Thursday, December 16, 2010

मुहर्रम को लेकर जिला प्रशासन सतर्क

अररिया, संसू: शुक्रवार को होने वाले मुहर्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पर्व के बहाने पूर्व दुश्मनी का बदला लेने के उद्देश्य रखने वाले उपद्रवियों तथा असामाजिक तत्वों से निबटने के प्रशासन ने पुख्ता तैयारी की है। जिन-जिन क्षेत्रों में तजिया जुलूस निकाला जाता है एवं करबला मैदान में अखाड़ा बनाया जाता है उन सभी क्षेत्रों में 48 घंटे तक के लिए दंडाधिकारी एवं पुलिस बालें की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है। प्रभारी डीएम सह एडीएम कपिलेश्वर विश्वास तथा एसपी विनोद कुमार द्वारा मुहर्रम पर्व को लेकर एक संयुक्त आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक नगर थाना, कुर्साकांटा, ताराबाड़ी, पलासी, जोकीहाट, फारबिसगंज, बथनाहा, सिमराहा, जोगबनी तथा नरपतगंज थाना क्षेत्रों में कुल 111 दंडाधिकरी एवं 111 पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है। इनकी डयूटी गुरूवार अपराह्न से शनिवार के संध्या तक है। जारी संयुक्तादेश में यह कहा गया है कि शुरूवार को पूरा दिन जिले की तमाम शराब दुकानें बंद रहेगी तथा जुलूस में शराब पीकर शामिल होने पर पाबंदी लगाई गयी है अररिया शहरी क्षेत्र में फारबिसगंज पक्की सड़क के पूरब कार्यपालक दंडाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तथा पश्चिमी ओर देवेन्द्र राम गश्त करेंगे। वहीं फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र में डीसीएलआर मुकेश कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी शोभा रानी तथा फारबिसगंज सीडीपीओ को सुरक्षित दंडाधिकारी के रूप में रखा गया है। जिला प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पुलिस बलों की मानिटरिंग दोनों एसडीओ एवं एसडीपीओ करेंगे।

डायरिया पीड़ितों की संख्या में वृद्धि

कुसियारगांव(अररिया),संसू: ठंड की शुरूआत होते ही सदर अस्पताल अररिया में डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गयी है।
जानकारी अनुसार प्रखंड क्षेत्र के बसंतपुर टोला मानिकपुर के दो वर्षीय कमरूल, हैरपुर दियारी रानीगंज के बिजली कुमारी डेढ़ वर्षीय, घाट टोला बेलवा दो वर्षीय कलाम के दो वर्षीय सुमित कुमार व इंदुदेवी, गैयारी अंजनी देवी, बनगामा आदि पीड़ितों का इलाज लिए भर्ती कराया गया।

अभाविप का राष्ट्रीय अधिवेशन बंगलोर में 25 से

फारबिसगंज(अररिया),हमारे प्रतिनिधि: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 56 वां राष्ट्रीय अधिवेशन बंगलोर में आगामी 25 से 28 दिसंबर तक आयोजित किया जायेगा। अभाविप के राष्ट्रीय कार्य समिति सह बीएनएमयू के सीनेट सदस्य प्रवीण कुमार ने गुरूवार को छात्र प्रतिनिधियों की एक बैठक को सम्मानित करते हुए कहा। बताया कि चार दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन वंदना शिवा करेगी। जबकि इस वर्ष का यशवंत राव केलकर युवा पुरस्कार सुपर थर्टी पटना के निदेशक अरूण कुमार को प्रदान किया जायेगा। श्री कुमार ने बताया कि इसके अलावा अधिवेशन में कई गंभीर समस्याओं तथा शिक्षा का व्यापारीकरण, राजनैतिक भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा के साथ आगामी रणनीति की तैयारी की जायेगी। बतया कि अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन भी किया जायेगा।
बैठक में मनोरंजन मेहता, कुणाल प्रियदर्शी, शैलेन्द्र देव, विवेकानंद सिंह, कौशल कुमार, प्रीतम भगत, अरविंद राज, अभिषेक , मुकेश कुमार, सत्यवान, रमेश, पिंटू यादव, सूर्यभूषण, रामशंकर, सुबोध मोहन, दिलीप आदि उपस्थित थे।

Wednesday, December 15, 2010

गढहकाट गांव की किसी को सुधि नहीं

सिकटी(अररिया),संसू: प्रखंड के बोकंतरी पंचायत का गढहकाट गांव आजादी के बाद से अब तक अविकसित रहते हुए सड़क विहीन होकर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बाढ़ के पानी से खंडित सड़कें पगडंडियों का स्वरूप ले चुकी है तो गांव के बगल से बहने वाली धारा ने मुख्य सड़क पर रेतनुमा कुंड बना दिया है।
गांव की भौगोलिक स्थिति इसे प्रखंड मुख्यालय एवं किसी भी तरफ से मुख्य सड़क नहीं जोड़ सकी है। एक रास्ता जो सैदाबाद होकर सिकटी विलायती बाड़ी पथ को छूती है कटान से पगडंडी का शक्ल ले रखा है। दूसरी सड़क पनभिजुआ होकर डोम सड़क में मिलती है जो पुरानी मरिया धार के निकट कुंड का रूप ले रखा है। बरसात के दिनों में इस गांव में बीमारियों का इलाज भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। क्योंकि गांव से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। इस बाबत वहां के कई ग्रामीण जिन्होंने नाम नहीं छपने के शर्त पर बताया कि पंचायती राज के स्थानीय प्रतिनिधि वोट की राजनीति के तहत इस इलाके में कोई काम नहीं कर रहे है। मात्र पंचायत के विकास की रोशनी पनभिजुआ तक ही आता है। वहीं मुखिया प्रतिनिधि निर्मल मंडल ने बताया कटान की समस्या एवं बड़े पुल का निर्माण पंचायतों के उपलब्ध संसाधन से कतई संभव नहीं हो सकता है। इसके बावजूद छोटे छोटे कई कार्य किये गये है। सबसे अहम बात यह है कि बोकंतरी पंचायत में पड़ने वाला यह गांव पूर्व विधायक मुरलीधर मंडल का गृह पंचायत भी है। इसके बावजूद गांव की हालत..। इतना ही वर्ष 2001 से 2006 तक इसी गांव में मुखिया भी रहे फिर भी..। बहरहाल इस गांव को किसी उद्वारक की तलाश है जो इसे विकसित करने का काम करें।

आदिवासियों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

जोकीहाट(अररिया),निज प्रतिनिधि: यूं तो सरकार महादलितों, आदिवासियों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रखी है। लेकिन जोकीहाट प्रखंड स्थित दभड़ा पंचायत के ललुवाबाड़ी गांव में जमीन के अभाव में वर्षो से दर्जनों आदिवासी परिवार सड़क पर घर बनाकर जीवन बसर करने को मजबूर है। इंदिरा आवास, पेयजल स्कूल स्वास्थ्य की बात छोड़िये इन्हे अब तक घर बनाने के लिए बासगीत पर्चा तक सरकार मुहैया नहीं करा पायी है। हालांकि पिछले तीन वर्षो में कई प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने गांव का दौरा कर आदिवासियों को सभी सरकारी सहायता मुहैया कराने का कोरा आश्वासन दिया लेकिन इन्हें आज तक आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिला। निताई मुर्मु एवं धूमा बासुकी ने बताया कि सैकड़ों बार प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का चक्कर काटते रहे लेकिन बासगीत पर्चा हमें नहीं मिला। गांव के आसपास विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है जिससे बच्चों को शिक्षा दीक्षा मिल सके। पेयजल चापाकल तक नहीं है। जिससे पेयजल की समस्या बनी रहती है। विद्यालय के बिना दर्जनों बच्चे सड़कों पर घूमते रहते है। अन्त्योदय, अन्नपूर्णा योजना का भी लाभ गांव के अधिकांश लोगों को नहीं मिलता है। दभड़ा के मुखिया रवींद्र मंडल से पूछने पर बताया कि बासगीत पर्चा आदिवासी परिवारों को नहीं मिला है। इसलिए इंदिरा आवास जैसी सुविधाओं का लाभ इन परिवारों को नहीं मिल रहा है। धूमा बासुकी ने बताया कि हमे डर है कि सड़क में बना घर भी हमारा कहीं उजड़ न जाये। इसलिए बासगीत पर्चा के सिलसिले में पूछने पर जोकीहाट अंचल पदाधिकारी अबुल हुसैन ने बताया कि बासगीत पर्चा बनाने को लेकर कार्य प्रगति पर है। जल्द ही आदिवासियों को बासगीत पर्चा मुहैया करा दी जायेगी। जो भी हो सरकार द्वारा आदिवासियों के विकास के लिए योजनाओं का लाभ जोकीहाट प्रखंड के आदिवासियों को नहीं मिलना विकास की पोल खोल रही है। आज भी प्रखंड में सैकड़ों महादलितों एवं आदिवासियो के परिवार गृह विहीन है।

सिकटी में इंदिरा आवास योजना विफल

सिकटी(अररिया),संसू: प्रखंड में ग्रामीण गरीबों के लिये सरकार द्वारा चलायी जा रही इंदिरा आवास योजना में बिचौलिये सक्रिय हैं। जिस कारण इस प्रखंड में करोड़ों की राशि खर्च के बावजूद योजना सरजमीन पर नहीं उतर पायी है।
लाभुकों की व्यथा यह है कि बिचौलियों के चंगुल में फंसा इस योजना की पूरी राशि उनतक नहीं पहुंच पा रही है और न ही प्रशासनिक अधिकारी योजनाओं की सही ढंग से अनुश्रवण ही कर रहे हैं। जिसके चलते सिकटी प्रखंड में यह योजना अधूरे मकान के साथ आज तक धरातल पर नहीं पहुंच सका है।
वित्तीय वर्ष 2009-10 में सिकटी प्रखंड को 4201 इकाई इंदिरा आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ। जिसमें लाभुकों को बीपीएल सूची के आधार पर बैंक में खाता के माध्यम से क्रमश चौबीस हजार एवं ग्यारह हजार कुल पैंतीस हजार की राशि आवंटित की गयी। इसके बावजूद बैंकों से भुगतान को लाभुक परेशान रहे और अंतत: बिचौलियों का माध्यम से भुगतान के एवज में पांच से दस हजार तक की राशि काटी गयी। फिर इस परिस्थिति मकान का निर्माण कहां तक संभव है। अगर पिछले पांच वर्ष इंदिरा आवास मद में हुए खर्च का आकलन कर तो शायद करोड़ों का सीमा पार कर सकता है। वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2010-11 के आवंटन में लाभुकों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन प्रखंड कार्यालय से पारदर्शिता के आधार पर लाभुकों को अपने सूची स्थान का पता नहीं चल पाता है और वो इस बार फिर बिचौलिए के योजना का लाभ नहीं मिलने के डर में अवैध राशि काटने का नगद भुगतान करने को तैयार दिखते हैं। कारण जागरूकता का अभाव माना जा सकता है। इस योजना का आलम यह है कि चाहे सहायक हो या अधिकारी एक दूसरे के नाम पर लोगों को सही बीपीएल सूची की जानकारी नहीं दे रहे हैं। ऐसी भी शिकायत हो रही है कि जिन्हें नहीं मिला उनका नाम काटा जा रहा है जो पूर्व से लाभान्वित है उनका न्यारा बारा है। बहरहाल यह योजना में बना मकान खुद अपनी स्थिति दिखाकर अपना हाल बता रहे हैं।

मछली नहीं जहर खा रहे हैं लोग

अररिया, निसं: बाजारों में मिल रही मिलावटी खाद्य पदार्थ की तरह अब मछलियां भी सुरक्षित नहीं रही। मछलियों में भी मिलावट का धंधा जोर पकड़ रहा है। यह धंधा किसी खाद्य पदार्थ की तरह नहीं बल्कि रासायनिक दवा डालकर की जाती है। चिकित्सक की मानें तो आंध्र प्रदेश एवं अन्य प्रांतों से आने वाली मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए उसमें फोरलिन नामक दवा डाली जाती है जो जहर के समान होती है। डा. एसके सिंह का मानना है कि दवा युक्त मछलियों के सेवन से कैंसर जैसे असाध्य रोग से पीड़ित होने की आशंका बढ़ जाती है। जांच का विषय यह है कि मछलियों में कितनी मात्रा में दवा डाली गयी है। जिले के 80 प्रतिशत लोगों को बाहरी मछलियों पर निर्भर होना पड़ रहा है। शादी ब्याह हो या फिर अन्य आयोजन, देशी मछलियों की कमी के कारण लोगों को आंध्रा की मछलियां खरीदने के लिए विवश होना पड़ता है। जो देखने में आकर्षक एवं बड़ी बड़ी तो होती है लेकिन ताजा बिल्कुल नहीं। बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियां इस क्षेत्र में आठ दिन बाद पहुंचती है। आंध्र प्रदेश से मछलियां उत्तर बिहार के सिलीगुड़ी, मालदह एवं अन्य शहरों में स्थित बड़े बड़े गोदामों में पहुंचते है। उसके बाद छोटे छोटे व्यापारियों के माध्यम से बाजारों में पहुंचाया जाता है। इस दौरान उसे लगातार बर्फ की सिल्लियों पर रखी जाती है। फिर मछली को फोरलीन की सूई डालकर ताजा दिखने लायक बनाया जाता है। मछली के शौकीन लोग इसे ताजा जानकर खरीदते तो हैं लेकिन वह कई कई दिनों का होता है। ऐसे खरीददारों को तब पता चलता है जब मछली खाने में स्वादहीन लगती है। इधर कई मछली व्यापारियों का कहना है कि वे लोग प्रतिदिन एक क्विंटल मछली स्टाक में रखते है। स्टाक वाली मछली को तबबेचा जाता है जब दूसरे दिन मछली उनके पास पहुंच जाती है। इस दौरान मछली में बर्फ एव दवा डालने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है।

पीएचसी: मरीजों की भीड़ बढ़ी पर सुविधाएं नदारद

कुर्साकांटा(अररिया),निसं: स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है। किंतु चिकित्सकों व संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुर्साकांटा पीएचसी में खासकर प्रसव कराने आने वाली महिला मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
आज सभी अस्पतालों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जननी एवं बाल सुरक्षा योजना के तहत सुरक्षित प्रसव कराने हेतु जो सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है उसमें मातृ एवं शिश मृत्यु दर में काफी सुधार हुआ है। राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में 1400 रूपये भी दिया जाता है। इतना ही नहीं आशा कर्मियों को भी अपने पोषक क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल लाकर कराने के लिए प्रति प्रसव 500 रूपये दिया जा रहा है। बावजूद बिहार जैसे अत्यन्त पिछड़े प्रदेश में शिशु मृत्यु दर औसतन अभी भी 300 से अधिक है।
सरकार के प्रयास से व्यवस्था में सुधार तो हुआ तथा इसी वजह से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ भी बढ़ी। लेकिन जिस अनुपात में अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ी स्थानीय अस्पताल में उस अनुपात में सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में बेड तक उपलब्ध नहीं है। वहीं चिकित्सक की कमी के कारण मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है। बेड की कमी के कारण प्रसव के उपरांत पीड़ितों को फर्श पर लिटाना अस्पताल कर्मियों की मजबूरी है। कठिन परिस्थिति में सुविधा के अभाव में प्रसुता को रेफर कर दिया जाता है। यहां आपातकालीन व्यवस्था का अभाव है। न तो ऑक्सीजन उपलब्ध है न रक्त और न ही जांच के लिए आवश्यक उपकरण। ज्ञात हो कि प्रसव सुविधा को चुस्त दुरूस्त करने के लिए मातृत्व सुरक्षा प्रदान के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 750 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। परंतु अस्पताल में प्रसव कराने पहुंचने वाली महिलाओं में बढोतरी के अनुपात में चिकित्सकों की कमी दिख रहा है। प्रखंड के तेरह पंचायतों के 2 लाख से अधिक की आबादी इसी पीएचसी पर निर्भर है। जहां तीन चिकित्सक कार्यरत हैं। प्रभारी चिकित्सा पदा. डा. राजेन्द्र कुमार एवं प्रबंधक प्रेरणा वर्मा ने बताया कि प्रतिदिन आउटडोर में औसतन 150 मरीजों का इलाज किया जाता है। प्रसुता की संख्या में वृद्धि के बाबत उन्होंने कहा कि 2008 में 1165 महिलाओं का प्रसव हुआ। वहीं 09 में 2769 एवं 2010 के नवंबर माह तक 500 से अधिक प्रसव कराया जा चुका है।

महिला सुरक्षा के लिए बने कानून का हो रहा दुरूपयोग

अररिया, विसं:शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा जिला अररिया में महिला सुरक्षा के लिए बने कानून का दुरूपयोग हो रहा है। महिला प्रताड़ना, दहेज निषेध अधिनियम, भरण पोषण समेत घरेलू हिंसा अधिनियम जैसे कानूनों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना व सुखद जीवन जीने से संबंधित है। लेकिन सीमावर्ती इस पिछड़े जिले में ये अधिनियम आर्थिक शोषण का जरिया बन गया है। कहीं ससुराल वालों को तो कहीं संबंधित पक्षकारों को इसके द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा है।
महिलाओं को प्रताड़ना से मुक्ति के लिए भादवि के तहत धारा 498 ए बना है। जो गैर जमानतीय व नन कम्पाउण्डेबुल है। इन धाराओं में केश दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी तय मानी जाती है। इसी लिए इन धाराओं का उपयोग भी यहां आर्थिक दोहन के लिए अधिक किया जा रहा है।
जानकारों की मानें तो अदालत में ऐसे कई मामले दायर हो रहे हैं जिसमें अप्रत्यक्ष आर्थिक शोषण के बाद केश में पैरवी नहीं की जाती है तथा केश आगे नहीं लड़ने का आवेदन या संधी पत्र लगा दिया जाता है। हो जाने की बात सामने आया है। इसमें वादी बनी महिला का रोल काफी अहम होता है।
साथ ही समाज के कथित ठेकेदार भी इसमें मुख्य भूमिका निभाते हैं।
अररिया थाना कांड संख्या 189/09 को ही लें। यह प्राथमिकी 07 मई 09 को दर्ज हुई। भादवि की धारा 489 ए के इस मामले में मास्टर मुस्लिम, अब्दुल कुद्दुस, मो. आलम आदि आरोपी बने। परंतु अनुसंधानकत्र्ता बनी पुलिस ने करीब एक वर्ष बाद इस घटना को फाल्स करार दिया।
सिमराहा के पुरन्दाहा लक्ष्मीपुर टोला निवासी बीबी असमती खातून ने अपने पति मो. इम्तियाज, सास, ससुर, भैंसुर व सौतन बीबी रूबी समेत कई के विरूद्ध नारी प्रताड़ना का केश दर्ज कराया। व्यवहार न्यायालय में केश संख्या 1332सी/10 दायर हुआ। परंतु बाद में उसी महिला ने केश नहीं लड़ने का आवेदन कोर्ट में दाखिल कर दिया तथा बाद में अपनी कोई अभिरूचि नहीं दिखाई। जिससे केश खारिज हो गया।
यही हाल केश नंबर 1974सी/10 का है। फारबिसगंज के घोड़ाघाट की अफरोजा खातून ने अपने पति आदि पर केश दायर की। नारी प्रताड़ना व दहेज का आरोप लगाया। परंतु बाद में केश नहीं लड़ने का आवेदन कोर्ट में दाखिल कर दी।
अररिया थाना कांड संख्या 87/09 में नारी प्रताड़ना का एक मामला कई लोगों के विरूद्ध दर्ज हुआ। अररिया कोर्ट में सिमराहा की बीबी शाहीन ने अपने पति मो. अख्तर समेत कई को आरोपित किया। अभियोग पत्र संख्या 273सी/09 को शीघ्र प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने का आदेश पुलिस को दिया गया। परंतु इसमें भी अब तक फलाफल नगण्य है।
वहीं बांसबाड़ी की बीबी नुजहत बानू ने अपने पति मो. जावेद आलम, सौतन बीबी हसीना आदि पर नारी प्रताड़ना का केश दर्ज कराया परंतु मामला लटका पड़ा है।
बीबी रवीना खातून ने अपने सौहर पति वकील समेत कई लोगों पर नारी प्रताड़ना का केश दायर की। जिसमें मारपीट कर घर से भगाने का आरोप लगाया गया। बाद में उसी ने अपने पति व अन्य के साथ मधुर संबंध स्थापित हो जाने का आवेदन कोर्ट में दिया तथा संधि के आधार पर केश समाप्त किया गया।
इस तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून तो बनाये गये हैं परंतु इन कानूनों का कतिपय पत्‍ि‌नयां व महिलाएं खुलेआम दुरूपयोग कर रही हैं।
गरीबी व अशिक्षा का दंश झेल रहे इस सीमावर्ती जिले में ऐसे कई मामले हैं जो सिर्फ आर्थिक भयादोहन के लिए दर्ज किये जाते हैं और स्वार्थ सिद्ध होते ही उसे वापस ले लिया जाता है।

एक दर्जन से अधिक महादलित परिवार रह रहे शौचालयों में

अररिया, संसू: दलित -महादलित के नाम पर सरकार व प्रशासन कई कल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। बाजवूद महादलित परिवारों तक उसका लाभ नहीं पहुंच पाया है। अररिया में आज भी दर्जनों महादलित परिवार विभिन्न शौचालय में जिंदगी गुजारने को विवश हैं। उन्हें रहने के लिए आज तक न तो जमीन मिल पाया है और न ही मकान। जबकि राज्य सरकार ने भूमिहीन महादलित परिवारों को बसाने के लिए तीन डिसमिल जमीन मुफ्त देने की घोषणा कर चुकी है। साथ ही उस पर इंदिरा आवास बनाने का निर्देश भी प्रशासन को दिया गया है। लेकिन इसका फायदा आज तक जिला मुख्यालय स्थित शौचालयों में रहने वाले दर्जनों महादलितों को नहीं मिला है। इस संबंध में अपर समाहत्र्ता कपिलेश्वर विश्वास बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के महादलित परिवारों को जमीन व आवास देने की सुविधा अवश्य है जबकि शहरों में रहने वाले ऐसे परिवारों के लिए अभी कोई राशि नहीं है।
अररिया शहर के समाहरणालय भवन से सटे नगर परिषद का सुलभ शौचालय, सदर अस्पताल शौचालय तथा जिला परिषद के विकास मार्केट स्थित शौचालय आदि जगहों के अलावा पलासी प्रखंड मुख्यालय में बने शौचालय में दर्जन भर से अधिक सफाई कर्मी व उनके परिवार जिंदगी काट रहे हैं।
जिला सांख्यिकी भवन के निकट शौचालय में परिवार लेकर रहने वाले नंद लाल मल्लिक ने कहा कि डीएम से लेकर कमिश्नर तक से फरियाद लगायी लेकिन आज तक कहीं भी रहने के लिए जमीन नहीं दिया गया। वहीं नप के शौचालय में पिछले 15 वर्षो से पूरे परिवार के साथ जीवन काट रहे दुखा मल्लिक की कहानी कुछ अलग ही है। वे कहते हैं कि सभी महादलितों के नाम पर राजनीति करते हैं, घोषणा करते हैं लेकिन हम तक कुछ नहीं पहुंच पाता। वहीं अस्पताल के शौचालय में रहने वाले सुरेश मल्लिक तथा विकास मार्केट शौचालय में रहने वाले मैना मल्लिक ने बताया कि हमलोग डीएम के जनता दरबार तक अपनी समस्या को लेकर गुहार लगा चुके हैं लेकिन इतने दिन बीत जाने के बावजूद अब तक जमीन, आवास नहीं मिला। वे कहते हैं कि इसी शौचालय में बच्चे का जन्म भी होता है तथा यहीं से अर्थी भी उठती है।
इस संबंध में अपर समाहत्र्ता कपिलेश्वर विश्वास का कहना है कि महादलित समुदाय को तीन डिस्मिल जमीन देने का प्रावधान सिर्फ ग्रामीण इलाकों के लिए है। शहरी क्षेत्र के शौचालय में महादलित समुदाय के रहने की उन्हें जानकारी तक नहीं है।
कुल मिलाकर राजनेता भी महादलित के नाम पर अपनी राजनीति की रोटी सेंकते हैं। और उनके लिए आवाज नहीं बुलंद कर पाते हैं।

प्रशिक्षित शिक्षक सूची में गड़बड़ी से नाराजगी

अररिया,संस: प्रशिक्षित शिक्षकों के सूची में गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। प्रशिक्षकों शिक्षकों की बहाली के लिए सरकार द्वारा बनाई सूची में भारी गड़बड़ी की गयी है। इसको लेकर एक बैठक मुस्लिम लीग के जिलाध्यक्ष अबुल हसन एवं सचिव मौलाना आसिफुर्रहमान के आरोप लगाया है कि सूची बनाने में विज्ञापन द्वारा दिये गये शर्तो व नियमों की अनदेखी की गयी है। एक संवाददाता सम्मेलन में उनलोगों ने कहा कि उर्दू शिक्षकों की बहाली के लिए 12 हजार 862 रिक्त पदों के विरूद्ध 7800 आवेदन पड़े। इसके बावजूद सरकार ने मात्र 5124 की सूची बनाई है। सूची में अनियमितता बरतकर हजारों सही अभ्यर्थियों को वंचित कर दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर अभ्यर्थी ने सर्वोच्च न्यायालय में एक मामला दायर कर जांच की मांग की है।

पारिवारिक कलह से तंग युवक ने किया आत्मदाह

फारबिसगंज(अररिया),जासं: फारबिसगंज थाना क्षेत्र के कुढ़ैली गांव में मंगलवार की रात पारिवारिक कलह से एक युवक ने आत्मदाह कर ली। करीब 17 वर्षीय महादलित परिवार का गरीब युवक अगहन ऋषिदेव अपने घर के सदस्यों के साथ मारपीट करने के बाद खेत में जाकर शरीर पर तेल डाल लिया और खुद को आग के हवाले कर लिया। जहां उसकी मौत घटना स्थल पर ही हो गयी। परिजनों के अनुसार अगहन ऋषिदेव मानसिक रूप से विक्षिप्त था और बात बात पर घर में मां बाप तथा अपनी भाभी के साथ मारपीट करता था। इधर घटना की सूचना मिलने पर फारबिसगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर युवक के शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। शव को अंत्य परीक्षण के लिए बुधवार को अररिया भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि कुढैली गांव निवासी बीजल ऋषिदेव के चार पुत्रों में से एक अगहन ऋषिदेव काफी गुस्सैल और मानसिक रूप से विक्षिप्त था, जो शराब के नशे में परिजनों के साथ मारपीट करता रहता था। मंगलवार की रात को भी उसने मां बाप तथा भाभी के साथ मारपीट की और खेत में जाकर शरीर पर किरासन तेल डाल कर स्वयं को आग के हवाले कर दिया। वहां पुआल भी रखा हुआ था। ग्रामीणों ने आग बुझा कर युवक को बचाने का प्रयास किया। लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद बस्ती के सभी लोग रात को ही डर से भाग खड़े हुए।
पिता के द्वारा बेटे के शराब पीने पर आये दिन फटकार लगायी जाती थी। लेकिन युवक नशा छोड़ने के बदले पिता से झगड़ा करता रहता था। बेटे की मौत से मां बाप का रो रोकर हाल बुरा है।

अररिया: पूर्व डीएम एएन सिंह का बेल रिजेक्ट

अररिया, विसं: इंदिरा आवास योजना से संबंधित आठ करोड़ सरकारी राशि के गबन के लंबित मामले में आरोपी अररिया के तत्कालीन जिला पदाधिकारी अमरेन्द्र नारायण सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी बुधवार को अररिया के वरीय अदालत ने खारिज कर दिया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिनांक 30 मई 10 को विकास यात्रा के दौरान जब अररिया पहुंचे थे तो समीक्षा बैठक के दौरान इंदिरा आवास की आठ करोड़ राशि गबन का मामला उजागर हुआ था। इसके पश्चात वर्तमान जिला पदाधिकारी निर्देश पर नगर थाना में 24 जून 10 को कांड संख्या 283/10 दायर हुआ। इस मामले में अररिया के तत्कालीन जिला पदाधिकारी अमरेन्द्र ना. सिंह, तत्कालीन डीडीसी बाल्मिकी प्रसाद, कार्यपालक अभियंता रामाकांत शर्मा, सहायक अभियंता दीपक कुमार, मुकेश कुमार सिंह तथा धनपत मोदी समेत कनीय अभियंता वीर बहादुर सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया। इस मामले में अनुसंधान कत्र्ता अररिया के पुलिस इन्सपेक्टर अनिल कुमार को बनाया गया। उसके बाद अररिया की अदालत द्वारा उक्त आरोपियों के विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होते ही पुलिस इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास तेज कर दिया। तब तत्कालीन जिला पदाधिकारी अमरेन्द्र नारायण सिंह की ओर से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र मिश्रा की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी संख्या 628/10 दाखिल किया गया।
इस मामले में बुधवार को अररिया की उक्त अदालत ने सुनवाई के पश्चात तत्कालीन जिला पदाधिकारी श्री सिंह की जमानत अर्जी को अस्वीकृत कर दिया। अनियमितता की चर्चा के पश्चात सार्थक कार्रवाई को बल मिल सका है।

पेट की आग में जल रहा बालपन

अररिया, जागरण प्रतिनिधि: पेट की आग के नाम पर स्वाहा हो रहा है अररिया जिले का बचपन। बचपन बचाने के तमाम प्रयास यहां बौने पड़ रहे हैं। जिले के सैकड़ों होटलों,चाय दुकानों, सरकारी विकास योजनाओं व ईट-भट्ठों में बाल श्रमिकों को काम करते हुए खुलेआम देखा जा सकता है। इतना ही नहीं, बचपन स्वाहा करने वाले दलाल अब भी यहां सक्रिय हैं। गरीबी की मार से जूझ रहे गार्जियनों को चंद रुपयों की लालच देकर ये दलाल यहां के बच्चों को उत्तर प्रदेश की कालीन फैक्ट्रियों में ठूंस देते हैं, जहां उनका बचपन लगातार सिसकने पर विवश हो जाता है।
अररिया जिले में लगभग दस लाख बच्चे हैं। जिनमें से जीरो से पांच साल तक की उम्र वाले बच्चों के की संख्या साढ़े चार लाख बतायी जाती है। सर्व शिक्षा अभियान के आंकड़ों को देखें तो तकरीबन पचास हजार बच्चे ऐसे हैं, जो स्कूल में नामांकित रहने के बावजूद स्कूल नहीं जाते।
जानकारों के मुताबिक जागरूकता की कमी, गरीबी, व अशिक्षा के कारण ऐसे बच्चों के गार्जियन अपने बच्चों को काम पर लगा देते हैं। इतना ही नहीं, पैसों की लालच में बच्चों को यूपी की कालीन फैक्ट्रियों में भी बेच दिया जाता है। विगत एक डेढ़ दशक के आंकड़ों को देखें तो डेढ़ सौ से अधिक बच्चों को कालीन कारखानों के कथित कारावास से मुक्त करवाया जा चुका है। लेकिन भूख, गरीबी व अशिक्षा का त्रिकोण उन्हें फिर से वहीं झोंक देता है।
जिले में बड़ी संख्या में कार्यरत ईट भट्ठों में भी बाल श्रमिक काम कर रहे बताये जाते हैं। लेकिन उन्हें मुक्त करवाने के प्रयास नगण्य हैं। प्रशासन का महकमा केवल खानापूर्ति में लगा रहता है। चिंहित बाल श्रमिकों को शिक्षा देने के लिये खोले गये बालश्रम स्कूल भी प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ गये हैं।

चार घर जले, हजारों की संपत्ति राख

भरगामा(अररिया),जाप्र: भरगामा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर दक्षिण पंचायत अंतर्गत विजय मुसहरी टोला में रविवार की रात्रि हुई आगजनी की घटना में चार घर समेत हजारों की संपत्ति जलकर राख हो गयी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग रात के करीब 11 बजे मसोमात शांति देवी के फूस के घर से उठी। जो आसपास के कम से कम तीन अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। अग्निकांड में घर के सभी सामान भी जलकर राख हो गये। हालांकि हो-हल्ला सुन कर लोग दौड़े भी। किंतु चार घर तथा घर की सभी समानों को बचाने में अंतत: नाकाम ही रहे। इधर, पंचायत के वर्तमान मुखिया दुर्गानंद सिंह ने अग्निपीड़ितों को अनाज, कपड़ा व अन्य आवश्यक सामानों का वितरण भी निजी स्तर से किया। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के कम से कम 24 घंटे बाद भी स्थानीय प्रशासन अग्निपीड़ितों की सुधि लेने नहीं पहुंची।

जनता के विश्वास को बरकरार रखेंगे आनंदी

सिकटी(अररिया), संसू: बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम सिर्फ बिहार ही नहीं पूरे भारत वर्ष में ऐतिहासिक रहा है। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्ष में किये गये विकास कार्य से पूरे बिहार को विकसित करने की जो जिम्मेदारी आपने दी है उस पर हमेशा खरा उतरने का प्रयास करूंगा। जनता के विश्वास को कायम रखना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। तत्काल विधानसभा के तीनों प्रखंडों में दो दो सड़क एवं पुल निर्माण कराने का प्रस्ताव आमजन की सहमति से लिया जायेगा। ये बातें सिकटी विधानसभा के भाजपा विधायक आनंदी प्रसाद यादव ने गत मंगलवार को प्रखंड के बरदाहा बाजार में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह के अवसर पर कही। विधायक ने भाजपा कार्यकर्ताओं एवं आमजन की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए नयी एनडीए सरकार के पिछले कार्यकाल की उपलब्धि एवं भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि नीतीश मोदी के पिछले कार्यकाल में महिला आरक्षण, महादलित उत्थान, भ्रष्टाचार निरोध तथा भय मुक्त सामाजिक संरचना पर लोगों ने विश्वास व्यक्त करते हुए समर्थन दिया है। जबकि नये कार्य काल में एपीएल, बीपीएल सुधार तथा इससे वंचित लोगों को राज्य सरकार अपने बूते पर राशन और किरासन की व्यवस्था करेंगी। केंद्र सरकार के दुर्भावना से आज बिहार को एक करोड़ तीस लाख बीपीएल में मात्र पैसठ लाख लोगों को सुविधा मिल रही है। शेष वंचित है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए अवैध रूप से जमा संपत्ति को जब्त कर उसमें सरकारी स्कूल खोलने का फैसला किया गया है। प्रखंड स्तर तक व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए जन सहयोग की जरूरत है। उन्होंने विगत सत्र में पीरगंज पुल के बचाव के लिए उठाये गये सवाल पर सरकार द्वारा पचासी लाख की राशि से तटबंध, चीरान तथा बोल्डर, पिचिंग कार्य करने एवं एक वर्ष के अंदर एबीएम सिकटी पथ का जीर्णोद्वार कराने की स्वीकृति की जानकारी दी। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अभिनंदन स्वरूप माल्यार्पण किया गया जिसमें जदयू नेता हरिश्चंद्र राय, मुखिया परवेज आलम, दिलीप सिंह, बबन झा, महेन्द्र यादव, काशीनाथ सिंह, भाजपा कार्यकर्ता शेखर झा, रणधीर झा, कपिल झा, छोटेलाल सिंह, मदन सदा, जयनारायण झा, रामकुमार, देवी प्रसाद सिंह, विजय विश्वास, सतीश पंजियार, अनिल, महेन्द्र झा सहित अन्य शामिल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मंच संचालन प्रखंड भाजपा अध्यक्ष रामकुमार झा मुन्ना ने किया

स्पोर्टस अकाडमी के गठन को लेकर बैठक

अररिया, संवाद सहयोगी: अररिया में पिछले एक दशक से फुटबाल के प्रति लोगों का आकर्षण कम हुआ है। वहीं युवा वर्ग व छात्रों में फुटबाल को लेकर मानों दिलचस्पी समाप्त हो गयी है। जबकि विलुप्त सा होता जा रहा फुटबाल को लेकर अररिया न केवल बिहार बल्कि भारत में अपनी पहचान बना चुका है। लेकिन आज क्रिकेट के ग्लैमर से मानों कुछ दिनों बाद नयी पीढ़ी शायद फुटबाल को बिल्कुल भूल जायेगी। इसी फुटबाल ही नहीं बल्कि हर प्रकार के वैसे खेल जो विलुप्त होते जा रहे है उसे पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मंगलवार की रात एक होटल में अररिया के युवाओं, छात्रों और खेल प्रेमियों की बैठक आयोजित की गयी। इसकी अध्यक्षता प्रो. रकीब अहमद ने की। इस मौके पर युवा खिलाड़ी अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के बैडमिंटन चैम्पियन रहे नौशाद आलम ने बताया कि अररिया का खोया हुआ गौरव फिर से प्राप्त किया जा सकता है। खासकर उन्होंने फुटबाल के संबंध में कहा कि यह अररिया का सबसे लोकप्रिय खेल हुआ करता था। लेकिन आज यह बिल्कुल दम तोड़ चुका है। बैठक में सर्वसम्मति से फुटबाल को पुनर्जीवित करने, युवाओं व छात्रों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से अररिया स्पोर्टस एकेडमी का गठन किया गया है। साथ ही पुराने फुटबाल खिलाड़ियों से संपर्क कर इसकी कार्य योजना और रणनीति दस दिनों के अंदर बनाने की बात कही गयी। इसके लिए 25 दिसंबर को पुन: एक बैठक बुलायी गयी है। बैठक में पूर्व फुटबाल खिलाड़ी अब्दुल मन्नान, इरशाद आलम, अब्दुल गफ्फार, मो. नसीम के अलावा रजी हैदर, सदरे आलम, परवेज आलम, कमर मासूम समेत दर्जनों युवा, छात्र व खेल प्रेमी मौजूद थे।

नवनिर्वाचित विधायक परमानंद का किया गया अभिनंदन

रानीगंज (अररिया),जाप्र: अकेले जिंदगी बहुत गुजार ली अब आपका साथ चाहिए, मैं कोई वायदा नहीं करना चाहता बल्कि आपके दुख को अपना दुख, आपके सपनों को अपना सपना व आपके समस्या को खुद की समस्या समझ कर हर पल आपके लिए कार्य करूंगा। ये शब्द थे रानीगंज के नव निर्वाचित विधायक परमानंद ऋषिदेव के जो रानीगंज के लालजी उच्च विद्यालय प्रांगण में आयोजित भाजपा-जदयू कार्यकर्ता सम्मान समारोह सह अभिनंदन समारोह में कहे। समारोह के मुख्य अतिथि अररिया सांसद प्रदीप सिंह व भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक भगत की उपस्थित में विधायक ने अपने जीवन की कुछ दृष्टांत को सुनाते हुए अपनी गरीबी का उल्लेख किया और कहा कि मैने गरीबी से लड़ा नहीं उसे प्रेरणा बनाया। और उसी प्रेरणा के स्त्रोत से एक महादलित परिवार का गरीब बेटा आपके आर्शिवाद से आपके सामने खड़ा हूं। इस अवसर पर सांसद प्रदीप सिंह ने बीते पांच वर्ष के विकास की लेखा जोखा बताते हुए केन्द्र सरकार के सौतेले व्यवहार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार कभी बिजली तो कभी किरासन तेल की कटौती करती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कलानंद सिंह ने अपने संबोधन में कार्यकर्ता को सर्वोपरि बताया। वहीं जिलाध्यक्ष आलोक भगत ने तो इस अभिनंदन समारोह में पंचायत चुनाव का भी बिगुल फूंक दिया। तथा विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी कार्य करने वाले कार्यकत्र्ता के विरूद्ध भी मोर्चा खोल दिया। विधान सभा क्षेत्र के सभी 29 पंचायतों से आये कार्यकर्ता एवं आम नागरिकों के अपार भीड़ को संतोष सुराना, जदयु नेता वकील सिंह, दिनेश मंडल, संजय मिश्रा, सुरेन्द्र झा, डा. श्याम सुंदर महतो, जय शंकर गुप्ता आदि ने संबोधित किया। जबकि मंच पर डा. किशोर झा, विधायक प्रतिनिधि उमेश मिश्र, शिव जी साह, अरूण कुमार सेनानी, राज कु. साह आदि थे। मंच का संचालन रीतेश ठाकुर ने किया।

लूटी गयी मोटरसाइकिल बरामद

पलासी(अररिया),निसं: पलासी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को बीते दिनों पकरी गांव के समीप एसबीआई म्यूचुअल फंड में कार्यरत नरपतगंज के रमेश राय से लूटी गयी मोटर साइकिल फुलसरा गांव से बरामद किया। वहीं पुलिस ने घटना में संलिप्त दो युवकों को भी गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। इस बाबत पलासी थाना में पहुंचे एसडीपीओ मो. कासिम ने बताया कि पलासी थानाध्यक्ष आरबी सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर घटना में शामिल युवक सुमन कुमार यादव साकिन बरदबट्टा को घर से गिरफ्तार कर उनके निशानदेही पर फुलसरा गांव के फुलेश्वर मंडल के यहां से लूटी हुई टीवीएस स्टार सिटी मोटर साइकिल तथा घटना में शामिल दूसरा युवक अरूण कुमार मंडल साकिन बंगाबाड़ी को गिरफ्तार किया। इस क्रम में एसडीपीओ श्री कासिम ने बताया कि लूटी गयी मोबाइल भी सुमन के पास से बरामद की। साथ ही उन्होंने बताया कि गिरफ्तार युवकों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। घटना में शामिल मुख्य अभियुक्त मनोज कुमार साह साकिन चौरी फरार है। आरबी सिंह ने बताया कि फरार अभियुक्त मनोज साह की गिरफ्तारी के लिए लगातार सघन छापामारी की जा रही है।

आग लगने से आधा दर्जन घर जले

पलासी(अररिया),निसं: प्रखंड के मोहनियां गांव में मंगलवार की रात अचानक लगी आग में आधा दर्जन घर जल गये। इस अग्निकांड में कपड़ा, अनाज व अन्य घरेलू सामान सहित करीब एक लाख रूपये का नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर सीओ अरूण कुमार स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस बाबत मिली जानकारी अनुसार मंगलवार की मध्य रात्रि मोहनियां गांव के हारूण राशिद के घर से अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते तौहिद इमरान, सतारी, जटारी के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया।