Friday, July 6, 2012

न्यायिक जांच आयोग के समक्ष पेश हुए दो गवाह


अररिया : फारबिसगंज गोली कांड न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (सेनि)माधवेंद्र सरन के सामने शुक्रवार को दो गवाह पेश हुए।
आयोग के सचिव डीजे (सेनि) एसएम नसीमुद्दीन ने बताया कि आज पांच गवाहों को पेशी का सम्मन भेजा गया था, लेकिन तीन नहीं पहुंचे। शेष दो गवाह मो.ताहिर व जाबुल ने अपनी गवाही दर्ज करायी। उन्होंने बताया कि शूनिवार को पांच अन्य विटनेस को सम्मन दिया गया है। इनमें भुटाई, बाजुल, रसीद, शफीक व मुरशीद शामिल हैं।
इस मौके पर कमीशन की ओर से वरीय अधिवक्ता विश्नाथ प्रसाद सिंहा, मुरारी ना. चौधरी व अंजनी पराशर, सरकार की ओर से वरीय अधिवकता अखिलेश्वर प्र. ंिसह, अरुण व प्रभु नारायण शर्मा, बियाडा की ओर से बीएस राज्य व‌र्द्धन तथा जिला प्रशासन की ओर से अशोक कुमार पूरी कार्रवाई के दौरान मौजूद थे।
आयोग के सचिव ने बताया कि अररिया में हर महीने के प्रथम व तृतीय सप्ताह के गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को आयोग मामले की सुनवाई करेगा।

सारी निगाहें लगी रहीं जागरण पर


अररिया : दैनिक जागरण द्वारा आयोजित प्रश्न प्रहर कार्यक्रम को लेकर कार्यालय में जहां टेलीफोन लगातार बजते रहे, वहीं कार्यालय के बाहर हजारों लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
एसपी शिवदीप लांडे नियत वक्त से चार मिनट पहले ही कार्यालय पहुंच गये। इधर, टेलीफोन की घंटियां लगातार बज रही थी। उन्होंने एक-एक कर सारे पाठकों के प्रश्नों के जवाब दिए। इस अवसर पर दैनिक जागरण के कार्यालय प्रभारी कुंदन, डा.अशोक कुमार झा, अनिल त्रिपाठी, क्राइम रिपोर्टर आमोद शर्मा,अमित कुमार, नरेंद्र प्रसाद गुप्ता, छायाकार मंटू भगत, विज्ञापन प्रतिनिधि राजीव मिश्रा, ज्योतिष, एजेंट संजय शंकर आदि उपस्थित थे।
इधर, कार्यालय में पाठकों के सवालों का जवाब देने के बाद श्री लांडे ने बाहर खड़े लोगों से भी मुलाकात की तथा अपराध नियंत्रण में सार्थक सहयोग की बात कहते हुए सबका शुक्रिया अदा किया।

कब, कहां, कैसे डूबेंगे पता नहीं


अररिया : बाढ़ हर साल आती है। इस बार भी आएगी या यूं कहें तो उसने कलेजे पर दस्तक देनी शुरू भी कर दी है। बाढ़ से बचने-बचाने की जिम्मेदारी हर बार की तरह इस बार भी ऊपर वाले की मेहरबानी और लोगों की किस्मत पर है। जिले में बाढ़ से लड़ने की तैयारी कुछ ऐसी है कि कब, कहां और कैसे डूबे प्रशासन को पता भी नहीं चल पाएगा।
अररिया को बाढ़ से गहरा रिश्ता है क्योंकि हर वर्ष बाढ़ आती है और जिले की खुशियां छीन कर ले जाती है। एक बार फिर बाढ़ ने दस्तक दे दी है। फिलहाल जिले के सैकड़ों घाटों पर रोजना नाव के सहारे हजारों लोग नदी पार कर रहे हैं। सरकारी आदेश के बावजूद अब तक जिले में एक भी प्राइवेट या सरकारी नावों का निबंधन नहीं हो पाया है। विभागीय अधिकारी भी भोज के वक्त कुम्हड़ लगाने की फिराक में है। नावों का निबंधन नहीं हुआ तो बाढ़ में नाव परिचालन के वक्त प्रशासनिक पकड़ ढ़ीली रहेगी। यही नही उफनाती नदियों में जरूरत से ज्यादा सवारी लेकर गुजरने वाले नाविकों की पौ बारह रहेगी।
जिला मुख्यालय के तिरसुलिया घाट पर भी दो दिन पूर्व 35 यात्रियों से भरी नाव पलटी पर प्रशासन को पता नहीं लग पाया कि किसकी नाव थी। राज्य सरकार ने बंगाल नौ घाट अधिनियम 1885 के अधीन आदर्श नियमावली 2011 तैयार किया है। इसके तहत सभी नावों में कुल 146 सरकारी नाव व 10 मोटर बोट है, परंतु इसका भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।
नाव व नाविक का भी होगा निबंधन
आदर्श नियमावली 2011 व जिला गजट सं. 8 में दर्ज प्रावधानों के अनुसार जिले के सभी नाव व उसके नाविकों को निबंधन कराना अनिवार्य है। नाविक नाव का साइज, प्रकार के साथ प्रपत्र चार में परिवहन पदाधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकता है।
नाव पर निबंधन संख्या व लोड लाईन भी होगा दर्ज
निबंधित नाव के दोनों तरफ 75 सेमी उंचा और 2 सेमी चौड़ी आकृति में सफेद रंग से पेंट कर निबंधन सं. लिखा जाना जरूरी है। वहीं गहराई को रेखांकित करने के लिए प्रत्येक नाव में काले पृष्ठभूमि में सफेद रंग से पेंट किया हुआ 30 सेमी लंबा, 15 सेमी चौड़ा व 2.5 सेमी खुदा या जड़ा हुआ स्पष्ट चिन्ह के द्वारा लोड लाईन इंगित होगा।
दुर्घटना होने पर होगी वसूली: डीटीओ
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी सह निबंधन पदाधिकारी सदन लाल जमादार ने बताया कि 30 जुलाई तक निबंधन की तिथि निर्धारित है। बिना निबंधन नाव चलाने वाले नाविकों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी। यदि कोई दुर्घटना होने पर संपत्ति की क्षति का वसूली नाविक से की जाएगी।
जिले में उपलब्ध सरकारी नाव की स्थिति
प्रखंड नाव की संख्या
अररिया 16
फारबिसगंज 18
नरपतगंज 20
भरगामा 15
रानीगंज 16
जोकीहाट 18
पलासी 15
सिकटी 13
कुर्साकांटा 15
इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रखंड में एक-एक मोटर बोट भी है।

बेहतर शिक्षा के लिए शैक्षणिक माहौल बनाना जरूरी: डीईओ



अररिया : मुख्यालय स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र अररिया में गुरुवार को प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण समारोह पूर्वक संपन्न हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप जिला शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए शैक्षणिक माहौल बनना जरूरी है। आज शिक्षा के क्षेत्र प्रतिदिन नए प्रयोग से चुनौतियां ज्यादा है। इसलिए शिक्षक को अपने कार्य एवं दायित्व के प्रति अधिक सजग रहने की जरूरत है। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी बसंत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज इच्छा शक्ति के कमी के कारण लक्ष्य प्राप्त करने में विफल होते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति की जरूरत है। डीपीओ विद्यानंद ठाकुर एवं एमडीएम प्रभारी रविन्द्र राय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बीआरपी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। बीईओ विजय कुमार ने कहा कि बीआरपी के रूप में आपका उत्तरदायित्व बहुत बढ़ गया है। जि. प्रा. शि. संघ के अध्यक्ष अब्दुल कुद्दस ने कहा कि हर लोग अपने कार्य के प्रति वफादार रहें तो स्वयं शिक्षा एवं शैक्षणिक माहौल बन जायेगा। इस मौके पर शिक्षक संघ के राजेन्द्र प्रसाद, अमर यादव, पंकज सिंह, अभिषेक रंजन के अलावा मो. सज्जाद आलम, अर्चना कुमारी, बबीता कुमारी, राम परी देवी, प्रकाश चन्द विश्वास आदि मौजूद थे। इस प्रशिक्षण में 45 बीआरपी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

बिजली चोरी मामले में दो प्रतिष्ठान मालिक गए जेल, प्राथमिकी दर्ज

फाबिसगंज (अररिया) : शहर के अस्पताल रोड स्थित मे. सीमा कोल्ड स्टोरेज परिसर में विद्युत विभाग के पटना के एसटीएफ टीम द्वारा करीब 17.68 लाख रुपया की बिजली की चोरी पकड़े जाने के मामले में दो प्रतिष्ठान संचालकों को गुरुवार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में अररिया भेज दिया। जिसमें सीमा कोल्ड स्टोरेज के रामावतार लखोटिया तथा शिमली आइसक्रिम फैक्ट्री के किशनलाल लखोटिया शामिल है। इन लोगों पर भारी मात्रा में बिजली चोरी का आरोप है। इधर विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा छापेमारी के बाद दोनों के विरुद्ध फारबिसगंज थाना में विद्युत अधिनियम की धारा 135/138 के तहत प्राथमिकी (कांड संख्या 236/12) दर्ज की गयी है। प्रभारी विद्युत कार्यपालक अभियंता रतिकांत प्रसाद के द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मेसर्स सीमा कोल्ड स्टोरेज द्वारा 12, 53, 052 रुपया तथा इसी परिसर स्थित कोल्ड स्टोरेज के बगल वाले कमरे में किशुनलाल लखोटिया द्वारा 5,15,306 रु. की बिजली की चोरी मीटर तथा विद्युत तार में छेड़छाड़ कर किया गया है। दोनों की बिजली काट दी गयी है तथा मीटर को खोलकर जब्त कर लिया गया है। एसटीएफ हेड अशोक कुमार के नेतृत्व में बिहार विद्युत बोर्ड की एसटीएफ की टीम, एमआरटी पूर्णिया की टीम तथा विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल पूर्णिया की टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। छापेमारी में एसटीएफ क ईई डीके सिंह, एसपी सिंह, एईई फारबिसगंज रतिकांत प्रसाद, किरण कुमार, प्रशांत कुमार, एसएस पांडेय, ग्यान प्रकाश, इमरान जजीर, राजानंद, राहुल कुमार आदि शामिल थे।

बिजली चोरी: कोल्ड स्टोर के पार्टनर पर होगी कार्रवाई: एसपी



फाबिसगंज (अररिया) : बिजली चोरी के मामले में सीमा कोल्ड स्टोर के रामावतार लखोटिया के प्रतिष्ठान पार्टनर कोलकाता निवासी राजीव काबरा पर भी कार्रवाई होगी। अररिया एसपी शिवदीप लांडे ने फारबिसगंज थाना पहुंचकर बिजली चोरी मामले की पड़ताल की तथा अनुसंधान तेज करने का निर्देश दिया। एसपी श्री लांडे ने बताया कि सीमा कोल्ड स्टोरेज के पार्टनर कोलकाता के बालीगंज रोड निवासी राजीव काबरा का नाम भी जांच के क्रम में सामने आया है। बिजली चोरी मामले में पार्टनर भी जांच के दायरे में आयेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। बताया कि वर्ष 2008 में गोलछा फ्लावर मिल में 84.46 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गयी थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी चोरी के मामले सामने आने के बाद तो विद्युत विभाग को चार वर्ष बाद छापामारी की जगह नियमित छापामारी करनी चाहिये। एसपी ने कहा कि पुलिस विद्युत विभाग को सहयोग देने के लिये हमेशा तत्पर रहेगी। भरपूर सहयोग मिलेगा। सीमा कोल्ड स्टोरेज में भी पुलिस का विद्युत विभाग के साथ छापामारी में संयुक्त सहयोग रहा। उन्होंने सीमा कोल्ड स्टोरेज के रामावतार लखोटिया तथा किशनलाल लखोटिया से बिजली चोरी मामले की आवश्यक पूछताछ की। उन्होंने बिजली चोरी कर सरकारी राशि को चपत लगाने को गंभीर मामला बताया साथ ही कहा कि अब पुलिस भी बिजली चोरी के मामलों पर नजर रखेगी।

चकई उपस्वास्थ केंद्र खोल रहा विभाग की पोल



जोकीहाट(अररिया) : सरकार जनस्वास्थ्य सेवा के मामले में पानी की तरह पैसे खर्च कर रही है। इतना खर्च होने के बाद भी प्रखंड क्षेत्र में स्वास्थ सेवा व संस्था में कोई खास परिवर्तन नही दिखता है। खासकर उपस्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति अभी भी काफी दयनीय बनी है। करोड़ों की राशि खर्च कर दर्जनों उपस्वास्थ्य केंद्र बनाये गए लेकिन इन केन्द्रों पर न तो डाक्टर बैठते हैं और न ही एएनएम जाती है। आलम यह है कि कुछ ग्रामीण इन केंद्रों को अब अपना अपना घरेलू उपयोग में लाने लगे हैं। उपस्वास्थ केन्द्र चकई में ग्रामीणों ने बताया कि यहां वर्षो से कोई स्वास्थकर्मी नहीं आते। इसलिए ग्रामीण इसे रिजेक्टेड समझकर पुआल, मकई का डंठल आदि रखते हैं। ऐसा ही नजारा प्रखंड के अन्य पंचायतों में बने उपस्वास्थ्य केंद्रों की है। जहानपुर, काकन,कजलेटा ,चिरह, गैरकी, तारण,चौकता, कुर्सेल, महलगांव, चैनपुर मसुरिया आदि गांवों में बने उपस्वास्थ केंद्रों की स्थिति दयनीय बनी है। विभाग डाक्टर की कमी बताकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। ग्रामीणों का कहना है कि एएनएम ही अगर इन केंद्रों पर लोगों का नियमित प्राथमिक उपचार करे तो इन सब सेंटरों को ग्रामीणों के प्रभाव से छुटकारा मिल सकता है। इस सिलसिले में पूछने पर रेफरल अस्पताल के स्वास्थ प्रबंधक औवेश अहमद ने बताया कि केन्द्रों पर ग्रामीणों का कब्जा है। भंसिया, चौकता आदि में केंद्रों को अतिक्रमण से मुक्त गया है।

सात वर्षो से बन रहा लेबर वार्ड


सिकटी (अररिया) : आम अमाम की सेहत की देखभाल करने वाले प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य महकमे की हालत खुद नाजुक है। एक तरफ सरकार जहां स्वास्थ्य विभाग पर लाखों खर्च कर रही है, वहीं सिकटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 7 वर्षो से एक अदद लेबर वार्ड नहीं बन पाया है। वित्तीय वर्ष 2004-05 में सम विकास योजना से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर साढ़े छह लाख की लागत से लेबर वार्ड बनना था, जो अभी तक नहीं बन पाया है। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी डा. विनोद कुमार ने दूरभाष पर बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आयी थी जिसे बहुत जल्द तैयार कर लिया जायेगा।
ग्रामीण जानकी देवी, हसरत निशां, आशा देवी आदि दर्जनों महिला बताती हैं कि खासकर पीएचसी में प्रसव कराने के दौरान जगह के अभाव में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डा. जमील अहमद ने बताया कि लेबर वार्ड बन जाने से खासकर गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने जगह रहने से अवधि तक ठहराया जा सकता है, तथा एनबीसीसी युनिट प्रसव कक्ष में ही स्थापित किया जा सकता है। जिससे जच्चा व बच्चा दोनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगा।

उपहारों का टोटा, मोबाइल उपभोक्ता खाया धोखा

अररिया : शंकरपुर गांव के दिनेश यादव के सपनों को थोड़ी देर के लिए पंख लग गए। 25 लाख इनाम की खबर सुनते ही उसने सपने बुनने शुरू कर दिए। आनन-फानन में बिना किसी से सलाह मशविरा किए उसने बैंक में 15 हजार रुपये जमा भी करवा दिए। लेकिन कुछ देर बाद ही उसे निराशा हाथ लगी। नतीजा यह हुआ कि उपहार पाने के लोभ में उसने अपनी जमा पूंजी भी गंवा डाली। एक वर्ष के पूर्व फारबिसगंज प्रखंड के समौल पंचायत के एक पंचायत समिति महेश कुमार पांडेय भी कुछ इसी तरह अपने 25 हजार रुपये गंवा डाले। पंसस को एक मोबाइल कंपनी से फोन आया कि आपके नाम पर 5 लाख का इनाम ड्रा हुआ। चेक पाने से पहले बतौर टैक्स के रूप में उन्हें 25 हजार रुपये अग्रिम जमा करना होगा। फिर क्या था अपने परिवार वालों को बिना बताए बैंक में राशि जमा करा दी। लेकिन कुछ देर बाद ही उन्हें निराशा हाथ लगी। आखिरकार मन मारकर उसने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करा दी। दो दिन पूर्व ही अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन के दीपेश कुमार को 25 हजार रुपये का इनाम फंसने की जानकारी किसी मोबाइल कंपनी ने दी। लेकिन दीपेश ऐसे मोबाइल कंपनियों के ऐसे कारनामे से अवगत था। उन्होंने मांगी गई रकम मिलने वाली रकम से काटकर भेज देने का जवाब दिया। जवाब मिलने के बाद अब तक न तो उसे पुन: कांटेक्ट किया गया और न ही उपहार मिला। यह कहानी रोज कहीं ना कहीं किसी दिनेश, किसी महेश एवं दीपेश के साथ घट रही है। प्रतिदिन उपहारों का झांसा देकर लोगों को ठगने का बहुत बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है। कभी-कभी तो उपहारों का झांसा देने वाले नंबर पाकिस्तान के भी हुआ करते हैं। खास बात तो यह है कि इस नेटवर्क के सदस्य किसी नंबर को एक या दो बार ही प्रयोग करते हैं। झांसे में आने वाले लोगों को तीन-चार नंबर और उपलब्ध कराकर बात करने को कहा जाता है। इस क्रम में कई नंबर ऐसे भी होते हैं जो नेट के माध्यम से फोन कराया जाता है। नेट के माध्यम से आने वाली नंबरों के डिजिट कुछ भी हो सकते हैं। पांच दिन पूर्व काली बाजार के ही एक व्यक्ति को एक दर्जन बार मिस काल आया। मिस काल का जवाब नहीं देने के दो दिन बाद उसी नंबर से एक महिला ने फोन किया। उपहार का बात भी छिड़ी लेकिन जल्द ही बात बिगड़ गयी। आए दिन ऐसे फर्जी नंबर वालों से मोबाइल धारक परेशान हो रहे हैं। एसपी शिवदीप लांडे कहते हैं कि ऐसे काल या मैसेज पर लोगों को विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्तावादी इस युग में आखिर कोई क्यों किसी को बिना कुछ किए लाखों या हजारों रुपये गिफ्ट देने जाएगा।

डीएम के निर्देश पर भी शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य


अररिया : लगभग 8 करोड़ की लागत से जीरोमाईल से काली मंदिर चौक होते हुए गोढ़ी चौक तक की बनने वाली सड़क का काम आखिर कब पूरा होगा? क्या मात्र 4 किलोमीटर के इस सड़क निर्माण कार्य में वर्षों का समय तो नहीं लगेगा? यह सवाल शहर में आम लोगों के जुबां पर है। दरअसल सीपीडब्लूडी के द्वारा यह सड़क का कार्य किया जा रहा है। करीब एक माह पूर्व गोढ़ी चौक से काली मंदिर चौक तक पूर्व से बना कालीकरण सड़क को जेसीबी से उखाड़कर रख दिया गया है। इस कारण आम लोगों को अवागमन में काफी परेशानी हो रही है। इस संबंध में डीएम एम. सरवण ने तीन दिन पूर्व खुद ही सीपीडब्लूडी के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात कर सख्त हिदायत दी थी। डीएम ने फोन करके कहा कि सड़क उखाड़कर छोड़ देना, काम बंद रखना, लापरवाही है। उन्होंने फौरन काम शुरू करने को कहा था। लेकिन काम शुरू नहीं किया गया। डीएम श्री सरवणन ने बताया कि शीघ्र ही काम आरंभ नहीं करने पर संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पथ निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखा जायेगा।
बाक्स के लिए
कैसे होगा नानू बाबा का दंड प्रणाम यात्रा
अररिया, संसू: काली मंदिर चौक से पचकौड़ी चौक होते हुए गोढ़ी चौक तक सड़क को तोड़ दिया गया है। काम भी पिछले एक पखवाड़े से बंद है। ऐतिहासिक मां खडगेश्वरी काली मंदिर के साधक नानू बाबा आगामी 18 जुलाई से महादंडप्रणाम यात्रा पर निकल रहे हैं। यात्रा का पहला दिन बाबा इसी रास्ते से गुजरेंगे पर कैसे? प्रशासन या संवेदक को इसकी चिंता है या नहीं यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

जिप सदस्य की पिटाई, समर्थकों ने किया सड़क जाम

फारबिसगंज (अररिया) : फारबिसगंज के क्षेत्र संख्या पांच में जिला परिषद सदस्य मो. इफ्तखार के साथ आरा मील से घर जाते समय हथियार का भय दिखाकर गुरुवार को रामपुर दक्षिण पंचायत स्थित मुख्य सड़क मार्ग पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा मारपीट किया गया। जिसमें जिप सदस्य जख्मी हो गये। इधर घटना के विरोध में जिप सदस्य समर्थकों ने फारबिसगंज-रानीगंज मार्ग पर रामपुर दक्षिण पंचायत में सड़क जाम कर यातायात ठप्प कर दिया। सड़क जाम कर रहे समर्थकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। जाम करने वाले जिप सदस्य के साथ मारपीट करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बाद में फारबिसगंज थाना की पुलिस जाम स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस द्वारा समुचित कार्रवाई के आश्वासन पर सड़क जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका।
जख्मी जिप सदस्य मो. इफ्तेखार का इलाज स्थानीय रेफरल अस्पताल में कराया गया। इधर पीड़ित जिप सदस्य ने थाना में आवेदन देकर रामपुर दक्षिण निवासी मो. जहांगीर पर दो-तीन अज्ञात समर्थकों के साथ मिलकर पिस्टल कनपटी में सटाते हुए मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार आपराधिक पृष्ठ भूमि के मो. जहांगीर ने मो. इफ्तखार से पांच हजार रुपया रंगदारी की मांग की थी जिसकी सूचना पूर्व थाना को दी गयी थी। आसपास के लोगों के जुट जाने के बाद सभी भाग खड़े हुए। मो. इफ्तखार ने जहांगीर पर 25 हजार नगदी भी छीनने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ठाकुर ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

सात तक नहीं बंटी पोशाक राशि तो कार्रवाई : बीईओ



जोकीहाट(अररिया) : सात जुलाई तक पोशाक राशि वितरण नहीं करने वाले प्रधानाध्यापको के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीईओ गयासुद्यीन अंसारी ने आयोजित गुरु गोष्ठी में प्रधानाध्यापकों को निर्देश देते हुए कहा। गोष्ठी में छात्रों की शत प्रतिशत उपस्थिति, विद्यालय कार्यावधि में 33 घटे के बदले 45 घंटे एवं गुणवत्त्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। मौके पर डीडीओ शमीम अख्तर, अंचल सचिव मुजाहिद आलम, बीआरपी शमीम अख्तर , प्रधानाध्यापक मरगुब आलम, मुर्तजा आलम,वदुरा खातून, बबीता शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।

बड़े हादसे का गवाह बन सकता रानी पुल



सिकटी (अररिया) : एवीएम सिकटी सड़क पर बना ऐतिहासिक रानी पुल जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक उपेक्षा के कारण कभी भी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है। पिछली बार आयी बाढ़ में रानीपुल के मध्य भाग धंसने के बावजूद भारी वाहनों का चलना बदस्तूर जारी है। यदि रानीपुल ध्वस्त हो जाता है तो सिकटी प्रखंड का जिला मुख्यालय संपर्क भंग हो जायेगा। बावजूद इसके जनप्रतिनिधि व प्रशासन की नींद अभी तक नहीं खुली है। ग्रामीण दिलीप, अशोक, धर्मानंद, भोला साह, सकील अंसारी का मानना है कि राजनेता भी सिकटी से सौतेला व्यवहार करते हैं क्योंकि हर चुनाव में एवीएम सिकटी सड़क चुनावी मुद्दा बनता है लेकिन आजतक एवीएम सिकटी सड़क की न तो तकदीर बदली है न ही तस्वीर। एक रानी पुल ही नहीं एवीएम सिकटी सड़क आधा दर्जन ऐसे पुल हैं जो कभी भी एक बड़े हादसे का गवाह बन सकते हैं। 2014 में आने वाला लोक सभा चुनाव में एवीएम सिकटी सड़क चुनावी मुद्दा बन सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह भागलपुर सांसद सैय्यद शाहनवाज हुसैन से भी उक्त पुल की मरम्मत कराने की मांग की थी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री के प्रयास से तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस ने एवीएम सिकटी सड़क को सैनिक सड़क बनाने का शिलान्यास भी किया लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं किया जा सका है। सिकटी वासियों को लग्जरी गाड़ियों पर बैठकर जिला मुख्यालय जाने का सपना पूरा नहीं हो सका।

मानसून ने दी दस्तक, बारिश का दौर शुरू


अररिया : गुरुवार को राजमार्ग पर यात्रा करना एक सुखद अनुभव था। किसी चमचमाती काली कालीन की तरह चकाचक फोरलेन सड़क के स्काईलाइन पर काले बादल छाये थे और झमाझम बारिश हो रही थी। पानी के लिए छटपटाते जून के बीत जाने के बाद अब जुलाई में बारिश वाले मेघों के दर्शन हुए।
बीएनएमयू में भूगोल विभाग के पीजी हेड प्रो. लालमोहन झा के मुताबिक ये स्ट्रेटस बादल हैं जो भरपूर बरसात करने को सक्षम होते हैं। निंबस और क्युमुलस बादलों का दौर गुजर गया है। इस बार बर्फ की तरह सफेद क्यूमुलो निंबस बादलों ने ठनका के माध्यम से भारी तबाही मचायी। जिले में एक दर्जन से अधिक लोग व बड़ी संख्या में मवेशी ठनका गिरने से असमय मौत के शिकार हो गये।
मानसूनी बादलों की दस्तक से गुरुवार को जिले भर में भरपूर बरसा हुई। इस बारिश से धान की खेती को भरपूर लाभ पहुंचने की उम्मीद है। वर्षा के कारण किसानों के चेहरे खिल गये हैं तथा उन्होंने धान की रोपनी की तैयारी शुरू कर दी है। वर्षा से जूट की फसल को भी फायदा पहुंचा है।
मौसम के जानकारों के अनुसार विगत दो साल से इस जिले में बारिश का ट्रेंड बदला है। पहले मई व जून में प्री मानसून बादल जम कर बरसते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। लिहाजा किसानों को भी खेती का ट्रेंड बदलना पड़ रहा है।
वहीं, शहरी क्षेत्र में जल जमाव के कारण लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। अररिया, फारबिसगंज व जोगबनी में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दर्जनों मुहल्ले जल जमाव के शिकार हैं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में घोर कठिनाई हो रही है।

स्कूल जाने वाली सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल

भरगामा (अररिया) : प्रखंड के पैकपार पंचायत स्थित मध्य विद्यालय जाने वाली कच्ची सड़क की हालत बदतर हो गई है। चार चक्का वाहन चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मामले के बाबत भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, गुलाब चंदू राम, विजेंदू मंडल, संजीव पांडेय का कहना है कि लगभग दो किलोमीटर की इस कच्ची सड़क पर प्रशासन की उदासीनता के कारण आज तक सोलिंग या फिर कालीकरण तो दूर एक टोकरी मिट्टी भी नहीं दिया जा सका है। यह सड़क पैकपार पंचायत के पांडेय टोला, राम टोला, यादव टोला, साह टोला, मंडल, टोला, राजपुत टोला के लोगों का आवागमन का मुख्य रास्ता है। लोगों का कहना है कि सड़क की जर्जर हालत होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं।

वर्षों से होता है जलजमाव, पर कोई नहीं सुनता..



अररिया : वर्षों से इस चौक पर जलजमाव होता है। बच्चों को स्कूल जाने में, महिलाओं को बाजार जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। नगर परिषद प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, पर शायद आरएस में नाला बनाने के लिए प्रतिवर्ष राशि की कमी हो जाती है। ये तल्ख तेवर वाले शब्द अररिया आरएस के वार्ड नं. 4 के निवासियों का है। मोहिनी देवी अस्पताल मोड़ पर 2 से तीन फीट जल जमा है। स्कूल के बच्चे पानी होकर स्कूल जा रहे हैं। स्कूली बच्चे यामिनी गोयल, आयूष गोयल, ने बताया कि रोज जूता व स्कूल बैग भींग जाता है। जबकि स्थानीय निवासी राजू अग्रवाल, चंदन गुप्ता, अजय अग्रवाल, सुधीर गुप्ता, अनिल, लाल बाबू जायसवाल आदि का कहना है कि नप प्रशासन आरएस के साथ सौतेला व्यवहार करता है। वहीं वार्ड पार्षद गौतम साह का कहना है कि सड़क अतिक्रमण का शिकार है। प्रशासन अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। कई बार नाला का प्रस्ताव नप को दिया गया, पर आरएस के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है।

स्थायी समिति के सदस्यों का शपथ ग्रहण सात को


फारबिसगंज (अररिया) : नगर परिषद की स्थायी समिति के सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह अनुमंडल कार्यालय में आगामी 7 जुलाई को आयोजित किया जायेगा। यह जानकारी डीसीएलआर सह प्रभारी एसडीओ मुकेश कुमार सिन्हा ने दी।
उन्होंने बताया कि स्थायी समिति के जिन सदस्यों को शपथ दिलायी जायेगी उनमें वार्ड संख्या 20 के पार्षद अनिल कुमार सिन्हा, वार्ड संख्या 2 के वार्ड पार्षद अशोक फुलसरिया एवं वार्ड संख्या 19 के पार्षद रजत सिंह शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में शपथ ग्रहण के लिए 6 जुलाई को निर्धारित की गई थी लेकिन अवकाश के कारण तिथि बढ़ा दी गई है।

वृक्षों को अपंग बनाने का सिलसिला जारी

अररिया : हरियाली के दुश्मन लगातार सक्रिय हैं। सरकारी जंगलों में वन विभाग ने कड़ाई की तो अब वे सड़क तट के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। सदियों से पथ तट पर खड़े पुराने पेड़ों को अपंग बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। इन वृक्षों की रक्षा का दायित्व आखिर किसका है? ब्रिटिश शासन काल में व देश के आजाद होने के बाद सरकार द्वारा डिस्ट्रिक्ट बोर्ड व लोक निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर मल्टी स्पेसी के फ्रुट बियरिंग पेड़ लगाये गये थे। इनसे जहां आम लोगों को पर्यावरण व फल के रूप में सीधा लाभ होता था, वहीं सरकार के लिए ये करोड़ों की संपत्ति थे। लेकिन हरियाली के दुश्मनों की नजर इन पर लग गयी तथा धीरे धीरे उन्हें काटा जाने लगा। कई जगहों पर सड़क किनारे लगे पेड़ आराम से काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं साजिश के तहत पहले जलावन के नाम पर इन पेड़ों की छाल छील ली जाती है। जिससे पेड़ धीरे धीरे सूख जाते हैं। तब उन्हें आराम से काट कर उपयोग में ले आया जाता है। हरियाली के इन दुश्मनों को रोकने वाला कोई नहीं। अररिया कोर्ट स्टेशन उससे आगे चंद्रदेई की तरफ जाने वाली सड़क में करोड़ों रुपयों की कीमत के पेड़ थे। लेकिन उन्हें आराम से काट लिया गया। आखिर ये किसकी संपत्ति हैं? वन परिसर पदाधिकारी हेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि सड़क किनारे जिन वृक्षों को रोपण व संधारण वन विभाग द्वारा किया जाता है, उन्हें पीएफ व आरएफ की श्रेणी में रखा जाता है और उनकी रक्षा का दायित्व भी वन विभाग का है। उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़कों के तट पर लगे पुराने पेड़ पीडब्लुडी या संबंधित विभाग की संपत्ति हैं। उनकी रक्षा व संधारण भी उन्हीं को करना है। सिर्फ वैसे पेड़ जिन्हें पीएफ या आरएफ की श्रेणी के तहत रखा गया है, वन विभाग की निगरानी में हैं। इधर, जानकारों की मानें तो डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के स्वामित्व वाली सड़कों पर लगे पेड़ सर्वाधिक कट रहे हैं। लेकिन निगरानी की कमी साफ नजर आती है। इतना ही नहीं डिस्ट्रिक्ट बोर्ड अपने पेड़ों की बगैर सूचना के ही आक्शन भी कर देता है।

अभाविप राज्य में चलाएगी आंदोलन: प्रदेश मंत्री


अररिया : राज्य के विश्वविद्यालयों में व्याप्त घोर शैक्षिक अराजकता, कुलपति से लेकर कुलाधिपति कार्यालय तक भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। सारे विश्वविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा व परिणाम में भारी अनियमितता बरती जा रही है। इन सब के विरुद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूरे राज्य में आंदोलन चलाएगी। यह बात परिषद के प्रदेश मंत्री सह मंडल विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य प्रवीण कुमार ने गुरुवार को अररिया में पत्रकारों से कहीं। परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रो. महेन्द्र प्रताप सिंह के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में श्री कुमार ने कहा कि 22 से 27 जुलाई तक राज्य के सभी विश्वविद्यालय में भ्रष्ट कुलपति हटाओ, छात्र संघ का चुनाव कराओ की मांग को लेकर रैली, धरना प्रदर्शन किया जायेगा। श्री कुमार ने केंद्र सरकार व राज्यों की सरकार पर निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ावा के कारण निर्धन मेघावी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जायेंगे। प्रवीण कुमार ने कहा कि परिषद अपना स्थापना दिवस 9 जुलाई को छात्र दिवस के रूप में मनायेगी। इस दिन झंडोत्तोलन, प्रतिभा सम्मान समारोह, गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. एमपी सिंह, जिला प्रमुख प्रो. एसके झा, प्रांतीय सदस्य कुणाल प्रियदर्शी, सुकांत आदर्श, नगर अध्यक्ष प्रो. अनिल मिश्रा आदि मौजूद थे।

विद्यालय की कमी बनी नारी शिक्षा में बाधक


सिकटी(अररिया) : सरकार की तमाम घोषणाओं के बावजूद प्रखंड क्षेत्र के पंचायतों में छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करना गंभीर चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि प्रखंड क्षेत्र के गांवों के आसपास उच्च विद्यालय नहीं होने से लड़कियां मिडिल स्कूल से आगे की शिक्षा पाने से वंचित रह जाती है तथा अपने भाग्य को कोसने के लिए विवश है।
प्रखंड क्षेत्र के गांवों से पाच-दस किलेामीटर की दूरी तय करके लड़कियां बरदाहा, सिकटी, कुर्साकांटा अथवा कुवाड़ी उच्च विद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं, जबकि अभिभावक अपनी लड़कियों को इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजने से कतराते हैं। जिस कारण सिकटी प्रखंड क्षेत्र के गांवों की लड़कियों को नवीं एवं दसवीं में ही मजबूरन पढ़ाई छोड़ देनी पड़ती है। पढ़ाई छुटने के बाद अभिभावक कम उम्र में ही उनकी शादी में जूट जाते हैं। इस तरह व्यवस्था के अभाव में लड़कियों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। क्षेत्र से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ललक रखने वाली कुछ लड़कियां अपनी जान हथेली पर रख कर अपनी लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से बरदाहा, सिकटी, कुआड़ी, कुर्साकांटा उच्च विद्यालय पढ़ने जाती है। कभी-कभी वाहन नही मिलने से पैदल चलकर वापस घर आना कितना कष्टप्रद होता है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस कारण लड़कियां अपने साथ किसी अप्रिय घटना घटित होने के डर से सशंकित रहती है। ग्रामीणों द्वारा वर्षो से उच्च विद्यालय खोलने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं किन्तु उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही है।