कुसियारगांव (अररिया) : सदर अस्पताल में चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक नहीं लग पा रहा है। आउटडोर हो या इमरजेंसी चिकित्सक अपने निजी क्लिनिक के मरीजों को ही तबज्जो देते हैं। हालांकि, प्रभारी सिविल सर्जन डा. जय नारायण प्रसाद ने कहा है कि ऐसे चिकित्सक पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
सदर अस्पताल में कई चिकित्सक हैं जिनका निजी क्लिनिक भी चलता है। ऐसे चिकित्सक ड्यूटी तो अस्पताल में करते हैं लेकिन वहां भी पहले निजी क्लीनिक के पेसेंट को ही देखते हैं। स्थिति यह रहती है कि गरीब मरीज अस्पताल का पूर्जा कटाकर इंतजार करते रह जाते हैं जबकि प्राइवेट पेसेंट का इलाज पहले हो जाता है। कई बार पूर्जा कटाकर लंबी लाइन में खड़े मरीजों को यहां बिना चिकित्सक को दिखाये वापस लौटना पड़ता है। इतना ही नहीं अस्पताल में वैसे चिकित्सकों के दलाल भी कार्यरत बताये जाते हैं जो जल्द और बेहतर इलाज का झांसा देकर उसे उक्त चिकित्सक के क्लिनिकों में ले जाते हैं। इस वजह से कई बार अस्पताल में हंगामा भी हो चुका है। उधर, सब कुछ जानते हुए भी अस्पताल प्रशासन कोई कड़े कदम नहीं उठा रहा। हालांकि अस्पताल प्रभारी उपाधीक्षक डा. सत्यवर्धन ने ऐसी किसी भी सूचना से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी की जा रही है तथा पकड़ में आने वाले चिकित्सक पर कार्रवाई होगी। प्रभारी सीएस ने भी इसे गंभीर मामला मानते हुए जांच करवाने की बात कही है।
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