अनाज कालाबाजार में बेच देते हैं। इसी क्रम में वह सात बोरी गेहूं बैलगाड़ी पर लादकर मदनपुर बाजार बेचने के लिए ले जा रहा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बैरगाछी में पदास्थापित एसआई एस हुसैन एवं पुलिस बल ने गेहूं को जब्त कर लिया। बैलगाड़ी पर लदा गेहूं जब्त करने के बाद एमओ के उपस्थिति में पुलिस ने डीलर के घर भी छापेमारी की तो वहां गोहाल में भी आठ बोरी गेहूं पाया गया। बाद में जब्त गेहूं चरारनी के डीलर कनीजा खातुन को जिम्मानामा पर सौंप दिया गया है।

ताराबाड़ी हाट बदहाल

अररिया : अपने इलाके का सबसे पुराना और प्रसिद्ध ताराबाड़ी हाट आज बदहाल है। लगभग एक दर्जन पंचायत के लोगों का यहां आना जाना होता है। प्रतिवर्ष लाखों का राजस्व देने के बावजूद भी प्रशासनिक उपेक्षाओं का शिकार है। सरकारी सुविधाओं से वंचित है। शौचालय एवं यात्रीशेड नही है। साथ ही नाला नही रहने से जल जमाव की समस्या रहती है।

Tuesday, June 26, 2012

विशिस-आपूर्तिकर्ता का मेल, हो गया सवा करोड़ का खेल


अररिया : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एमएसडीपी का इस जिले में काफी बुरा हाल है। 2009-10 में अल्पसंख्यक बहुल इलाके के स्कूलों में बच्चों की प्यास बुझाने के लिए टेरा फिल्टर लगाया गया। जिले के 373 मध्य विद्यालयों में टेरा फिल्टर लगाकर बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने संबंधी प्रशासन का दावा खोखला साबित हुआ।
टेरा फिल्टर लगाने के नाम पर विद्यालय शिक्षा समिति तथा आपूर्तिकर्ता का मेल इस कदर हो गया कि एमएसडीपी योजना मेंसवा करोड़ की राशि का 'खेल' हो गया अर्थात 373 विद्यालयों में 33 हजार की दर से राशि आवंटित की गई। काम करना था विद्यालय शिक्षा समिति तथा हेडमास्टर को, टेरा फिल्टर की आपूर्ति जिला से की गई। शिक्षा विभाग के तत्कालीन एक जिलास्तरीय अधिकारी ने आपूर्तिकर्ता से 'पीसी' की बात कर समूचे विद्यालयों में टेरा फिल्टर सामग्री की आपूर्ति करवाई। इसलिए सिन्टैक्स टंकी के बदले कुछ और हीं लगा दिया गया। बच्चों को लाभ तो नहीं मिला लेकिन अधिकारी व ठेकेदार की जेब जरूर गर्म हो गई। कागज पर सबकुछ फ‌र्स्ट क्लास रहा, लेकिन नहीं बुझी बच्चों की प्यास।
आज जिले के 373 विद्यालयों में लगे टेरा फिल्टर बंद पड़े हैं। विभाग चलाने वाला व्यक्ति नहीं रहने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। दरअसल 373 में 10 फीसदी फिल्टर चालू नहीं है। दैनिक जागरण ने जब इस मुद्दे को उठाया तो डीएम ने डीईओ को जांच कराने का निर्देश दिया। डीईओ राजीव रंजन प्रसाद के निर्देश पर बीईओ ने जांच शुरू की तो इसमें भी भारी पैमाने पर 'खेल' होने की जानकारी मिली। सारे बीईओ ने सभी टेरा फिल्टर को संतोषप्रद बताया है। लेकिन लोगों का मानना है कि अगर सही जांच कराई जाए तो कई हेडमास्टर व कार्यकारी एजेंसी का गर्दन फंसना तय है।
कहां कितना लगा टेरा फिल्टर: एमएसडीपी योजना के तहत जिले के अररिया प्रखंड में 122, सिकटी में 24, कुर्साकांटा 25, भरगामा- 26, रानीगंज-31, नरपतगंज में 34, जोकीहाट में 41 तथा फारबिसगंज-पलासी में 35-35 स्कूलों में टेरा फिल्टर लगाए गये थे।

Monday, June 25, 2012

सरकारी और निजी चिकित्सक रहे हड़ताल पर


फारबिसगंज (अररिया) : पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को यहां के सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सकों द्वारा इलाज बंद रखते हुए एक दिवसीय हड़ताल मनाया गया। हालांकि इस दरम्यान रेफरल अस्पताल की आपातकालीन सेवा चालू रखी गयी। उल्लेखनीय है कि क्लिनिकल इस्टैबलिशमेंट एक्ट में दमनकारी प्रावधानों तथा एमसीआई एक्ट में परिवर्तनों के विरोध में आईएमए तथा वासा ने संयुक्त रूप से अपनी मांगों के समर्थन में एकदिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी। जिसके तहत शहर के सभी चिकित्सकों द्वारा इलाज बंद रखा गया।
बाद में स्थानीय रेफरल अस्पताल में आयोजित चिकित्सकों की बैठक के उपरांत आईएमए के अध्यक्ष डा. मंटू ठाकुर एवं वासा के संयुक्त सचिव सह जिला प्रवक्ता डा. अजय कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार के दमनकारी नीतियों के विरुद्ध जारी चिकित्सक के आंदोलन का दूसरा चरण है। यदि इनमें बदलाव नही लाया जाता है तो आंदोलन का स्वरूप और तेज किया जायेगा।
इस मौके पर रेफरल अस्पताल में उपस्थित सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सकां में डा. मंटू ठाकुर, डा. एचके सिंह, अजय कुमार, निर्मल झा, गोपाल निरंजन, बीपी भगत, मनोज निरंजन, सर्वजीत निरंजन, उमेश मंडल, एमपी गुप्ता, मानव महेश ठाकुर, अब्दुर्रहमान, एन. सर्वाधिकारी, सीताराम साह, विश्वनाथ प्रसाद, केएन झा, मो. अतहर, अजित निरंजन, एनएल दास, आनंद कुमार सिंह, विनोद कु. मिश्रा, रेशमा अली, कमर साहब, आशुतोष कुमार, कुद्दुस अली आदि ने आपातकालीन सेवा में सहयोग प्रदान किया।

Saturday, June 23, 2012

दो घर जले

पलासी: गुरुवार की रात प्रखंड के दिघली गांव में अचानक आग लगने से दो घर जलकर राख हो गये। इस अग्निकांड की घटना में घरेलू अनाज, कपड़ा, फर्नीचर सहित तीस हजार की संपत्ति जलकर स्वाहा हो गया। अग्नि पीड़ितों में मो. कालू, मसोमात परीमन शामिल हैं। यह जानकारी मुखिया प्रतिनिधि मो. समद अली ने दी।

राज्यस्तरीय कार्यशाला 30 से

फारबिसंज : आगामी तीस जून एवं एक जुलाई को प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय, सदाकत आश्रम पटना में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्षों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी। जिसमें अररिया जिला के सभी प्रखंड और नगर अध्यक्ष भी भाग लेंगे।

Thursday, June 21, 2012

नहीं मिली मजदूरी, एसपी ने दिया जांच का आदेश


सिकटी (अररिया) : पंचायतों में चलने वाले मनरेगा योजना में काम करने के बावजूद मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान महीनों बाद भी नहीं किया जा रहा है। ताजा मामला प्रखंड के डेढुआ पंचायत का है। इस संबंध में डेढुआ के मजदूरों की गुहार पर एसपी ने मामले की जांच का आदेश बरदाहा थानाध्यक्ष को दिया है। बरदाहा के प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच की जा रही है।
डेढुआ पंचायत के मजदूरों ने आरोप लगाया था कि बिचौलिया व संबंधित पोस्ट मास्टर के मिलीभगत से यह सब हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनलोगों द्वारा सभी का पासबुक अपडेट नहीं रहने के नाम पर रख लिया जाता है। आरोप है कि मनरेगा से पोखर निर्माण में 142 मजदूरों द्वारा कार्य किया गया जबकि सिर्फ 70 मजदूरों का भुगतान किया गया। अभी तक बांकी मजदूरों का भुगतान नहीं हो सका है। वर्ष 2010 में डेढुआ पंचायत के वार्ड नं. 6 में मिट्टी का कार्य मजदूरों द्वारा किया गया प्रति मजदूरी का हिसाब 740 रुपया होता है जिनमें प्रति मजदूर को 200 रुपया की दर से भुगतान किया गया। आरोप लगाया है कि पोस्टमास्टर व बिचौलिया की मिली भगत से वार्ड नं. 6 में बिना काम के ही मजदूरों से पासबुक लेकर पैसा का उठाव कर लिया गया है। इस मामले को लेकर एसपी ने बरदाहा थानाध्यक्ष को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

मिट्टी भराई नही होने से राहगीरों को परेशानी

पलासी (अररिया) : प्रखंड के डेहटी-उत्तर पंचायत अंतर्गत कोढ़ैली से मटिया टोल तक जाने वाली सड़क पर चंद्रानंद ठाकुर के घर के समीप निर्मित आरसीसी पुलिया के दोनों ओर मिट्टी भराई नहीं होने से आवाजाही में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय शिक्षक कपिलेश्वर झा, अमर कुमार ठाकुर, त्रिलोकानंद ठाकुर आदि ने बताया कि बीते वर्ष ही इस सड़क पर आरसीसी पुलिया निर्माण कराया गया, किंतु आज तक पुलिया के दोनों ओर न तो मिट्टी भराई किया गया और न तो मनरेगा योजना से ईट सोलिंग ही कराया गया। जिससे पुलिया के दोनों ओर पानी भर जाने से आवाजाही में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लोगों ने प्रशासन से अविलंब पुलिया के दोनों ओर मिट्टी भराई कर यातायात बहाल कराने की मांग की है।

Sunday, June 17, 2012

आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म, प्राथमिकी दर्ज


अररिया : बैरगाछी ओपी क्षेत्र के मैनापुर में गुरुवार की रात आठ वर्षीय बच्ची चुलबुल (काल्पनिक नाम) के साथ शमशेर नामक व्यक्ति ने जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद बच्ची के पिता ककोड़वा निवासी मो. शफीक ने बैरगाछी ओपी में प्राथमिकी दर्ज करायी है।
दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी पुत्री अपनी चचेरी बहन तुन्नी के घर सतबीट्टा गई हुई थी। घटना के दिन ककोड़वा का ही शमशेर बोलेरो लेकर सतबीट्टा पहुंचा और चुलबुल को घर लाने के बहाने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद मैनापुर के निकट गाड़ी में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बात की जानकारी उन्हें तब मिली जब उनकी बेटी ने गाड़ी में घटना की जानकारी दी।

Monday, June 11, 2012

इंस्टीच्यूट खुलने से गरीब छात्रों को मिलेगा लाभ



अररिया : मुख्यालय स्थित जीरोमाइल अररिया मार्ग पर शनिवार को टेक्नालाजी व पारा मेडिकल इंस्टीच्यूट का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बसंत कुमार ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि इस पिछड़े इलाके में इंस्टीच्यूट के खुलने से गरीब व मेधावी छात्रों को लाभ मिलेगा। मौके पर इंस्टीच्यूट के सचिव इंजी. सरवर आलम ने बताया कि यहां दर्जनों कोर्स की पढ़ाई होगी जो मेघालय एवं राजस्थान यूनिवर्सिटी से संबद्ध प्राप्त है। बेहतर एवं अनुभवी शिक्षकों के द्वारा शिक्षण एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। मौके पर महिला कालेज अररिया के प्राचार्य प्रो. बासुकी नाथ झा, पूर्व प्रमुख परवेज आलम, पूर्व जिला पार्षद अबु सहमा सहित छात्र व अभिभावक मौजूद थे।

Friday, June 1, 2012

नेपाल और बंगाल के आक्सीजन पर टिकी अररिया की सांस


फारबिसगंज (अररिया) : जिले के लोगों की सांस नेपाल और बंगाल के आक्सीजन पर टिकी है। दरअसल जिले में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण जिले के अधिकांश मरीज सिल्लीगुड़ी और विराटनगर रेफर हो रहे हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र के जिले की इस स्थिति का खुलासा बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट में सीमांचल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को काफी अपर्याप्त बताया है। निजी क्षेत्र के अस्पतालों में भी मामूली रूप से गंभीर मरीजों के लिए जरूरी सुविधा नहीं है। जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की घोर कमी है। जिले में चिकित्सकों के स्वीकृत पदों की संख्या करीब 117 है। जिसमें से मात्र 40 चिकित्सक पदस्थापित हैं। इसके अलावा संविदा पर बहाली के 36 पद है जिसमें से मात्र 17 चिकित्सकों की फिलहाल बहाली हुई है। पारा मेडिकल स्टाफ का घोर अभाव है। जिले के एक भी सरकारी अस्पताल के आपरेशन थियेटर में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी नहीं हैं। अप्रशिक्षित कर्मियों से ही ओटी में आपरेशन जैसे जीवन रक्षक कार्य किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के लाले पड़े हुए हैं। जिले में एक भी महिला विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। सबसे बड़ी मुसीबत ट्रोमा के मरीजों के लिए है। हृदय रोगी और दुर्घटना में जख्मी मरीजों को यहां बचाने के लिए आधारभूत सुविधा भी नहीं है। सरकारी-निजी अस्पतालों से ऐसे मरीजों को जिले से बाहर विराटनगर अथवा सिल्लीगुड़ी भेजने के अलावा कोई उपाय नही है। दुर्घटनाओं में जख्मी मरीज खास हेड इंज्यूरी के मरीजों को बचाने के लिए जिले में काई व्यवस्था नहीं है। जबकि ट्रोमा के गंभीर मरीजों को बचाने के लिए शुरू में ही आईसीयू, खून, एनेस्थेटिस्ट सहित डाक्टरों की एक टीम की जरूरत पड़ती है। यहां के ट्रोमा के मरीजों से ही विराटनगर के अस्पताल चल रहे हैं। जिले में ब्लड स्टोरेज सेंटर बनाये गए जो यहां के मरीजों के लिए लाभकारी साबित नहीं हुआ। जिले में एक्स-रे करने वाले रेडियोलाजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, न्यूरो स्पेशलिस्ट, हर्ट स्पेशलिस्ट एक भी नही है। जिले में सर्जन, फिजीशियन आर्यो (हड्डी) तथा बच्चों के मात्र एक-एक चिकित्सक हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक वीआरएस लेकर नौकरी से निकल रहे है।
सिविल सर्जन- हुस्न आरा
सीएस हुस्न आरा मानती है कि मामूली रूप से गंभीर मरीजों को भी यहां से रेफर किया जाता है। इसके लिए चिकित्सकों, कर्मियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर की घोर कमी को कारण बतायी। उन्होंने कहा कि चिकित्सक रिस्क लेकर इलाज कर रहे है। अस्पतालों में आवश्यक उपकरण नही है, प्रशिक्षित टेकनिशियन का अभाव है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी स्वास्थ्य सुविधाओं को अस्पतालों में मुहैया कराया गया है।

Wednesday, May 23, 2012

कन्या मवि की छात्राओं के बीच बंटी पोशाक राशि


अररिया : शहर के चांदनी चौक स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में बुधवार को मुख्य मंत्री पोशाक योजना के तहत 305 छात्राओं के बीच पोशाक राशि का वितरण प्रधानाध्यापिका श्रीमती सउदा खातून द्वारा किया गया।
इस मौके पर प्रधानाध्यापिका ने छात्राओं से जल्दी पोशाक सिलवा कर नियमित रूप से स्कूल आने को कहा। उन्होंने बच्चों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह भी दी।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि
छात्राओं के बीच बांटी गयी राशि मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना की है तथा वर्ग छह व सात की 160 छात्राओं को 700 रुपये व वर्ग तीन से पांच तक की 145 छात्राओं को 500 रुपये प्रति छात्रा की दर से राशि बांटी गयी है।
इस अवसर पर संकुल समन्वयक हरहिर प्रसाद यादव, विद्यालय शिक्षा समिति की अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद सुमन देवी, सचिव जीनत प्रवीण, सदस्य शबनम प्रवीण, सारिका देवी, भागवती देवी एवं स्कूल की सहायक शिक्षक सुश्री रीता दास, प्रतिभा देवी एवं अभिभावकगण उपस्थित थे।

Sunday, May 20, 2012

नहीं जलती सोलर लाइट


कुर्साकांटा (अररिया) : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में लगाई गई दर्जनों सोलर लाइट देख-रेख के अभाव में नष्ट हो रहा है। कुआड़ी कुर्साकांटा, लैलोखर, पहुंसी, डुमरिया, रहटमीना, कमलदाहा, शंकरपुर, हरीरा, जागीर, पलासी सहित अन्य पंचायत में पूर्व से लगाये गये सोलर लाइट उचित देख-रेख के अभाव में बर्बाद हो रहा है। सार्वजनिक व निजी जगहों पर लगा लाइट सोभा की वस्तु बनकर रह गई है।
कहीं बल्ब फ्यूज है तो कहीं बैट्री खराब है तो कही प्लेट ही गायब है। कई स्थानों से सोलर प्लेट व बैट्री की चोरी हो चुकी है। अनियमितताओं की शिकार यह योजना अपने भाग्य पर आंसू बहा रही है। क्षेत्र के लोगों ने खराब पडे़ सोलर लाइट को ठीक कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।

Wednesday, May 16, 2012

विकलांग जुबैदा जगा रही शिक्षा की अलख



अररिया : एक हादसे में अपाहिज हुई जुबैदा उर्फ बुचिया जगा रही है बच्चों में शिक्षा की अलख। हालांकि गरीबी का दंश झेल रही बुचिया अब जिंदगी से हारने लगी है। बेसहारा जुबैदा अब मौत को गले लगाना चाहती है। बिस्तर पर लेटी नम आंखों से कभी अल्लाह को याद करती है तो कभी परिजनों से मौत की मांग करती है। लेकिन बदनसीब और बेसहारा जुबैदा को न तो इच्छा मृत्यु मिल रही है और न ही कोई मसीहा उसे जीवनदान देने के लिए आगे आ रहा है। अररिया शहर के आजाद नगर मुहल्ला वार्ड नंबर 19 की 26 वर्षीय मिडिल पास जुबैदा जिंदगी की जंग हारने लगी है। उसके नसीब में न तो मां की ममता का छांव और न ही सिर पर हाथ फेरने वाला पिता मौजूद है। भाई का बोझ बनकर अब वह जिंदा नहीं रहना चाहती। नन्हीं सी प्यारी सी अपनी मां बाप की दुलारी जुबैदा अन्य बच्चियों की तरह ही कभी नटखट, चंचल और शोख थी। वह अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आसमान की बुलंदियां छूना चाहती थी, लेकिन कुछ साल पहले एक मनहुस दिन उसके जीवन के सारे अरमान और सपने चकनाचूर हो गये। उस दिन एक दिन अपने टूटे हुए झोपड़ी में सोयी थी कि अचानक घर का छप्पर व धरन टूटकर उसके बदन पर गिर गया जिसमें उसकी कमर की हड्डी टूट गयी। इस घटना के बाद आज तक वह उठकर नहीं बैठ पायी। इसी दौरान उसके माता-पिता की मौत हो गयी। गरीब भाई उसे लेकर दिल्ली ले गया लेकिन वहां से भी वह निराश होकर लौट आया। विकलांग जुबैदा अपनी जिंदगी गुजारने के लिए शिक्षा का अलख जगाने को ठानी और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया। बिस्तर पर लेटी-लेटी वह बच्चों को टयूशन पढ़ाकर अपना जीवन यापन करती है। आज जुबैदा के आंखों में अरमानों एवं सपनों की जगह आंसू है। चंचल शोख जुबैदा मानव जिंदा बुत बनी हुई है। उसे किसी मसीहा की तलाश है। जो इसकी तकदीर बदल सके।

Monday, May 14, 2012

ग्यारहवीं की परीक्षा शुरू



कुर्साकांटा (अररिया) : सोमवार को केएम इंटर कालेज कुर्साकांटा बखरी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के ग्यारहवीं वार्षिक परीक्षा प्रारंभ हुई। इस परीक्षा में 775 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रो. कैदार नाथ मिश्र ने बताया कि इस परीक्षा में विज्ञान संकाय के 316, कला संकाय 384 एव वाणिज्य संकाय 75 विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर प्रो. हरिचंद्र साह, अनिल कुमार झा, रविन्द्र मिल, उमंग कुमार वर्मा आदि अनेक शिक्षक मौजूद थे।

फर्जी नामांकन में नौ विद्यालय प्रधानों पर होगी कार्रवाई


नरपतगंज (अररिया) : फर्जी नामांकन और उपस्थिति के मामले में नरपतगंज के नौ विद्यालय प्रधानों पर कार्रवाई होगी। बिहार शिक्षा परियोजना के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के निदेशक दीपक कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित करने का बीईओ को निर्देश दिया है।
जानकारी अनुसार बीते माह शिक्षा विभाग पटना की जांच टीम ने यहां का सर्वे किया था। इस टीम ने सौंपी गयी रिपोर्ट में बच्चों की उपस्थिति कहीं 14 प्रतिशत तो कहीं 0 प्रतिशत बतायी गयी है। जांच टीम ने पाया विद्यालय में बच्चे नहीं थे शिक्षक उपस्थित थे। उक्त विद्यालय के प्रधान के अनुसार मध्याह्न भोजन बंद होने के वजह से बच्चे खाने गये जो कि अभी तक नही आए। विद्यालय के वर्ग कक्ष में ताला लगा पाया गया था। निदेशक दीपक कुमार सिंह ने बीईओ को प्रखंड में नामांकित तीस हजार बच्चों का नाम विद्यालय से हटाने का निर्देश दिया है।
* किन-किन विद्यालयों पर होगी कार्रवाई
उमवि राजगंज, उपस्थित छात्र- 14.14 प्रतिशत प्रधानाध्यापक मो. एहसान, प्रावि ब्राह्माण टोला फतेहपुर उपस्थित छात्र- 8.59 प्रतिशत प्रधान सुरेन्द्र मंडल, प्रावि बेलवा उपस्थित छात्र- 1.39 प्रतिशत प्रधान कुलदीप यादव, बरदाहा बीएमसी उपस्थित छात्र- 0 प्रतिशत, प्र. हारुण रशीद, प्रा. वि. बरदाहा उपस्थित छात्र -17.52 प्रतिशत, प्रधान मो. नईम, मवि नाथपुर उपस्थित छात्र- 30.91 प्रतिशत प्रधान रामसेवक सिंह, मवि फतेहपुर पिठौरा उपस्थित छात्र -8.83 प्रतिशत प्रधानाध्यापक अरुण पासवान, मवि बरदाहा नोनिया टोला उपस्थित छात्र -23.11 प्रतिशत प्रधानाध्यापिका रेणु कुमारी।
* क्या कहते हैं बीईओ :-
बीईओ आमीचन्द राम ने कहा पटना में इन विद्यालयों ने नरपतगंज का नाम पर कालिख पोती है। इन विद्यालयों के फर्जी नाम, उक्त दिन मध्याह्न भोजन बंद था। इसकी रिपोर्ट एमडीएम प्रभारी से लिया जा रहा है। उसके पश्चात अनुशासनात्मक व प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी। विद्यालय में फर्जी नाम, मेनू के अनुसार भोजन नहीं बनना बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
* क्या कहते हैं एमडीएम प्रभारी- एमडीएम प्रभारी मनोज कुमार भारतीय ने कहा नरपतगंज प्रखंड के प्रधान शिक्षक तीस रोज का रिपोर्ट न कर महीना में एक कालम में रिपोर्ट देते हैं। उन्होंने माना कि प्रखंड में सभी विद्यालयों में फर्जी नामांकन है नामांकन हटाना उनका काम नहीं।