फारबिसगंज(अररिया) : शहर गांव के मुख्य स्थानों को रोशन करने की योजना लूट खसोट की भेंट चढ़ गई। करोड़ों रुपये की लागत वाली हाई मास्ट लाइट वर्षो बाद भी अंधेरा नहीं भगा सका है। हालांकि कई जगहों पर हाइमास्क लाइट के बड़े बड़े खंभे जरूर खड़े कर दिए गए, लेकिन इसके आगे का काम नहीं हो सका। अनियमितिता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके करोड़ों रूपये की लागत वाली हाई मास्ट लाइट योजना की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। सांसद विधायक सहित अन्य मदों वाली संयुक्त फंड की राशि से फारबिसगंज अनुमंडल मुख्यालय में दर्जनों हाई मास्ट लाइट लगाया जाना था। इसके लिए बिजली के बड़े बड़े खंभे भी मंगाए गए थे। जिससे कुछ जमीन पर पड़ा है तो कुछ खड़े कर दिए गए, लेकिन इसमें न तो बिजली के बल्ब लगाए गए और न ही बिजली की आपूर्ति। करीब पांच वर्ष पुरानी इस महत्वाकांक्षी योजना के फ्लाप होने का एहसास एक वर्ष पूर्व प्रशासन को हुआ था तो काफी हो हंगामा मचा था। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर योजना से संबंधित संवेदक के खिलाफ अररिया नगर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी, लेकिन परिणाम सिफर रहा। कई जगहों पर बेजान सा पड़ा हाई मास्ट लाइट का खंभा लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है। न तो प्रशासन ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने ही खंभों पर बल्ब जलवाने का समुचित प्रयास किया। जबकि स्थानीय लोग आज भी इस रोशनी के चमक का इंतजार कर रहे हैं। हाई मास्ट लाइट के जलने से शहर के कई चौराहों और सरकार प्रतिष्ठानों के आसपास रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होती। शहर के रेफरल अस्पताल परिसर, सुभाष चौक, पटेल चौक सहित कई जगहों पर इन खंभों की दुर्दशा देखी जा सकती है।
Sunday, May 6, 2012
अंधेरा नहीं भगा सका हाइमास्टलाइट
फारबिसगंज(अररिया) : शहर गांव के मुख्य स्थानों को रोशन करने की योजना लूट खसोट की भेंट चढ़ गई। करोड़ों रुपये की लागत वाली हाई मास्ट लाइट वर्षो बाद भी अंधेरा नहीं भगा सका है। हालांकि कई जगहों पर हाइमास्क लाइट के बड़े बड़े खंभे जरूर खड़े कर दिए गए, लेकिन इसके आगे का काम नहीं हो सका। अनियमितिता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके करोड़ों रूपये की लागत वाली हाई मास्ट लाइट योजना की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। सांसद विधायक सहित अन्य मदों वाली संयुक्त फंड की राशि से फारबिसगंज अनुमंडल मुख्यालय में दर्जनों हाई मास्ट लाइट लगाया जाना था। इसके लिए बिजली के बड़े बड़े खंभे भी मंगाए गए थे। जिससे कुछ जमीन पर पड़ा है तो कुछ खड़े कर दिए गए, लेकिन इसमें न तो बिजली के बल्ब लगाए गए और न ही बिजली की आपूर्ति। करीब पांच वर्ष पुरानी इस महत्वाकांक्षी योजना के फ्लाप होने का एहसास एक वर्ष पूर्व प्रशासन को हुआ था तो काफी हो हंगामा मचा था। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर योजना से संबंधित संवेदक के खिलाफ अररिया नगर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी, लेकिन परिणाम सिफर रहा। कई जगहों पर बेजान सा पड़ा हाई मास्ट लाइट का खंभा लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है। न तो प्रशासन ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने ही खंभों पर बल्ब जलवाने का समुचित प्रयास किया। जबकि स्थानीय लोग आज भी इस रोशनी के चमक का इंतजार कर रहे हैं। हाई मास्ट लाइट के जलने से शहर के कई चौराहों और सरकार प्रतिष्ठानों के आसपास रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होती। शहर के रेफरल अस्पताल परिसर, सुभाष चौक, पटेल चौक सहित कई जगहों पर इन खंभों की दुर्दशा देखी जा सकती है।
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