Friday, April 29, 2011

नाम में समानता पाकर पुलिस ने निर्दोष को भेजा जेल


अररिया  : पुलिस की मनमानी के कारण एक निर्दोष व्यक्ति आज अररिया मंडल कारा में सजा काट रहा है। जेल में बंद सिमराहा थाना क्षेत्र के पुरवारी झिरूवा गांव निवासी मो. नौसाद का कसूर यह है कि उसका नाम नारी प्रताड़ना के एक आरोपी से मिलता है। मो. नौसाद ने आरोप लगाया है कि दुश्मनी के कारण स्थानीय पुलिस ने उसे नारी प्रताड़ना के एक मामले में दूसरे के बदले गिरफ्तार कर लिया। और वह जेल में बंद है। पीड़ित नौसाद ने इस संबंध में जेल में रहकर सिमराहा थानाध्यक्ष सहित एक पुलिस कर्मी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में बुधवार को मामला दायर किया है। कोर्ट ने सिमराहा थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
मिली जानकारी के अनुसार सिमराहा थाना क्षेत्र के पुरवारी झिरूवा गांव निवासी शहनाज ने अपने पति मो. नौसाद व ससुर सहित छह लोगों के खिलाफ नारी प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। उक्त मामले में कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट जारी करते हुए नौसाद सहित अन्य सभी मुदैय की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। उक्त आदेश के आलोक में सिमराहा थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने गत 26 अप्रैल को नौसाद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लेकिन गिरफ्तार नौसाद का कहना है कि वह शहनाज का पति नहीं है। उधर शहनाज ने भी कोर्ट में आवेदन देकर इस बात की पुष्टि कर दी है कि गिरफ्तार नौसाद उसका पति नहीं है। मामले का उद्भेदन होने के बाद प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने सिमराहा थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आगामी चार मई तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उधर कारा में बंद मो. नौसाद ने सिमराहा थानाध्यक्ष नवीन एवं सिपाही भागीरथी के खिलाफ मामला दायर कर कहा है कि वार्ड सदस्य पद पर अपनी पत्‍‌नी को नहीं खड़ा करने की धमकी उनलोगों ने दी थी। लेकिन उनकी बात नही मानने के कारण ही थानाध्यक्ष ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामला चाहे जो भी हो लेकिन एक बार फिर इस घटना ने व्यवस्था पर उंगली उठा दी हैI

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