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Tuesday, July 3, 2012

बीआरपी का आवासीय प्रशिक्षण प्रारंभ


अररिया : प्रखंड संसाधन केन्द्र अररिया में सोमवार को जिला के नव चयनित प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) के चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता विकसित होती है। मौके पर बीईओ विजय कुमार सिंह ने प्रतिभागियों से धैर्यपूर्वक एवं पाबंदी के साथ प्रशिक्षण लेने की बात कही।
इस शिविर में जिले के सभी नौ प्रखंडों से 45 बीआरपी हिस्सा ले रहे हैं। बीआरपी प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप रामचन्द सिंह, ओम प्रकाश आनंद मोहन, राज नंदन पोद्दार आदि ने भाग लिया। मौके पर संभाग प्रभारी समर विजय सिंह, शिक्षक सज्जाद आलम, अभिषेक रंजन, मनोज कुमार आदि मौजूद थे।

Thursday, June 28, 2012

एक साल बाद फिर चर्चा में आया दुष्कर्म व हत्या का मामला


अररिया : एक साल बाद एक बार फिर दुष्कर्म व हत्या का मामला चर्चा में है। पटना की एक नर्स के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के करीब एक वर्ष पूर्व सिमराहा थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की घटना क्या एक-दूसरे से जुड़े है। यह बात मृतका नर्स उषा के चाचा द्वारा रविवार को दर्ज कराये गए प्राथमिकी के बाद चर्चा में है। जहां एक घटना को सत्य एवं सूत्रहीन दर्शाया गया तो दूसरे मामले में तीन वकील समेत सात लोग नामजद आरोपी बनाये गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार 09 जून 11 को सिमराहा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर में अज्ञात एक महिला का शव मिला था। जिसे अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा इस घटना को अंजाम दिए जाने की चर्चा हुई। तत्पश्चात वहां के चौकीदार 22/06 राम बहादुर ऋषिदेव के बयान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। फारबिसगंज (सिमराहा), थाना कांड संख्या 287/11 भादवि की धारा 302/34 के तहत अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज कराया गया तथा अनुसधानकर्ता तारकेश्वर प्र. सिंह पुलिस अधिकारी बनाये गये। वहीं एक साल बाद फिर 24 जून 12 को फारबिसगंज (सिमराहा) थाना कांड संख्या 221/12 दर्ज हुआ। इस प्राथमिकी में भादवि की धारा 302, 201, 120 बी, 376, 420/34 के तहत आरोप लगाया गया तथा मृतका उषा के चाचा अनिल सिंह के बयान पर यह प्राथमिकी दर्ज हुई। इस मामले में अररिया सिविल कोर्ट के तीन वकील समेत सात लोग नामजद अभियुक्त बनाये गए, जिसमें सिविल कोर्ट अररिया के वकील व गैयारी निवासी आफताब, व मो. कमरूज्जमा, फरसाडांगी के सरफराज तथा बरदबट्टा के मोहन झा समेत पलासी के मुखिया मुर्शिद अबु बकर समेत डोरिया बलवा के मरगुब को आरोपी बनाया गया। जमुई जिले के सोनखार निवासी अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी भतीजी उषा पटना स्थित पीएमसीएच में जब नर्स का कार्य कर रही थी तो उसी वक्त सरफराज अपना नाम सागर बताकर उसके संपर्क में आया तथा इस काम में मरगुब ने मदद किया। उसी दौरान शादी का झांसा देकर यौन शोषण जारी रहा।
परंतु जब दोनों वहां से गायब हो गये तो उषा उन लोगों की खोज करते अररिया पहुंची। जहां उसका नाम यही खातुन रखकर सरफराज से ब्याह करा दिया गया। परंतु उसके साथ जारी प्रताड़ना के बाद न्याय के लिये भटकती उषा को इंसाफ दिलाने के नाम पर आरोपियों ने उसके साथ यौन शोषण करते रहे तथा इसी क्रम में पंचायती में लिये 78 हजार हजम कर लेने को लेकर उसकी हत्या कर दिया गया। जिसका पता सूचक को सिमराहा थाना पहुंचा। जहां दिखाये गये एक मृतका के फोटो से उषा की हुई मौत की पुष्टि की गयी। जो पुरनदाहा खवासपुर सड़क किनारे मिले एक अज्ञात महिला के शव से की गयी। हालांकि इस मामले में वहां की पुलिस ने चौकीदार के बयान पर कांड संख्या 287/11 दर्ज किया था, जिसमें 30 सितंबर 11 को अनुसंधान भी पूरा हुआ तथा अनुसंधानकर्ता ने एफ आर नंबर 103/11 के तहत उस मामले को घटनाओं अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा अंजाम देने का उल्लेख भी किया है तथा घटना को सत्य एवं सूत्रहीन करार देते अररिया की अदालत में अंतिम प्रपत्र अक्टूबर 11 में ही दाखिल कर दिया।
फिर पटना की नर्स उषा के चाचा द्वारा सिमराहा थाने में दर्ज कांड संख्या 221/12 के बाद क्या सी मामले ने नया मोड़ ले लिया है? वहीं क्या उक्त दोनों प्राथमिकियां एक ही महिला की हुई हत्या से जुड़ा हुआ है? इन बातों की चर्चा जोर पकड़ने लगा है।

Thursday, June 21, 2012

अररिया के 95 विद्यालयों में शौचालय का अभाव

अररिया : अररिया प्रखंड के 95 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के बच्चे आज भी खुले मैदान में शौच करने को विवश हैं। जबकि 66 विद्यालयों में खाना बनाने का अब तक किचेन शेड का निर्माण नहीं हो पाया है। लेकिन इस गंभीर समस्या पर न तो पीएचईडी विभाग गौर कर रहा है और न ही इसको लेकर शिक्षा विभाग संवेदनशील है। इस आंकड़े का खुलासा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार सिंह द्वारा डीईओ को सौंपे विद्यालय विवरणी (पत्रांक-700, 7 जून 12) से हुआ है। बीईओ के द्वारा सौंपे गए विवरणी पर गौर किया जाए तो प्रखंड में कुल 254 विद्यालय है। परंतु 66 स्कूलों में आज भी एमडीएम योजना का किचेन शेड नहीं है। जबकि एक विद्यालय में रसोई घर अधूरा अवस्था में है। प्रतिवेदन के अनुसार प्रखंड के 58 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नदारद है। इस आंकड़ों से सहज ही समझा जा सकता है कि अररिया में शिक्षा का अधिकार कानून का पालन किस प्रकार हो रहा है।

Tuesday, June 19, 2012

जिंदगी मौत न बन जाये, संभालो यारो!


अररिया : अररिया प्रखंड के महिषाकोल व आसपास के गांवों में पानी अक्सर मौत का सामान बनकर आता है। नदियों से घिरे इस इलाके में जल ही जीवन है और शायद मौत भी। इस इलाके में जिंदगी को संवारना है तो पहले पानी को संभालना होगा।
महिषाकोल, मेटन, झौआ, झमटा सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों की त्रासदी यह है कि यहां साल के नौ महीने जलाप्लावन जैसी स्थिति रहती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव में परमान के दोनों तरफ सड़क बन गयी है। लेकिन पुल नहीं बनने से सड़क का लाभ नहीं मिल रहा।
झमटा के अफजाल हुसैन हाशमी कहते हैं कि पीच रोड इधर भी है, उधर भी, लेकिन पुल नहीं है। कौन बनायेगा पुल? आम दिनों में लोग चचरी पुल पर नदी पार करते हैं। लगभग दो सौ मोटर साइकिलें प्रतिदिन इस रास्ते से गुजरती हैं। टैक्सी चालक जुबैर आलम ने बताया कि उनका घर नदी पार है। लिहाजा वहां तक जाने के लिए लगभग तीस किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।
बारिश के आते ही महिषाकोल घाट पर चचरी बह जाती है और लोगों को नाव से या तैरकर नदी पार करना पड़ता है। महिषाकोल के ही बुजुर्ग किसान मो. यासीन ने बताया कि नदी इस इलाके का जीवन है, लेकिन बारिश के दिनों में यही मौत बन जाती है। नदी पार करने में हर साल दुर्घटना होती है और भोलेभाले ग्रामीण मारे जाते हैं। लेकिन पुल नहीं बनता।
इस गांव में कटाव का दर्द भी गहरा है। एक दशक में लगभग पांच सौ परिवारों का घर कटकर नदी में समा गया है। गांव के सैकड़ों परिवार हर साल कटकर दोबारा बसने को विवश हो जाते हैं। विडंबना है कि सरकारी घोषणा के बाद भी इन्हें इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिलता।
बाक्स के लिए
1.
मेटन गांव में नहीं जाती बाहर से डोली
अररिया, जाप्र: नदियों के महाजाल से घिरे मेटन व आसपास के कई गांवों में एक सामाजिक अभिशाप बेहद तकलीफदेह है। यहां कई दशकों से न तो बाहर से कोई डोली आयी और न ही यहां से कोई डोली बाहर निकली। किसान मो. यासीन की मानें तो नदी के कारण इन गांवों में दुल्हन को लेकर कोई डोली नहीं जाती। क्योंकि बाहर रहने वाले लोग यहां शादी नहीं करना चाहते। तकरीबन दस बारह हजार की आबादी वाले इस इलाके में लगभग सारी शादियां गांव में ही हो जाती हैं।
2. महिषाकोल की लड़कियां बचपन से ही सीखती हैं तैरना
अररिया, जाप्र: महिषाकोल की फरजाना गांव के स्कूल की तीसरी कक्षा में पढ़ती है। वह अपने गांव के छोटे छोटे बच्चों के साथ नदी में तैरना सीख रही थी। परमान के घाट पर मौजूद जुबैर, मो. यासीन, अफजाल आदि ने बताया कि इस गांव में बच्चों को तैरने की ट्रेनिंग देना जरूरी है। क्योंकि इन गांवों में तैराकी जिंदा रहने की पहली शर्त है। अगर आपको तैरना नहीं आता है, तो हर पल जीवन पर खतरा मंडराता रहता है।

Friday, June 8, 2012

अररिया को बिजली सुधार की सौगात


अररिया : राज्य की नीतीश सरकार ने पूर्णिया प्रमंडल के चारों जिले को बिजली सुधार की दिशा में नई सौगात दी है। आने वाले कुछ वर्षो में इन जिलों को छह से सात हजार मेगावाट बिजली मिलेगी। अररिया में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ढाई अरब की राशि खर्च की जाएगी। सरकार ने इस परियोजना को 17 फरवरी को ही मंजूरी दे दी है। किशनगंज, कटिहार, अररिया व पूर्णिया से होकर गुजरने वाली महानंदा नदी में 24 वाटर फॉल प्वाइंट चिन्हित किया गया है, जहां 2 हजार करोड़ की लागत से 200 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे चारों जिले को फायदा मिलेगा।
सूबे के उर्जा मंत्री तथा जिला बीस सूत्री प्रभारी मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जिला संचालन समिति की बैठक में भाग लेने आए मंत्री श्री यादव ने सरकार की इस उपलब्धि को सारे विधायकों के समक्ष पेश किया। उन्होंने पूरे परियोजना के बारे में बताया कि 2 अरब 34 करोड़ 10 लाख का डीपीआर स्वीकृत कर लिया गया है। इस परियोजना से जिले के 2 लाख 67 हजार 352 बीपीएल परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन मिलेगा। मंत्री ने बताया कि जिले के भरगामा, कुर्साकांटा तथा सिकटी प्रखंड में तीन नये पॉवर सब स्टेशन खुलेंगे। इसके अलावा जिले में टूटे, जीर्ण-शीर्ण व पुराने तारों को भी बदला जाएगा। इसके लिए 33 हजार वोल्ट का 75 किलोमीटर, 11 हजार वोल्ट का 1502.69 किमी तथा एलटी लाइन का 1306.17 किमी तार बदला जाएगा।
मंत्री ने कहा कि लगातार छोटे ट्रांसफारमर के खराब होने की जानकारी मिलती है। इस परियोजना के तहत अररिया में 25 केवीए के 2944 नये ट्रांसफारमर लगाए जाएंगे।
उर्जा मंत्री ने अररिया के कोने-कोने तक बिजली देने की बात कही। उन्होंने बताया कि जिले के नरपतगंज, फारबिसगंज, रानीगंज, अररिया, पलासी तथा जोकीहाट के पॉवर सब स्टेशन में डेढ़ गुणा बिजली का इजाफा जल्द ही होगा। मंत्री के अनुसार टेंडर प्रक्रिया जारी है, छठ के बाद कार्य शुरू होगा।

Wednesday, May 16, 2012

समन्वय बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा



अररिया : प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ मंगलवार को आत्मण कक्ष अररिया में समन्वय बैठक आयोजित कर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रभाष कुमार महंथ ने मुख्य रूप से इंदिरा आवास, बीआरजीएफ एवं 13वें वित्त से संचालित योजनाओं की समीक्षा की। डीडीसी ने मुख्य रूप से वित्तीय वर्ष 2012 में बांटी गई। इंदिरा आवास की राशि एवं बचे हुए राशि का जानकारी ली। साथ ही दूसरी किस्त की स्थिति का प्रखंडवार समीक्षा किया। डीडीसी ने आपदा के तहत बांटी गई अग्निपीड़ितों को दी गई मुआवजा की जानकारी ली। साथ ही डीडीसी ने बैठक में सभी बीडीओ से कहा कि बीआरजीएफ की वार्षिक कार्य योजना हर हाल में 22 मई तक जिला में जमा कर दें। 13वें वित्त से व्यय की गई। पंचायतवार उपयोगिता प्रमाण भी जमा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जोकीहाट, कुर्साकांटा, पलासी, रानीगंज, भरगामा, नरपतगंज, सिकटी के बीडीओ के अलावा वरीय उप समाहत्र्ता गोपाल प्रसाद, डीपीआरओ एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी भी मौजूद थे।

Tuesday, May 8, 2012

पोशाक राशि वितरित

अररिया : प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जमुआ घरबाड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत 95 विद्यार्थियों के बीच पोशाक राशि का वितरण किया गया। इस अवसर पर जमुआ पंचायत के मुखिया सुनीता देवी, सचिव बबीता कुमारी, अध्यक्ष सूर्यकांत पाठक, उद्रानंद मंडल, मो. तसलीम, कलमुद्दीन, अजय झा व शिक्षक मौजूद थे। इस बाबत प्रधानलाध्यापक जयनंदन कुमार प्रखंड शिक्षक, कमर नौमानी ने बताया कि पंचम, चतुर्थ तथा तृतीय वर्ग के छात्र व छात्राओं के बीच 500 रुपये की दर से पोशाक राशि वितरित किया गया।

Monday, May 7, 2012

खत्म हो रहा ग्रामीण सड़कों के हनीमून का दौर


अररिया : अररिया प्रखंड के ताराबाड़ी बेंगा पथ पर खमगड़ा गांव के निकट पहली मई की रात एक मोटर साइकिल सवार जा रहा था। उसके साथ एक महिला भी थी। रात का वक्त था और उसे सड़क पर बना विशाल कट दिखायी नहीं दिया। कट में पड़ कर उसकी गाड़ी जोर से उछली और सीधे सड़क से नीचे जा गिरी। महिला की मौत हो गयी और सवार बुरी तरह जख्मी हो गया। जिले में ग्रामीण सड़कों की दुर्दशा की यह केवल एक बानगी है। ऐसे उदाहरण एक दो नहीं दर्जनों में हैं। रखरखाव के अभाव में बर्बाद हो रही सड़कें हर रोज किसी न किसी की बलि ले लेती है, लेकिन उन्हें मेनटेन करने वाला तंत्र निष्क्रिय बना बैठा है। इधर, ग्रामीण सड़कों की बदहाली से सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।
सड़कों की मौजूदा खस्ता हालत ही इस बात का प्रमाण हैं कि उनकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है। जिले की ग्रामीण सड़कें बुरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के साथ ग्रामीण सड़कों के हनीमून का जो दौर प्रारंभ हुआ था, वह अब लगभग समाप्त हो गया है।
विगत पांच छह साल के दौरान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एनबीसीसी के तत्वावधान में बड़े पैमाने पर सड़कें बनायी गयी। लेकिन यह संस्था उनके रखरखाव के प्रति सजग नहीं रही। लिहाजा सड़कों में रेन कट, क्रैक्स व पोट होल्स डेवलप कर गये हैं।
एनबीसीसी के डीजीएम एसके त्रिपाठी से मिली जानकारी के अनुसार जिले में संस्था की दो इकाईयां काम कर रही हैं। इनमें से पहली यूनिट के पास 64 सड़कें हैं, जिनमें से 62 का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, दूसरी यूनिट के अधीन 28 सड़कें हैं। इनमें से भी अधिकांश का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बताती है। एनबीसीसी की सड़कें जैसी भी बनी हो, वे बदहाली की शिकार हैं। अररिया बैरगाछी से सिकटी तक जाने वाली सड़क एनबीसीसी द्वारा बनायी गयी। लेकिन अब तक इस पर आवागमन सुचारू नहीं हो पाया। लोग व वाहन चले नहीं लेकिन सड़क पूरी तरह जर्जर हो गयी है। ऐसा क्यों हुआ? एनबीसीसी के अधिकारी बाढ़ आने व पुलों के अभाव को इसका कारण बताते हैं। लेकिन क्या सड़क का डीपीआर बनाते वक्त एचएफएल (उच्चतम बाढ़ लेवल) का पालन नहीं किया गया? डीपीआर बनाते समय सड़क में पुल नहीं दिखे थे क्या? अगर हां, तो जनता के पैसों की बरबादी का जिम्मेवार कौन है कि करोड़ों व्यय के बावजूद अब तक एबीएम सिकटी पथ आवागमन के लिए सुलभ नहीं हो पाया है? जोकीहाट, फारबिसगंज सहित कई अन्य प्रखंडों में बनी ग्रामीण सड़कें भी रखरखाव के अभाव में जी का जंजाल बनती जा रही हैं। मुड़बल्ला से खबासपुर पथ की हालत भी जर्जर हो रही है।
हालांकि ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के अधीन बनी शानदार फोरलेन सड़क व अररिया रानीगंज सुपौल स्टेट हाइवे जैसी सड़कों पर यात्रा करते वक्त सड़कों की बदहाली का एहसास नहीं होता। ये सड़कें चमचमाती काली कालीन की तरह दिखती हैं, लेकिन इन सड़कों को छोड़ कर जरा गांवों में प्रवेश कीजिए तो कालीन के नीचे छिपी गर्द का साफ पता चल जाता है।
क्या कहते हैं एनबीसीसी के अधिकारी:
एनबीसीसी के डीजीएम एस के त्रिपाठी का कहना है कि सरकार से सड़कों के मेनेटेनेंस का फंड नहीं प्राप्त हो रहा है। सड़क पूरा होने के बाद पांच साल तक उसके रखरखाव का दायित्व जरूर है, लेकिन राशि नहीं होने की वजह से सड़कों का रखरखाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ रोड के कंप्लीशन के बाद चार साल बीत गये, लेकिन पैसा नहीं मिला है।
श्री त्रिपाठी के अनुसार इस संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के प्रधान सचिव को लिखा गया है तथा एनआरआरडीए के कोआर्डिनेटर को भी रिपोर्ट भेजी गयी है।

Thursday, March 8, 2012

पलासी को हरा पीसीसी पुरैनी ने जीता फाइनल मैच



अररिया : प्रखंड के एलएस हाईस्कूल पलासी के मैदान में अनामिका क्रिकेट क्लब पलासी के द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच एसीसी पलासी एवं पीसीसी पुरैनी (किस्मत खवासपुर) के बीच मंगलवार को खेला गया। जिसमें पलासी को हरा पुरैनी ने कप पर कब्जा कर लिया। मुख्य अतिथि जिप सदस्या रेखा देवी ने विजय टीम के कप्तान व प्रतिभागी को ट्राफी सौंपा। इस टूर्नामेंट में पुरैनी के टीम के कप्तान बंटी झा ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया तथा टीम ने 176 रन बनाये। जवाब में उतरी पलासी टीम मात्र 92 रन ही बना सकी। इस तरह पुरैनी की टीम 84 रनों से फाइनल मैच जीत कर टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कमलेश कुमार झा, डा. वासुदेव झा, प्रकाश झा, जनार्दन चौधरी, सूर्यकांत झा, शंभू झा, रामाकांत झा, शिवकांत ठाकुर, सीताराम मंडल के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

Tuesday, February 28, 2012

शैक्षणिक परिभ्रमण

अररिया (Araria Parkhand) : प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय अररिया बस्ती के बच्चों के लिए रविवार को शैक्षणिक परिभ्रमण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के कुल 35 विद्यार्थियों को भीम नगर स्थित कोशी बैरेज का परिभ्रमण कराया गया। बच्चों के साथ प्रधानाध्यापक मो. मोहीउद्दीन, संकुल समन्वयक अब्दुल हन्नान, शिक्षिका लता देवी, सचिव नगमा खातुन भी परिभ्रमण पर गई थी। इस शैक्षणिक परिभ्रमण को ले बच्चों में विशेष उत्साह है।

Wednesday, January 18, 2012

निधन से शोक

अररिया: अररिया प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय फटकन टोला बेलवा के प्रधानाध्यापक मो. मुस्ताक आलम की असामयिक मौत मंगलवार को ड्यूटी के दौरान हो गई। उनके निधन पर शिक्षकों ने शोक व्यक्त किया है। शोक व्यक्त करने वालों में जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अब्दुल कुद्दुस सहित कई शिक्षक शामिल हैं।

महिला जनप्रतिनिधि की जगह बैठक में पहुंचे संबंधी पुरूष

अररिया : अररिया प्रखंड परिसर में पंचायत समिति की बैठक मंगलवार को हो हंगामे के बीच संपन्न हो गयी। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख जुगनु परवीन ने की। हालांकि अव्यवस्था के कारण बैठक के प्रथम सत्र में चलने वाला परिचय सत्र नहीं हो सका। दरअसल बैठक में अधिकांश महिला मुखिया की जगह उनके पति सम्मलित हुए थे, इसलिए परिचय कराना मुनासिब नहीं समझा गया। इस बैठक में कुसियारगांव क्षेत्र संख्या 39 से चुनाव जीतकर आयी समिति सदस्य संजरी अफसाना को शपथ दिलाया गया। पुन: बैठक जैसे ही प्रारंभ हुई सदस्यों ने गत बैठक की संपुष्टि किए बगैर कार्यवाही को आगे बढ़ाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की तथा हो हंगामा मचाना शुरू कर दिया। शोर शराबे के बीच ही बैठक में मुख्य रूप से इंदिरा आवास एवं 13वीं वित्त योजना पर चर्चा की गयी। सरकारी निर्देशानुसार पंचायत के 60 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 15 प्रतिशत अल्पसंख्यक एवं 25 प्रतिशत सामान्य जाति बीपीएल धारी को इंदिरा आवास दिया जाना है जिन्हें क्रमवार, जातिवार अंक के आधार पर दिया जाना है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि अगर पंचायत में किसी विशेष जाति का कोटा पूरा हो गया है तो उसी पंचायत से रोस्टर के मुताबिक अन्य जातियों को लाभ दिया जाये। साथ ही बैठक में 13 वें वित्त योजना के सफल क्रियान्वयन नहीं होने पर भी सदस्यों में नाराजगी देखी गयी। बैठक में पंचायत सचिव एवं महिला जनप्रतिनिधि की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया। बैठक में बीडीओ नागेन्द्र पासवान, उपप्रमुख गुलशन आरा, एमपी प्रतिनिधि संजय मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि इंजी. महमूद रजा, मुखिया राजेश सिंह, बीबी शबनम, गुलशन आरा, आसिफुर रहमान, सैयद एजाज अहमद, अब्दुल हन्नान, शमशाद आलम, बब्बू के अलावा महिला प्रतिनिधि के पति मौजूद थे।

Friday, August 19, 2011

रामपुर कोदरकट्टी के आदिवासी टोला में एक भी पक्का घर नहीं


अररिया : जिला प्रशासन की फाइलों में महादलितों के लिए निर्धारित इंदिरा आवास का कोटा फुल है। सभी महादलित लाभुकों को इंदिरा आवास के लिए पैसे आवंटित कर दिये गये हैं। लेकिन अब तस्वीर का दूसरा पहलू देखिये! आईये, अररिया प्रखंड का रामपुर कोदरकट्टी गांव। यहां के आदिवासी टोले में एक भी इंदिरा आवास नहीं बना है। बल्कि इस आदिवासी टोले में एक भी पक्का घर है ही नहीं। तो क्या कागजों पर ही बन गये आवस? अररिया प्रखंड के बीडीओ नागेंद्र पासवान की मानें तो इस बार दो पंचायतों को छोड़ कर प्रखंड में कहीं भी एससी एसटी को इंदिरा आवास नहीं मिलेगा, उनका कोटा पूरा हो गया है। पूछने पर वे बताते हैं कि अररिया प्रखंड में मकान नहीं बनाने वाले साढ़े छह सौ से अधिक लाभुकों को लाल नोटिस दे दी गयी है। उनके विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। अब जरा लाभुकों की सुनें कि वो क्या कहते हैं?
रामपुर कोदरकट्टी के आदिवासी टोला के वीही हेंब्रम के शब्दों में पैसा तो मिला पर उसमें से देने वक्त ही दस हजार काट लिया। कहां से बनता घर? नरायण टुडु को तीस हजार में से बीस हजार ही मिला। ..ने शेष पैसा खा लिया। कैसे बनेगा घर? हां, टीन का छपरी जरूर दिये हैं। तलामय हांसदा और बोड़की मुर्मु की भी यही कहानी है कि उनके नाम पर पैसा उठा लेकिन, ..ने खा लिया।
वहीं, लखन मुर्मु, बिटकु सोरेन, संजय हांसदा, बबलू हांसदा, मोहन मरांडी, तलु टुडु सहित दर्जनों ऐसे लोग हैं जिन्हें आज तक आवास मद में कोई पैसा मिला ही नहीं। अब आप ही बताइये कि जब महादलितों का कोटा फुल हो गया तो उन्हें कौन देगा आवास ? बीडीओ साहब कहते हैं पैसा लेकर घर नहीं बनाने वालों पर कार्रवाई होगी। लेकिन जो बिचौलिये आदिवासियों को मिलने वाली राशि का आधे से अधिक खा गये उस पर कार्रवाई कौन करेगा?
इस पर बीडीओ नागेंद्र पासवान का कहना है कि प्रखंड में लगभग एक दर्जन बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। जो भी लाभुकों का हक मारेगा उसे बख्शा नहीं जायेगा।
इधर, पंचायत के मुखिया राजेश सिंह कहते हैं कि ताज्जुब इस बात का है कि पंचायत में करोड़ों रुपये आये लेकिन गरीबों का घर नहीं बना। उनके मुताबिक पूरे मामले की जांच होनी चाहिये और जिन लोगों या जनप्रतिनिधियों ने गरीबों का पैसा खाया है उन्हें जेल भेजा जाना चाहिये।

Saturday, August 13, 2011

आवास लक्ष्य प्राप्ति में बैंक नहीं दे रहे सहयोग : बीडीओ


अररिया : प्रखंड में इंदिरा आवास का लक्ष्य विफल करने में बैंक कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला स्तरीय बैठक में बारंबार निर्देश मिलने के बावजूद बैंक लाभुकों का खाता नही खोल रहे हैं। ये बातें शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेन्द्र पासवान ने बतायी। बीडीओ श्री पासवान ने बताया कि सरकारी निर्देश के आलोक में शिविर में हीं लाभुकों का खाता खुल जाना चाहिये था। इसके लिये बकायदा बैंक कर्मियों को खाता खोलने के लिये शिविर में आमंत्रित भी किया गया। लेकिन यह कार्यक्रम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि उनके प्रखंड में पंचायत शिविर समाप्ति की तिथि भी एक सप्ताह पूर्व हीं खत्म हो गयी है।
बीडीओ ने बताया कि उनके प्रखंड में 3500 सौ से अधिक लाभुकों का चयन किया गया है। जिसमें आधा लाभुकों का हीं खाता अब तक खोला गया है। उन्होंने बताया कि शेष बचे लाभुक प्रतिदिन प्रखंड कार्यालय का चक्कर खाता खोलवाने के लिये लगा रहे है। कभी-कभी प्रखंड कर्मियों को लाभुकों द्वारा प्रताड़ित भी किया जाता है। बावजूद बैंकों द्वारा खाता नही खोला जा रहा है।

Sunday, June 26, 2011

अररिया: जुगनु परवीन दोबारा बनी प्रमुख


अररिया : अररिया प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को संपन्न हुए प्रमुख चुनाव में कांटे की टक्कर में जुगनु परवीन ने लगातार दूसरी बार प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा जमाया। कुल 42 उपस्थित समिति सदस्यों में से 22 ने जुगनु परवीन के पक्ष में मतदान किया जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी गुलशन आरा को 20 मत प्राप्त हुए। रिजल्ट की घोषणा होते ही गुलशन आरा के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। समर्थकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने गलत तरीके से जुगनु परवीन को मदद कर चुनाव जिताया है। देर तक हंगामा होने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी डा. विनोद कुमार ने प्रमुख पद का शपथग्रहण व उपप्रमुख का चुनाव अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया। मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मो. कासिम, नगर थाना के एसएचएओ रामशंकर सिंह के अलावा कई पुकिलस अधिकारी व सशस्त्र बल उपस्थित थे। इधर, नवनिर्वाचित प्रखंड प्रमुख जुगनु परवीन ने कहा कि सारी चुनावी प्रक्रिया स्वच्छ एवं पारदर्शी तरीके से प्रशासन ने कराया। प्रशासन पर भेद भाव का आरोप गलत है।
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्रप्रमुख चुनाव में बरती गई अनियमितता : गुलशन
अररिया, संस: अररिया प्रखंड प्रमुख चुनाव में मात्र दो मतों के अंतर से पराजित होने पर गुलशन आरा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जुगनु परवीन को लाभ पहुंचाने काम किया। साथ ही हाल के अंदर समिति सदस्यों को भी बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसके खिलाफ डीएम के नाम आवेदन सौंपा तथा पुन: मतदान की मांग की है।