कुर्साकांटा: प्रखंड का कुआड़ी हाट आजादी के 64 वर्ष बाद भी अपने भाग्य पर आंसू बहा रहा है। सुशासन में भी इस हाट की तस्वीर नहीं बदली। जबकि इस हाट से सरकार को हर साल लाखों का राजस्व मिल रहा है।
हाट में जगह जगह कूड़े कचरे का अंबार, जलजमाव व सड़े गले वस्तुओं का ढेर लगा रहता है। दुर्गध से लोग परेशान रहते हैं। हाट की जमीन अतिक्रमण की शिकार है। जिस कारण दुकानदारों, साग सब्जी बेचने वालों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।
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