Wednesday, December 29, 2010

कारोबार जगत में सकारात्मक संकेत

फारबिसगंज (अररिया) : उद्योग और कारोबार के क्षेत्र में जिला के सीमावर्ती फारबिसगंज इलाका वर्ष 2010 में उफानात्मक संकेत दे गया है। कभी प्रमुख लघु उद्योग और व्यापारिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला यह क्षेत्र पिछले करीब 15 वर्षो में विकास में काफी पिछड़ गया था। लेकिन वर्ष 2011 में कुछ बेहतर विकास होने की संभावनाएं बनी है। लघु उद्योगों की बात कहें तो फारबिसगंज सहित जिला में राइस मिल, फ्लावर मिल, आरा मिल, विभिन्न वाहनों के शो रूम, कोल्ड स्टोरेज, ईट भट्ठा प्रमुख है। इनमें वर्ष 2010 तमाम कठिनाईयों के बावजूद सर्वाधिक बढ़ोत्तरी वाहन कारोबार में दर्ज की गई। करीब 25-30 फीसदी वृद्धि हुई। इसके अलावा महत्वपूर्ण घटना क्रम जो हुई वह फारबिसगंज के बियाडा की औद्योगिक भू-खंड पर ग्लूकोज फैक्ट्री के निर्माण की रही। इस वर्ष एक ग्लूकोज फैक्ट्री ने साथ करीब दो मेगावाट तक विद्युत उत्पादन संयंत्र स्थापित करने का काम शुरू हो गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। बिगाड़ा की जमीन पर कई अन्य लघु उद्योगों को लगाने की प्रक्रिया आरंभ की गई। वाहन क्षेत्र की बात करें तो इस वर्ष फारबिसगंज शहर में हीं सीनालिफा ट्रैक्टर शो रूप, बजाज तीपहिया शो रूम खुला। हीरो होंडा, मोटरसाइकिल के नये शो रूप में निर्माण का काम भी शुरू हुआ। इसके अलावा यूको बैंक की शाखा भी खुली। हालांकि राइस मिल, फ्लावर मिल, आरा मिल में कोई बढ़ोत्तरी नही हुई। दरअसल इस सीमावर्ती क्षेत्र में उधोगों को बढ़ावा देने के लिये आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का घोर अभाव रहा है। प्रशासनिक उदासीनता भी इसके लिये महत्वपूर्ण फाटक माने जाते हैं। बिजली, पानी और कुशल श्रमिकों की कमी रही है। कोल्ड स्टोरेज के लिये वर्ष 2010 अच्छा नही रहा। एक कोल्ड स्टोरेज को नुकसान के साथ जुर्माना झेलना पड़ा। व्यवसायिक मंडी में हालांकि उत्साह कम दिखा। जबकि लघु उद्योगों में निवेश के लिये कई व्यवसायियों ने रचनात्मक पहल की जिसका परिणाम आने वाले दिनों में दिखेगा। बथनाहा में परमान नदी पर विद्युत परियोजना पर निर्माणकारी कार्य आरंभ हुआ। फारबिसगंज के प्रमुख उद्योग पति मूलचंद गोलछा बताते है कि कि बिजली की कमी के अलावा उद्योगपतियों को प्रशासन से सहयोग एवं सुरक्षा नही मिलने के कारण बड़े-बड़े व्यवसायी यहां से या तो पलायन कर गये अथवा उद्योग व्यापार समेट लिया। वर्षो तक उद्योग एवं व्यवसाय में प्रमुख स्थान रखने वाला फारबिसगंज का इलाका उद्योग एवं व्यवसाय के मामले में शिथिल पड़ गया। हालांकि श्री गोलछा ने यह भी कहा कि बीते वर्ष में साथ आने वाले साथ में सरकार से सकारात्मक सहयोग मिलता रहा तो विकास होगा। बजाज टेंपू व्यवसायी लक्ष्मण शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में अभी भी बेहतर फाइनेंस करने वाली वित्तीय संस्थानों का अथवा है लघु उद्योग के समुचित सहयोग करने वाली वित्तीय संस्थानों की जरूरत पड़ेगी। श्री शर्मा ने भी वर्ष 2010 को लघु उद्योग के लिये अच्छा समय बताया। कई उधमियों ने बिजली की कमी का रोना रोया।
बहरहाल तमाम सहयोग-असहयोग के बीच बीता वर्ष कुल मिलाकर रचनात्मक रहा। यह आचार बनकर आने वाले वर्षो में उद्योग व्यापार जगत में विकास होने की संभावना है।

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