भरगामा (अररिया) : प्रखंड के विभिन्न चौक चौराहों व हाट बाजारों में बिना अनुज्ञप्तिधारी दुकान में रासायनिक खाद धड़ल्ले से बेची जा रही है। ऐसी दुकानें दर्जनों की संख्या में हैं। क्षेत्र के किसान भूमनेश्वर यादव, अशोक यादव, सुबोध कुमार, अशोक कुमार दास का कहना है कि एक तो मौसम की मार से सभी किसान परेशान है उसपर बिना अनुज्ञप्ति धारी दुकानदार की क्षेत्र में भरमार है। किसानों का कहना है कि धान की रोपनी का समय आ चुका है किसान क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर धान की खेती करते हैं और बिना अनुज्ञप्ति धारी दुकानों में गुणवत्ता हीन रासायनिक खाद उंचे मूल्य पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। जबकि इन दिनों वर्षा कम होने के कारण पंप सेट से खेत की पटवन कर धान रोपाई करना पर रहा है उपर से इन खाद विक्रेताओं द्वारा असली के जगह नकली खाद किसानों से बेचा जा रहा है।
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Saturday, July 7, 2012
Friday, July 6, 2012
स्कूल जाने वाली सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल
भरगामा (अररिया) : प्रखंड के पैकपार पंचायत स्थित मध्य विद्यालय जाने वाली कच्ची सड़क की हालत बदतर हो गई है। चार चक्का वाहन चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मामले के बाबत भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, गुलाब चंदू राम, विजेंदू मंडल, संजीव पांडेय का कहना है कि लगभग दो किलोमीटर की इस कच्ची सड़क पर प्रशासन की उदासीनता के कारण आज तक सोलिंग या फिर कालीकरण तो दूर एक टोकरी मिट्टी भी नहीं दिया जा सका है। यह सड़क पैकपार पंचायत के पांडेय टोला, राम टोला, यादव टोला, साह टोला, मंडल, टोला, राजपुत टोला के लोगों का आवागमन का मुख्य रास्ता है। लोगों का कहना है कि सड़क की जर्जर हालत होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं।
मालवाहक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त
भरगामा: अररिया सुपौल मुख्य मार्ग पर खजुरी पुल के समीप गुरुवार की सुबह मालवाहक ट्रक (बीआर 01 जीसी 0482) दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गाड़ी चालक व खलासी सुरक्षित रहे। बताया जाता है कि तेज गति से आ रही ट्रक जदिया की ओर जा रही थी जो खजुरी के समीप बिलैनियां नदी पर बने पुल से टकरा गई। यहां बताते चले कि करीब एक माह पूर्व भी इसी पुल से एक ट्रक टकराई जो नदी में गिर गई थी। बताया जाता है कि नवनिर्मित एसएच की चौड़ाई की अपेक्षा पुल के संकीर्ण होने के कारण दुर्घटना हो रही है।
नामांतरण मामले में डीएम ने दिया जांच का आदेश
अररिया : भरगामा अंचल की भूमि का दाखिल खारिज कराना टेढ़ी खीर हो गया है। इस बाबत अररिया के एक अधिवक्ता की शिकायत पर डीएम ने भरगामा सीओ से दस दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट करने का आदेश दिया है।
मामले के संबंध में अधिवक्ता रामानंद मंडल ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत की तथा आरोप लगाया कि भरगामा के सीओ को सात माह पूर्व आवेदन देने के बावजूद टीएस नंबर 123/97 द्वारा प्राप्त भूमि का नामांतरण अब तक नहीं किया गया। साथ ही जब इस बात को लेकर आरटीआई के तहत समय सीमा के बाद भी जानकारी नहीं दी गयी। इस कारण पीड़ित अधिवक्ता श्री मंडल समेत उनकी मां व भाई केसीसी सुविधा लेने से वंचित हैं।
Wednesday, July 4, 2012
दो माह पूर्व अपहृत लड़की बरामद
भरगामा (अररिया) : करीब दो माह पूर्व रघुनाथपुर दक्षिण पंचायत से अपहरण कर ली गई नीतू कुमारी को भरगामा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सीमावर्ती जदिया थाना क्षेत्र के बाजार चौक से बरामद किया है। उसे धारा 164 के तहत न्यायालय में बयान देने को ले बुधवार को अररिया भेज दिया गया।
नीतू के बदामदगी के बाद पुलिस को मामले से संबंधित कई अहम सुराग हाथ लगे हैं ।
यहां उल्लेखनीय है कि अपहरण के बाद नीतू के परिवारजनों द्वारा भरगामा थाना कांड सं. 47/12 में कुल पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आवेदन के आधार पर नामजद कुछ अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी हुई थी लेकिन नीतू की बरामदगी में पुलिस नाकाम रही थी।
थानाध्यक्ष भरगामा अनमोल कुमार ने नीतू कुमारी के बरामदगी को उपलब्धि बताते हुए कहा कि गुप्त सूचना मिली की अपहृता नीतू सीमावर्ती जदिया थाना के बाजार चौक पर है और इसी आधार पर पुलिस ने छापामारी कर नीतू को बरामद कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि नाबालिग नीतू का अपहरण शादी की नीयत से किया गया था। पुलिस के इस अभियान में अनि देवराज राय, पुअनि शिवपूजन व महिला चौकीदार आदि शामिल थे।
गुरु पूर्णिमा पर संगीत संध्या का आयोजन
भरगामा (अररिया) : गुरु पूर्णिमा के अवसर पर परिमल संगीत महाविद्यालय के तत्वावधान में खजुरी अवस्थित परिमल संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महा विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ सुपौल, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, पटना तथा दिल्ली व बनारस से कलाकारों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन शास्त्रीय गायक पंडित परिमल यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। जबकि मंच संचालन संगीत प्रेमी सह युवा साहित्यकार अजय भारती अकेला ने किया। वहीं तबला पर अरविंद कुमार एवं तानपूरा पर मंटू ने संगत किया। कार्यक्रम का आगाज स्वाती, भानू प्रिया, उर्वसी आदि ने स्वागत गान से किया। तत्पश्चात विभिन्न कलाकारों में संजीव राग मालकोष, अजय झा ध्रुपद, शंभू शरण कलावती, मुकेश राग दरवारी, प्रियंका राग केदार, माधुरी राग बहार व डेजी, शूलो राही आदि ने गजल व भजन गायन कर शमा बांध दिया। वहीं उपस्थित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी प्रात: कार्यक्रम समाप्ति तक कार्यक्रम में प्रत्येक प्रस्तुति के बाद ताली पीटने पर मजबूर रहे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों में दामोदर यादव, प्राथी सुप्रिया समेत दर्जनों कलाकारों ने भी हिस्सा लिया तथा एक से बढ़कर एक प्रस्तुति प्रस्तुत कर कला का लोहा मनवाया।
पशु बीमार, चिकित्सक बाहर
भरगामा (अररिया) : भरगामा प्रखंड में पशु चिकित्सक के बराबर प्रखंड से बाहर रहने के कारण पशु पालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
खजुरी निवासी पशु पालक अशोक कुमार दास विजय कुमार, उदय कुमार, पैकपार निवासी बिंदेश्वरी यादव, सुरेन्द्र यादव ने बताया कि पिछले करीब 6 माह से चर्म रोग, पैर में घाव, गलघोटू, भजहा, विशाक्त घाव तथा अन्य संक्रमण मवेशियों में चरम पर है। एक तरफ खेती को लेकर आपाधापी तो दूसरी तरफ बीमार मवेशी। लोगों का कहना है कि पशु स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सरकार के लगातार घोषणा के बाद पशु पालकों के बीच भरगामा प्रखंड में भी चुस्त दुरुस्त होने की उम्मीद जगी थी। किंतु पशु चिकित्सा प्रभारी के प्रखंड से बराबर बाहर रहने के कारण मवेशी पालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Monday, July 2, 2012
विकास की रोशनी से महरूम दलित बस्ती
भरगामा(अररिया) : सूबे के मलिन बस्तियों को साधन संपन्न बनाकर समाज के मुख्य धारा से जुड़ने के लिए राज्य सरकार या केंद्र सरकार नित नए-नए प्रयोग कर रही है वहीं केवल भरगामा में दलित व महादलितों की दर्जन से ऊपर बस्ती है जो सूबे के सर्वागीण विकास से आज भी अंजान है। पासवान टोला की दूरी प्रखंड कार्यालय से महज सौ कदम की है। दशकों बीत गए गांव में अदद सड़क की व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो सकी। कल्याणकारी योजनाओं में वृद्धापेंशन, विधवा पेंशन, राशन किरासन, इंदिरा आवास आदि योजनाओं का सच यह है कि बस्ती की अस्सी प्रतिशत की आबादी उक्त योजना के लाभ तो दूर इसके नामों से भी अंजान है। गांव निवासी मुकेश पासवान बताते हैं कि जाब कार्ड के लिए प्रोग्राम पदाधिकारी कार्यालय से लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के घर काफी चक्कर लगाया लेकिन अधिकांश लोगों का जाब कार्ड आज भी नहीं बन पाया है। दिलीप पासवान का कहना है कि बस्ती में आने जाने के लिए कच्ची सड़क तक उपलब्ध नहीं है।
बिलैनिया पर पुल नहीं, दहशत में मिलीकवासी
भरगामा (अररिया) : खजुरी पंचायत के बीच से निकलने वाली बिलैनियां नदी पर मिलीक टोलना खजुरी के समीप पुल नहीं होने से गांव वासी परेशान है।
ग्रामीणों के मुताबिक खूनी बन चुकी नदी ने पिछले करीब पांच वर्षो में आधा दर्जन लोगों की जिंदगियां निगल ली है। गांव निवासी मो. हनीफ बताते हैं कि लगातार मांग के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष नदी पर वैकल्पिक तौर पर बांस के चचरी का पुल तैयार करवा दिया गया था। जो पूरे बरसात को भी नहीं झेल पाया। बाद में जिप सदस्य के द्वारा नाव की व्यवस्था करवाई गई लेकिन नाविकों के अभाव तथा अन्य कारणों से यह व्यवस्था भी नाकाफी ही साबित हुई।
यहां बताते चलें कि नदी के तटबंध पर बसे मिलीक टोले की कुल आबादी साढ़े तीन हजार की है, जिसमें अधिकांश संख्या अल्पसंख्यक, महादलित आदि की है। चूंकि नदी में पानी का बहाव लगभग सालों भर रहता है इसलिए नदी तैरकर दैनिक उपयोगी सामग्री की खरीदारी करना, या फिर चिकित्सा केंद्र आदि तक पहुंचने के लिए नदी तैरकर सफर तय करना ग्रामीणों की लाचारी सी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2007 में नाव से नदी पार करने के क्रम में नाव पलट जाने से नाव पर सवार 35 लोगों में तीन की मौत पानी में डूबने से हो गई थी। इसी तरह 2009 और 10 मिलाकर अब तक छह लोगों की मौत नदी पार करने के क्रम में हो चुकी है। ग्रामीणों में मो. कमरूद्दीन आदि बताते हैं कि पुल निर्माण की मांग प्रशासन के साथ-साथ सक्षम प्रतिनिधियों समक्ष भी कई बार रखी गयी। क्षेत्र दौरे के बीच नेता, मंत्री व अन्य प्रतिनिधियों ने भी पुल निर्माण का आश्वासन दिया। लेकिन अज्ञात कारणों से निर्माण का कार्य आज भी प्रारंभ नही हों पाया है।
चंडिका मंदिर जाने वाली सोलिंग जर्जर, परेशानी
भरगामा (अररिया) : भरगामा पंचायत स्थित चंडिका मंदिर जाने वाली ईट सोलिंग जर्जर हो जाने के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कहीं घुटने भर गढ्डा तो कहीं तिरछा ईट सोलिंग हो जाने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उक्त सड़क को रामपुर से आदिवासी टोला तक 800 फिट प्रधानमंत्री योजना के तहत पक्कीकरण करवाया भी गया। शेष लगभग एक किलोमीटर तक आदिवासी टोला से मुख्य सड़क तक जीर्ण-शीर्ण अवस्था में छोड़ दिया गया है। उक्त सड़क से होकर दूर-दराज से श्रद्धालुओं की हजारों की भीड़ मंगलवार को पूजा करने के लिए मंदिर जाते हैं। सड़क के जर्जर होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामन परना पड़ता है।
सरकारी राशि की नहीं हुई वसूली
भरगामा(अररिया) : भरगामा प्रखंड के अधिकांश पंचायतों में तेरहवीं वित्त योजना के कार्यान्वयन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गयी है। कथित भ्रष्टाचार या अन्य योजना आमजन के लिए कम तथा पंचायत प्रतिनिधियों के लिए अधिक लाभकारी साबित हुई है। पंचायत सचिव के मिली भगत से लाखों के इस योजना में जमकर बंदरबांट किया गया है।
विभागीय निर्देशों के मुताबिक पंचायत के तेरहवीं वित्त योजना से सामुदायिक भवन का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण या आधारभूत संरचना किया जाना था। लेकिन विभागीय निर्देशों के विपरीत प्रखंड के आधा से अधिक पंचायतों में योजना की राशि से पंचायतों में सोलर लाइट लगा दी गयी है। किसी पंचायत में तो स्वतंत्र निर्णय के आधार पर चापाकल की खरीद कर मनमाने ढंग से विभिन्न स्थानों पर लगा दिया गया है। वैसे योजना में विभागीय निर्देशों की अवहेलना किए जाने की शिकायत पर डीडीसी अररिया ने वैसे तमाम पंचायतों से राशि वसूली करने का तथा संबंधित पंचायत सचिव पर प्राथमिकी दर्ज करने का स्पष्ट निर्देश बीडीओ भरगामा अरूण कुमार गुप्ता को महीनों पूर्व दी थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी अरूण कुमार गुप्ता के मुताबिक डीडीसी अररिया के आदेश के आलोक में ससमय पत्र जारी कर इसकी सूचना संबंधित पंचायतों के पंचायत सचिवों को दे दी गयी थी। बावजूद इसके किसी एक पंचायत के विरूद्ध आदेश के महीनों बाद भी कार्रवाई नहीं की जा सकी है। यहां तक कि सरकारी राशि वसूली की प्रक्रियाओं पर भी अमल नहीं किया जा सका है।
Sunday, July 1, 2012
चौकसी के बाद हुड़दंगियों पर पुलिस का खौफ
भरगामा(अररिया) : अररिया पुलिस कप्तान द्वारा क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने के उपायों का व्यापक असर अब प्रखंड के विभिन्न गांवों में भी दिखने लगा। गड़बड़ी करने वाले या कानून का उल्लंघन करने वाले तमाम लोग चौक चौराहे व सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक समय बिताने से भी परहेज करने लग हैं। कल तक इनके उत्पात से त्रस्त रहने वालों ने पुलिस के इस कदम के बाद चैन की सांस ली है।
चर्चा अगर प्रखंड के ब्लाक चौक भरगामा, महथावा बाजार, खजुरी बाजार आदि की करें तो महज दो चार दिन पूर्व तक स्थिति काफी असामान्य सी थी। आरोप है कि यहां सुबह हो या शाम शराबियों की महफिल कभी भी सज जाती थी और इसके बाद शुरू होता था हुड़दंग जो घंटों तक चलता था। इस बीच शरीफ लोग या तो रास्ते से कन्नी काट जाते थे या फिर चौक चौराहे आदि पर आने से कतराते थे। लेकिन अब स्थिति काफी हद तक सामान्य हुई है। और पुलिस चौकसी का खौफ अब देहाती क्षेत्रों में भी दिखने लगा है।
हाई स्कूलों की कमी से लड़कियों को हो रही दिक्कत
भरगामा (अररिया) : प्रखंड भरगामा में उच्च विद्यालयों के कमी के कारण यहां के बच्चे माध्यमिक शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। कोसों दूर पैदल चलकर क्षेत्र के लड़के तो जैसे-तैसे माध्यमिक स्तर की पढ़ाई कर लेते हैं लेकिन लड़कियां चाहकर भी उच्च शिक्षा की पढ़ाई पूरी नही कर पाती है।
उल्लेखनीय है कि 20 पंचायत वाले इस प्रखंड में माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए कुल सात उच्च विद्यालय है। जिनमें दीदार बक्स उ. विद्यालय वीरनगर, जवाहर उ. वि. भरगामा, प्रो. कन्या उ. वि. सिबरबनी, उवि चरैया, उवि रहरीया, उवि सिबरबनी, उवि महथावा है। भौगोलिक दृष्टिकोण से हरीपुर कला पंचायत को केंद्र मान ले तो स्थिति यह है कि करीब 10 से 15 किलोमीटर दूर उच्च विद्यालय स्थित है। जबकि जवाहर उवि भरगामा से खजुरी की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। ठीक इसी प्रकार सिरसिया कला पंचायत सरदार टोला से उवि की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। लिहाजा क्षेत्र के लड़के तो जैसे-तैसे कोसों की लंबी दूरी तय कर माध्यमिक शिक्षा ग्रहण कर लेते है। परंतु लड़कियां इससे वंचित रह जाती है। खजुरी पंचायत के राज किशोर यादव, राजीव कुमार, दिलीप यादव, योगानंद पासवान का कहना है कि हमारे पंचायत के अगल-बगल में उवि होता तो लड़कियों को आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त करवा लेते। हरीपुर कला पंचायत स्थित अरुण यादव, विसन मंडल, अरुण झा बताते है कि उनकी बेटी की शादी में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि लड़के वाले मैट्रिक पास लड़की से शादी अपने बेटे का करना चाहते हैं। ठीक इसी तरह सुमन सरदार, विजय सरदार का कहना है कि लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करवाना चाहकर भी नही करवा सके। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों में अजय भारती अकेला, पूर्व जीप सदस्य सत्यनारायण यादव, पंचायत स. सदस्या विभा सिंह ने प्रखंड के प्रत्येक पंचायत में उच्च विद्यालय की मांग विभाग के उच्चाधिकारियों से की है।
नशे की हालत में बवाल मचाना महंगा पड़ेगा : एसपी
भरगामा(अररिया) : सरेआम या सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करना या फिरनशे की हालत में बवाल मचाना काफी महंगा साबित हो सकता है। अररिया एसपी शिवदीप लांडे ने इस तरह के लोगों पर त्वरित व दंडात्मक कार्रवाई का पुख्ता इंतजाम कर दिया है। पुलिस कप्तान लांडे ने एक विशेष दस्ता का गठन कर इस तरह की तमाम गतिविधियों पर निगाह रखने की व्यवस्था की है। जो सादे लिबास में रहेंगे तथा ऐसे तमाम गतिविधियों पर खास नजर रखेंगे। उन्होंने इस कार्य में लोकल स्तर पर चेहरों को चिंहित करने के उद्देश्य से चौकीदारों को भी दायित्व सौंपा है। विभिन्न जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण भरगामा में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर व असरदार बनाने के उद्देश्य से एसपी ने और भी कई इंतजाम किए तथा इससे संबंधित निर्देश थानाध्यक्ष भरगामा अनमोल कुमार को दी है।
उल्लेखनीय है कि पत्र ही नहीं मित्र के दायित्व का निर्वाह करते हुए अखबार दैनिक जागरण ने शराबियों के उत्पात से संबंधित समाचार को प्रकाशित किया था जिसमें शराबियों के उत्पात के साथ बेबस शरीफों के दर्द को बेहतर रूप से सामने रखा था। समाचार प्रकाशन के बाद शराबियों के उत्पात पर लगाम लगाने को लेकर एसपी के इस फैसले ने बाकी लोगों को काफी राहत दी है। एसपी से स्थायी कुछ ऐसे ही समाधान की उम्मीद लगाए लोगों ने पुलिस कप्तान लांडे को धन्यवाद प्रेषित की है। साथ ही उपेक्षित सहयोग के लिए बुद्धिजीवियों ने दैनिक जागरण के प्रति भी कृतज्ञता जाहिर की है।
पुल के अभाव में दहशत में जी रहे हैं मिलीकवासी
भरगामा (अररिया) : खजुरी पंचायत क बीच से निकलने वाली बिलौनियां नदी पर मिलीक टोलना खजुरी के समीप पुल नहीं होने से गांव वासी परेशान है।
ग्रामीणों के मुताबिक खूनी बन चुकी नदी ने पिछले करीब पांच वर्षो में आधा दर्जन लोगों की जिंदगियां निगल ली है। गांव निवासी मो. हनीफ बताते हैं कि लगातार मांग के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष नदी पर वैकल्पिक तौर पर बांस के चचरी का पुल तैयार करवा दिया गया था। जो पूरे बरसात को भी नहीं झेल पाया। बाद में जिप सदस्य के द्वारा नाव की व्यवस्था करवाई गई लेकिन नाविकों के अभाव तथा अन्य कारणों से यह व्यवस्था भी नाकाफी ही साबित हुई। यहां बताते चलें कि नदी के तटबंध पर बसे मिलीक टोले की कुल आबादी साढ़े तीन हजार की है, जिसमें अधिकांश संख्या अल्पसंख्यक, महादलित आदि की है। चूंकि नदी में पानी का बहाव लगभग सालों भर रहता है इसलिए नदी तैरकर दैनिक उपयोगी सामग्री की खरीदारी करना, या फिर चिकित्सा केंद्र आदि तक पहुंचने के लिए नदी तैरकर सफर तय करना ग्रामीणों की लाचारी सी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2007 में नाव से नदी पार करने के क्रम में नाव पलट जाने से नाव पर सवार 35 लोगों में तीन की मौत पानी में डूबने से हो गई थी। इसी तरह 2009 और 10 मिलाकर अब तक छह लोगों की मौत नदी पार करने के क्रम में हो चुकी है। ग्रामीणों में मो. कमरूद्दीन आदि बताते हैं कि पुल निर्माण की मांग प्रशासन के साथ-साथ सक्षम प्रतिनिधियों समक्ष भी कई बार रखी गयी। क्षेत्र दौरे के बीच नेता, मंत्री व अन्य प्रतिनिधियों ने भी पुल निर्माण का आश्वासन दिया। लेकिन अज्ञात कारणों से निर्माण का कार्य आज भी प्रारंभ नही हो पाया है।
Friday, June 29, 2012
पुल के अभाव में दहशत में जी रहे हैं मिलीकवासी
भरगामा (अररिया) : खजुरी पंचायत क बीच से निकलने वाली बिलौनियां नदी पर मिलीक टोलना खजुरी के समीप पुल नहीं होने से गांव वासी परेशान है।
ग्रामीणों के मुताबिक खूनी बन चुकी नदी ने पिछले करीब पांच वर्षो में आधा दर्जन लोगों की जिंदगियां निगल ली है। गांव निवासी मो. हनीफ बताते हैं कि लगातार मांग के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष नदी पर वैकल्पिक तौर पर बांस के चचरी का पुल तैयार करवा दिया गया था। जो पूरे बरसात को भी नहीं झेल पाया। बाद में जिप सदस्य के द्वारा नाव की व्यवस्था करवाई गई लेकिन नाविकों के अभाव तथा अन्य कारणों से यह व्यवस्था भी नाकाफी ही साबित हुई। यहां बताते चलें कि नदी के तटबंध पर बसे मिलीक टोले की कुल आबादी साढ़े तीन हजार की है, जिसमें अधिकांश संख्या अल्पसंख्यक, महादलित आदि की है। चूंकि नदी में पानी का बहाव लगभग सालों भर रहता है इसलिए नदी तैरकर दैनिक उपयोगी सामग्री की खरीदारी करना, या फिर चिकित्सा केंद्र आदि तक पहुंचने के लिए नदी तैरकर सफर तय करना ग्रामीणों की लाचारी सी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2007 में नाव से नदी पार करने के क्रम में नाव पलट जाने से नाव पर सवार 35 लोगों में तीन की मौत पानी में डूबने से हो गई थी। इसी तरह 2009 और 10 मिलाकर अब तक छह लोगों की मौत नदी पार करने के क्रम में हो चुकी है। ग्रामीणों में मो. कमरूद्दीन आदि बताते हैं कि पुल निर्माण की मांग प्रशासन के साथ-साथ सक्षम प्रतिनिधियों समक्ष भी कई बार रखी गयी। क्षेत्र दौरे के बीच नेता, मंत्री व अन्य प्रतिनिधियों ने भी पुल निर्माण का आश्वासन दिया। लेकिन अज्ञात कारणों से निर्माण का कार्य आज भी प्रारंभ नही हो पाया है।
एसपी ने किया भरगामा थाने का निरीक्षण
भरगामा (अररिया) : अररिया एसपी शिवदीप लांडे ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को भरगामा थाना का निरीक्षण किया। एसपी लांडे ने थाना अभिलेख विशेषकर डकैती पंजी, लूट पंजी, गिरोह पंजी, गुंडा पंजी जैसे कुल 34 बिंदुओं को लेकर मौजूद अभिलेखों का अवलोकन किया।
एसपी लांडे ने थाना निरीक्षण के बाद कार्यो के निष्पादन के प्रति संतोष जताया। साथ ही कुछ आवश्यक दिशा निर्देश भी थानाध्यक्ष भरगामा अनमोल कुमार को दी। उन्होंने गुंडा पंजी के तमाम दागी चेहरों को सूचीबद्ध करने की हिदायत दी। कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन करने वालों, अवैध कारोबारियों लड़कियों महिलाओं पर अत्याचार व छेड़खानी करने वालों आदि चेहरों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई किया जायेगा।
मौके पर डीएसपी विकास कुमार, इंसपेक्टर ललन पांडेय, थानाध्यक्ष अनमोल कुमार, अति देवराज राय, अति रामदेव यादव के साथ दफादार विजय श्रीवास्तव चौकीदार, सुभाष सिंह, मनोज पासवान, बेचन पासवान, विश्वनाथ पासवान, बिन्दूल पासवान आदि मौजूद थे।
Thursday, June 28, 2012
पंसस की बैठक स्थगित
भरगामा (अररिया) : प्रखंड मुख्यालय में होने वाली पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बीडीओ भरगामा के विभागीय अन्य कार्यो में लगे रहने के कारण स्थगित कर दी गई। प्रखंड प्रमुख दिव्य प्रकाश यादवेंदू ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक की लिखित सूचना ससमय बीडीओ भरगामा अरुण कुमार गुप्ता को तथा बांकी अधिकारियों को भी दे दी गई थी। किंतु विभागीय कार्यों में उलझे रहने के कारण बीडीओ बैठक में उपस्थित नहीं हो सके जिस कारण बैठक को तत्काल स्थगित कर दिया गया है।
बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्ता परेशान
भरगामा (अररिया) : बिजली की कम आपूर्ति तथा बिजली के आंख मिचौली से उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि व्यवस्था में सुधार को लेकर उपाय किए जाने की मांग विभागीय अधिकारियों से लिखित व मौखिक रूप से भी कई बार की गई। बावजूद इसके स्थिति यथावत बनी हुई है। आरोप है कि ग्रिड से दूसरे क्षेत्रों में बिजली की बेहतर आपूर्ति की जाती है जबकि भरगामा में यह आपूर्ति 24 घंटे में केवल 3 से 4 घंटे की होती है। खासबात यह है कि यह आपूर्ति भी नियमित के जगह थोड़े-थोड़े अंतराल में की जाती है।
सपना ही रह गया भरगामा में रेल सेवा
भरगामा (अररिया) : भरगामा में रेल लाइन का सपना सपना ही रह गया। जबकि रेल सेवा बहाल होने से न केवल विकास की गति तेज हो सकती थी बल्कि यातायात का बेहतर विकल्प भी क्षेत्रवासियों के सामने होता। बतातें चलें कि उक्त क्षेत्रों में रेल सेवा बहाल करने की दिशा में पहल करते हुए पूर्व रेल मंत्री तथा सूबे के पूर्व मुखिया श्री लालू प्रसाद यादव ने कुछ वर्ष पूर्व रानीगंज प्रखंड में रेलवे लाइन का शिलान्यास भी किया था। शिलान्यास के साथ रेलमंत्री के रेल सेवा बहाल करने की दिशा में घोषणा को लेकर आम जन में काफी उत्साह था। क्षेत्र में जल्द हीं रेल सेवा बहाल होगी, इस चर्चा मात्र से लोग रोमांचित थे। वहीं एक वर्ग इसे संबंधित क्षेत्र के विकास से जोड़कर काफी उत्साहित भी थे। लेकिन गुजरते वक्त के साथ सबकुछ पूर्ववत सा हो गया। रेलवे लाइन बिछाने को लेकर कराया गया सर्वे हो, शिलान्यास या सुविधा बहाल करने की दिशा में किया गया घोषणा आमजन समक्ष काफी हद तक छलावा ही साबित हुआ।
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