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Sunday, July 1, 2012

डीएम ने की आइसीडीएस की समीक्षा


अररिया : समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आइसीडीएस योजना की समीक्षात्मक बैठक बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता डीएम एम. ने की। बैठक में डीपीओ सहित सभी सीडीपीओ उपस्थित थीं। बैठक में सभी परियोजना के आंतरिक स्थिति की समीक्षा की गई।
समीक्षा क्रम में डीएम ने पाया कि नौ परियोजना में मात्र दो लेखापाल का पद ही सृजित है। डीएम श्री सरवणन ने डीपीओ को प्रत्येक परियोजना में लेखापाल पद के सृजन व पदस्थापन के लिए विभाग को पत्र लिखने का निर्देश दिया वहीं डीएम ने बताया कि सभी सीडीपीओ को डीएचएस के सनोज कुमार, डीआरडीए के प्रकाश कुमार व आत्मा के लेखापाल मिलकर लेखा संधारण का गुर सिखांयेंगे। सीडीपीओ के द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदन नहीं भेजने पर डीएम ने नाराजगी जतायी तथा निरीक्षण के दूसरे दिन डीएम के ईमेल पर निरीक्षण प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। मौके पर ही सभी सीडीपीओ को ईमेल आईडी बनाकर दिया गया। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका चयन प्रक्रिया हर हाल में जुलाई माह के अंत तक पूर्ण करने का निर्देश मिला है। एमएसडीपी योजना के तहत बन रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा भी हुई। सीडीपीओ ने कहा कि अभियंता कमी के कारण एमबी बुक नही हो रहा है। डीएम ने प्रत्येक प्रखंड में इस काम के लिए जेई प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया। मौके पर डीपीओ चन्द्रप्रकाश, सीडीपीओ हेमलता कुमारी, नीता साहा, राजकुमारी सिंह, सावित्री दास, रंजना सिन्हा, वीणा झा आदि मौजूद थे।

Saturday, June 23, 2012

बीस साल पुराने तीन मामलों में होगी प्राथमिकी


अररिया : जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब दो दशक पूर्व हुई आपराधिक घटना में अब प्राथमिकी दर्ज होगी। अदालत के निर्देश बाद अररिया के पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थानाध्यक्षों को इस संबंध में आदेश जारी किया है।
जानकारी अनुसार पलासी में 21 वर्ष पूर्व घटित घटना के मामले में टेढ़ा गाछ (किशनगंज) में कांड संख्या 04/88 दर्ज हुआ था। जिसमें 05 फरवरी, 91 को कोर्ट द्वारा पत्र जारी कर प्राथमिकी में कांड संख्या अंकित कर भेजे जाने का उल्लेख किया गया।
वहीं सुपौल जिले के छातापुर थाना में कांड संख्या 22/91 दर्ज हुआ था। हत्या के इस मामले में घटना स्थल भरगामा बड़ी नहर का उल्लेख है जिसे अररिया भेजा गया। सुपौल के एसडीजेएम ने अररिया सीजेएम को उक्त प्राथमिकी की अग्रतर कार्रवाई के लिए भेजा। जिसे स्थानीय कोर्ट द्वारा 14 नवंबर 92 को भेजते हुए प्राथमिकी संख्या अंकित करने का आदेश दिया गया। 19 वर्ष बीत गए, परंतु मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
उधर सिमराहा में हुई एक घटना को लेकर कसबा (जलालगढ़) थाना कांड संख्या 227/06 दर्ज हुआ। यह मामला पूर्णिया की अदालत से अररिया भेजा गया। अररिया की अदालत ने 15 दिसंबर 08 को सिमराहा थानाध्यक्ष को पत्र जारी किया गया तथा प्राथमिकी संख्या उल्लेख कर इन कागजातों को वापस लौटाने का आदेश दिया गया।
बावजूद इतने वर्षों बाद उपरोक्त थानाध्यक्षों ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते रहे। इस संबंध में अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने गंभीर रूख अपनाया है तथा थानाध्यक्षों के नाम जारी पत्र में इन सभी मामलों में प्राथमिकी संख्या अंकित कर अनुसंधान करने समेत अंतिम प्रतिवेदन कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Thursday, June 21, 2012

समीक्षा समिति की बैठक में इंदिरा आवास योजना पर चर्चा



अररिया : जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक बुधवार को समाहरणालय स्थित आत्मन कक्ष में आहूत की गयी। जिसकी अध्यक्षता डीएम एम सरवणन ने की। बैठक में सर्वप्रथम इंदिरा आवास योजना की समीक्षा हुई। बैठक में उपस्थित सिकटी विधायक आनंदी प्रसाद यादव ने कहा कि इंदिरा आवास योजना में कोई खास उपलब्धि नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में कर्मियों की काफी कमी होने के कारण भी ऐसा हो रहा है। जबकि डीएम ने कहा कि डिप्टी कलेक्टरों के स्थानांतरण हो जाने से प्रखंडवार मानीटरिंग नहीं हो पा रही है। उन्होंने विधायकों से इन समस्याओं से विभागीय मंत्री के समक्ष रखने का अनुरोध किया।
विधायक श्री यादव ने केसीसी कार्ड वितरण कराने की बात कही। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि संजय कुमार मिश्रा, फारबिसगंज एसडीओ गिरवर दयाल सिंह, एसबीआई मेन ब्रांच के सीएम वियोग कुमार आदि मौजूद थे।

प्रकृति की पड़ी मार, अररिया के किसानों पर टूटा कहर


अररिया : जिले में एक बार फिर किसानों पर प्रकृति ने कहर बरपा दिया है। किसान जिला छोड़ पलायन का मन बना रहे हैं। पिछले कुछ वर्षो के बारिश आंकड़ों पर गौर किया जाए तो सबसे कम 2012 में अब तक बारिश हुई है। खेत फटने लगे हैं, किसानों के बीच त्राहिमाम सी स्थिति है। आगामी कुछ दिनों में अगर इंद्रदेव ने नाराजगी खत्म नहीं की तो इस बार अररिया धान उत्पादन लक्ष्य में सबसे पीछे हो सकता है। जिले में विभाग ने इस वर्ष एक लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए जिले में 10 हजार हेक्टेयर में धान का बिचड़ा लगाना था, लेकिन अब तक मात्र 600 से 750 हेक्टेयर में ही बिचड़ा लगाया गया है। इसकी पुष्टि जिला कृषि पदाधिकारी नईम अशरफ भी करते हैं।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगर मौसम का ऐसा ही गर्म मिजाज रहा तो जिले में निर्धारित लक्ष्य ढाई लाख मिट्रीक टन धान की खेती पर ग्रहण लग जायेगा। जिले के किसानों की आंखे भी आसमान की ओर देखते-देखते पथरा गई है। लेकिन इन्द्रदेव शायद अररिया की धरती पर मेहरबान नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो धान का बिचड़ा लगाने का समय बीत गया है। जून माह के मध्य में ही बिचड़ा लगाया जाता है। लेकिन अब तक मात्र 8 से 10 फीसदी बिचड़ा लगाने की बात सामने आने से यहां का प्रशासन भी परेशान है। जिला कृषि पदाधिकारी नईम अशरफ ने बताया कि सरकार को त्राहिमाम संदेश भेज दिया गया है। पंपसेट के माध्यम से बिचड़ा गिराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि बारिश नही होने से सीता, स्वर्णा, राजश्री, एमटी 7029, राजेन्द्र कस्तूरी, आईआर 36 बीपीटी 5204, राजेन्द्र 1001 आदि किस्म के धान बीज प्रभावित हो रहे हैं।

मजदूरों को मिली नई तकनीक से धान रोपाई का प्रशिक्षण



अररिया : अररिया मुख्यालय स्थित जिला कृषि विभाग परिसर में मंगलवार को श्री विधि से धान रोपनी का प्रशिक्षण ग्रामीण महिला मजदूरों को दिया गया। नई तकनीक से धान बिचड़ा को खेतों में लगाने का प्रशिक्षण स्वयं जिला कृषि पदाधिकारी नईम अशरफ ने दी। उन्होंने बताया कि अररिया में लगभग पांच सौ महिला मजदूरों को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के साथ-साथ कुशल कृषि मजदूर बनाया जायेगा। श्री अशरफ ने बताया कि दस इंच की दूरी पर धान का एक बिचड़ा लगाया जाता है। इस नई तकनीक एक एकड़ में पचास क्विंटल धान का उत्पादन होता है। श्री विधि तकनीक से कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आई है। इस अवसर पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी नरेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी हेमंत कुमार, कृषि परामर्शी कुमारी रजनी, एसएमएस वीरेन्द्र नाथ झा, कृषि सलाहकार मो. फिरोज आलम, मेराज आलम, भवेश कुमार, इफ्तेखार आलम आदि मौजूद थे।

Tuesday, June 19, 2012

प्राथमिक शिक्षक संघ ने डीईओ के विरुद्ध भरी हुंकार


अररिया : जिला प्राथमिक संघ ने अररिया के वर्तमान डीईओ के विरुद्ध हुंकार भर दी है। पूर्व से घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत संघ के बैनर तले सोमवार को समाहरणालय परिसर में डीईओ के विरोध व 11 सूत्री मांगों के समर्थन में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन दिया। इसकी अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अब्दुल कुद्दुस ने की। धरना प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के वरीय उपाध्यक्ष नुनुमनी सिंह मौजूद थे।
घटना स्थल पर शिक्षकों ने डीईओ पर भ्रष्ट आचरण, निरीक्षण के नाम पर अवैध वसूली, शिक्षकों के हितार्थ का आरोप लगाया। शिक्षकों ने आक्रोशित लहजे में कहा कि अररिया के डीईओ निरंकुश तानाशाह की तरह कार्य करते हैं। धरना के पश्चात शिक्षकों की भीड़ जुलूस की शक्ल में इकट्ठा होकर डीएम कार्यालय के समक्ष नारे लगाये। साथ ही डीईओ के स्थानांतरण की अनुशंसा भेजने सहित 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। शिक्षकों की भीड़ चांदनी चौक से सदर बाजार रोड होते हुए डीईओ कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों ने डीईओ के निरीक्षण प्रक्रिया को भक्षण करार दिया है। शिक्षक संघ के मांगों में मुख्य रूप से शिक्षकों के प्रधानाध्यापक, स्नातक कला, विज्ञान प्रशिक्षित पद पर प्रोन्नति, प्रकरण वेतनमान का लाभ, उच्च योग्यताधारी शिक्षकों को एक अक्टूबर 2003 से वेतनमान का आदेश देने सहित कई मांगे शामिल हैं।

Tuesday, June 12, 2012

ट्रैफिक: सुबह हो या शाम जाम ही जाम


अररिया : जिला मुख्यालय के मध्य से गुजरने वाली शानदार फोरलेन सड़क के नीचे का मुख्य चौराहा ट्रैफिक चौक के नाम से जाना जाता रहा है। फ्लाई ओवर के ठीक नीचे सुबह से ही टै्रफिक जाम शुरू हो जाता है और देर रात तक यह समस्या बनी रहती है। फारबिसगंज शहर के अस्पताल रोड में भी जाम की समस्या से लोग हलकान हो रहे हैं। इतना ही नहीं ट्रैफिक जाम की समस्या अब रानीगंज, मदनपुर, बरदाहा, कुर्साकाटा व नरपतगंज जैसे छोटे बाजारों में भी परेशानी का सबब बन चुकी है। इन सभी स्थानों पर एक बात कामन है कि वहां सड़क पर ही दुकानें लगती हैं, बस व अन्य वाहन खड़े रहते हैं तथा रिक्शा टेम्पों का जमघट लगा रहता है।
जानकारों की मानें तो अतिक्रमण और नगर प्रशासन की बेरुखी ही जाम का मुख्य कारण है। अररिया शहर के मेनरोड पर नप कार्यालय के सामने भी जाम लगा रहता है। यहां नप ने टेम्पों पड़ाव लगवा रखा है। जमीन पीडब्लूडी की है, लेकिन हुकुम नप का। चांदनी चौक व आसपास तकरीबन सारी छोटी दुकानें सड़क पर ही लगती हैं। तकरीबन दो दर्जन गाय, बैल, सांढ़ व बछड़े हमेशा सड़क पर विचरते रहते हैं। नगर प्रशासन इन्हें हटवाने तथा पशु पालकों को दंडित करने की व्यवस्था क्यों नहीं करता? अस्पताल रोड, हटिया रोड यहां तक कि जीरो माइल पर भी भीषण जाम लगा रहता है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि शहर की लगभग सारी सड़कें अतिक्रमण की शिकार हैं। लेकिन उन्हें अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई नहीं की जा रही।
जहां तक वाहन पार्किंग की बात है शहर वासी इस समस्या से हलकान हैं। वित्तीय व सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के भवन बनाते वक्त नक्शा तो पास होता है, लेकिन पार्किंग समस्या की अनदेखी कर दी जाती है। आप किसी भी बैंक या सरकारी दफ्तर में चले जाइए जहां तहां रखे वाहनों की वजह से भारी परेशानी होना तय है।
क्यों बढ़ रहा जाम:
-आबादी में वृद्धि के साथ बढ़ रही जाम की समस्या
-मोटर वाहनों की बढ़ती संख्या से जाम की समस्या बनी विकराल
-जाम के कारण बढ़ रहा वायु प्रदूषण
-सभी शहर बाजारों में सड़कों का अतिक्रमण
-अतिक्रमण कर सड़कों पर ही लगती हैं ढेर सारी दुकानें
-जाम की समस्या को दूर करने में प्रशासन उदासीन
-नगर परिषद के एजेंडे में जाम से मुक्ति का शायद नहीं है नाम
-जिले के सभी शहर बाजारों में सड़कों पर ही लगते हैं वाहन
-अररिया नगर परिषद के आगे सड़क पर, अस्पताल, चांदनी चौक से पश्चिम बस स्टैंड रोड व स्टेशन रोड तथा अस्पताल के सामने ही बना है टेम्पों पड़ाव
-फारबिसगंज के हास्पीटल रोड में जाम की समस्या जानलेवा
-पीक आवर में रोक के बावजूद शहर से गुजरते हैं बड़े वाहन
-अररिया में सड़कों पर बना रहता है मवेशियों का बसेरा
कैसे दूर हो जाम:
-सिविल कोर्ट के निकट आवागमन के लिए अंडरपास बनाने की जरूरत
-सड़क पर आवारा घूमने वाले मवेशी को अड़गड़ा में और मवेशी पालकों को कानून के तहत सजा
-सड़कों पर से अतिक्रमण हटाने की दिशा में ठोस पहल
-सरकारी जमीन पर दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों का समुचित नियोजन
-ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था
-सड़क यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत
-सरकारी व बैंक परिसर में पार्किंग की व्यवस्था

Monday, June 4, 2012

प्रशिक्षण से गायब मिले गुरुजी, पूछा स्पष्टीकरण

अररिया : जिला शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन प्रसाद ने सोमवार को पलासी प्रखंड के बीआरसी समेत कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। पलासी बीआरसी में चल रहे 51 दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण से तीन शिक्षक गायब पाये गये। डीईओ श्री प्रसाद ने बताया कि प्रशिक्षण से शिक्षक सउद आलम, गुलाम सरवर व नजर बानों गायब थीं। वहीं उन्होंने नवसृजित प्रावि गोपालपुर में निरीक्षण के दौरान शिक्षक प्रभात कुमार विश्वास अनुपस्थित पाये गये। वहीं प्राथमिक विद्यालय मंडल टोला पलासी के बारे में डीईओ श्री प्रसाद ने बताया कि स्कूल के प्रधानाध्यापक हाजरी बनाकर गायब थे। मध्य विद्यालय पलासी में नियोजित शिक्षक मो. अकरम तीन दिन से अनुपस्थित मिले हैं। जबकि कन्या प्रावि कोढ़ैली में शिक्षिका कनकलता देवी अनुपस्थित पाई गई। इधर निरीक्षण कोषांग के प्रभारी तथा माध्यमिक शिक्षा डीपीओ बसंत कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में सभी अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा जायेगा। जबकि दूसरे चरण में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Friday, June 1, 2012

कार्यशैली में सुधार लाएं बीईओ : डीईओ


अररिया : शुक्रवार को डीईओ कार्यालय में बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन प्रसाद काफी सख्त दिखे। उन्होंने सभी बीईओ के कार्यशैली पर असंतुष्टता जाहिर करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार क सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि जिलास्तर से जारी निर्देशों का पालन ससमय नहीं किया जा रहा है। श्री प्रसाद ने कहा कि विद्यालय संबंधी विवरणी 29 कालम में अब तक सभी प्रखंड से अप्राप्त है। विवरणी उपलब्ध कराने के लिए डीईओ ने 48 घंटे का समय दिया।
समीक्षा के दौरान डीईओ श्री प्रसाद ने पाया कि आरटीई एक्ट के तहत शिक्षक-छात्र अनुपात में मामले में बीईओ के स्तर से कोई रुचि नहीं ली गई। डीईओ ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी सूरत में कोई बीईओ कहीं भी शिक्षकों का डिप्टेशन नहीं करेंगे। अगर ऐसा प्रमाणित हुआ तो बीईओ पर कार्रवाई तय है। स्कूलों का निरीक्षण प्रतिवेदन भी ससमय नहीं देने पर सभी बीईओ को कड़ी फटकार लगी है। डीईओ ने सभी बीईओ को प्रखंडवार, संकुलवार व विद्यालयवार शिक्षकों का डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया तथा स्कूलवार विषयवार रिक्तियां भी एकत्र करने को कहा। वहीं एक जून से सात जून तक बाढ़ सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यालय में वाद विवाद, निबंध, पेंटिंग प्रतियोगिता हरहाल में आयोजित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त एसएसए के योजनाओं के बारे में भी समीक्षा हुई। इस अवसर पर डीपीओ माध्यमिक बसंत कुमार, एमडीएम आफिसर रविन्द्र राम, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तौकीर अकरम, डीपीओ प्राथमिक विद्यानंद ठाकुर, बीईओ विजय कु. सिंह, आमीचंद राम, चंदन दास, रामदयाल शर्मा, धनंजय सिंह, अनिरुद्ध प्र. मंडल, गयासउद्दीन अंसारी, राधे सिंह, प्रशिक्षण कालेज के व्याख्याता जयकांत मिश्र, एसएसए क एई सुखदेव चौधरी सहित कई लोग मौजूद थे।

Monday, April 2, 2012

अररिया पर बनायी जायेगी डाक्यूमेन्ट्री फिल्म

अररिया : जिले में पहली बार आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पुस्तक मेला सह रेणु महोत्सव कार्यक्रम की सफलता को लेकर आयोजन समिति की विशेष बैठक रविवार की शाम सुभाष स्टेडियम में हुई। इसकी अध्यक्षता अररिया कालेज के सेवानिवृत प्राचार्य डा. बासुकीनाथ ठाकुर ने की। आयोजन समिति द्वारा आहुत इस बैठक में मेला को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये। बैठक के बारे में पुस्तक मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष चन्द्रभूषण तथा संयोजक राज राघव ने बताया कि 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक पुस्तक मेला का आयोजन होना है। इसी दौरान 11 से 15 अप्रैल तक रेणु महोत्सव भी मनाया जायेगा। श्री राघव ने बताया कि 5 अप्रैल की सुबह स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली जायेगी। इसके बाद रेणु की सवारी गाड़ी टमटम जुलूस भी निकाले जाने पर सहमति बनी है। इस कार्यक्रमों में जिले के सभी साहित्यकार, रचनाकार भी शामिल रहेंगे। पुस्तक मेला में 10 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त में प्रवेश कराया जायेगा। जबकि स्कूली व कालेज के छात्र-छात्रा को स्कूल का आई कार्ड दिखाने पर प्रवेश शुल्क में छूट मिलेगी। रविवार को आयोजित बैठक में अररिया जिले पर एक डाक्यूमेन्ट्री फिल्म भी बनाने का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर डा. एनके दास, भोला पंडित प्रायी, सुदन सहाय, डा. सुशील श्रीवास्तव, बसंत कु. राय, रफी हैदर अंजुम, रहबान अली राकेश, विश्वनाथ श्रीवास्तव, रामशरण मंडल, अखिलेश्वर कुमार आदि मौजूद थे।

Sunday, March 25, 2012

स्कूल के वार्षिकोत्सव पर पुरस्कार वितरण

अररिया : जिला मुख्यालय स्थित अस्सबील एकेडमी का वार्षिकोत्सव शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। समारोह के पहले सत्र में वार्षिक परीक्षाफल का पुरस्कार वितरण किया गया। इसकी अध्यक्षता आजाद एकेडमी के पूर्व एचएम अब्दुल हलीम ने की। समारोह की शुरूआत छात्र शादाब अनवार की तिलावत ए कुरआन से हुई। मौके पर कौमल एकबाल ने हमद व मुअजमा आफरीन ने नाथ गाया। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि व शिक्षकों के द्वारा वर्गवार प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्र छात्राओं को पुरस्कार दिया। इसके अलावा नियमित छात्र, बेहतर छात्र तथा सफाई में अव्वल रहने वाले छात्र छात्रा को भी पुरस्कृत किया गया। मौके पर अस्सबील एकेडमी के एमई हसन, उप प्रधानाध्यापक मौलाना मुश्ताक, अहमद सिद्दीकी, मौलाना अरशद आदि मौजूद थे। मंच संचालन मौलाना सिद्दीकी व कैसूर रहमान ने निभाई। 

Thursday, February 23, 2012

भूमापक विभाग की टीम ने की जमीन की मापी


अररिया : बुआरीबांध स्थित ठोस कचरा प्रबंधन के लिए खरीदी गयी जमीन की राशि वापसी होने के बाद जिला पदाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को भू मापक विभाग पटना की टीम ने जमीन की मापी की। इस टीम के साथ प्रमंडलीय अमीन, अंचल व नप के अमीन तथा अंचल पदाधिकारी व अन्य मौजूद थे। मापी के बाद उक्त टीम ने क्या रिपोर्ट सौंपी है इस बात का फिलहाल खुलासा नही हो पाया है लेकिन बताया जा रहा है कि मापी के बाद कई त्रुटियां सामने आयी है। जानकारों के मुताबिक नप को दिये गये 191 डिसमिल जमीन में 18.5 (साढ़े अठारह) डिसमिल जमीन नहर एवं छहर का भी शामिल है इधर, जिला पदाधिकारी ने अंचल पदाधिकारी को जमीन मापी के साथ 16 बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट अविलंब सौंपने का निर्देश दिया है।

भूमापक विभाग की टीम ने की जमीन की मापी


अररिया : बुआरीबांध स्थित ठोस कचरा प्रबंधन के लिए खरीदी गयी जमीन की राशि वापसी होने के बाद जिला पदाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को भू मापक विभाग पटना की टीम ने जमीन की मापी की। इस टीम के साथ प्रमंडलीय अमीन, अंचल व नप के अमीन तथा अंचल पदाधिकारी व अन्य मौजूद थे। मापी के बाद उक्त टीम ने क्या रिपोर्ट सौंपी है इस बात का फिलहाल खुलासा नही हो पाया है लेकिन बताया जा रहा है कि मापी के बाद कई त्रुटियां सामने आयी है। जानकारों के मुताबिक नप को दिये गये 191 डिसमिल जमीन में 18.5 (साढ़े अठारह) डिसमिल जमीन नहर एवं छहर का भी शामिल है इधर, जिला पदाधिकारी ने अंचल पदाधिकारी को जमीन मापी के साथ 16 बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट अविलंब सौंपने का निर्देश दिया है।

Thursday, February 16, 2012

जिन्हें पहनाया ताज उन्हीं ने किया नाराज


अररिया : जिले के विशिष्ट स्थानों को अपने में समायोजित करने वाले शहर के ओमनगर चौतरफा सड़क व नालों की समस्या से जूझ रहा है। नाला के अभाव में जल जमाव यहां की मुख्य समस्या है। वार्ड के ठीक बीचोबीच कोसी का छाड़न रहने के बावजूद जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात के दिनों में यहां के लोग कीचड़ एवं कच्ची सड़कों पर चलने के लिए विवश रहते हैं। वार्ड की गलियों में 30 ऐसी हैं जहां ईट सोलिंग तो दूर मिट्टी भी नहीं भरा गया। नप द्वारा मिले करीब 45 लाख के आवंटन में पार्षद ने उन्हीं कार्यो को प्राथमिकता दी जहां उनका मन भाया। बगल में पावर ग्रिड रहने के बावजूद कई गलियों में बिजली का घोर अभाव है। वार्डवासियों ने बताया कि उनके वार्ड में 70 बिजली के खंभे की जरूरत है। लेकिन इस जरूरत को पूरा करें तो कौन?
आठ हजार की आबादी वाले इस वार्ड में 2700 सौ से अधिक मतदाता हैं। पांच वर्ष पूर्व यहां के मतदाताओं ने इस आशा के साथ सुकदेव ठाकुर को वार्ड की कमान सौंपी थी कि वे उनकी उम्मीद पर खरा उतरेंगे। लेकिन..। वार्ड वासियों का कहना था कि जिस उम्मीद के साथ श्री ठाकुर को ताज पहनाया था। उस उम्मीद पर वे खरा नहीं उतरे। मुहल्ले में गरीबी का आलम यह है कि बीच शहर में रहने के बाद भी अधिकांश लोग कच्चे मकान में रहने के लिए विवश हैं। इस वार्ड में कुल 1300 कार्डधारी है। जिनमें 665 बीपीएल तथा 446 एपीएल परिवारों की संख्या है। 189 परिवारों को अन्त्योदय योजना का लाभ दिया जा रहा है। वार्ड में एक नवसृजित प्राथमिक विद्यालय तथा 2 आंगनबाड़ी केंद्र की संख्या है। लेकिन बिन टोला, बुआरीबाध, कोल्ड स्टोर के दक्षिण पोखर टोला के आज भी कई बच्चे स्कूल का मुंह नहीं देख पाये हैं। इसी वार्ड में मार्केटिंग यार्ड, पुलिस लाइन, स्टेट बैंक एवं कई अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान हैं। लेकिन विकास के नाम पर चारों ओर तबाही ही तबाही है। रानीगंज रोड से स्टेशन जाने वाली नहर किनारे रोड का आज तक सुध नहीं ली गयी। जबकि प्रतिदिन इस रोड से हजारों लोगों का आना जाना है।
क्या कहते हैं वार्डवासी
ओमनगर निवासी रंजीत कुमार दास ने बताया कि जन अपेक्षा के मुताबिक पार्षद ने आज तक कोई काम नहीं किया। पार्षद उन्हीं कार्यो को स्थान दिया जहां उन्हें ज्यादा लाभ मिला। वहीं अजय कुमार जायसवाल ने वार्ड में नाला के अभाव में जल जमाव की समस्या को महत्वपूर्ण बताया। जबकि प्रवीण कुमार का कहना था कि पार्षद अनियमितताओं की प्रतिमृर्ति हैं। चक्रवाती तूफान, कंबल योजना आदि में जमकर अनियमितता हुई है। बिन टोला की रहने वाली रूक्मिणी देवी, राजो मसोमात आदि ने बताया कि उन लोगों को नप से कोई लाभ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वे गरीब हैं, लेकिन न तो उन्हें चक्रवाती तूफान का मुआवजा मिला न ही कंबल।
क्या कहते हैं पार्षद:
वार्ड पार्षद सुकदेव ठाकुर का कहना है कि आम लोगों के उम्मीद पर खरा उतरने के लिए उन्होंने भरसक प्रयास किया है। उन्होंने किसी भी योजनाओं में अनियमितता नहीं बरतने की बात कही। पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में सड़क व नाला की समस्या विकराल जरूर है, लेकिन मिले आवंटन से प्राथमिकता के आधार पर एक नाला व तीन सड़क का निर्माण कराया है।

Saturday, February 11, 2012

धान क्रय में फारबिसगंज अव्वल, पलासी फिसड्डी


अररिया : जिला प्रशासन धान अधिप्राप्ति को लेकर भले ही कड़ा रूख अख्तियार कर लक्ष्य पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करने की हिदायत दे रहा हो, परंतु राज्य खाद्य निगम पर इसका असर नहीं पड़ा है।
एसएफसी को अररिया में कुल 10800 मीट्रिक टन धान खरीदगी करनी है और अब तक मात्र 4776.415 टन धान का ही क्रय हुआ है। एसएफसी को धान क्रय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए डीएम एम सरवणन व एसडीओ डा. विनोद कुमार लगातार समीक्षा बैठक कर निर्देश दे रहे हैं, परंतु इन सब बातों का असर एसएफसी पर नहीं पड़ रहा है।
एसएफसी द्वारा पूरे जिले में 10 क्रय केंद्र खोले गये है इनमे 8 फरवरी के रिपोर्ट के अनुसार धान अधिप्राप्ति में फारबिसगंज प्रखंड अव्वल है वहीं पलासी प्रखंड सबसे नीचले पायदान पर है। हालांकि अररिया अनुमंडल के रानीगंज प्रखंड की स्थिति बेहतर है। आठ फरवरी के रिपोर्ट के अनुसार सदर एसडीओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि अररिया प्रखंड में 460.5 टन, जोकीहाट में 700 टन, पलासी में 105 टन भरगामा में 327 टन, नरपतगंज में 469.5 टन, सिकटी में 126.5 टन, कुर्साकाटा में 172.5 टन, फारबिसगंज में 566 टन, रानीगंज प्रखंड में 1147 टन तथा फारबिसगंज बेस गोदाम में 702.5 टन धान का क्रय किया गया है। वहीं एसएफसी के जिला प्रबंधक आरबी प्रसाद ने बताया कि एसएफसी ने पैक्सों से अब तक 1286.654 एमटी धान क्रय किया है।
रिपोर्ट को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि एसएफसी पैक्सों से धान क्रय करने में कितना संवेदनशील है। क्योंकि अब तक मात्र तीन प्रखंड के पैक्सों से ही कुछ मात्रा में राज्य खाद्य निगम ने धान खरीदा है। रिपोर्ट के अनुसार निगम ने 8 फरवरी तक भरगामा प्रखंड पैक्सों से 277 टन, रानीगंज से 285 टन तथा फारबिसगंज बेस गोदाम से 725 टन धान का क्रय किया गया है।

Thursday, February 9, 2012

सुविधाओं के बावजूद सरकारी मदरसे खस्ताहाल


अररिया : जिले में सरकार ने मान्यता प्राप्त मदरसों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। जबकि मदरसों में सरकारी विद्यालय की तर्ज पर ही सरकारी सुविधाएं सरकार ने उपलब्ध करायी है। इसके बावजूद मदरसों में बच्चों की पढ़ाई लिखाई नहीं होती। वहीं रजिस्टर पर एवं मदरसे में बच्चों की उपस्थिति में काफी अंतर रहता है। जबकि इन सरकारी मदरसों में शिक्षकों की भी कोई कमी नहीं है। गौरतलब है कि सरकारी मदरसों का संचालन प्राइवेट मदरसा कमेटी द्वारा किया जाता है। सरकारी मदरसों की स्थिति का अंदाजा तो तब लगता है जब बच्चे की संख्या बीस पचीस से ज्यादा नहीं रहती है इसके विपरीत नियुक्त शिक्षकों की संख्या 10 से 12 तक रहती है। लेकिन फार्म भरने, एडमिट कार्ड लेने एवं परीक्षा के समय मदरसा में भीड़ देखते ही बनती है।
अररिया जिला में कुल 89 सरकारी मदरसा है जिसमें बिहार स्टेट मदरसा एजूकेशन बोर्ड द्वारा ओस्तानियां, फोकानियां, मौलवी, आलिम एवं फाजिल तक की डिग्री दी जाती है। जबकि प्राइवेट मदरसा जो अवाम के चंदा एवं मदद से चलता है उसमें छात्रों की उपस्थिति दो सौ से पांच सौ के करीब है। यहां पर पढ़ाई क स्तर भी बेहतर है। जबकि इन मदरसों में कार्यरत शिक्षकों को पैसा भी नहीं के बराबर मिलता है। बावजूद इसके इन मदरसों की रौनक देखते ही बनती है। हालांकि सरकारी मदरसों में सरकार के सर्वशिक्षा अभियान द्वारा मध्याह्न भोजन, पोशाक योजना, साइकिल योजना भी चलाई जाती है। तब आखिर क्या वजह है कि इस सरकारी मदरसों की स्थिति इतनी दयनीय है। इसको लेकर अभिभावक एवं आम लोग चिंतित है।

Wednesday, February 8, 2012

शिक्षित समाज ही विकसित समाज


अररिया : अररिया जिला के जोकीहाट प्रखंड स्थित नौआ ननकार गांव में तामीरे मस्जिद को लेकर दो दिवसीय अजीमुश्शान जलसा का आयोजन किया गया जो मंगलवार की अहले सुबह दुआ के साथ संपन्न हुआ। जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में जोकीहाट विधायक सरफराज आलम व अररिया विधायक जाकिर अनवर खान ने शिरकत की।
मौके पर बोलते हुए जाकिर अनवर ने कहा कि अगर विकास की मुख्य धारा में शामिल होना चाहते है तो अपने बच्चों को जरूर तालिम दे आज वहीं कौम तरक्की के दौर में शामिल है जहां शिक्षा है। शिक्षित समाज ही विकसित समाज होता है। विधायक सरफराज आलम ने कहा कि आज के बिगड़े माहौल में आपसी सद्भावना एवं भाईचारगी जरूरी है। आज लोग जात, धर्म और अलग अलग फिरके में बंटे हैं। जरूरत इस बात की है कि सब लोग एकजुट होकर समाज में एकता और शांति का माहौल बनाये। इस जलसे को पूर्व मुखिया कौसर जिया, मो. नसीम, पूर्व जिला पार्षद शमशाद आलम ने भी संबोधित किया। स्थानीय उलेमाओं की तकरीरे देर रात तक चलती रही। बीच बीच में तरन्नुम से नात पढ़ी गयी जिसे लोगों ने बहुत सराहा। जलसे में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।

Friday, January 27, 2012

क्रिकेट में जीत पर पुलिस कप्तान ने ग्रहण किया शील्ड

अररिया : जिला स्थापना दिवस के मौके पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के फाईनल मैच का पुरस्कार गणतंत्र दिवस के मौके पर गुरुवार को वितरण किया गया। स्थानीय नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान टूर्नामेंट के विजेता व उप विजेता टीम को ट्राफी प्रदान किया गया। टी-20 टूर्नामेंट के फाइनल में पुलिस एकादश की टीम ने प्रशासन एकादश की टीम को हराया था। 26 जनवरी के समारोह में विजेता टीम के कप्तान पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे को डीएम एम. सरवणन ने शील्ड प्रदान किया। जबकि उप विजेता टीम के कार्यवाहक कप्तान डीडीसी प्रभात कुमार महथा को एसपी शिवदीप लांडे ने ट्राफी प्रदान किया। इस मौके पर टूर्नामेंट को बेहतर खिलाड़ी का पुरस्कार प्रशासन एकादश के खिलाड़ी मो. कैफ रजा को मिला। जबकि टूर्नोमेंट में अंपायर की भूमिका निभाने वाले मो. तनवीर आलम व जावेद हस्मत को भी पुरस्कार दिया गया।

Thursday, January 26, 2012

नये मतदाताओं को दिलायी गयी स्वच्छ मतदान की शपथ



अररिया : राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर जिला मुख्यालय समेत अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाहरणालय में जहां डीएम ने नये मतदाताओं को वोटर आई कार्ड दिया वहीं अनुमंडल मुख्यालय में एसडीओ तथा प्रखंड कार्यालय में बीडीओ ने नये वोटरों को कार्ड दिया। समाहरणालय स्थित आत्मन कक्ष में आयोजित समारोह में सर्वप्रथम भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त वाई एस कुरैशी के देश के नाम अपील को सुनाया गया। मौके पर जिला निर्वाचन सह जिला पदाधिकारी एम. सरवणन ने कई नये मतदाताओं को पहचान पत्र दिया। साथ ही उपस्थित तमाम लोगों को जाति, धर्म, समुदाय से उपर उठकर बिना लोभ के मतदान करने की शपथ दिलाई। श्री सरवणन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर अपने संदेश में कहा कि वोटर सिर्फ मतदान करने के लिए नहीं बनें बल्कि समाज को नई दिशा भी दें। वहीं जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी विजय कुमार सिंह ने कहा कि हैदराबाद की तरह राज्य में भी शत प्रतिशत मतदाताओं को पहचान पत्र मुहैया कराना है। उन्होंने बताया कि अररिया में 92 प्रतिशत वोटर को कार्ड दिया जा चुका है। उन्होंने संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में बताया कि कुल 9 हजार 52 पुरुष 8031 महिला मतदाताओं को जोड़ा गया है। जिसमें 18-19 वर्ष के वर्ग में 3022 पुरुष व 2110 महिला वोटरों को कार्ड दिया जा रहा है। श्री सिंह ने बताया कि जिले के 1274 बूथों पर कार्ड वितरण किया जा रहा है। वहीं अररिया एसडीओ कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी डा. विनोद कुमार ने भी नये मतदाताओं को कार्ड दिया तथा शपथ दिलायी। इस मौके पर अवर निर्वाचन पदाधिकारी अनिरुद्ध प्रसाद यादव, वरीय उप समाहत्र्ता इश्तियाक अंसारी, एडीपीआरओ योगेन्द्र कुमार लाल, रविशंकर सिंह, समेत कई अधिकारी व नये वोटर मौजूद थे।

सतह पर पहुंची कांग्रेस की गुटबाजी


अररिया : मंगलवार को एक बार फिर जिला कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सतह पर आ गया। संगठनात्मक चुनाव को ले जिलाध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए पार्टी के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार जिला कार्यालय गांधी आश्रम पहुंचे तो प्रदेश से आये डीआरओ प्रो.आई जी सनदी फारबिसगंज पहुंच गये। पार्टी के कार्यकर्ता भी दोनों जगहों पर बंटे हुए थे। हालांकि निवर्तमान जिलाध्यक्ष जिला मुख्यालय कार्यालय में नही दिखे लेकिन जिला कमेटी के अधिकांश सदस्य, प्रदेश डेलीगेट मेम्बर व प्रखंड अध्यक्षों में से अधिकांश की उपस्थिति अररिया में दिखी। मंगलवार को जिलाध्यक्ष पद के लिए गांधी आश्रम में एक बार फिर नामांकन लिया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि जिलाध्यक्ष पद के लिए लीलाचंद सिंह, प्रमोद कुमार झा, सुनील आर्य व हरि प्रसाद वैश्यन्त्री ने नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने बताया कि जिला उपाध्यक्ष पद के लिए प्रभात सिंह, सदरे आलम, कुलानंद झा, शहनाज बेगम, आबिदुर्रहमान, जवादुल हक, नदीम गाजी, दयानंद रजक एवं मो. साबिर ने पर्चा भरा है। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए अरुण कुमार सिंह, मो. उस्मान, मासूम रेजा, अब्दुस सलाम व आबिद अंसारी तथा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रदीप कुमार तिवारी, नवकांत झा ने पर्चा भरा है। इस मौके पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव के लिए सर्वानुमति बनाने या चुनाव द्वारा निर्वाचित कराने के लिए मुझे अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि वे अपने स्तर से राय सुमारी कराकर सर्वसम्मति से ही चुनाव कराना चाहते हैं। श्री कुमार ने यह भी बताया कि सारे नामांकन पत्र में नाम वापसी का भी फार्म भरा गया है ताकि समय पर इसका उपयोग किया जाय। इस मौके पर पूर्व मंत्री मोईदुर्रहामन, सदरे आलम, अब्दुस सलाम, मो. ओबेस यासीन, शशि भूषण झा, जमील अख्तर, अयुब आलम, पदमानंद मिश्र सहित करीब 100 कांग्रेसी मौजूद थे।